# नगांव में कांग्रेस के चुनावी काफिले पर पथराव, असम पुलिस और चुनाव आयोग पर उठे सवाल

> असम के नगांव में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित तौर पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं, जिसके बाद गौरव गोगोई ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

**Type:** article · **Category:** असम · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/assam/nagaon-men-congress-ke-chunavi-kaphile-para-patharava-assam-police-aura-chunava-ayoga-para-uthe-savala-35916 · **Language:** Hindi
**Tags:** असम राजनीति, गौरव गोगोई, भूपेश बघेल, नगांव उपचुनाव, कांग्रेस काफिला हमला, समागुड़ी, असम पुलिस

असम के नगांव जिले में सोमवार को एक चुनावी रैली के लिए जा रहे कांग्रेस के प्रचार काफिले पर कथित तौर पर पथराव की घटना सामने आई है। इस काफिले में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सवार थे। यह घटना समागुड़ी विधानसभा क्षेत्र के बरमा इलाके में उस समय हुई, जब कांग्रेस नेता 6 अक्टूबर को होने वाले नगांव लोकसभा उपचुनाव के सिलसिले में प्रचार अभियान चला रहे थे। इस प्रचार कार्यक्रम में कांग्रेस उम्मीदवार शिबामोनी बोरा और धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन भी शामिल थे।

## नेताओं के वाहनों पर हमले और सुरक्षा में लापरवाही का आरोप
गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उस गाड़ी को निशाना बनाकर पत्थर और बोतलें फेंकीं, जिसमें वह और भूपेश बघेल यात्रा कर रहे थे। गोगोई का कहना है कि पुलिस प्रशासन को इस स्थिति के संबंध में पहले ही सचेत कर दिया गया था, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि एक पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे होने दी गई।

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सोशल मीडिया पर अपने विचार रखते हुए गौरव गोगोई ने कहा, _“Just now while heading to an election rally in Nagaon, Assam BJP workers attacked the car in which former Chief Minister Bhupesh Baghel and myself were travelling with stones and bottles.”_ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस से काफी पहले अनुरोध किया गया था, लेकिन हालात को बिगड़ने दिया गया। इसके अलावा उन्होंने चुनाव आयोग के रुख पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस प्रत्याशी शिबामोनी बोरा की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और पूछा कि असम सरकार और चुनाव आयोग इस मामले पर क्या कदम उठाएंगे।

## मास्क पहने उपद्रवियों द्वारा पथराव और पत्रकारों से बदसलूकी
गोगोई ने आगे आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात लोग चेहरे पर मास्क लगाकर दूर से वाहनों पर पत्थरबाजी कर रहे थे, जिसमें लोरीगामुख के पास हुई घटनाएं भी शामिल हैं। सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी शिबामोनी बोरा के वाहन को हुए नुकसान की तस्वीर भी दिखाई। उन्होंने बताया कि उस समय गाड़ी के अंदर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव मनोज चौहान मौजूद थे, जिनकी पसलियों में पत्थर लगने से चोट आई है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद तनाव को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती कर दी गई है। स्थानीय टकराव और घटनाक्रम को कवर कर रहे कुछ पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी और मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस टकराव के पीछे की सटीक परिस्थितियों और हिंसा की शुरुआत के लिए कौन जिम्मेदार था, इसकी आधिकारिक और स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

## इसका आप पर असर
इस घटना से नगांव लोकसभा उपचुनाव के दौरान चुनावी रैलियों में सुरक्षा व्यवस्था, नेताओं के मूवमेंट और आम नागरिकों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ेगा।

- **भारत में:** देश भर में राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग के बीच विपक्षी नेताओं की सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है। आगामी उपचुनावों और विधानसभा चुनावों में प्रचार के दौरान सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा सकती है।
- **असम में:** समागुड़ी और नगांव क्षेत्र में भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती से आम लोगों को आवागमन में जांच और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। चुनावी सभाओं में भाग लेने वाले स्थानीय नागरिकों और मतदाताओं को अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरना होगा।
- **प्रत्याशियों की सुरक्षा:** राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों और स्टार प्रचारकों की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से कड़ा किया जा सकता है। इससे चुनावी रैलियों के तय रूट और समय सारिणी में अचानक बदलाव हो सकते हैं।
- **मीडिया कर्मियों की सुरक्षा:** चुनावी कवरेज में जुटे स्थानीय पत्रकारों पर हुए हमलों के बाद मीडिया संगठनों द्वारा सुरक्षा की मांग तेज होगी। संवेदनशील इलाकों में रिपोर्टिंग करने वाले संवाददाताओं को पुलिस सुरक्षा या कड़े दिशा-निर्देशों के तहत काम करना पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
नगांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक प्रचार अभियान चरम पर था, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर राजनीतिक तनाव बढ़ गया था।

- **चुनावी सरगर्मी और रैलियां:** समागुड़ी विधानसभा क्षेत्र के बरमा इलाके में कांग्रेस नेता चुनावी जनसभा के लिए जा रहे थे। उपचुनाव की तारीख नजदीक होने के कारण दोनों मुख्य दलों के कार्यकर्ताओं के बीच पहले से ही राजनीतिक खींचतान चल रही थी।
- **पुलिस की पूर्व सूचना पर कार्रवाई में देरी:** कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस को संभावित भीड़ और तनाव के बारे में पहले से सूचित किया गया था। समय रहते पर्याप्त सुरक्षा बंदोबस्त न होने के कारण स्थिति अनियंत्रित हो गई।
- **टकराव और पथराव:** गौरव गोगोई के अनुसार, कथित तौर पर विपक्षी कार्यकर्ताओं और मास्क पहने लोगों ने काफिले पर अचानक पथराव किया। हालांकि, इस पूरे उपद्रव की शुरुआत कैसे हुई, इसकी आधिकारिक और स्वतंत्र जांच अभी बाकी है।

## सवाल-जवाब

### 1. नगांव में कांग्रेस काफिले पर हमला कब और कहां हुआ?
यह घटना सोमवार को असम के नगांव जिले में समागुड़ी विधानसभा क्षेत्र के बरमा इलाके में हुई, जब नेता एक चुनावी रैली के लिए जा रहे थे।

### 2. काफिले में कौन-कौन से प्रमुख नेता मौजूद थे?
काफिले में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सांसद रकीबुल हुसैन और प्रत्याशी शिबामोनी बोरा शामिल थे।

### 3. इस हमले में किसे चोट आई?
कांग्रेस उम्मीदवार की गाड़ी में बैठे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव मनोज चौहान की पसलियों में पत्थर लगने से चोट आई।

### 4. घटना के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
स्थिति को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है।

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