# मीन राशि में चंद्रमा और शनि के मिलन से बन रहा विष योग, तीन राशियों के लिए धन और सेहत पर सतर्क रहने का समय

> 26 सितंबर पूर्णिमा की सुबह चंद्रमा मीन राशि में प्रवेश कर शनि के साथ युति बनाएंगे, जिससे विष योग निर्मित होगा। मेष, सिंह और तुला राशि के जातकों को धन, स्वास्थ्य और गुप्त शत्रुओं को लेकर खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

**Type:** article · **Category:** राशिफल · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/astrology/pisces-men-moon-aura-saturn-ke-milana-se-bana-raha-vish-yoga-tina-rashiyon-ke-lie-dhana-aura-sehata-para-satarka-rahane-ka-samaya-37926 · **Language:** Hindi
**Tags:** विष योग, मीन राशि, शनि चंद्रमा युति, पूर्णिमा, मेष राशि, सिंह राशि, तुला राशि, ज्योतिष

ग्रहों के गोचर चक्र में 26 सितंबर की सुबह एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटनाक्रम होने जा रहा है, जब चंद्रमा कुंभ राशि की अपनी यात्रा समाप्त करके मीन राशि में प्रवेश करेंगे। मीन राशि में न्यायप्रिय ग्रह शनि पहले से ही संचरण कर रहे हैं। जब भी किसी एक राशि में शनि और चंद्रमा एक साथ आते हैं, तो इस युति को ज्योतिष परंपरा में विष योग के नाम से जाना जाता है। पूर्णिमा के पावन दिन बनने वाला यह योग कुछ विशेष राशियों के लिए मानसिक, शारीरिक और वित्तीय मोर्चे पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने का संकेत दे रहा है। मुख्य रूप से मेष, सिंह और तुला राशि के जातकों पर इस ग्रह संयोग का संवेदनशील प्रभाव पड़ सकता है।

## मेष राशि के जातकों के लिए व्यय और सेहत की चिंताएं
मेष राशि के जातकों की कुंडली में यह विष योग बारहवें भाव में आकार ले रहा है। ज्योतिष शास्त्र में द्वादश भाव को मुख्य रूप से हानि, व्यय और विदेश यात्राओं का स्थान माना गया है। इस भाव में शनि और चंद्रमा का एक साथ होना आकस्मिक खर्चों में भारी बढ़ोतरी का कारण बन सकता है। ऐसे समय में धन का लेन-देन या किसी को उधार देने का विचार पूरी तरह टालना ही समझदारी भरा कदम रहेगा।

स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी मेष राशि के जातकों को अपनी दिनचर्या पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इस दौरान सिरदर्द, तनाव अथवा आंखों से संबंधित तकलीफें उभर सकती हैं। जो जातक आयात-निर्यात या विदेशी कंपनियों से जुड़ा व्यवसाय करते हैं, उन्हें व्यावसायिक साझेदारियों में अत्यधिक भरोसा करने से बचना चाहिए और हर दस्तावेज़ की बारीकी से जांच करनी चाहिए। इस ग्रह योग के प्रतिकूल प्रभावों को शांत करने के लिए भगवान शिव के मंत्रों का नियमपूर्वक जप करने का परामर्श दिया जाता है।

## सिंह राशि के लिए दुर्घटना और अचानक वित्तीय उतार-चढ़ाव की चेतावनी
सिंह राशि के जातकों के लिए विष योग का निर्माण उनकी कुंडली के आठवें भाव में होने जा रहा है। अष्टम भाव को ज्योतिष में संकट, भय, अप्रत्याशित बाधाओं और दुर्घटनाओं का कारक भाव माना गया है। लिहाजा, इस समयावधि में सड़क पर वाहन चलाते समय अत्यधिक संयम और नियमों का पालन करना अनिवार्य है, क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही नुकसानदेह साबित हो सकती है।

शारीरिक व्याधियों और स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर भी बिल्कुल लापरवाही न बरतें। आजीविका और वित्तीय मामलों में कोई भी नया या बड़ा फैसला वरिष्ठ लोगों अथवा विशेषज्ञों की सलाह के बिना न लें। सट्टेबाजी, अनिश्चित निवेश और लॉटरी जैसे जोखिम भरे माध्यमों से दूरी बनाए रखना ही श्रेयस्कर होगा, अन्यथा जमा पूंजी संकट में पड़ सकती है। इस कठिन योग के निवारण हेतु सिंह राशि वालों को रोजाना एकाग्रचित्त होकर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

## तुला राशि के जातकों को रोग, शत्रु और अदालती मामलों से सतर्कता जरूरी
तुला राशि के जातकों के लिए शनि और चंद्रमा की यह युति छठे भाव में बन रही है। षष्ठ भाव को रोग, ऋण, शत्रु और कानूनी विवादों का कारक माना जाता है। इस भाव में विष योग बनने से स्वास्थ्य पर सीधा विपरीत असर पड़ने की आशंका रहती है। खानपान में अनियमिता पुरानी बीमारियों को पुनः सक्रिय कर सकती है, इसलिए संतुलित आहार और संयमित जीवनशैली अपनाएं।

कार्यस्थल पर काम करते हुए अपने गुप्त शत्रुओं और प्रतिद्वंद्वियों से सावधान रहना जरूरी होगा। अपनी व्यावसायिक योजनाओं या महत्वपूर्ण गोपनीय बातों को किसी भी सहयोगी के साथ साझा न करें। आर्थिक स्तर पर अप्रत्याशित खर्चे सामने आ सकते हैं, जिससे अनिच्छा के बावजूद भारी धनराशि खर्च करनी पड़ सकती है। यदि कोई विवाद या कोर्ट-कचहरी का मामला चल रहा है, तो वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतें। प्रतिकूल प्रभावों में कमी लाने के लिए शिवलिंग पर श्रद्धापूर्वक बेलपत्र अर्पित करने का विधान फलदायी माना गया है।

## इसका आप पर असर
26 सितंबर को बनने वाले विष योग का सीधा प्रभाव व्यक्तिगत बजट, दैनिक यात्रा और स्वास्थ्य प्रबंधन पर पड़ सकता है।

- **बजट और खर्च:** मेष और तुला राशि के जातकों को अनियोजित खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान किसी को भी उधार देने या बिना सोचे-समझे खरीदारी करने से पूरी तरह बचना चाहिए।
- **यात्रा और वाहन सुरक्षा:** सिंह राशि के जातकों के लिए दुर्घटना के योग की चेतावनी दी गई है। तेज गति से वाहन चलाने से बचें और सड़क पर पूरी तरह सतर्क रहें।
- **खानपान और सेहत:** तुला और मेष राशि के लोगों को सिर, आंखों या पाचन से जुड़ी समस्याओं का जोखिम है। संतुलित भोजन करें और किसी भी पुराने लक्षण को नजरअंदाज न करें।
- **कार्यक्षेत्र की गोपनीयता:** दफ्तर और कारोबार में गुप्त प्रतिद्वंद्विता बढ़ सकती है। अपनी योजनाओं को दूसरों से साझा न करें और विदेशी सौदों में सतर्कता रखें।

## ऐसा क्यों हुआ
यह ज्योतिषीय स्थिति चंद्रमा के गोचर और मीन राशि में पहले से मौजूद शनि ग्रह के संयोग के कारण उत्पन्न हो रही है।

- **गोचर की खगोलीय स्थिति:** 26 सितंबर की सुबह चंद्रमा कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर रहे हैं। मीन राशि में शनि का संचरण पहले से जारी होने के कारण दोनों ग्रहों का एक ही भाव में संयोजन हो रहा है।
- **विष योग की शास्त्रीय परिभाषा:** ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब भी मंद गति वाले शनि और तीव्र गति वाले चंद्रमा की युति होती है, तो उसे विष योग कहा जाता है। यह संयोजन भावनाओं और स्थिरता में द्वंद्व पैदा करने वाला माना जाता है।
- **भावों का विशेष प्रभाव:** यह योग मेष के लिए बारहवें, सिंह के लिए आठवें और तुला के लिए छठे भाव में बन रहा है। ये तीनों भाव ज्योतिष में त्रिक या प्रतिकूल भाव माने जाते हैं, जिससे इन राशियों पर इसका प्रभाव अधिक संवेदनशील हो जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. विष योग का निर्माण कब और किस राशि में हो रहा है?
यह योग 26 सितंबर को पूर्णिमा के दिन सुबह के समय मीन राशि में चंद्रमा और शनि की युति से बन रहा है।

### 2. इस योग से किन राशियों को सबसे अधिक सतर्क रहने की जरूरत है?
मेष, सिंह और तुला राशि के जातकों को इस अवधि में स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतनी होगी।

### 3. मेष राशि के जातकों को इस दौरान क्या सावधानी और उपाय करने चाहिए?
उन्हें अचानक बढ़ने वाले खर्चों और सिर-आंखों की तकलीफों से सावधान रहना चाहिए तथा भगवान शिव के मंत्रों का जप करना चाहिए।

### 4. सिंह राशि के लोगों को किस बात पर विशेष ध्यान देना होगा?
सिंह राशि वालों को वाहन चलाते समय सतर्कता बरतनी चाहिए, सट्टेबाजी से दूर रहना चाहिए और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

### 5. तुला राशि के जातकों के लिए ज्योतिषीय उपाय क्या बताया गया है?
तुला राशि के जातकों को गुप्त शत्रुओं व खानपान पर ध्यान देने के साथ-साथ शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने की सलाह दी गई है।

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