# 5 दिसंबर 2026 को राहु-केतु करेंगे राशि परिवर्तन, मकर और कर्क राशि में होगा प्रवेश

> ज्योतिष गणना के अनुसार 5 दिसंबर 2026 को रात 10 बजकर 32 मिनट पर राहु और केतु अपनी चाल बदलेंगे। इस गोचर में राहु मकर राशि में और केतु कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।

**Type:** article · **Category:** राशिफल · **Published:** 2026-09-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/astrology/5-disnbara-2026-ko-rahu-ketu-karenge-rashi-parivartana-makara-aura-karka-rashi-men-hoga-pravesha-33049 · **Language:** Hindi
**Tags:** राहु केतु गोचर 2026, ज्योतिष राशिफल, मकर राशि राहु, कर्क राशि केतु, ग्रह गोचर, वैदिक ज्योतिष

भारतीय ज्योतिष गणना के अनुसार आगामी 5 दिसंबर 2026 को राहु और केतु का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। इस खगोलीय और ज्योतिषीय घटना के तहत राहु मकर राशि में और केतु कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। गोचर का यह विशेष समय 5 दिसंबर 2026 को रात 10 बजकर 32 मिनट तय किया गया है। ज्योतिषीय परंपराओं में इन दोनों छाया ग्रहों के गोचर को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इनका प्रभाव सीधे तौर पर मानव जीवन, मानसिक स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर पड़ता है।

## राहु और केतु का ज्योतिषीय महत्व
वैदिक ज्योतिष में राहु को मुख्य रूप से भौतिक उपलब्धियों, तीव्र महत्वाकांक्षाओं और अदम्य इच्छाओं का कारक माना जाता है। इसके विपरीत केतु को वैराग्य, गहन आत्मचिंतन और आध्यात्मिकता की ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। जब भी इन दोनों ग्रहों की स्थिति में बदलाव होता है, तो देश-दुनिया और विभिन्न राशियों के जातकों के जीवन में नए आयाम खुलते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार किसी भी जातक की जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति, भाव और राशि के आधार पर ही इन गोचरों के अलग-अलग परिणाम सामने आते हैं।

## कर्क राशि में केतु का गोचर
इस गोचर के दौरान केतु ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस स्थिति के प्रभाव से जातकों का ध्यान बाहरी दुनिया से हटकर अपने निजी जीवन, घरेलू माहौल और आंतरिक मन से जुड़े विषयों की ओर आकर्षित हो सकता है। इस अवधि में कई लोगों को अपनी वर्तमान प्राथमिकताओं का पुनर्मूल्यांकन करने और जीवन के अहम पहलुओं पर दोबारा विचार करने की आवश्यकता महसूस हो सकती है। आत्ममंथन का यह दौर मानसिक स्पष्टता हासिल करने के लिहाज से काफी अहम साबित हो सकता है।

## मकर राशि में राहु का गोचर
दूसरी ओर राहु ग्रह मकर राशि में अपनी यात्रा शुरू करेगा। मकर राशि के आधिपत्य का ग्रह शनि को माना जाता है, जिसे ज्योतिष में कर्म, अनुशासन, कठोर परिश्रम और उत्तरदायित्वों का प्रतीक कहा जाता है। राहु के इस गोचर के दौरान कामकाजी क्षेत्र और भविष्य की लंबी अवधि की योजनाओं को लेकर एक नई वैचारिक दृष्टिकोण के विकसित होने की संभावना जताई जाती है। जानकारों के अनुसार इस दौरान जातकों को अपने जीवन से जुड़े कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय पूरी तरह व्यावहारिकता और संयम बनाए रखने की सलाह दी जाती है ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति से बचा जा सके।

## सवाल-जवाब

### 1. राहु और केतु का राशि परिवर्तन कब होगा?
राहु और केतु का यह राशि परिवर्तन 5 दिसंबर 2026 की रात 10 बजकर 32 मिनट पर होगा।

### 2. राहु किस राशि में प्रवेश करेगा?
राहु मकर राशि में प्रवेश करेगा, जिसका स्वामी शनि है।

### 3. केतु किस राशि में प्रवेश करेगा?
केतु कर्क राशि में प्रवेश करेगा।

### 4. ज्योतिष में राहु और केतु को क्या माना जाता है?
ज्योतिष में राहु को इच्छाओं और भौतिक उपलब्धियों का कारक माना जाता है, जबकि केतु को वैराग्य और आध्यात्मिकता का प्रतीक कहा जाता है।

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