20 अगस्त से शनि गोचर बदलेगा चाल, मेष, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को रहना होगा बेहद सावधान अगस्त में शनि के नक्षत्र परिवर्तन से मेष, कर्क और वृश्चिक राशि वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 20 अगस्त से शुरू हो रहे इस गोचर के दौरान वित्तीय मामलों, सेहत और रिश्तों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगस्त के महीने में शनि देव अपनी स्थिति में बदलाव करने जा रहे हैं, जिसका सीधा असर सभी बारह राशियों के जीवन पर पड़ेगा। इस दौरान शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन रेवती नक्षत्र के पहले चरण में होगा। ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक शनि इस नक्षत्र में 9 अक्टूबर तक विराजमान रहेंगे। इस खगोलीय गतिविधि का प्रभाव हर राशि के लोगों के जीवन में किसी न किसी रूप में जरूर दिखाई देगा। हालांकि इस विशेष अवधि के दौरान तीन खास राशियों के जातकों को अपनी दिनचर्या और कामकाज में अत्यधिक संभलकर चलने की जरूरत है। मेष राशि, कर्क राशि और वृश्चिक राशि के लोगों के लिए 20 अगस्त से सतर्क रहने का विशेष समय शुरू हो रहा है। मेष राशि: वित्तीय फैसलों और गुस्से पर रखें नियंत्रण मेष राशि के जातकों को 20 अगस्त के बाद से धन से जुड़े हर एक फैसले को बहुत अधिक सोच-विचारकर ही लेना चाहिए। बिना किसी ठोस जानकारी या उचित रिसर्च के कहीं भी पैसा निवेश करना आपके लिए बड़े नुकसान का कारण बन सकता है। यदि आप किसी नए निवेश की योजना बना रहे हैं, तो अभी थोड़ा इंतजार करना ही समझदारी होगी। इसके अलावा कार्यक्षेत्र में कामकाज का दबाव थोड़ा बढ़ सकता है, जिससे मानसिक उलझनें पैदा हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में हड़बड़ी में कोई भी कदम उठाने से बचें। अपने गुस्से पर पूरा काबू रखने की कोशिश करें, क्योंकि छोटी-सी बात भी तूल पकड़ सकती है। इस दौरान अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। कर्क राशि: मानसिक तनाव से बचाव और संवाद पर जोर कर्क राशि के लोगों को इस समयावधि के दौरान अत्यधिक मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। इस दौर में ओवरथिंकिंग यानी जरूरत से ज्यादा सोचने की प्रवृत्ति से बचना बेहद जरूरी है। यदि आप हर मामले में शांत और स्थिर दिमाग से विचार करेंगे, तो परिणाम ज्यादा अनुकूल मिलेंगे। अगर आपने कोई नया वेंचर या किसी नए काम की शुरुआत करने की योजना बनाई है, तो अपनी सभी तैयारियों को पहले से ही पुख्ता रखें और हर पहलू पर गहराई से सोच-विचार करें। इसके विपरीत, यदि आपके व्यक्तिगत रिश्तों में किसी प्रकार की अनबन या दिक्कत आ रही है, तो खुलकर बात करना ही एकमात्र सही रास्ता है। यदि आप बातचीत से दूर भागेंगे, तो गलतफहमियां और अधिक बढ़ सकती हैं। यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। वृश्चिक राशि: खर्चों पर लगाम और धैर्य रखने की जरूरत वृश्चिक राशि के जातकों को 20 अगस्त से अपने बढ़ते हुए खर्चों पर सख्त नियंत्रण रखना होगा। आपकी जितनी आमदनी है, उसी के अनुपात में अपना खर्च तय करें और साथ ही बचत पर भी पूरा ध्यान दें। धन के इन दोनों पहलुओं के बीच संतुलन बनाकर चलना ही आपके लिए फायदेमंद रहेगा। इस अवधि में किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करने की भूल बिल्कुल न करें। पैसों के लेन-देन या किसी भी आर्थिक मामले से जुड़े निर्णय बेहद सूझबूझ के साथ लें। नौकरी और कारोबार में शायद आपको वैसी तुरंत सफलता न मिले जैसी आप उम्मीद कर रहे थे। ऐसे समय में अधीर होने के बजाय धैर्य बनाए रखना सबसे बड़ी खूबी होगी। किसी से भी बेवजह की बहस या उलझन में न पड़ें। अगर शरीर में किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या बार-बार उभर रही है, तो उसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से सलाह लें। शनि के प्रतिकूल प्रभावों से बचने के सरल उपाय यदि गोचर काल के दौरान शनि के अशुभ प्रभावों से राहत पाना चाहते हैं, तो कुछ आसान उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। प्रत्येक शनिवार के दिन नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें। जरूरतमंद और गरीब लोगों की यथासंभव सहायता करने का प्रयास करें। अपने सामर्थ्य के अनुसार काले तिल और उड़द की दाल का दान जरूर करें। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति के साथ गलत व्यवहार या दुभाषिया रवैया अपनाने से पूरी तरह बचें। ये उपाय जीवन में सकारात्मकता लाने में मदद करेंगे। सवाल-जवाब 1. शनि का नक्षत्र परिवर्तन किस नक्षत्र में हो रहा है? शनि रेवती नक्षत्र के पहले चरण में गोचर करने जा रहे हैं। 2. यह गोचर किस तारीख से विशेष प्रभाव डालेगा? यह गोचर 20 अगस्त से संबंधित राशियों के जातकों के लिए विशेष सतर्कता का समय ला रहा है। 3. शनि इस नक्षत्र में कब तक रहेंगे? ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार शनि इस नक्षत्र में 9 अक्टूबर तक गोचर करेंगे। 4. किन तीन राशियों को सबसे ज्यादा संभलकर रहना होगा? मेष, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 5. शनि के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए क्या करना चाहिए? शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना, जरूरतमंदों की मदद करना और काले तिल व उड़द की दाल का दान करना लाभकारी है। https://trendkia.com/astrology/20-agasta-se-shani-gochara-badalega-chala-mesh-kark-aura-vrishchik-rashi-ke-jatakon-ko-rahana-hoga-behada-savadhana-11452 TrendKia — Har trend, sabse pehle.