मेघालय में सीमा तनाव के बीच फंसे यात्रियों के लिए असम पुलिस ने शुरू की आपातकालीन हेल्पलाइन सुविधा असम और मेघालय सीमा पर उपजे तनाव के कारण फंसे राज्य के नागरिकों और वाहन चालकों की सहायता के लिए असम पुलिस ने व्हाट्सएप और लैंडलाइन हेल्पलाइन नंबर एक्टिवेट कर दिए हैं। असम और मेघालय के सीमावर्ती इलाकों में बने तनावपूर्ण हालात के बीच असम सरकार ने अपने राज्य के नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए बड़ा कदम उठाया है। मेघालय में फंसे या आवाजाही में कठिनाइयों का सामना कर रहे असम के लोगों के लिए समर्पित आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर चालू कर दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने उन सभी परिवारों और रिश्तेदारों से संपर्क करने की अपील की है जिनके अपने या वाहन पड़ोसी राज्य में फंसे हुए हैं। हेल्पलाइन नंबर और आवश्यक जानकारी असम पुलिस द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार मदद की चाह रखने वाले लोग दो प्रमुख माध्यमों से अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए एक व्हाट्सएप नंबर और एक लैंडलाइन फोन नंबर जारी किया गया है। व्हाट्सएप के जरिए 9181014888 पर संदेश भेजा जा सकता है, जबकि लैंडलाइन फोन के माध्यम से 03612381511 पर कॉल करके सीधी मदद मांगी जा सकती है। सहायता प्राप्त करने के लिए यात्रियों या उनके परिजनों को कुछ बुनियादी विवरण पुलिस के साथ साझा करने होंगे। इसमें प्रभावित व्यक्ति का पूरा नाम, उनका चालू मोबाइल नंबर, फंसे हुए वाहन का पंजीकरण नंबर, मेघालय में उनकी मौजूदा सटीक लोकेशन और स्थिति से जुड़ा कोई भी अन्य महत्वपूर्ण विवरण शामिल है। यह जानकारी मिलने के बाद ही पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सकेगी। अंतरराज्यीय समन्वय और पुलिस की सलाह प्राप्त होने वाली तमाम शिकायतों और सूचनाओं पर असम पुलिस तुरंत संज्ञान ले रही है। इन विवरणों को मेघालय के संबंधित स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ साझा किया जा रहा है ताकि जमीनी स्तर पर समन्वय स्थापित करके लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। इस पूरी व्यवस्था को लेकर असम पुलिस ने व्हाट्सएप और लैंडलाइन नंबर से जुड़ा संदेश X पर साझा किया और नागरिकों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि लोग केवल सत्यापित जानकारी ही हेल्पलाइन पर साझा करें ताकि आपातकालीन सेवाओं का इस्तेमाल सही और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए किया जा सके। तनाव की मुख्य वजह और ताजा हालात असम और मेघालय के बीच यह गतिरोध 19 अगस्त को शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन यानी केएसयू की ओर से निकाली गई बाइक रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद शुरू हुआ। इस रैली के दौरान कई वाहनों को निशाना बनाया गया और तोड़फोड़ की गई, जिनमें असम के रजिस्ट्रेशन नंबर वाले वाहन भी शामिल थे। इस घटना के बाद असम के परिवहन चालकों और स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश फैल गया। प्रतिक्रियास्वरूप असम के टैक्सी चालकों और परिवहन कार्यकर्ताओं ने जोराबाट और उससे सटे खानापारा क्षेत्र में मेघालय के नंबर वाले वाहनों की आवाजाही रोक दी। इसके कारण गुवाहाटी और शिलांग के बीच चलने वाली व्यावसायिक टैक्सियों का परिचालन ठप हो गया और दोनों ओर बड़ी संख्या में यात्री रास्ते में ही फंस गए। इसी स्थिति को नियंत्रित करने और फंसे लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए यह हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई है। इसका आप पर असर यह ख़बर उत्तर-पूर्व के यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सीधे प्रभावित करती है: • भारत में: असम और मेघालय के बीच यात्रा करने वाले पर्यटकों, व्यावसायिक वाहन चालकों और आम यात्रियों की सुरक्षा के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। • असम और मेघालय में: गुवाहाटी और शिलांग रूट पर जोराबाट या खानापारा बॉर्डर के पास फंसे लोग असम पुलिस के व्हाट्सएप (9181014888) और लैंडलाइन (03612381511) के जरिए तुरंत मदद प्राप्त कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. मेघालय में फंसे लोगों के लिए असम पुलिस ने कौन से हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं? असम पुलिस ने व्हाट्सएप नंबर 9181014888 और लैंडलाइन नंबर 03612381511 जारी किए हैं। 2. हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करते समय कौन सी जानकारियां देना जरूरी है? यात्री का नाम, संपर्क नंबर, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, मौजूदा स्थान और स्थिति से जुड़ी आवश्यक जानकारी देना अनिवार्य है। 3. असम और मेघालय की सीमा पर तनाव क्यों शुरू हुआ? यह तनाव 19 अगस्त को शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) की बाइक रैली के दौरान वाहनों में हुई तोड़फोड़ के बाद पैदा हुआ। 4. किन मुख्य मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है? गुवाहाटी और शिलांग के बीच जोराबाट और खानापारा क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही और टैक्सी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। https://trendkia.com/assam/meghalaya-men-sima-tanava-ke-bicha-phnse-yatriyon-ke-lie-assam-pulisa-ne-shuru-ki-apatakalina-helpalaina-suvidha-19807 TrendKia — Har trend, sabse pehle.