नगालैंड जाकर उल्फा-आई में शामिल होने की कोशिश नाकाम, असम के चराईदेव से युवक पकड़ा गया असम के चराईदेव में सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान चलाकर श्यामल डनाह नाम के युवक को पकड़ा है, जो कथित तौर पर नगालैंड के मोन जिले की ओर जाकर प्रतिबंधित संगठन उल्फा-आई में शामिल होने की फिराक में था। असम के ऊपरी हिस्से में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट (उल्फा-आई) के भर्ती नेटवर्क पर सुरक्षा बलों ने एक और बड़ी चोट की है। चराईदेव जिले के रहने वाले एक युवक को सुरक्षा एजेंसियों ने उस समय हिरासत में ले लिया, जब वह कथित तौर पर नगालैंड के मोन जिले की ओर बढ़ रहा था। अधिकारियों के अनुसार यह युवक उग्रवादी संगठन के संपर्क में था और औपचारिक रूप से समूह की कतारों में शामिल होने की योजना बना रहा था। खुफिया सूचना पर संयुक्त नाकाबंदी और गिरफ्तारी पकड़े गए युवक की पहचान श्यामल डनाह के रूप में हुई है, जो चराईदेव जिले के महमोरा, अलीकिनेर स्थित थुलई चुक का निवासी है। सुरक्षा एजेंसियों को ठोस खुफिया इनपुट मिला था कि श्यामल सीमा पार कर नगालैंड के मोन जिले में प्रवेश करने की फिराक में है। जांचकर्ताओं को संदेह था कि इस यात्रा का मुख्य मकसद उग्रवादी संगठन उल्फा-आई के साथ सीधा संपर्क स्थापित करना था। अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि वह पहले से ही संगठन के ओवरग्राउंड सहयोगी के रूप में काम कर रहा था और अब सक्रिय रूप से समूह में शामिल होना चाहता था। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए चराईदेव पुलिस और 20 असम राइफल्स ने एक साझा तलाशी अभियान चलाया। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) और पुलिस उपाधीक्षक (दक्षिण) के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए श्यामल डनाह को रास्ते में ही रोक लिया। हिरासत में लेने के बाद सुरक्षा बल उसे तुरंत चराईदेव वापस ले आए। सोनारी थाने में पूछताछ और नेटवर्क की पड़ताल हिरासत में लिए जाने के बाद युवक को सोनारी पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। वहां जांच अधिकारी उससे उल्फा-आई के साथ उसके कथित संबंधों, यात्रा के सटीक गंतव्य और उन स्थानीय मददगारों के बारे में गहन पूछताछ कर रहे हैं जिन्होंने उसकी यात्रा की व्यवस्था करने या उसे उकसाने में भूमिका निभाई होगी। अधिकारी इस बात की तहकीकात में जुटे हैं कि नगालैंड सीमा पर उसे रिसीव करने कौन आने वाला था और संगठन के कौन से हैंडलर उसके संपर्क में थे। ऊपरी असम में लगातार जारी है सुरक्षा बलों का शिकंजा यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब सुरक्षा एजेंसियां ऊपरी असम में उल्फा-आई के जमीनी नेटवर्क, फंड जुटाने की गतिविधियों और नई भर्तियों के प्रयासों को ध्वस्त करने के लिए लगातार व्यापक अभियान चला रही हैं। पिछले कुछ महीनों में इस इलाके में संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर्स और कैडरों के खिलाफ कई ठोस कदम उठाए गए हैं। इसी साल जून में असम पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने तिनसुकिया में एक बड़ा अभियान चलाकर दो संदिग्ध कैडरों को गिरफ्तार किया था। उस दौरान सुरक्षा बलों ने उनके कब्जे से असाल्ट राइफलें, भारी मात्रा में गोला-बारूद, हैंड ग्रेनेड और अन्य सैन्य साजो-सामान जब्त किया था। इसके अलावा इसी महीने डिब्रूगढ़ में जबरन वसूली के एक मामले के सिलसिले में उल्फा-आई के संदिग्ध लिंकमैन पकड़े गए थे। उस मामले में जांच दल संगठन के ओवरग्राउंड वर्करों के गुप्त तंत्र और उनके संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रहे हैं। वहीं 14 सितंबर को चराईदेव में ही जबरन वसूली से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक अन्य संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर को पकड़ा गया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत उल्फा को एक गैरकानूनी संगठन के रूप में सूचीबद्ध कर रखा है। नगालैंड की ओर श्यामल डनाह के जाने की परिस्थितियों और संगठन के साथ उसके संबंधों के पूरे दायरे को उजागर करने के लिए विस्तृत कानूनी जांच जारी है। इसका आप पर असर पूर्वोत्तर के सीमावर्ती इलाकों में उग्रवादी संगठनों के भर्ती नेटवर्क पर कड़ी निगरानी से क्षेत्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था मजबूत होती है। • भारत में: सीमावर्ती राज्यों में उग्रवाद और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा बलों की यह सक्रियता राष्ट्रीय आंतरिक सुरक्षा को मजबूती देती है। इससे उग्रवादी गुटों के पुनर्गठन और हथियारों के प्रसार की कोशिशों पर लगातार लगाम कसती है। • असम में: चराईदेव, तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ जैसे ऊपरी असम के जिलों में युवाओं को उग्रवादी नेटवर्क के प्रभाव से बचाने के लिए प्रशासन और पुलिस सतर्कता बढ़ा रहे हैं। स्थानीय परिवारों और समुदाय के स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने से संवेदनशील युवाओं को मुख्यधारा में सुरक्षित रखा जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह कार्रवाई सुरक्षा बलों को मिले उस खुफिया इनपुट के आधार पर हुई जिसमें युवक के सीमा पार नगालैंड जाने और उग्रवादी संगठन से संपर्क साधने की पुख्ता जानकारी मिली थी। ऊपरी असम में सक्रिय उग्रवादी गुटों द्वारा जमीनी स्तर पर युवाओं को जोड़ने और फंड जुटाने की कोशिशों के खिलाफ यह व्यापक रणनीति का हिस्सा है। • खुफिया सूचना और त्वरित नाकाबंदी: सुरक्षा एजेंसियों को श्यामल डनाह की संदिग्ध गतिविधियों और नगालैंड के मोन जिले की ओर जाने की सटीक जानकारी मिली थी। चराईदेव पुलिस और 20 असम राइफल्स ने संयुक्त कार्रवाई कर उसे सीमा पार करने से पहले ही दबोच लिया। • ओवरग्राउंड नेटवर्क का विस्तार: जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी पहले से ही संगठन के ओवरग्राउंड सहयोगी के तौर पर काम कर रहा था। संगठन अपने कैडरों की संख्या बढ़ाने के लिए सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को बरगलाने की कोशिश कर रहा था। • पहले की घटनाएं और निरंतर अभियान: ऊपरी असम में हाल के महीनों में कई हथियार बरामद हुए हैं और जबरन वसूली के मामलों में लिप्त लिंकमैन पकड़े गए हैं। इसी क्रम में 14 सितंबर को भी चराईदेव में एक सहयोगी को पकड़ा गया था, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती रास्तों पर लगातार तलाशी ले रही हैं। सवाल-जवाब 1. चराईदेव से पकड़े गए युवक का नाम क्या है? पकड़े गए युवक का नाम श्यामल डनाह है, जो असम के चराईदेव जिले के महमोरा, अलीकिनेर स्थित थुलई चुक का रहने वाला है। 2. युवक को किस आरोप में पकड़ा गया है? उस पर प्रतिबंधित संगठन उल्फा-आई का ओवरग्राउंड सहयोगी होने और संगठन में शामिल होने के लिए नगालैंड के मोन जिले की ओर जाने का आरोप है। 3. इस संयुक्त अभियान में कौन से सुरक्षा बल शामिल थे? यह कार्रवाई चराईदेव पुलिस और 20 असम राइफल्स की टीम द्वारा संयुक्त रूप से संचालित की गई थी। 4. युवक को हिरासत में लेने के बाद कहां ले जाया गया है? उसे आगे की पूछताछ और कानूनी जांच के लिए सोनारी पुलिस थाने ले जाया गया है। 5. उल्फा की कानूनी स्थिति क्या है? केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत उल्फा को एक प्रतिबंधित और गैरकानूनी संगठन घोषित किया गया है। https://trendkia.com/assam/nagaland-jakara-ulfa-i-men-shamila-hone-ki-koshisha-nakama-assam-ke-charaideo-se-yuvaka-pakara-gaya-37755 TrendKia — Har trend, sabse pehle.