हिमंत बिस्वा सरमा ने डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया में जनजातीय भूमि अधिकारों की समीक्षा की, कई विकास योजनाओं की शुरुआत असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान जनजातीय भूमि आवंटन और मिशन वसुंधरा के क्रियान्वयन पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के पूर्वी जिलों में बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनजातीय भूमि अधिकारों को मजबूती देने के उद्देश्य से डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया का दो दिवसीय दौरा प्रारंभ किया है। बुधवार को डिब्रूगढ़ हवाई अड्डे पर आगमन के बाद उनका भव्य स्वागत किया गया। हवाई अड्डे से वे सीधे डिब्रूगढ़ स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। जनजातीय भूमि अधिकार और मिशन वसुंधरा की समीक्षा इस उच्च स्तरीय बैठक में मिशन वसुंधरा के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रशासन ने जनजातीय बहुल इलाकों में भूमि अधिकारों को तय करने के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर विचार किया। बैठक के दौरान जनजातीय परिवारों को 50 बीघा तक भूमि आवंटित करने के प्रावधानों पर प्रमुखता से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, मिशन वसुंधरा 2.0 और 3.0 के तहत जो आवेदन अनसुलझे रह गए थे, उन्हें मिशन वसुंधरा 4.0 के अंतर्गत पुन: जांचने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में लखीमपुर, धेमाजी और माजुली जिलों के उपायुक्तों के साथ-साथ वन विभाग के अधिकारी और जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। तिनसुकिया का बदलता स्वरूप और नई परियोजनाएं दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नागरिक सुविधाओं में वृद्धि, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने और नए रोजगार सृजित करने के उद्देश्य से कई विकास कार्यों की शुरुआत करेंगे। यात्रा की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से तिनसुकिया जिले के क्रमिक विकास का उल्लेख किया। उन्होंने रेखांकित किया कि कभी उग्रवाद और अशांति से प्रभावित रहने वाला यह सीमावर्ती क्षेत्र अब व्यापार, आधारभूत विकास और सामाजिक समरसता के एक प्रगतिशील केंद्र में परिवर्तित हो चुका है। उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत तिनसुकिया में स्वच्छता और शहरी प्रबंधन के प्रयासों की भी सराहना की। गुरुवार के तय कार्यक्रम और औद्योगिक विकास दौरे के दूसरे दिन यानी गुरुवार को मुख्यमंत्री तिनसुकिया में निर्माणाधीन 1,000 सीटों वाले ऑडिटोरियम और अंतर-राज्यीय बस टर्मिनस के निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेंगे। इसके साथ ही, वे एक प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के स्थल का निरीक्षण करेंगे। यह चिकित्सा संस्थान न केवल तिनसुकिया बल्कि पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों के लिए भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाएगा। मुख्यमंत्री एक ऑटोक्लेव्ड एरेटेड कंक्रीट (AAC) ब्लॉक निर्माण संयंत्र का भी उद्घाटन करेंगे, जो स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। अपने तय कार्यक्रमों के अंतर्गत वे मोरान स्पोर्ट्स कार्निवल में भी शिरकत करेंगे। इसका आप पर असर यह दौरा असम के जनजातीय समुदायों के लिए भूमि स्वामित्व सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ ऊपरी असम में नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा देता है। • असम में: जनजातीय बहुल क्षेत्रों के निवासियों को मिशन वसुंधरा 4.0 के तहत 50 बीघा तक की भूमि के कानूनी अधिकार मिलने की राह आसान होगी। लखीमपुर, धेमाजी और माजुली जैसे जिलों के लंबित भूमि मामलों का समाधान किया जाएगा। • तिनसुकिया में: प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज और अंतर-राज्यीय बस टर्मिनस से स्थानीय लोगों और पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश के नागरिकों को स्वास्थ्य एवं परिवहन की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। • औद्योगिक रोजगार: एएसी ब्लॉक निर्माण संयंत्र की स्थापना से स्थानीय युवाओं के लिए नए औद्योगिक रोजगार और व्यावसायिक अवसर उत्पन्न होंगे। • भारत भर में: पूर्व में अशांत रहे क्षेत्रों का बुनियादी ढांचे और व्यापार के केंद्रों के रूप में विकसित होना क्षेत्रीय विकास का एक सफल उदाहरण प्रस्तुत करता है। ऐसा क्यों हुआ यह दो दिवसीय समीक्षा दौरा जनजातीय भूमि अधिकारों से जुड़ी प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने और पूर्वी असम में महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। • भूमि मामलों का समाधान: मिशन वसुंधरा के पिछले चरणों में कई जनजातीय परिवारों के आवेदन अनिर्णीत रह गए थे, जिन्हें सुलझाने के लिए चरण 4.0 के तहत समीक्षा की आवश्यकता थी। • आर्थिक व सामाजिक विकास: क्षेत्र में शांति स्थापित होने के बाद प्रशासन तिनसुकिया में वाणिज्यिक गतिविधियों और सार्वजनिक सुविधाओं को प्राथमिकता दे रहा है। • स्वास्थ्य व कनेक्टिविटी सुधार: ऑडिटोरियम, बस टर्मिनस और मेडिकल कॉलेज जैसी परियोजनाओं का निर्माण सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की पुरानी कमी को पूरा करने के लिए किया जा रहा है। सवाल-जवाब 1. डिब्रूगढ़ में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था? बैठक का मुख्य उद्देश्य जनजातीय भूमि अधिकारों की समीक्षा करना, 50 बीघा तक भूमि आवंटन के मामलों पर विचार करना और मिशन वसुंधरा के लंबित मामलों का समाधान करना था। 2. प्रशासनिक समीक्षा बैठक में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हुए? इस समीक्षा बैठक में लखीमपुर, धेमाजी और माजुली के उपायुक्त, वन विभाग के अधिकारी और जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। 3. तिनसुकिया में किन प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की जा रही है? मुख्य परियोजनाओं में 1,000 सीटों वाला ऑडिटोरियम, एक अंतर-राज्यीय बस टर्मिनस, एक प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज और एक एएसी ब्लॉक निर्माण संयंत्र शामिल हैं। 4. तिनसुकिया में बनने वाले मेडिकल कॉलेज से किन क्षेत्रों को लाभ पहुंचेगा? इस मेडिकल कॉलेज से तिनसुकिया के स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। https://trendkia.com/assam/himanta-biswa-sarma-ne-dibrugarh-aura-tinsukia-men-janajatiya-bhumi-adhikaron-ki-samiksha-ki-kai-vikasa-yojanaon-ki-shuruata-52705 TrendKia — Har trend, sabse pehle.