# भाद्रपद अमावस्या पर सिंह राशि में बनेगा त्रिग्रही योग, 11 सितंबर से इन 3 राशियों की बढ़ सकती हैं परेशानियां

> 11 सितंबर को भाद्रपद अमावस्या के दिन सिंह राशि में सूर्य, चंद्रमा और केतु की युति से त्रिग्रही योग बन रहा है। इस दौरान ग्रहण और अमावस्या दोष के प्रभाव से सिंह, कन्या और मीन राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।

**Type:** article · **Category:** राशिफल · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/astrology/bhadrapada-amavasya-para-singh-rashi-men-banega-trigrahi-yoga-11-sitnbara-se-ina-3-rashiyon-ki-barha-sakati-hain-pareshaniyan-30322 · **Language:** Hindi
**Tags:** 11 सितंबर राशिफल, भाद्रपद अमावस्या, त्रिग्रही योग, ग्रहण दोष, सिंह राशि, कन्या राशि, मीन राशि, ज्योतिष उपाय

सितंबर महीने की 11 तारीख को खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण घटना घटने जा रही है। इस दिन भाद्रपद मास की अमावस्या तिथि के पावन अवसर पर सिंह राशि में तीन प्रमुख ग्रहों का एक साथ आगमन होगा। सूर्य, चंद्रमा और केतु की इस युति से सिंह राशि में त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है। इस दुर्लभ ग्रहीय संयोजन के कारण दो मुख्य ज्योतिषीय दोष बन रहे हैं। सूर्य और केतु के एक साथ स्थित होने से ग्रहण दोष का निर्माण होगा, वहीं सूर्य और चंद्रमा का परस्पर मिलन अमावस्या योग उत्पन्न करेगा। भाद्रपद अमावस्या पर निर्मित हो रहे इस विशेष योग के प्रभाव से कुछ राशियों के जातकों को अपनी दैनिक जीवनशैली, करियर, वित्तीय मामलों और पारिवारिक संबंधों में अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विशेष रूप से 3 राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस अवधि के दौरान किसी भी तरह का जल्दबाज़ी वाला फैसला लेने से बचना चाहिए।

## सिंह राशि पर त्रिग्रही योग और दोष का प्रभाव
सिंह राशि के जातकों के लिए यह ज्योतिषीय घटना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पूरा घटनाक्रम उनके प्रथम भाव में ही घटित हो रहा है। प्रथम भाव को लग्न भाव भी माना जाता है जो व्यक्ति के व्यक्तित्व, सेहत और संपूर्ण जीवन को प्रभावित करता है। ग्रहण और अमावस्या दोष के प्रथम भाव में बनने के कारण सिंह राशि वाले लोगों को अपने आर्थिक लेन-देन और धन प्रबंधन में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। यदि आप इस समय किसी नई योजना में पूंजी निवेश करने का विचार कर रहे हैं, तो फिलहाल अपने कदम रोक लेना ही समझदारी होगी। निवेश संबंधी फैसले जल्दबाज़ी में लेने के बजाय किसी अनुभवी व्यक्ति या वित्तीय सलाहकार की मदद से ही आगे बढ़ें। इसके अतिरिक्त, अपने कार्यक्षेत्र या करियर में किसी भी बड़े बदलाव का निर्णय लेने से बचें। पारिवारिक मोर्चे पर भी संयम बनाए रखें और किसी भी प्रकार के वाद-विवाद या बहसबाजी से खुद को दूर रखें। अपने मन की शांति और शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करें।

## कन्या राशि के जातकों के लिए सावधानियां
कन्या राशि के जातकों के लिए ग्रहण दोष और अमावस्या योग का निर्माण उनके द्वादश भाव यानी बारहवें भाव में होने जा रहा है। ज्योतिष में बारहवां भाव खर्च, हानि और मानसिक तनाव से संबंधित माना जाता है। इस स्थान पर ग्रहों की यह स्थिति बनने से कन्या राशि के जातकों को शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य के प्रति जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए तनाव को खुद पर हावी न होने दें और अपनी दिनचर्या में ध्यान तथा प्राणायाम को शामिल करें। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों की राजनीति से पूरी तरह दूरी बनाए रखें, अन्यथा आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा और मान-सम्मान को ठेस पहुंच सकती है। यदि आप व्यापार या कारोबार से जुड़े हैं, तो कोई भी व्यावसायिक समझौता या वित्तीय निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं पर गहराई से विचार-विमर्श करें। इसके साथ ही जो लोग कोर्ट-कचहरी या कानूनी मामलों में उलझे हुए हैं, वे किसी भी निर्णय में जल्दबाज़ी न करें। कन्या राशि के जातकों को इन प्रतिकूल प्रभावों से राहत पाने और शुभ फल प्राप्त करने के लिए भगवान गणेश की पूजा एवं आराधना करनी चाहिए।

## मीन राशि के जातकों के लिए चेतावनी और उपाय
मीन राशि के जातकों के लिए यह ग्रहीय बदलाव सतर्क रहने का संकेत दे रहा है। ग्रहण और अमावस्या दोष के प्रभाव से इस दौरान आपके गुप्त शत्रु और विरोधी अधिक सक्रिय हो सकते हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करने की गलती न करें। पारिवारिक जीवन में भी आपको उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे घरेलू माहौल में थोड़ा तनाव पैदा हो सकता है। अपनी वाणी पर संयम रखें और बातचीत करते समय शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करें। विशेषकर घर के बड़े-बुजुर्गों के साथ संवाद के समय मर्यादा की सीमा न लांघें। इस दौरान गलत संगति से बचना आपके लिए बेहद जरूरी है। चल अथवा अचल संपत्ति से जुड़ा कोई भी बड़ा सौदा या निर्णय परिवार के सदस्यों की सहमति के बिना न लें, वरना आपको विपरीत परिस्थितियों में फंसना पड़ सकता है। काम के अत्यधिक बोझ के कारण मानसिक थकान और तनाव बढ़ सकता है। मीन राशि के जातकों को इन बाधाओं को दूर करने के लिए भगवान विष्णु के मंत्रों का निरंतर जाप करना चाहिए।

## इसका आप पर असर
11 सितंबर को बनने जा रहे इस ग्रहीय योग का सीधा असर सिंह, कन्या और मीन राशि के जातकों के दैनिक जीवन, आर्थिक फैसलों और मानसिक शांति पर पड़ेगा।

- **सिंह राशि के लिए:** वित्तीय मामलों और नए निवेश में जोखिम बढ़ सकता है। अगले कुछ दिनों तक बड़े धन लेन-देन से बचें और अनुभवी लोगों की सलाह के बिना पूंजी न लगाएं।
- **कन्या राशि के लिए:** कार्यक्षेत्र में राजनीति और मानसिक तनाव बढ़ने की आशंका है। दफ्तर के विवादों से दूर रहें और अपने स्वास्थ्य तथा ध्यान पर विशेष ध्यान दें।
- **मीन राशि के लिए:** पारिवारिक विवाद और गुप्त शत्रुओं की गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और संपत्ति से जुड़ा कोई भी फैसला परिजनों की सहमति से लें।
- **सामान्य सावधानी:** करियर में बदलाव या बड़ा फैसला जल्दबाज़ी में न लेने की सलाह दी गई है। किसी भी नए समझौते या दस्तावेज़ पर बिना सोचे-समझे हस्ताक्षर न करें।

## ऐसा क्यों हुआ
11 सितंबर को सूर्य, चंद्रमा और केतु तीनों ग्रह एक साथ सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है। इसी दिन भाद्रपद माह की अमावस्या तिथि भी पड़ रही है।

- **सूर्य-केतु की युति:** सिंह राशि में सूर्य और केतु का एक साथ आना ग्रहण दोष का निर्माण करता है। सूर्य को ऊर्जा का कारक माना जाता है, जबकि केतु के प्रभाव से बाधाएं आती हैं।
- **सूर्य-चंद्रमा का मिलन:** सूर्य और चंद्रमा की एक ही राशि में उपस्थिति से अमावस्या योग बनता है। चंद्रमा मन का कारक है, इसलिए इस युति के कारण मानसिक अशांति और तनाव उत्पन्न हो सकता है।
- **भाद्रपद अमावस्या का संयोग:** भाद्रपद अमावस्या तिथि के दिन ही यह त्रिग्रही स्थिति बनने से इस ज्योतिषीय योग का प्रभाव और अधिक गहरा हो जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. 11 सितंबर को सिंह राशि में कौन सा योग बन रहा है?
11 सितंबर को सिंह राशि में सूर्य, चंद्रमा और केतु की युति से त्रिग्रही योग बन रहा है, जिससे ग्रहण दोष और अमावस्या योग का निर्माण होगा।

### 2. त्रिग्रही योग से मुख्य रूप से कौन सी राशियां प्रभावित होंगी?
इस ज्योतिषीय घटना से मुख्य रूप से तीन राशियां—सिंह, कन्या और मीन—प्रभावित होंगी जिन्हें सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

### 3. सिंह राशि वालों को क्या उपाय करना चाहिए?
सिंह राशि के जातकों को ग्रहण और अमावस्या दोष के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।

### 4. कन्या राशि के जातकों के लिए क्या सावधानियां बताई गई हैं?
कन्या राशि वालों को मानसिक तनाव, दफ्तर की राजनीति और कोर्ट-कचहरी के मामलों में जल्दबाज़ी से बचना चाहिए तथा भगवान गणेश की आराधना करनी चाहिए।

### 5. मीन राशि के लोगों को किन बातों का ध्यान रखना होगा?
मीन राशि के जातकों को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा, किसी पर अंधा भरोसा नहीं करना होगा और भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करना होगा।

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