कोकराझार सीआईटी में 60 से अधिक छात्राएं फूड पॉइजनिंग की शिकार, मेस सुरक्षा और लापरवाही पर कैंपस में भारी विरोध असम के कोकराझार स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में हॉस्टल का खाना खाने के बाद 60 से ज्यादा छात्राओं की तबीयत बिगड़ने पर छात्रों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। असम के कोकराझार स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीआईटी) परिसर में सोमवार को छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह आक्रोश गम्हारी सिखला गर्ल्स हॉस्टल की 60 से अधिक छात्राओं के बीमार पड़ने के बाद फूटा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने हॉस्टल मेस के भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई के नियमों में घोर लापरवाही और मेस ठेकेदार की कार्यप्रणाली के खिलाफ तत्काल सख्त कदम उठाने की मांग की। शनिवार रात के खाने के बाद बिगड़ी छात्राओं की तबीयत यह पूरा मामला शनिवार रात शुरू हुआ, जब गम्हारी सिखला गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने मेस में बना खाना खाया। भोजन करने के कुछ ही देर बाद छात्राओं को उल्टी, दस्त, पेट में असहनीय दर्द और सिरदर्द की गंभीर शिकायतें होने लगीं। स्थिति बिगड़ने पर कई छात्राओं को तुरंत कोकराझार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि छात्राओं का इलाज संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि चिकित्सीय देखरेख के बाद उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है। लगातार शिकायतों के बावजूद अनदेखी का आरोप आंदोलनकारी छात्रों ने संस्थान प्रशासन और मेस संचालक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि मेस की रसोई में गंदगी और अस्वच्छ माहौल को लेकर पूर्व में कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस उपेक्षा के विरोध में छात्रों ने मांग रखी है कि गम्हारी सिखला गर्ल्स हॉस्टल के मौजूदा कैटरिंग ठेकेदार का अनुबंध फौरन रद्द किया जाए। सुरक्षा, एम्बुलेंस और प्रशासनिक सुधारों की मांग भोजन की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों ने संस्थान प्रशासन के सामने कई अन्य प्रमुख मांगें भी रखी हैं। इनमें संस्थान में एक स्थायी कुलसचिव की नियुक्ति, आपात स्थिति के लिए पर्याप्त एम्बुलेंस सुविधाएं, कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और पूरे मामले में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों पर दंडात्मक कार्रवाई करना शामिल है। सीआईटी के कार्यवाहक कुलसचिव हेमंत कुमार कलिता ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि पूरी घटना की विधिवत जांच संपन्न होने के बाद ही छात्रों की मांगों पर विचार किया जाएगा। जिला मजिस्ट्रेट ने दिए जांच के सख्त निर्देश मामले की गंभीरता को देखते हुए कोकराझार के जिला मजिस्ट्रेट ने सीआईटी के कुलसचिव को विस्तृत जांच कराने का निर्देश जारी किया है। प्रशासन ने शनिवार को परोसे गए खाने का पूरा ब्योरा, तय मेनू, खाद्य सामग्रियों की खरीद के स्रोत, खाना बनाने और परोसने के तौर-तरीके तथा सुरक्षा मानकों के पालन से संबंधित रिकॉर्ड तलब किए हैं। इसके अलावा पीड़ित छात्राओं की चिकित्सीय स्थिति और उपचार पर भी रिपोर्ट मांगी गई है। जांच दल यह पता लगाने में जुटा है कि फूड पॉइजनिंग किन कारणों से हुई और क्या मानकों में चूक के चलते यह नौबत आई। इसका आप पर असर संस्थानों के हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए यह घटना भोजन स्वच्छता निगरानी और बुनियादी सुविधाओं की अहमियत को रेखांकित करती है। • भारत में: देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों के हॉस्टलों में रहने वाले छात्र और उनके अभिभावक मेस की स्वच्छता ऑडिट की मांग को लेकर सजग हो सकते हैं। इससे छात्र प्रतिनिधि समितियों को नियमित भोजन गुणवत्ता जांच और कैंटीन निरीक्षण के लिए प्रेरित होने का अवसर मिलेगा। • असम में: कोकराझार और आसपास के संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को अब हॉस्टल भोजन मानकों को लेकर त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन द्वारा शुरू की गई जांच से क्षेत्र के शैक्षणिक परिसरों में एम्बुलेंस सेवाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का दबाव बढ़ेगा। • छात्रों के लिए: हॉस्टल मेस में गंदगी या खराब गुणवत्ता वाला खाना दिखने पर तुरंत लिखित शिकायत दर्ज कराएं। किसी भी तरह की असहजता या फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखने पर बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करें। • कॉलेज प्रशासनों के लिए: मेस के लिए टेंडर प्रक्रिया में स्वच्छता ऑडिट और समय-समय पर गुणवत्ता प्रमाणन को अनिवार्य बनाना होगा। कैंपस में 24 घंटे आपातकालीन एम्बुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी हो जाता है। ऐसा क्यों हुआ कोकराझार के गम्हारी सिखला गर्ल्स हॉस्टल में शनिवार रात भोजन करने के बाद 60 से अधिक छात्राएं संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के कारण अचानक अस्वस्थ हो गईं। छात्रों का आरोप है कि मेस रसोई में लंबे समय से व्याप्त गंदगी और प्रशासन द्वारा पूर्व शिकायतों की अनदेखी के चलते यह स्थिति पैदा हुई। • सीधा कारण: शनिवार रात हॉस्टल मेस में तैयार किया गया खाना खाने के बाद छात्राओं को अचानक उल्टी, दस्त, तेज पेट दर्द और सिरदर्द शुरू हुआ। मेडिकल जांच में डॉक्टरों ने इसे संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का मामला बताया है। • अनदेखी और अस्वच्छ स्थितियां: छात्रों के अनुसार मेस रसोई के अस्वास्थ्यकर वातावरण को लेकर बार-बार शिकायतें की गई थीं। इसके बावजूद न तो मेस संचालक ने सफाई पर ध्यान दिया और न ही संबंधित अधिकारियों ने सुधारात्मक कदम उठाए। • आधिकारिक जांच प्रक्रिया: कोकराझार के जिला मजिस्ट्रेट ने मामले की तह तक जाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इस जांच में कच्चे सामान के स्रोत, पकाने की विधि, मेस मेनू और खाद्य सुरक्षा मानकों के संभावित उल्लंघनों की आधिकारिक पुष्टि की जा रही है। सवाल-जवाब 1. सीआईटी कोकराझार में छात्राएं क्यों बीमार पड़ीं? शनिवार रात गम्हारी सिखला गर्ल्स हॉस्टल की मेस में खाना खाने के बाद 60 से अधिक छात्राओं को संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के कारण उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। 2. बीमार छात्राओं को उपचार के लिए कहां ले जाया गया? छात्राओं को उपचार के लिए कोकराझार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति स्थिर बताई है। 3. प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं? छात्रों ने मेस ठेकेदार का अनुबंध रद्द करने, स्थायी कुलसचिव की नियुक्ति, पर्याप्त एम्बुलेंस व्यवस्था, सख्त सुरक्षा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। 4. प्रशासन ने इस घटना पर क्या कार्रवाई की है? कोकराझार के जिला मजिस्ट्रेट ने सीआईटी के कुलसचिव को खाने की सामग्री, मेनू, तैयारी के तौर-तरीकों और सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। https://trendkia.com/assam/kokrajhar-cit-men-60-se-adhika-chhatraen-food-poisoning-ki-shikara-mess-suraksha-aura-laparavahi-para-campus-men-bhari-virodha-40050 TrendKia — Har trend, sabse pehle.