मीन, मेष और कुंभ राशि पर अगले 9 महीने रहेगा शनि का भारी प्रभाव, कब मिलेगी साढ़ेसाती से मुक्ति? ज्योतिषीय गणना के अनुसार कुंभ, मीन और मेष राशि के जातकों को अभी शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव से गुजरना होगा। जानते हैं कि किस राशि पर इसका असर कब तक रहेगा और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। ज्योतिष शास्त्र में शनि साढ़ेसाती को सात वर्षों का एक बेहद चुनौतीपूर्ण और कष्टकारी समय माना गया है। जब भी न्याय के देवता शनि किसी व्यक्ति की जन्मराशि से ठीक पहले वाले भाव, खुद जन्मराशि और उसके बाद वाले यानी बारहवें, पहले और दूसरे भाव में गोचर करते हैं, तब शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव शुरू हो जाता है। वर्तमान समय में आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति के अनुसार, मुख्य रूप से कुंभ राशि, मीन राशि और मेष राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का भारी प्रभाव चल रहा है। इन तीनों ही राशियों पर इस विशेष प्रभाव के पीछे मुख्य वजह शनि का मीन राशि में होना है। शनि की वक्री चाल और महत्वपूर्ण तिथियां वर्तमान समय में शनि सीधी चाल के बजाय उलटी यानी वक्री चाल में गोचर कर रहे हैं। ग्रहों की यह वक्री गति आगामी 11 दिसंबर 2026 तक ऐसी ही बनी रहेगी। इसके बाद जाकर शनि अपनी मार्गी अवस्था में लौटेंगे। यदि इतिहास पर नजर डालें तो शनि ने मीन राशि में 17 जनवरी 2023 के दिन प्रवेश किया था। इस विशेष गोचर और समय चक्र के कारण अलग-अलग राशियों पर साढ़ेसाती के अलग-अलग चरण चल रहे हैं, जिनका प्रभाव सीधे तौर पर जातकों के जीवन पर पड़ रहा है। विभिन्न राशियों पर साढ़ेसाती के चरण और मुक्ति की समय-सीमा इस समय कुंभ राशि के जातकों पर शनि साढ़ेसाती का तीसरा और अंतिम चरण चल रहा है। कुंभ राशि के लोगों पर शनि की साढ़ेसाती का यह प्रभाव 3 जून 2027 तक पूरी तरह से रहने वाला है। इसके बाद इन्हें इस विशेष चक्र से राहत मिल जाएगी। वहीं दूसरी ओर, इस वक्त मेष राशि पर शनि साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। आने वाले समय में जून 2027 से इनका दूसरा चरण शुरू हो जाएगा। मेष राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का यह पूरा असर अगस्त 2029 तक बना रहेगा। इसके अलावा, इस वक्त मीन राशि पर शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। मीन राशि पर भी जून 2027 से अगला बदलाव शुरू होगा और मेष तथा मीन से जुड़े इन चरणों के तहत मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव फरवरी 2028 तक रहने वाला है। साढ़ेसाती के दौरान ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें शनि साढ़ेसाती के इस चुनौतीपूर्ण दौर में जीवन के अंदर विभिन्न प्रकार की समस्याओं का आना-जाना लगातार लगा रह सकता है। इस समयावधि के दौरान कुछ खास बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना बहुत आवश्यक हो जाता है। कभी भी समाज के बूढ़े-बुजुर्गों या फिर किसी भी असहाय और कमजोर व्यक्ति का अपमान भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही इस पूरे काल के दौरान गलती से भी अपने नौकर-चाकरों या कामगारों के साथ किसी भी प्रकार का गलत व्यवहार या अन्याय नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से शनि के नकारात्मक परिणाम और अधिक बढ़ सकते हैं। इसका आप पर असर शनि साढ़ेसाती के इस चरण का प्रभाव संबंधित राशि के जातकों के निजी जीवन, मानसिक शांति और दैनिक कामकाज पर सीधा पड़ता है। • कुंभ राशि पर प्रभाव: कुंभ राशि के जातकों पर तीसरा चरण होने के कारण राहत मिलने का समय नजदीक है, जिससे उन्हें अपने अधूरे कार्यों को पूरा करने में आसानी होगी। • मीन राशि पर प्रभाव: मीन राशि के जातकों को इस दौरान अपने वित्त और व्यक्तिगत निर्णयों में अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। • मेष राशि पर प्रभाव: मेष राशि के लोगों को पहले चरण के प्रभावस्वरूप कार्यक्षेत्र और स्वास्थ्य के मोर्चे पर अतिरिक्त सतर्कता रखनी होगी। • व्यावहारिक असर: शनि के वक्री रहने के कारण आगामी 11 दिसंबर 2026 तक जातकों को जीवन में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। • दैनिक जीवन: बुजुर्गों और सहायकों के प्रति आदर भाव रखकर लोग इस गोचर के नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक संतुलित कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ शनि साढ़ेसाती का यह पूरा चक्र ग्रहों की गति और विशेषकर शनि के राशि परिवर्तन पर आधारित होता है। • शनि का मीन गोचर: 17 जनवरी 2023 को शनि के मीन राशि में प्रवेश करने के कारण ही कुंभ, मीन और मेष राशियों पर साढ़ेसाती का यह विशेष प्रभाव सक्रिय हुआ है। • ग्रहों की वक्री चाल: वर्तमान समय में शनि आकाश में उल्टी यानी वक्री गति से चल रहे हैं, जिससे इन राशियों पर गोचर का प्रभाव अधिक तीव्रता से महसूस हो रहा है। • निश्चित कालचक्र: ज्योतिषीय नियमों के अनुसार शनि हर राशि में एक तय अवधि तक रहते हैं, जिसके तहत कुंभ, मीन और मेष राशियों के लिए वर्ष 2027 और 2029 तक की अलग-अलग समय-सीमा तय है। सवाल-जवाब 1. वर्तमान में किन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है? इस समय कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है। 2. कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का कौन सा चरण चल रहा है? कुंभ राशि पर इस वक्त शनि साढ़ेसाती का तीसरा चरण चल रहा है। 3. कुंभ राशि को साढ़ेसाती से कब राहत मिलेगी? कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव 3 जून 2027 तक रहेगा। 4. मेष राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण कब से शुरू होगा? मेष राशि पर जून 2027 से साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू हो जाएगा। 5. शनि की वक्री चाल कब समाप्त होगी? शनि की यह वक्री चाल 11 दिसंबर 2026 तक रहेगी, जिसके बाद शनि मार्गी हो जाएंगे। 6. मीन राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव कब तक रहेगा? मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव फरवरी 2028 तक रहने वाला है। 7. शनि ने मीन राशि में कब प्रवेश किया था? शनि ने मीन राशि में 17 जनवरी 2023 के दिन गोचर किया था। 8. साढ़ेसाती के दौरान किन लोगों का अनादर नहीं करना चाहिए? इस दौरान बूढ़े-बुजुर्गों, असहाय लोगों और अपने नौकर-चाकरों का अपमान नहीं करना चाहिए। https://trendkia.com/astrology/mina-mesha-aura-kunbha-rashi-para-agale-9-mahine-rahega-shani-ka-bhari-prabhava-kaba-milegi-sarhesati-se-mukti-32739 TrendKia — Har trend, sabse pehle.