कर्क राशि में मंगल के प्रवेश से बनेगा नीचभंग राजयोग, 18 सितंबर से इन 3 राशियों के खुलेंगे प्रगति के द्वार 18 सितंबर 2026 को मंगल मिथुन से कर्क राशि में गोचर करेंगे, जहाँ उच्च के देवगुरु बृहस्पति की मौजूदगी से नीचभंग राजयोग का निर्माण होगा। 12 नवंबर तक रहने वाले इस गोचर से तुला, कुंभ और वृषभ राशि के जातकों को करियर और धन के मामले में विशेष लाभ मिलने के योग हैं। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति माने जाने वाले मंगल का राशि परिवर्तन सदैव एक महत्वपूर्ण खगोलीय और ज्योतिषीय घटना होता है। ऊर्जा, साहस, पराक्रम और रक्त के कारक ग्रह मंगल वर्तमान में मिथुन राशि में विराजमान हैं। हालांकि, 18 सितंबर 2026 को मंगल अपना स्थान परिवर्तित करते हुए कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल का यह गोचर कर्क राशि में 12 नवंबर 2026 तक बना रहेगा। वैदिक ज्योतिष के सिद्धांतों के अनुसार, कर्क राशि में मंगल नीच अवस्था में माने जाते हैं। इस गोचर के दौरान मंगल का प्रवेश कर्क राशि के तीसरे भाव में होगा। सामान्यतः तीसरे भाव में मंगल की उपस्थिति को अत्यंत पराक्रम वर्धक और शुभ फलदायी माना जाता है, परंतु नीच राशि होने के कारण इसके सकारात्मक प्रभाव में थोड़ी कमी आने की संभावना रहती है। इसके बावजूद, इस गोचर की विशेष बात यह है कि कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति पहले से ही उच्च अवस्था में विराजमान हैं, जिससे मंगल का नीच भाव भंग होकर नीचभंग राजयोग का निर्माण हो रहा है। इस राजयोग के प्रभाव से तीन विशेष राशियों के जातकों को अपार लाभ और तरक्की के अवसर प्राप्त होंगे। कर्क राशि में मंगल का गोचर और नीचभंग राजयोग का ज्योतिषीय गणित वैदिक ज्योतिष में प्रत्येक ग्रह की अपनी उच्च और नीच राशियां निर्धारित की गई हैं। जब कोई ग्रह अपनी नीच राशि में गोचर करता है, तो उसके प्राकृतिक शुभ गुणों की अभिव्यक्ति में कुछ बाधाएं आती हैं। मंगल ग्रह को वीरता, प्रशासनिक क्षमता, भूमि, संपत्ति और शारीरिक शक्ति का कारक माना जाता है। कर्क राशि में मंगल का आगमन तीसरे भाव में हो रहा है। तीसरा भाव ज्योतिष में पराक्रम, छोटे भाई-बहनों, संवाद और साहस का स्थान होता है। तीसरे भाव में मंगल का बैठना जातक के भीतर अपार ऊर्जा और जोखिम लेने की क्षमता भरता है। हालांकि, क्योंकि मंगल कर्क राशि में नीच के होते हैं, इसलिए अकेले गोचर करने पर यह स्थिति शुभ प्रभावों के ग्राफ को थोड़ा कमजोर कर सकती है। परंतु इस बार परिस्थितियां भिन्न हैं। कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति उच्च के होकर विराजमान हैं। जब नीच का ग्रह किसी ऐसे भाव में बैठता है जहां उसकी राशि का स्वामी या कोई अन्य ग्रह उच्च का होकर बैठा हो, तो वहां नीचभंग राजयोग का निर्माण होता है। गुरु का सौम्य और ज्ञानवर्धक प्रभाव मंगल की नीचता और आक्रामकता को संतुलित करेगा। इसके परिणामस्वरूप मंगल के अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाएंगे और यह गोचर विशेष रूप से तीन राशियों के लिए अत्यंत भाग्यशाली साबित होगा। तुला राशि: व्यावसायिक सौदे और आकस्मिक धन लाभ के प्रबल संकेत तुला राशि के जातकों के लिए 18 सितंबर से 12 नवंबर 2026 के बीच का समय अत्यंत अनुकूल और लाभदायक सिद्ध होने वाला है। इस अवधि में तुला राशि के लोगों के जीवन में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। व्यापार और व्यवसाय से जुड़े जातकों के लिए यह समय नए अवसरों से भरा रहेगा। यदि आप लंबे समय से किसी बड़ी डील या नए व्यावसायिक अनुबंध पर हस्ताक्षर करने का प्रयास कर रहे थे, तो इस गोचर के प्रभाव से आपको सफलता मिलेगी। आर्थिक दृष्टिकोण से तुला राशि वालों के लिए अप्रत्याशित लाभ के योग बन रहे हैं। अचानक से धन की प्राप्ति हो सकती है, जिससे आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। पारिवारिक जीवन में भी खुशहाली का आगमन होगा। यदि परिवार में लंबे समय से कोई विवाद या तनाव चल रहा था, तो वह समाप्त हो जाएगा। भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त होगा, जिससे आपके रिश्ते और अधिक मजबूत होंगे। संपत्ति या भूमि से जुड़े मामलों में जो अड़चनें आ रही थीं, वे दूर होंगी। अपनों का साथ मिलने से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और पराक्रम के बल पर आप अपने सभी अटके हुए कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर सकेंगे। मंगल गोचर का विशेष उपाय: तुला राशि के जातकों को इस गोचर की अवधि में अपनी शुभता बनाए रखने के लिए किसी गरीब अथवा जरूरतमंद व्यक्ति की यथासंभव सहायता करनी चाहिए और उन्हें दान देना चाहिए। कुंभ राशि: आजीविका में वृद्धि, सीनियर्स का सहयोग और करियर में नई ऊंचाई कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल का कर्क राशि में यह गोचर करियर और आजीविका के मामले में नए द्वार खोलने वाला साबित होगा। 18 सितंबर 2026 से लेकर 12 नवंबर 2026 तक की अवधि आपके लिए अत्यंत फलदायी रहेगी। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से उन्नति कारक रहेगा। कार्यस्थल पर आपको अपने उच्चाधिकारियों और वरिष्ठ सहकर्मियों का भरपूर सहयोग मिलेगा, जिससे आपकी कार्यक्षमता की सराहना होगी। रोजी-रोजगार के साधनों में वृद्धि होगी और करियर में कोई नई उपलब्धि या पदोन्नति का शुभ समाचार मिल सकता है। व्यापारिक दृष्टि से भी यह समय नए विस्तार की संभावनाएं लेकर आ रहा है। व्यापारी अपने कारोबार को नए क्षेत्रों में फैलाने की योजना बना सकते हैं। आर्थिक लाभ के कई नए स्रोत खुलेंगे, लेकिन आपको सलाह दी जाती है कि वित्तीय मामलों में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचें और सोच-समझकर ही निर्णय लें। पारिवारिक मोर्चे पर भाई-बंधुओं के साथ संबंधों में मधुरता आएगी और आपसी तालमेल बेहतर होगा। परिजनों के साथ मिलकर किसी मंगल कार्य की रूपरेखा बन सकती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय काफी अच्छा रहने वाला है और आपकी ऊर्जा बनी रहेगी। इस दौरान मिलने वाले शुभ समाचार आपके मन को प्रसन्न रखेंगे। मंगल गोचर का विशेष उपाय: कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल के इस गोचर काल में गरीबों और भूखों को अन्न का दान करना अत्यंत शुभ और पुण्य फलदायी रहेगा। वृषभ राशि: दांपत्य जीवन में मधुरता, रुका धन वापस और सरकारी मदद वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर सकारात्मक और सुखद परिणाम लेकर आएगा। इस अवधि में आपके पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बढ़ेगा। विशेष रूप से जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे। आप दोनों एक-दूसरे के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएंगे और अपने मन की भावनाओं को खुलकर व्यक्त कर सकेंगे, जिससे दांपत्य जीवन में प्रेम और विश्वास की वृद्धि होगी। आर्थिक मामलों में यह गोचर वृषभ राशि वालों को बड़ा लाभ पहुंचा सकता है। लंबे समय से अटका हुआ या फंसा हुआ धन वापस मिलने के मजबूत संकेत हैं। जो लोग व्यापार से जुड़े हैं, उनके मुनाफे में वृद्धि होगी और व्यावसायिक यात्राएं अत्यंत फलदायी सिद्ध होंगी। इसके अलावा, सरकारी तंत्र अथवा प्रशासनिक अधिकारियों से सहयोग मिलने की प्रबल संभावना है, जिससे आपके लंबित पड़े सरकारी काम पूरे हो सकते हैं। भाग्य का साथ मिलने के कारण आपके सभी रुके हुए कार्य तेज गति से आगे बढ़ेंगे। मंगल गोचर का विशेष उपाय: वृषभ राशि के जातकों को इस गोचर अवधि में अपने क्रोध पर नियंत्रण रखने की विशेष आवश्यकता है। अत्यधिक गुस्सा बने बनाए काम बिगाड़ सकता है। इसके साथ ही अपने भाई-बहनों के साथ मधुर संबंध बनाए रखें और उनसे किसी भी प्रकार के विवाद से बचें। इसका आप पर असर ज्योतिष प्रेमियों के लिए: 18 सितंबर से 12 नवंबर 2026 के बीच मंगल गोचर के दौरान तुला, कुंभ और वृषभ राशि के जातक अपने आर्थिक निर्णयों और करियर योजनाओं को गति दे सकते हैं, हालांकि जल्दबाजी और गुस्से से बचना आवश्यक रहेगा। सवाल-जवाब 1. मंगल का कर्क राशि में गोचर कब से कब तक रहेगा? मंगल का कर्क राशि में गोचर 18 सितंबर 2026 से शुरू होकर 12 नवंबर 2026 तक रहेगा। 2. कर्क राशि में नीचभंग राजयोग का निर्माण कैसे हो रहा है? कर्क राशि में मंगल नीच के होते हैं, लेकिन उसी राशि में उच्च के देवगुरु बृहस्पति की मौजूदगी के कारण मंगल का नीच भाव भंग होकर नीचभंग राजयोग बन रहा है। 3. इस गोचर से मुख्य रूप से किन तीन राशियों को लाभ होगा? तुला, कुंभ और वृषभ राशि के जातकों को इस गोचर से व्यापार, धन और करियर में विशेष लाभ मिलेगा। 4. तुला राशि वालों के लिए इस अवधि में क्या उपाय बताया गया है? तुला राशि के लोगों को किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता और दान करने की सलाह दी गई है। 5. कुंभ और वृषभ राशि के जातकों को क्या सावधानी रखनी चाहिए? कुंभ राशि वालों को वित्तीय फैसलों में जल्दबाजी से बचना चाहिए, जबकि वृषभ राशि वालों को अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना चाहिए। https://trendkia.com/astrology/kark-rashi-men-mangal-ke-pravesha-se-banega-nichabhnga-rajayoga-18-sitnbara-se-ina-3-rashiyon-ke-khulenge-pragati-ke-dvara-16213 TrendKia — Har trend, sabse pehle.