{
  "type": "article",
  "title": "मंगलवार को मंगला गौरी व्रत के साथ कल्कि जयंती भी, जानें 18 अगस्त 2026 का पूरा पंचांग और शुभ मुहूर्त",
  "summary": "18 अगस्त 2026 को हनुमान व्रत, सावन का तीसरा मंगला गौरी व्रत और कल्कि जयंती एक साथ पड़ रहे हैं, जानें आज की तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ-अशुभ मुहूर्त.",
  "content": "18 अगस्त 2026 को पड़ने वाला यह मंगलवार श्रद्धालुओं के लिए एक साथ तीन मौकों की सौगात लेकर आया है, आज हनुमान जी का साप्ताहिक व्रत रखा जाएगा, सावन के तीसरे मंगला गौरी व्रत की पूजा होगी और भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि की जयंती भी मनाई जाएगी. पंचांग की गणना के अनुसार आज सावन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, आकाश में स्वाति नक्षत्र और तैतिल करण का संयोग बना हुआ है, जबकि योग की बात करें तो शुक्ल योग विराजमान है. आज यात्रा करने वालों के लिए दिशाशूल उत्तर दिशा में बताया गया है, इसलिए इस दिशा में सफर करने से पहले पंचांग के मुताबिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.\n\nव्रत और पर्व का धार्मिक महत्व\nमंगलवार का व्रत हनुमानजी और मंगल ग्रह को समर्पित माना जाता है, इस दिन उपवास रखने से साहस बढ़ता है, आत्मविश्वास मजबूत होता है और भक्तों को संकटों से सुरक्षा मिलने की मान्यता है. वहीं मंगला गौरी व्रत का सीधा संबंध सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य से जोड़ा जाता है, सावन के हर मंगलवार को माता पार्वती के गौरी रूप की आराधना करने की परंपरा सदियों पुरानी है. यह व्रत खासतौर पर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और घर-परिवार में खुशहाली की कामना लेकर रखती हैं, कई क्षेत्रों में नई-नवेली दुल्हनें भी इस व्रत को श्रद्धापूर्वक निभाती हैं.\n\nसूर्य, चंद्रमा और नक्षत्रों की स्थिति\nआज सुबह सूरज 6:08 बजे उगेगा और शाम को 6:53 बजे अस्त होगा, वहीं चांद सुबह 11:12 बजे उदय होकर रात 10:26 बजे अस्त होगा. ग्रह-नक्षत्रों की चाल देखें तो आज सूर्य मघा नक्षत्र में स्थित रहेगा जबकि चंद्रमा स्वाति नक्षत्र से गुजर रहा होगा.\n\nतिथि, नक्षत्र, करण और योग का ब्योरा\n• तिथि: शाम 05:50 बजे तक षष्ठी, इसके बाद सप्तमी तिथि लग जाएगी\n• नक्षत्र: स्वाति नक्षत्र रात भर बना रहेगा\n• करण: शाम 05:50 बजे तक तैतिल करण, फिर गर करण रात भर तक\n• योग: 19 अगस्त की रात 03:23 बजे तक शुक्ल योग, इसके बाद ब्रह्म योग शुरू होगा\n\nमंगलवार व्रत और हनुमान पूजन की विधि\nसावन का यह तीसरा मंगला गौरी व्रत मंगलवार के व्रत के साथ ही रखा जा रहा है. मंगल देव को ग्रहों का सेनापति माना गया है और यह दिन रामभक्त हनुमान को समर्पित है, इसलिए विधि-विधान से पूजा करने पर कुंडली में मंगल की स्थिति मजबूत होने और जीवन के कष्ट कम होने की मान्यता है. पूजा के लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनने के बाद हनुमानजी की प्रतिमा या चित्र के सामने बैठकर सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और भोग अर्पित किया जाता है, इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करके आरती की जाती है. कई परिवारों में इस व्रत के दौरान संयम बरतते हुए सात्विक भोजन ग्रहण करने की परंपरा भी निभाई जाती है.\n\nकमजोर मंगल के ज्योतिषीय संकेत\nज्योतिष शास्त्र मानता है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर या पीड़ित अवस्था में हो, उसे गुस्सा, आपसी विवाद या कामकाज में रुकावट जैसी परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं. इन्हीं वजहों से मंगलवार का व्रत रखना और हनुमानजी की उपासना करना मंगल ग्रह को शांत करने के प्रमुख ज्योतिषीय उपायों में गिना जाता है.\n\nआज के शुभ मुहूर्त\n• ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:26 से 05:09 बजे तक\n• अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 से दोपहर 12:52 बजे तक\n• विजय मुहूर्त: दोपहर 02:36 से 03:29 बजे तक\n• गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:58 से 07:20 बजे तक\n• अमृत काल: रात 09:19 से 11:02 बजे तक\n• निशिता मुहूर्त: 19 अगस्त की रात 12:04 से 12:48 बजे तक\n• शिववास: भगवान शिव शाम 05:50 बजे तक नंदी पर विराजमान रहेंगे, उसके बाद भोजन में नजर आएंगे\n\nराहुकाल सहित आज के अशुभ मुहूर्त\n• राहुकाल: दोपहर बाद 03:42 से शाम 05:20 बजे तक\n• यमगण्ड: सुबह 09:09 से 10:47 बजे तक\n• गुलिक काल: दोपहर 12:26 से 02:04 बजे तक\n• दुर्मुहूर्त: सुबह 08:30 से 09:22 बजे तक\n• वर्ज्य: सुबह 11:00 से दोपहर 12:43 बजे तक\n\nइन अशुभ कालखंडों में शुभ या नए कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है, जबकि ऊपर बताए गए शुभ मुहूर्तों में पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं.\n\nइसका आप पर असर\n• व्रत और पूजा करने वालों के लिए: जो लोग आज हनुमान व्रत या मंगला गौरी व्रत रख रहे हैं, वे ऊपर दिए गए शुभ मुहूर्तों में पूजा करके इसका पूरा लाभ ले सकते हैं.\n• यात्रा और नए काम शुरू करने वालों के लिए: आज उत्तर दिशा में दिशाशूल है और राहुकाल दोपहर बाद 03:42 से शाम 05:20 बजे तक रहेगा, इसलिए इस दौरान यात्रा या नया काम शुरू करने से बचना बेहतर रहेगा.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 18 अगस्त 2026 को कौन-कौन से व्रत और पर्व हैं?\nआज मंगलवार का हनुमान व्रत, सावन का तीसरा मंगला गौरी व्रत और कल्कि जयंती एक साथ पड़ रहे हैं.\n\n2. मंगला गौरी व्रत मुख्यतः कौन और क्यों रखता है?\nयह व्रत मुख्यतः विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना से रखती हैं.\n\n3. आज राहुकाल कब से कब तक रहेगा?\nआज राहुकाल दोपहर बाद 03:42 बजे से शाम 05:20 बजे तक रहेगा.\n\n4. आज सूर्योदय और सूर्यास्त का समय क्या है?\nआज सूर्योदय सुबह 6:08 बजे और सूर्यास्त शाम 6:53 बजे होगा.\n\n5. आज अभिजीत मुहूर्त कब रहेगा?\nआज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक रहेगा.\n\n6. आज किस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए?\nआज दिशाशूल उत्तर दिशा में है, इसलिए इस दिशा में यात्रा से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.",
  "url": "https://trendkia.com/astrology/mngalavara-ko-mangala-gauri-vrata-ke-satha-kalki-jaynti-bhi-janen-18-agasta-2026-ka-pura-pnchanga-aura-shubha-muhurta-17830",
  "category": "राशिफल",
  "publishedAt": "2026-08-17",
  "tags": [
    "पंचांग",
    "मंगला गौरी व्रत",
    "कल्कि जयंती",
    "हनुमान व्रत",
    "राहुकाल",
    "शुभ मुहूर्त",
    "सावन",
    "आज का पंचांग"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}