# साल 2027 में शनि के मेष राशि में गोचर से बदलेगी साढ़ेसाती की चाल, जानिए किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव

> शनि देव के मेष राशि में प्रवेश के साथ ही कुंभ राशि को साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी, जबकि वृषभ राशि पर इसका नया दौर शुरू होगा और मेष व मीन राशि के चरण बदलेंगे।

**Type:** article · **Category:** राशिफल · **Published:** 2026-10-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/astrology/sala-2027-men-shani-ke-aries-rashi-men-gochara-se-badalegi-sarhesati-ki-chala-janie-kina-rashiyon-para-parega-prabhava-51943 · **Language:** Hindi
**Tags:** शनि साढ़ेसाती, शनि गोचर 2027, मेष राशि, मीन राशि, कुंभ राशि, वृषभ राशि, शनि के उपाय

वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि ग्रह के राशि परिवर्तन का मानव जीवन और विभिन्न राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। जब भी शनि एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं, तो कई राशियों पर शनि की साढ़ेसाती के अलग-अलग चरण शुरू या समाप्त होते हैं। वर्तमान समय में मेष, मीन और कुंभ राशि के जातक शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव में हैं। वर्ष 2027 में जब शनि देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब ग्रहों की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस महत्वपूर्ण गोचर के चलते कुछ राशियों को साढ़ेसाती के लंबे दौर से राहत मिलेगी, तो वहीं कुछ अन्य राशियों पर इसके नए चरण अथवा नए चक्र की शुरुआत होगी।

## मेष राशि पर शुरू होगा साढ़ेसाती का दूसरा चरण
इस समय मेष राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार पहला चरण मानसिक चिंताओं और उतार-चढ़ाव से जुड़ा माना जाता है। वर्ष 2027 में जब शनि का गोचर स्वयं मेष राशि में होगा, तब मेष राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण प्रारंभ हो जाएगा। साढ़ेसाती का यह मध्य चरण सबसे अधिक महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जाता है, जिसमें व्यक्ति को अपने कर्म, कार्यक्षेत्र और व्यक्तिगत जीवन में विशेष सावधानी तथा अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता होती है।

## मीन राशि के लिए अंतिम चरण की शुरुआत
मीन राशि के जातकों की बात करें तो वर्तमान काल में उन पर साढ़ेसाती का दूसरा दौर प्रभावी है। वर्ष 2027 में शनि ग्रह जब मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे, तब मीन राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का तीसरा और आखिरी चरण शुरू हो जाएगा। तीसरे चरण में आमतौर पर पूर्व में किए गए परिश्रम के फल मिलने लगते हैं और साढ़ेसाती का प्रभाव धीरे-धीरे ढलान पर आ जाता है, जिससे मानसिक तनाव में कमी आने के संकेत मिलते हैं।

## कुंभ राशि को मिलेगी साढ़ेसाती से पूर्ण मुक्ति
कुंभ राशि के जातक इस समय साढ़ेसाती के तीसरे व अंतिम चरण से गुजर रहे हैं। पिछले लंबे समय से साढ़ेसाती के प्रभाव को झेल रहे कुंभ राशि के लोगों के लिए वर्ष 2027 का गोचर बेहद राहत भरा साबित होने वाला है। जैसे ही शनि देव मेष राशि में दाखिल होंगे, वैसे ही कुंभ राशि से साढ़ेसाती का प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। इसके बाद कुंभ राशि के जातक साढ़ेसाती के दबाव से मुक्त होकर अपने अटके हुए कार्यों को आगे बढ़ा सकेंगे।

## वृषभ राशि पर प्रारंभ होगा साढ़ेसाती का पहला दौर
शनि के मेष राशि में गोचर करते ही वृषभ राशि के जातकों के लिए एक नया ज्योतिषीय चक्र शुरू होगा। इस गोचर के साथ ही वृषभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण आरंभ हो जाएगा। साढ़ेसाती के प्रथम चरण के आगमन के कारण वृषभ राशि के जातकों को अपनी वित्तीय स्थिति, करियर के फैसलों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति पहले से अधिक सतर्क और सजग रहना होगा।

## शनि देव की कृपा पाने और दुष्प्रभाव कम करने के सरल उपाय
शनि के अशुभ प्रभावों से बचाव और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में कई व्यावहारिक और धार्मिक उपाय बताए गए हैं। इन उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल करके साढ़ेसाती के प्रभाव को काफी हद तक अनुकूल बनाया जा सकता है

- **दीपक जलाएं:** शनिवार के दिन शाम के समय सरसों के तेल में काले तिल मिलाकर शनि मंदिर में दीपक प्रज्वलित करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
- **आचरण में सुधार:** घर या कार्यस्थल पर वृद्ध और बुजुर्ग व्यक्तियों के साथ-साथ नौकर-चाकर तथा सहायकों के साथ अपना व्यवहार हमेशा विनम्र और सम्मानजनक रखें, क्योंकि शनि देव न्याय और मानवीय व्यवहार को विशेष महत्व देते हैं।
- **मंत्र जप:** नियमित रूप से शनि देव के मूल मंत्र _ॐ शं शनैश्चराय नमः_ का शांत मन से जप करें।
- **चालीसा पाठ:** प्रतिदिन हनुमान चालीसा और शनि चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से भी संकटों का निवारण होता है और शनि देव प्रसन्न होते हैं।

## इसका आप पर असर
शनि के मेष राशि में गोचर से चार राशियों के जीवन में साढ़ेसाती के चरणों में सीधा फेरबदल देखने को मिलेगा।

- **कुंभ राशि के जातकों पर:** वर्ष 2027 में साढ़ेसाती का प्रभाव समाप्त हो जाएगा। इसके बाद लंबे समय से चले आ रहे मानसिक तनाव और कार्यक्षेत्र की रुकावटों से मुक्ति मिलेगी।
- **मेष राशि के जातकों पर:** साढ़ेसाती का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू होगा। इस दौरान जातकों को अपने कर्म, कार्यस्थल और व्यवहार में विशेष सतर्कता और अनुशासन बरतना होगा।
- **मीन राशि के जातकों पर:** साढ़ेसाती का तीसरा और अंतिम चरण प्रभावी होगा। इससे पूर्व के कठिन समय से राहत मिलने लगेगी और योजनाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
- **वृषभ राशि के जातकों पर:** साढ़ेसाती का पहला चरण प्रारंभ होगा। इसके चलते आर्थिक लेन-देन और नए निवेश के फैसलों में अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
- **दैनिक जीवन में उपाय:** शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाने और बुजुर्गों व सहायकों का आदर करने की सलाह दी जाती है। इन उपायों को अपनाने से शनि के प्रतिकूल प्रभाव को शांत किया जा सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह के एक निश्चित समयावधि के बाद होने वाले राशि परिवर्तन के कारण साढ़ेसाती की स्थिति में यह बदलाव आ रहा है।

- **गोचर की प्रकृति:** शनि देव का राशि चक्र में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना इस बदलाव का मुख्य कारण है। वर्ष 2027 में शनि ग्रह का गोचर मेष राशि में निर्धारित है।
- **साढ़ेसाती का सिद्धांत:** जब शनि किसी जन्म राशि से बारहवें, पहले या दूसरे भाव में स्थित होते हैं, तब साढ़ेसाती का प्रभाव रहता है। शनि के मेष में जाने से मेष से जुड़े पिछले और अगले भावों के समीकरण बदलेंगे।
- **कुंभ राशि की मुक्ति:** कुंभ राशि में साढ़ेसाती का अंतिम दौर चल रहा है। जैसे ही शनि मेष राशि में आगे बढ़ेंगे, कुंभ राशि शनि के प्रभाव क्षेत्र से बाहर निकल जाएगी।
- **वृषभ राशि का आगमन:** वृषभ राशि से बारहवें भाव में मेष राशि आती है। इसलिए शनि के मेष राशि में पहुंचते ही वृषभ राशि पर साढ़ेसाती का प्रथम चरण शुरू हो जाएगा।

## सवाल-जवाब

### 1. वर्ष 2027 में शनि किस राशि में गोचर करेंगे?
वर्ष 2027 में शनि देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे।

### 2. शनि के मेष राशि में जाने से किस राशि की साढ़ेसाती समाप्त होगी?
शनि के मेष राशि में गोचर करते ही कुंभ राशि पर से साढ़ेसाती का प्रभाव समाप्त हो जाएगा।

### 3. वर्ष 2027 में किस राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा?
शनि के मेष राशि में गोचर करने पर वृषभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का पहला चरण प्रारंभ होगा।

### 4. वर्तमान में मेष और मीन राशि पर साढ़ेसाती का कौन सा चरण चल रहा है?
वर्तमान में मेष राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण और मीन राशि पर दूसरा चरण चल रहा है।

### 5. शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए कौन से मंत्र का जप करना चाहिए?
शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का नियमित जप करने की सलाह दी जाती है।

### 6. शनिवार की शाम को मंदिर में क्या उपाय करने की सलाह दी गई है?
शनिवार की शाम को सरसों के तेल में काले तिल मिलाकर शनि मंदिर में दीपक जलाने का उपाय बताया गया है।

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