# अष्टमी-नवमी की खास पूजा से मिट सकती है शादी की देरी, जानें गुप्त नवरात्रि के मंत्र

> आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि 15 से 23 जुलाई 2026 तक चलेगी, इस दौरान अष्टमी-नवमी पर अविवाहित लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग मंत्र बताए गए हैं जिनसे मान्यता के मुताबिक जल्द विवाह के योग बनते हैं।

**Type:** article · **Category:** राशिफल · **Published:** 2026-07-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/astrology/ashtami-navami-ki-khasa-puja-se-mita-sakati-hai-shadi-ki-deri-janen-gupta-navaratri-ke-mntra-8985 · **Language:** Hindi
**Tags:** गुप्त नवरात्रि, अष्टमी नवमी, विवाह के उपाय, कात्यायनी मंत्र, मां कात्यायनी, ज्योतिष उपाय

इस साल आषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई 2026 तक चलेगी और नौ दिनों तक मां भगवती के नौ रूपों की विशेष पूजा होगी। धार्मिक मान्यताओं में इस नवरात्रि को चैत्र और शारदीय नवरात्रि जितना ही अहम माना जाता है, फर्क सिर्फ इतना है कि इसकी साधना गुप्त तरीके से की जाती है।

## नौ दिन गुप्त साधना के माने जाते हैं
ज्योतिष जानकारों के मुताबिक यह नौ दिन गुप्त साधना और सिद्धियां पाने के लिए खास माने जाते हैं। मान्यता यह है कि बड़े सिद्ध, ऋषि-मुनि और वैदिक ब्राह्मण आमतौर पर चैत्र व शारदीय नवरात्रि में खुलेआम पूजा-पाठ करते हैं, जबकि गुप्त नवरात्रि में वही लोग छिपकर देवी की आराधना करते हैं। यही वजह है कि इसे 'गुप्त' नवरात्रि कहा जाता है।

## चैत्र-शारदीय जितनी ही असरदार, कहते हैं पंडित मनीष उपाध्याय
कर्मकांड ज्योतिषी पंडित मनीष उपाध्याय के मुताबिक गुप्त नवरात्रि असर के मामले में बाकी नवरात्रि से कमतर नहीं है। उनका कहना है कि इसमें भी मां भगवती की वही दैवीय ऊर्जा काम करती है जो चैत्र और शारदीय नवरात्रि में सक्रिय रहती है। इसलिए जो लोग इन नौ दिनों में श्रद्धा और नियम से पूजा-पाठ करते हैं, उन्हें अपने अटके कामों में सफलता मिल सकती है। पंडित उपाध्याय बताते हैं कि जिन युवक-युवतियों की शादी बार-बार टल रही है या रास्ते में अड़चनें आ रही हैं, वे इन दिनों बताए गए उपाय अपनाकर मां भगवती की कृपा पा सकते हैं। लड़कियों और अविवाहित लड़कों के लिए अलग-अलग मंत्र बताए गए हैं।

## कन्याओं के लिए कात्यायनी मंत्र
पंडित उपाध्याय के अनुसार जिन लड़कियों की शादी नहीं हो पा रही या जिनका रिश्ता बार-बार किसी वजह से टूट जाता है, उन्हें गुप्त नवरात्रि में शुद्ध ऊनी आसन पर उत्तर दिशा की तरफ मुख करके बैठना चाहिए। सामने घी का दीया जलाकर मां कात्यायनी का ध्यान करते हुए नीचे लिखा मंत्र श्रद्धा से बोलना चाहिए। मान्यता है कि लगातार जाप से जल्द ही सुयोग्य वर मिलता है, और यह जाप खासतौर पर अष्टमी और नवमी तिथि को करना चाहिए।

> कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरी।नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।।

## अविवाहित युवकों के लिए 108 बार जाप का नियम
जिन लड़कों की शादी में देरी हो रही है या रुकावटें आ रही हैं, उनके लिए ज्योतिषी उपाध्याय एक अलग मंत्र बताते हैं। इसे गुप्त नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर 108 बार जपने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि भरोसे और श्रद्धा के साथ इस मंत्र को दोहराने से विवाह की बाधाएं हटती हैं और सुयोग्य वधु मिलने का योग बनता है।

> पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्।तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्।।

## इसका आप पर असर
- **अविवाहित युवक-युवतियों के लिए:** जिनकी शादी में देरी या बाधा आ रही है, वे अष्टमी-नवमी को बताए गए मंत्रों का जाप करके परंपरा के मुताबिक जल्द विवाह योग बनाने का प्रयास कर सकते हैं।
- **श्रद्धालुओं के लिए:** गुप्त नवरात्रि पूरे नौ दिन, 15 से 23 जुलाई 2026 तक चलेगी, इसलिए पूजा-पाठ और उपाय करने के लिए पूरा समय उपलब्ध रहेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. गुप्त नवरात्रि 2026 कब से कब तक है?
यह 15 जुलाई 2026 से शुरू होकर 23 जुलाई 2026 तक चलेगी।

### 2. इस नवरात्रि को 'गुप्त' क्यों कहा जाता है?
क्योंकि इस दौरान सिद्ध, ऋषि-मुनि और वैदिक ब्राह्मण देवी की साधना छिपकर करते हैं, जबकि चैत्र और शारदीय नवरात्रि में यह सार्वजनिक रूप से होती है।

### 3. अविवाहित लड़कियों को शादी के लिए कौन सा मंत्र जपना चाहिए?
मां कात्यायनी का मंत्र 'कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरी...' उत्तर दिशा में मुख कर घी का दीया जलाकर जपना चाहिए।

### 4. अविवाहित युवकों को अपना मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?
अष्टमी और नवमी तिथि पर इसे 108 बार जपने की सलाह दी गई है।

### 5. यह उपाय कब करने चाहिए?
गुप्त नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर इन्हें करने की सलाह दी जाती है।

### 6. यह जानकारी किसने बताई है?
कर्मकांड ज्योतिषी पंडित मनीष उपाध्याय ने इन उपायों की जानकारी दी है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._