पूर्वोत्तर में सामरिक मजबूती: असम में 8,970.20 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा 135.87 किलोमीटर 4-लेन एक्सप्रेसवे केंद्रीय कैबिनेट ने असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पर बैहाटा चारियाली से तेजपुर तक 4-लेन एक्सप्रेसवे निर्माण को मंजूरी दी है, जिसमें फाइटर जेट के लिए इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा और 45 पुल शामिल होंगे। भारत सरकार की केंद्रीय कैबिनेट ने पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नया आयाम देने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में असम राज्य के भीतर एक नए 4-लेन एक्सप्रेसवे के निर्माण प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। यह महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-15 के एक बड़े हिस्से का कायाकल्प करेगी और असम के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को देश के प्रमुख राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ेगी। इस आधुनिक कॉरिडोर के बन जाने के बाद इस मार्ग पर लगने वाला यात्रा समय घटकर आधा रह जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों और सेना दोनों को आवाजाही में सहूलियत मिलेगी। प्रोजेक्ट का दायरा और अनुमानित बजट इस निर्माण कार्य के तहत असम में गुवाहाटी के निकट स्थित बैहाटा चारियाली से लेकर तेजपुर तक 135.87 किलोमीटर लंबे 4-लेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा। हालांकि, इस परियोजना के कुल दायरे में से मंगलदोई बाईपास के 15.11 किलोमीटर लंबे हिस्से को अलग रखा गया है। सरकार के आधिकारिक आकलन के अनुसार इस विशाल परियोजना को धरातल पर उतारने में करीब 8,970.20 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस प्रोजेक्ट को इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल यानी टोल व्यवस्था के आधार पर विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर स्थानीय यातायात को सुचारू रखने के लिए लगभग 210 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का नेटवर्क भी तैयार किया जाएगा। इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी और सामरिक सुरक्षा चीन सीमा के समीप स्थित होने के कारण इस एक्सप्रेसवे की सामरिक महत्ता अत्यधिक बढ़ जाती है। रक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट के तहत तेजपुर बाईपास के पास 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का निर्माण किया जाएगा। आपातकालीन स्थितियों में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को सुरक्षित रूप से उतारने के उद्देश्य से करीब 5 किलोमीटर लंबी इस विशेष सड़क संरचना को एयरफोर्स के सहयोग और दिशा-निर्देशों के साथ निर्मित किया जा रहा है। इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने से ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित NH-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर ट्रैफिक का भारी दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा। बाईपास व्यवस्था और आधुनिक इंजीनियरिंग एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल बनाने और घनी आबादी वाले कस्बों को जाम से बचाने के लिए 58.7 किलोमीटर की संयुक्त लंबाई वाले 5 विशाल बाईपास निर्मित किए जाएंगे। ये बाईपास बैहाटा चारियाली, सिपाझार, खारुपेटिया, ढेकियाजुली और तेजपुर जैसे प्रमुख स्थानों से होकर गुजरेंगे, जिससे इन क्षेत्रों की आंतरिक सड़कों पर गाड़ियों का दबाव घटेगा। इंजीनियरिंग की दृष्टि से यह परियोजना उत्कृष्ट तकनीकी कौशल का उदाहरण होगी। पूरे कॉरिडोर में 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर और 46 अंडरपास बनाए जाएंगे। वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिक ध्यान में रखते हुए तेजपुर बाईपास पर विशेष रूप से 1 एलिफैंट अंडरपास का निर्माण भी किया जाएगा। आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन क्षेत्रों को बढ़ावा यह 4-लेन एक्सप्रेसवे असम और पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को सीधी और तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। प्रोजेक्ट के अपग्रेडेशन से 8 PM गतिशक्ति इकोनॉमिक नोड्स यानी 8 प्रमुख इंडस्ट्रियल पार्क तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी। इसके अलावा, यह मार्ग दरांग और उदलगुरी नामक 2 सामाजिक नोड्स के साथ-साथ पूर्वोत्तर के प्रसिद्ध धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों से भी सीधा जुड़ाव स्थापित करेगा। यात्री अब प्रसिद्ध मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा नेशनल पार्क और ओरंग नेशनल पार्क तक बिना किसी रुकावट के पहुंच सकेंगे। साथ ही, 3 बड़े रेलवे स्टेशन, 2 एयरपोर्ट और 2 वॉटरवे टर्मिनल समेत कुल 7 लॉजिस्टिक्स नोड्स की कनेक्टिविटी बेहतर होने से माल ढुलाई और यात्री परिवहन को अभूतपूर्व गति मिलेगी। इसका आप पर असर भारत में: पूर्वोत्तर की सामरिक सुरक्षा मजबूत होगी और चीन सीमा के निकट सैन्य आवाजाही तथा एयरफोर्स के लिए आपातकालीन रनवे की सुविधा मिलेगी। असम में: गुवाहाटी और तेजपुर के बीच यात्रा का समय घटकर आधा हो जाएगा और काजीरंगा, मां कामाख्या मंदिर तथा स्थानीय औद्योगिक क्षेत्रों तक आवाजाही आसान होगी। सवाल-जवाब 1. असम में बनने वाले नए एक्सप्रेसवे की लंबाई कितनी होगी? इस नए 4-लेन एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 135.87 किलोमीटर होगी, जो बैहाटा चारियाली से तेजपुर के बीच बनाया जाएगा। 2. इस एक्सप्रेसवे परियोजना पर कुल कितना खर्च आएगा? केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के अनुसार इस परियोजना के निर्माण पर लगभग 8,970.20 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। 3. क्या इस सड़क पर लड़ाकू विमान उतारे जा सकेंगे? हां, तेजपुर बाईपास के पास भारतीय वायुसेना की मदद से 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी तैयार की जाएगी जहां आपात स्थिति में फाइटर जेट उतारे जा सकते हैं। 4. इस एक्सप्रेसवे पर कितने पुल और अंडरपास बनाए जाएंगे? इस प्रोजेक्ट में 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल (कुल 45 पुल), 19 फ्लाईओवर, 46 अंडरपास और तेजपुर बाईपास पर 1 हाथियों के लिए स्पेशल अंडरपास शामिल हैं। 5. इस प्रोजेक्ट से किन पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी? इस एक्सप्रेसवे से मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा नेशनल पार्क और ओरंग नेशनल पार्क जैसे 3 प्रमुख पर्यटन स्थलों तक आवाजाही आसान हो जाएगी। https://trendkia.com/assam/purvottara-men-samarika-majabuti-assam-men-8-970-20-karora-rupaye-ki-lagata-se-banega-135-87-kilomitara-4-lena-eksapresave-14416 TrendKia — Har trend, sabse pehle.