पंचांग 4 नवंबर 2026: रमा एकादशी तिथि का आरंभ, बुधवार पूजा विधि और चौघड़िया मुहूर्त कार्तिक कृष्ण दशमी के उपरांत रमा एकादशी तिथि का प्रवेश हो रहा है, जानें बुधवार के समस्त शुभ चौघड़िया और राहुकाल का समय। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में बुधवार, 4 नवंबर 2026 का पंचांग धार्मिक नियमों, व्रत के संकल्पों और दैनिक कार्यों के निर्धारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन प्रातः काल दशमी तिथि प्रभावी रहेगी, जिसके उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ होगा। वैदिक परंपरा में बुधवार का दिन विशेष रूप से भगवान गणेश की आराधना और बुध ग्रह की शांति के उपायों के लिए निर्धारित है। मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु को विघ्नहर्ता और ज्ञान का देवता माना जाता है, जबकि गणेश जी की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से व्यक्ति की जन्मकुंडली में बुध ग्रह की स्थिति सशक्त होती है। जब कुंडली में बुध ग्रह अनुकूल और बलवान स्थिति में होता है, तो साधक की मानसिक एकाग्रता तीव्र होती है और उसके निर्णय लेने की क्षमता में व्यापक सुधार आता है। बुधवार की विशेष पूजा और अचूक उपाय बुधवार के दिन भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से भक्तजन विभिन्न अनुष्ठानों और नियमों का पालन करते हैं। शास्त्रों में वर्णित मान्यताओं के अनुसार, गणपति बप्पा की आराधना के समय उन्हें दूर्वा अर्पित करना सर्वाधिक कल्याणकारी और शुभ परिणाम देने वाला उपाय स्वीकार किया गया है। दूर्वा घास अर्पित करने से विघ्नहर्ता शीघ्र प्रसन्न होते हैं और जीवन के समस्त संकटों को दूर करते हैं। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए अनेक श्रद्धालु बुधवार के दिन नियमित व्रत का पालन करते हैं और विशेष पूजा-अर्चना संपन्न करते हैं। इसके अतिरिक्त, दान-पुण्य के दृष्टिकोण से बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल का दान करना सर्वोत्तम माना गया है। साथ ही गाय को हरा चारा खिलाना अत्यंत पुण्यकारी कर्म स्वीकार किया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस प्रकार के परोपकारी कार्यों को श्रद्धापूर्वक संपन्न करने से गृहस्थ जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और निरंतर खुशहाली का संचार होता है तथा आर्थिक अथवा पारिवारिक बाधाएं समाप्त होने लगती हैं। संवत्, तिथि और दैनिक पंचांग गणना दैनिक काल गणना के अंतर्गत इस दिन शक संवत् 1948 का 13 कार्तिक (सौर) दर्ज है। पंजाब पंचांग की गणना के अनुसार यह 19 कार्तिक मास प्रविष्टे 2083 है, जबकि इस्लामिक हिजरी कैलेंडर के अनुसार 23 जमादि उल्लावल 1448 की तिथि है। विक्रमी संवत् के अनुसार यह कार्तिक कृष्ण दशमी का दिन है। तिथिवार स्थिति को देखें तो दशमी तिथि प्रातः काल 11.04 मिनट तक ही मान्य रहेगी। इसके तुरंत पश्चात यानी प्रातः 11.04 मिनट के बाद एकादशी तिथि लग जाएगी, जिससे रमा एकादशी व्रत के नियमों और पूजन का क्रम प्रारंभ होता है। नक्षत्रों के क्रम में पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र रात्रि 03.30 मिनट तक विद्यमान रहेगा। योग गणना की दृष्टि से ब्रह्म योग प्रातः काल 08.01 मिनट तक सक्रिय रहेगा। इसके उपरांत इंद्र योग का प्रभाव आरंभ होगा जो अगले सूर्योदय से पूर्व प्रातः 06.27 मिनट तक प्रभावी रहेगा, और उसके बाद वैधृति योग का संचार होगा। चंद्र संचरण के तहत चंद्रमा संपूर्ण दिन-रात सिंह राशि में ही विराजमान रहेंगे। सूर्यदेव वर्तमान में दक्षिणायन गति में स्थित हैं, ऋतु शरद है तथा इस दिन उत्तर दिशा का दिशाशूल मान्य रहेगा, अतः उत्तर दिशा की यात्रा में शास्त्रीय नियमों का ध्यान रखना चाहिए। दिन के प्रमुख शुभ एवं अमृत मुहूर्त सनातन परंपरा में प्रत्येक मांगलिक, धार्मिक और सांसारिक कार्य के लिए शुभ काल और चौघड़िया का विशेष महत्व माना गया है। दिन की शुरुआत में ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह 4:51 बजे से आरंभ होकर सुबह 5:43 बजे तक बना रहेगा, जो योग, ध्यान और स्वाध्याय के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। दिन का मुख्य शुभ समय प्रातः 06.35 मिनट से प्रातः 07.57 मिनट तक रहेगा। वहीं सायंकाल के समय प्रदोष काल शाम 05:34 बजे से रात्रि 08:10 बजे तक रहेगा, जिसमें संध्या वंदन एवं देव आराधना फलदायी होती है। इसके पश्चात रात्रि के समय अमृतकाल रात 09:24 बजे से रात 11:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। दिन के चौघड़िया मुहूर्तों का विवरण बुधवार को दिन भर के कार्यों के संपादन के लिए चौघड़िया मुहूर्त इस प्रकार निर्धारित हैं • लाभ चौघड़िया: सुबह 06:35 बजे से सुबह 07:57 बजे तक लाभ का समय रहेगा, जो नए कार्य की शुरुआत के लिए अनुकूल है। • अमृत चौघड़िया (सर्वोत्तम शुभ): सुबह 07:57 बजे से सुबह 09:20 बजे तक अमृत चौघड़िया प्रभावी रहेगा, जिसे सर्वश्रेष्ठ शुभ माना गया है। • शुभ चौघड़िया: सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक शुभ का समय रहेगा। • चर चौघड़िया: दोपहर 02:49 बजे से शाम 04:11 बजे तक चर चौघड़िया रहेगा, जो यात्रा या गतिशीलता से जुड़े कार्यों के लिए उपयुक्त है। • लाभ चौघड़िया: शाम 04:12 बजे से शाम 05:34 बजे तक पुनः लाभ चौघड़िया का समय रहेगा। अशुभ काल और सावधानी का समय शास्त्रों के अनुसार शुभ कार्यों के संपादन के समय अशुभ और वर्जित मुहूर्तों का पूर्ण परिहार करना अनिवार्य होता है। इस दिन राहुकाल दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 01.30 मिनट तक रहेगा, जिसमें किसी भी नए या मांगलिक कार्य का आरंभ सर्वथा वर्जित माना जाता है। इसके अतिरिक्त यमगंड काल सुबह 08:00 बजे से सुबह 09:24 बजे तक रहेगा तथा गुलिक काल सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक रहेगा। सावधानी बरतने के लिए निर्धारित विशेष समय प्रातः 09.20 मिनट से प्रातः 10.42 मिनट तक और दोपहर 01.26 मिनट से दोपहर 02.49 मिनट तक रहेगा, जिसमें सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। इसका आप पर असर दैनिक पंचांग की यह गणना पाठकों को धार्मिक अनुष्ठानों के संकल्प और अपने महत्वपूर्ण कार्यों को सही समय पर आयोजित करने में सहायता करती है। • दैनिक कार्यों के लिए: सुबह 07:57 बजे से 09:20 बजे तक का अमृत चौघड़िया किसी भी नए कार्य के लिए सबसे उत्तम रहेगा। इस समय शुरू किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक मानी जाती है। • व्रत और पूजा के लिए: एकादशी तिथि का आरंभ प्रातः 11.04 मिनट के बाद होगा। रमा एकादशी के नियमों का पालन करने वाले श्रद्धालु इस समय के बाद पूजा और संकल्प संपन्न कर सकते हैं। • वर्जित समय से बचाव: दोपहर 12 बजे से 01.30 बजे के बीच राहुकाल प्रभावी रहेगा। इस अवधि में नए अनुबंध, लेन-देन या यात्रा का आरंभ करने से बचना चाहिए। • उपाय और दान के लिए: बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल और गाय को हरा चारा खिलाने का उपाय बताया गया है। इसे सुबह के शुभ चौघड़िया में संपन्न करना अधिक कल्याणकारी माना जाता है। सवाल-जवाब 1. 4 नवंबर 2026 को एकादशी तिथि कब से प्रारंभ हो रही है? इस दिन प्रातः काल 11.04 मिनट तक दशमी तिथि रहेगी और प्रातः 11.04 मिनट के पश्चात एकादशी तिथि आरंभ होगी। 2. बुधवार, 4 नवंबर 2026 को राहुकाल का समय क्या है? इस दिन राहुकाल दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 01:30 बजे तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं। 3. 4 नवंबर 2026 को सर्वोत्तम शुभ अमृत चौघड़िया कब रहेगा? अमृत चौघड़िया सुबह 07:57 बजे से सुबह 09:20 बजे तक रहेगा, जिसे सर्वोत्तम शुभ माना गया है। 4. बुधवार के दिन भगवान गणेश को क्या अर्पित करना लाभकारी माना गया है? बुधवार की पूजा में भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करना सर्वाधिक शुभ और लाभकारी उपाय माना गया है। 5. इस दिन कौन सा नक्षत्र और योग सक्रिय रहेगा? रात्रि 03.30 मिनट तक पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा, जबकि प्रातः 08.01 मिनट तक ब्रह्म योग और उसके बाद इंद्र योग रहेगा। https://trendkia.com/astrology/pnchanga-4-november-2026-rama-ekadashi-tithi-ka-arnbha-budhavara-puja-vidhi-aura-choghadiya-muhurta-56033 TrendKia — Har trend, sabse pehle.