काजीरंगा के पास खनन पर सुप्रीम कोर्ट की समिति ने जताई चिंता, असम सरकार से मांगी सख्त कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी ने काजीरंगा नेशनल पार्क के दक्षिणी हिस्से में जारी खनन और संरक्षण उपायों में ढिलाई पर कड़ी नाराजगी जताई है। समिति ने असम सरकार को पत्र लिखकर तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने असम के काजीरंगा नेशनल पार्क के दक्षिणी छोर पर चल रहे खनन कार्यों और पर्यावरण संरक्षण के अधूरे कामों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में 3 मार्च 2026 को असम के मुख्य सचिव को एक आधिकारिक पत्र भेजा गया है, जिसमें शीर्ष अदालत के निर्देशों के बावजूद कार्बी आंगलोंग पहाड़ियों में खनन गतिविधियों के बेरोक-टोक जारी रहने पर चिंता जताई गई है। पारिस्थितिकी तंत्र और वन्यजीवों पर मंडराता खतरा यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब असम सरकार द्वारा काजीरंगा के आसपास के इको-सेंसिटिव जोन (ईएसजेड) के दायरे को कम करने के प्रस्ताव को लेकर विवाद चल रहा है। समिति का यह भी कहना है कि कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (केएएसी) की ओर से अदालतों के सामने खनन और उससे जुड़ी गतिविधियों का पूरा और स्पष्ट ब्यौरा पेश नहीं किया गया है। अधिकारियों के सामने इस मामले को कई बार उठाया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर पर्याप्त और ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। अदालती आदेशों और जल निकासी प्रणालियों की अनदेखी कमेटी ने स्पष्ट किया कि शीर्ष अदालत के आदेशों का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों की रक्षा करना और कार्बी आंगलोंग पहाड़ियों से निकलने वाली प्राकृतिक जल निकासी प्रणालियों को सुरक्षित रखना था, जो काजीरंगा की पूरी पारिस्थितिकी के संतुलन को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी हैं। इस संवेदनशील विषय पर मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने और तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है, अन्यथा समिति इस उल्लंघन की जानकारी सीधे सुप्रीम कोर्ट को देगी। पत्र में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि यह मसला बेहद संवेदनशील है और इसके लिए तुरंत व्यक्तिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता है। छह साल बाद भी कैचमेंट एरिया का मैपिंग कार्य अधूरा समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया कि छह साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कार्बी आंगलोंग पहाड़ियों से निकलने वाली धाराओं और नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों यानी कैचमेंट एरिया की मैपिंग का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इसके अलावा, काजीरंगा नेशनल पार्क को आपस में जोड़ने वाले नौ चिन्हित वन्यजीव गलियारों को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई है। इस संबंध में 6 मई 2021 को राज्य सरकार को पत्र लिखकर इन कॉरिडोरों को औपचारिक रूप से अधिसूचित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी गई थी, जिसका कोई जवाब नहीं मिला। हाथियों की मौत और वन्यजीव प्रबंधन पर सवाल सीईसी ने कार्बी आंगलोंग एलिफेंट रिजर्व के कुछ हिस्सों में बड़े पैमाने पर हो रहे खनन का जिक्र करते हुए इसे लगातार बढ़ रही मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं और हाथियों की मौतों से जोड़ा है। समिति ने इस बात पर अफसोस जताया कि क्षेत्र में वन्यजीवों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कोई भी पर्याप्त वन्यजीव प्रबंधन योजना मौजूद नहीं है। साथ ही, केएएसी द्वारा क्षेत्र की पारिस्थितिकी की रक्षा के लिए जरूरी अधिसूचनाओं और अन्य उपायों को लागू करने में भी लापरवाही बरती गई है। सुझावों को लागू करने के लिए अंतिम ताकीद याद दिला दें कि समिति ने 30 मई 2025 को अपनी सिफारिशों के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी, जिसके कई महत्वपूर्ण बिंदु अब तक कागजों पर ही हैं। अब इस ताजा पत्र के माध्यम से असम सरकार को ताकीद की गई है कि वह सभी नौ चिन्हित वन्यजीव गलियारों की अधिसूचना की प्रक्रिया को बिना किसी और देरी के पूरा करे और पैनल की सभी सिफारिशों पर तुरंत अमल करे। इसका आप पर असर भारत में: देश भर के राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों के आसपास खनन गतिविधियों पर न्यायिक और प्रशासनिक निगरानी और अधिक सख्त हो सकती है। असम में: काजीरंगा और कार्बी आंगलोंग क्षेत्र के स्थानीय निवासियों, पर्यावरणविदों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों को अवैध खनन पर रोक और बेहतर हाथी संरक्षण उपायों का सीधा लाभ मिलेगा। सवाल-जवाब 1. सीईसी ने असम के मुख्य सचिव को पत्र कब लिखा था? समिति ने 3 मार्च 2026 को असम के मुख्य सचिव को पत्र भेजा था। 2. खनन गतिविधियां किस क्षेत्र में जारी हैं? खनन गतिविधियां असम के काजीरंगा नेशनल पार्क के दक्षिणी हिस्से और कार्बी आंगलोंग पहाड़ियों में जारी हैं। 3. समिति ने कितने वन्यजीव गलियारों का जिक्र किया है? समिति ने काजीरंगा नेशनल पार्क को जोड़ने वाले नौ चिन्हित वन्यजीव गलियारों का जिक्र किया है। 4. राज्य सरकार को विस्तृत रिपोर्ट कब सौंपी गई थी? समिति ने 30 मई 2025 को अपनी सिफारिशों के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी। https://trendkia.com/assam/supreme-court-panel-raises-alarm-over-mining-near-kaziranga-demands-action-from-assam-20735 TrendKia — Har trend, sabse pehle.