# असम के मोरन में सुअर के मांस की बिक्री पर अनिश्चितकालीन रोक, अफ्रीकी स्वाइप फीवर की पुष्टि

> असम के डिब्रूगढ़ जिले के मोरन राजस्व चक्र में अफ्रीकी स्वाइन फीवर मिलने के बाद सुअर के मांस और उससे जुड़े उत्पादों की बिक्री पर अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।

**Type:** article · **Category:** असम · **Published:** 2026-10-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/assam/indefinite-pork-sale-ban-imposed-in-assam-moran-after-african-swine-fever-detection-51911 · **Language:** Hindi
**Tags:** असम, डिब्रूगढ़, मोरन, अफ्रीकी स्वाइन फीवर, सुअर का मांस, पशु रोग

असम के डिब्रूगढ़ जिला प्रशासन ने मोरन राजस्व चक्र के भीतर सुअर के मांस और उससे संबंधित सभी उत्पादों की बिक्री पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया है। यह सख्त कदम स्थानीय बाजारों से लिए गए कुल 10 ऊतक नमूनों में अफ्रीकी स्वाइन फीवर की पुष्टि होने के बाद उठाया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।

## नमूनों की जांच और रिपोर्ट

जिला पशुपालन और पशुचिकित्सा अधिकारी की ओर से सौंपी गई एक रिपोर्ट के आधार पर, डिब्रूगढ़ के जिला आयुक्त ने 25 अक्टूबर को यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया। ये सभी नमूने मोरन राजस्व चक्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न दैनिक और साप्ताहिक बाजारों से जुटाए गए थे। इसके बाद इन्हें गुवाहाटी स्थित उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया था, जहां संक्रमण की पुष्टि हुई।

## रोक और रोकथाम के उपाय

संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के तहत, मोरन राजस्व चक्र में सुअर के मांस का कारोबार करने वाली सभी दुकानों को अगले आदेश तक पूरी तरह बंद रखने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, अन्य जिलों से इस क्षेत्र में और इस क्षेत्र से बाहर सुअर तथा सुअर के मांस उत्पादों के आने-जाने पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। प्रशासन ने यह एहतियाती कदम एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी को फैलने से रोकने के लिए उठाया है, जो मुख्य रूप से सूअरों को प्रभावित करती है। जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह रोक तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि प्रशासनिक स्तर पर कोई नया निर्देश जारी नहीं किया जाता है।

## कानूनी कार्रवाई और दिशा-निर्देश

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी करते हुए प्रशासन ने कहा है कि ऐसा करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है। यह निर्देश आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और अफ्रीकी स्वाइन फीवर की तैयारी, नियंत्रण तथा रोकथाम के लिए राज्य सरकार की कार्य योजना के तहत लागू किया गया है। संबंधित विभागों और अधिकारियों को इन प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और नागरिकों तथा व्यापारियों को इस बारे में जागरूक करने के लिए व्यापक सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

## इसका आप पर असर
असम के डिब्रूगढ़ जिले में अफ्रीकी स्वाइन फीवर के मामले सामने आने से स्थानीय सुअरपालकों और मांस विक्रेताओं के कारोबार पर तत्काल प्रभाव पड़ा है।

- **भारत में:** देश के अन्य हिस्सों में सुअर पालन और मांस उद्योग से जुड़े लोगों को इस तरह के वायरल प्रकोप के प्रति अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। पशु स्वास्थ्य विभाग राज्यों में निगरानी बढ़ा रहे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

- **मोरन में:** मोरन राजस्व चक्र के सभी स्थानीय मांस विक्रेताओं को अपनी दुकानें बंद रखनी होंगी, जिससे उनकी आजीविका और दैनिक कारोबार पर असर पड़ेगा। इसके अलावा क्षेत्र में सुअरों और उनके उत्पादों के परिवहन पर भी पूरी रोक लागू कर दी गई है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह प्रतिबंध स्थानीय बाजारों से एकत्र किए गए नमूनों में अफ्रीकी स्वाइन फीवर की पुष्टि के बाद एहतियाती उपाय के तौर पर लगाया गया है।

- **संक्रमण की पुष्टि:** जिला पशुपालन और veterinary अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर मोरन के विभिन्न बाजारों से 10 ऊतक के नमूने लिए गए थे, जिन्हें गुवाहाटी की प्रयोगशाला में जांचा गया।

- **प्रयोगशाला जांच:** इन सभी नमूनों की जांच उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला में की गई, जहां खतरनाक अफ्रीकी स्वाइन फीवर वायरस की मौजूदगी पाई गई।

- **कानूनी ढांचा:** इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए जिला आयुक्त ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और राज्य की नियंत्रण कार्य योजना के तहत यह आदेश पारित किया।

## सवाल-जवाब

### 1. असम के किस क्षेत्र में सुअर के मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है?
डिब्रूगढ़ जिले के मोरन राजस्व चक्र में सुअर के मांस की बिक्री पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगाया गया है।

### 2. यह प्रतिबंध किस बीमारी के कारण लगाया गया है?
यह प्रतिबंध स्थानीय बाजारों से लिए गए नमूनों में अफ्रीकी स्वाइन फीवर की पुष्टि होने के कारण लगाया गया है।

### 3. नमूनों की जांच कहां की गई थी?
ये नमूने गुवाहाटी स्थित उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला में जांचे गए थे।

### 4. यह आदेश कब जारी किया गया था?
यह आदेश डिब्रूगढ़ के जिला आयुक्त द्वारा 25 अक्टूबर को जारी किया गया था।

### 5. नियमों का उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
नियम तोड़ने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है।

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