# सिलचर घटना के बाद असम में मुख्यमंत्री के काफिले पर सख्त नियम, एंबुलेंस को प्राथमिकता देने का आदेश

> सिलचर में मरीज की मौत और एंबुलेंस रोके जाने के बाद असम प्रशासन ने मुख्यमंत्री के काफिले को छोटा करने और आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं।

**Type:** article · **Category:** असम · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/assam/silchar-ghatana-ke-bada-assam-men-mukhyamntri-ke-kaphile-para-sakhta-niyama-enbulensa-ko-prathamikata-dene-ka-adesha-41332 · **Language:** Hindi
**Tags:** असम, हिमंत बिस्वा सरमा, सिलचर, एंबुलेंस, वीआईपी काफिला, यातायात नियम

असम प्रशासन ने राज्य भर के सभी जिला आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के काफिले की आवाजाही के दौरान आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो और आपातकालीन सेवाएं बिल्कुल बाधित न हों। यह बड़ा प्रशासनिक कदम सिलचर में एक मरीज को ले जा रही एंबुलेंस को मुख्यमंत्री के काफिले के लिए रोके जाने की घटना के तुरंत बाद उठाया गया है। उस घटना में कर्तव्य में कथित लापरवाही बरतने के आरोप में चार पुलिस कर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने स्वयं मरीज और उसके परिवार से क्षमा मांगते हुए इस पूरे मामले को अस्वीकार्य बताया था।

## आपातकालीन वाहनों के लिए प्राथमिकता और काफिले के ठहराव का नियम
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी किए गए अनिवार्य दिशा-निर्देशों में साफ किया गया है कि एंबुलेंस, दमकल गाड़ियों और पुलिस रिस्पांस वाहनों को हर समय बिना किसी रुकावट के रास्ता दिया जाना चाहिए। यातायात अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि किसी भी आपातकालीन वाहन की गति धीमी न पड़े। आदेश में विशेष रूप से यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि आपातकालीन वाहन को सुरक्षित और त्वरित रास्ता देने के लिए मुख्यमंत्री के काफिले को थोड़ी देर के लिए रोकना पड़े, तो यातायात कर्मी काफिले को रोककर पहले आपात वाहन को निकालेंगे।

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## काफिले का आकार घटाने और मंत्रियों के अलग चलने के निर्देश
प्रशासन ने वीआईपी आवाजाही के दौरान सामान्य यातायात में पड़ने वाले व्यवधान को कम से कम करने पर बल दिया है। इसके तहत मार्गों का डायवर्जन और यातायात प्रबंधन इस तरह तैयार करने को कहा गया है जिससे आम मुसाफिरों को बेवजह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के काफिले में गाड़ियों की संख्या भी सीमित कर दी गई है। नए नियमों के अनुसार काफिले में केवल सुरक्षा और संचालन के लिए बेहद जरूरी न्यूनतम वाहनों को ही शामिल रखा जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा कि नियमों का पालन सख्ती से कराया जाए। इसके अतिरिक्त एक ही कार्यक्रम में भाग लेने वाले कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को मुख्यमंत्री के काफिले के साथ चलने की अनुमति नहीं होगी। उनके वाहनों को मुख्यमंत्री के काफिले से बिल्कुल अलग होकर चलना होगा।

## लापरवाही पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सिलचर की पृष्ठभूमि
काफिले और यातायात की व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों को अनुपालन की निगरानी के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन निर्देशों के किसी भी उल्लंघन या क्रियान्वयन में ढिलाई को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा। यह पूरा प्रशासनिक बदलाव सिलचर की उस दुखद घटना से जुड़ा है जहां श्रीभूमि जिले के भांगा निवासी रसुराज चक्रवर्ती नामक मरीज को सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस रुकी रही। लीवर से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे चक्रवर्ती की गंभीर हालत के चलते उन्हें बुधवार को उन्नत इलाज के लिए सिलचर लाया गया था, जहां गुरुवार की सुबह अस्पताल में उनका निधन हो गया।

## इसका आप पर असर
इस आदेश से आपातकालीन स्थितियों में मरीजों और सड़कों पर चलने वाले आम नागरिकों को सीधे तौर पर राहत मिलेगी।

- **भारत में:** वीआईपी काफिलों को रोककर एंबुलेंस को रास्ता देने का यह नियम देश भर के अन्य राज्यों के लिए भी प्रशासनिक जवाबदेही का उदाहरण पेश करता है। इससे नागरिकों के बुनियादी अधिकारों और आपातकालीन सेवाओं की प्राथमिकता को बल मिलेगा।
- **असम में:** राज्य भर की सड़कों पर अब मुख्यमंत्री के गुजरने के दौरान भी एंबुलेंस और दमकल गाड़ियों को रोका नहीं जाएगा। आम जनता को घंटों लंबे ट्रैफिक जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि मंत्रियों और विधायकों की गाड़ियां भी मुख्य काफिले का हिस्सा नहीं बनेंगी।
- **अधिकारियों की जवाबदेही:** यातायात में लापरवाही बरतने वाले पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर अब सीधी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की गई है। आदेश का उल्लंघन होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
- **मरीजों के परिजनों के लिए:** आपात स्थिति में गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जा रहे परिजनों को अब वीआईपी आवागमन के कारण एंबुलेंस फंसने की आशंका से सुरक्षा मिलेगी। किसी भी जाम में फंसे होने पर तुरंत ड्यूटी पर तैनात यातायात कर्मियों से प्राथमिकता मार्ग की मांग की जा सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह प्रशासनिक फेरबदल सिलचर में एक गंभीर मरीज को ले जा रही एंबुलेंस को रोके जाने और उसके बाद मरीज के निधन की घटना के कारण हुआ है।

- **प्रत्यक्ष कारण:** सिलचर में मुख्यमंत्री के काफिले को निकालने के लिए यातायात पुलिस ने एक गंभीर मरीज को ले जा रही एंबुलेंस को रास्ते में रोक दिया था। इस घटना के बाद चार पुलिस कर्मियों को उनके दायित्व में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया था।
- **मरीज की दुखद मृत्यु:** लीवर की बीमारी से जूझ रहे श्रीभूमि जिले के निवासी रसुराज चक्रवर्ती को इलाज के लिए सिलचर लाया गया था, जिनकी बाद में अस्पताल में मृत्यु हो गई। इस घटना से उपजे जनआक्रोश के बीच मुख्यमंत्री ने परिवार से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगी और व्यवस्था को अस्वीकार्य बताया।
- **व्यवस्थागत सुधार:** भविष्य में ऐसी अप्रिय घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार ने काफिले का आकार घटाने और एंबुलेंस के आने पर काफिला तक रोकने का स्थायी आदेश जारी किया। अब मंत्रियों और विधायकों के वाहनों को भी मुख्य काफिले से अलग रखने का नियम बना दिया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. असम सरकार ने वीआईपी काफिले को लेकर क्या नए निर्देश जारी किए हैं?
प्रशासन ने मुख्यमंत्री के काफिले का आकार न्यूनतम करने और एंबुलेंस, दमकल व पुलिस वाहनों को हर हाल में प्राथमिकता देने के आदेश दिए हैं।

### 2. क्या एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए मुख्यमंत्री का काफिला रोका जा सकता है?
हां, नए आदेश के अनुसार आपातकालीन वाहनों को तुरंत रास्ता देने के लिए जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री के काफिले को भी अस्थायी रूप से रोका जाएगा।

### 3. सिलचर की घटना में पुलिस कर्मियों पर क्या कार्रवाई की गई?
एंबुलेंस रोकने के मामले में कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में चार पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

### 4. क्या अन्य मंत्री और विधायक मुख्यमंत्री के काफिले के साथ चल सकते हैं?
नहीं, कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को मुख्यमंत्री के काफिले के साथ चलने से रोक दिया गया है और उन्हें अलग यात्रा करनी होगी।

### 5. सिलचर की घटना में पीड़ित मरीज कौन थे?
पीड़ित मरीज श्रीभूमि जिले के भांगा निवासी रसुराज चक्रवर्ती थे, जिनका बाद में सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में निधन हो गया।

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