सितंबर 2025 में लगेंगे दो ग्रहण, 7 और 21 सितंबर को आसमान में दिखेगा अनोखा खगोलीय नजारा साल 2025 के सितंबर महीने में महज 15 दिनों के भीतर एक चंद्र ग्रहण और एक सूर्य ग्रहण लगने वाला है। ज्योतिषीय मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों के अनुसार एक महीने में दो ग्रहण होना बड़े बदलाव और प्राकृतिक उथल-पुथल का संकेत देता है। खगोलीय दृष्टिकोण से सूर्य और चंद्र ग्रहण को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इन घटनाओं को और भी खास स्थान दिया गया है। आने वाले सितंबर महीने में खगोलीय दुनिया में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है, क्योंकि महज पंद्रह दिनों के अंतराल पर दो ग्रहण लगने जा रहे हैं। महीने की शुरुआत में पहले चंद्र ग्रहण लगेगा और उसके ठीक पंद्रह दिन बाद सूर्य ग्रहण अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। ज्योतिष ग्रंथों में एक ही महीने के भीतर दो ग्रहण लगने की इस स्थिति को बहुत अहम माना गया है और इसे कई बार बड़े संकट या आपदाओं से भी जोड़ा जाता है। साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर सुभाष पांडेय के अनुसार, सितंबर की 7 तारीख को साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह खगोलीय घटना भारत समेत दुनिया के कई अन्य हिस्सों में भी साफ तौर पर दिखाई देगी। वैदिक पंचांग के मुताबिक इस दिन भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि है। भारतीय समयानुसार इस ग्रहण की शुरुआत रात 9 बजकर 57 मिनट पर होगी। इसका मध्यकाल रात 11 बजकर 41 मिनट पर आएगा, जबकि इस चंद्र ग्रहण का समापन रात्रि 1 बजकर 27 मिनट पर होगा। 21 सितंबर को लगेगा सूर्य ग्रहण इसके ठीक बाद अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि यानी 21 सितंबर को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस दिन पितृ अमावस्या का संयोग है। प्रोफेसर सुभाष पांडेय ने जानकारी दी कि 21 सितंबर को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण एक खंड ग्रास ग्रहण है, जिसका असर पूरी पृथ्वी पर नहीं पड़ेगा यानी यह चुनिंदा देशों में ही नजर आएगा। पंचांग के अनुसार यह ग्रहण न्यूजीलैंड, पूर्वी मलेशिया, दक्षिणी पोलिनेशिया और पश्चिमी अंटार्कटिका के क्षेत्रों में दिखाई देगा। खास बात यह है कि यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। भारतीय समयानुसार इस ग्रहण की शुरुआत रात 11 बजे होगी और इसका मोक्ष रात्रि 3 बजकर 24 मिनट पर होगा। प्राकृतिक आपदाओं और संकट का संकेत महान खगोलशास्त्री वराहमिहिर द्वारा रचित प्रसिद्ध ग्रंथ बृहत्संहिता में इस बात का विस्तार से उल्लेख मिलता है कि जब एक ही महीने में दो ग्रहण पड़ते हैं, तो इसके क्या परिणाम हो सकते हैं। इस प्राचीन ग्रंथ के अनुसार ऐसी खगोलीय स्थिति बनने पर भूकंप, सुनामी, भयंकर तूफान और किसी बड़ी जनहानि की आशंका काफी हद तक बढ़ जाती है। इसके अलावा इस अवधि में दो देशों के बीच आपसी तनाव बढ़ने की भी संभावना जताई गई है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है और लोगों के बीच अफरा-तफरा का माहौल बन सकता है। इसका आप पर असर सितंबर 2025 में लगने वाले इन दो ग्रहणों का प्रभाव देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों पर देखने को मिल सकता है। • भारत में: 7 सितंबर को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जबकि 21 सितंबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण देश में नजर नहीं आएगा। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार देश के कई हिस्सों में लोग इस दौरान सूतक काल और अनुष्ठानों का पालन करेंगे। • वैश्विक स्तर पर: न्यूजीलैंड, मलेशिया, पोलिनेशिया और अंटार्कटिका में सूर्य ग्रहण के दर्शन होंगे। प्राचीन ग्रंथों की भविष्यवाणियों के आधार पर ज्योतिषीय जानकारों का मानना है कि इस अवधि के दौरान दुनिया भर में प्राकृतिक आपदाओं और राजनीतिक तनावों को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ सितंबर महीने में दो ग्रहणों के एक साथ लगने की यह खगोलीय स्थिति पंचांग की तिथियों के विशिष्ट मेल के कारण बन रही है। • खगोलीय और पंचांग गणना: वैदिक पंचांग के अनुसार भाद्रपद पूर्णिमा और आश्विन अमावस्या के चक्र के कारण 15 दिनों के भीतर चंद्र और सूर्य ग्रहण का यह दुर्लभ संयोग बन रहा है। • प्राचीन ग्रंथों के संदर्भ: वराहमिहिर रचित बृहत्संहिता में इस बात का विस्तार से उल्लेख है कि एक ही महीने में दो ग्रहण किस प्रकार प्राकृतिक और वातावरणीय संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। • भौगोलिक दृश्यता: पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के सापेक्षित स्थिति के कारण पहला ग्रहण भारत सहित कई देशों में दिखता है, जबकि दूसरा ग्रहण केवल दक्षिणी गोलार्ध के चुनिंदा हिस्सों तक सीमित रहता है। सवाल-जवाब 1. सितंबर 2025 में कितने ग्रहण लगेंगे? सितंबर 2025 में कुल दो ग्रहण लगेंगे, जिसमें एक चंद्र ग्रहण और एक सूर्य ग्रहण शामिल है। 2. साल का दूसरा चंद्र ग्रहण कब है? साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 को लगेगा। 3. क्या 21 सितंबर का सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा? नहीं, 21 सितंबर 2025 को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। 4. चंद्र ग्रहण की शुरुआत भारतीय समयानुसार कब होगी? 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण की शुरुआत रात्रि 9 बजकर 57 मिनट पर होगी। 5. एक महीने में दो ग्रहण लगने के बारे में प्राचीन ग्रंथों में क्या कहा गया है? वराहमिहिर के ग्रंथ बृहत्संहिता के अनुसार एक महीने में दो ग्रहण होना भूकंप, सुनामी और प्राकृतिक आपदाओं की संभावना को बढ़ा सकता है। https://trendkia.com/astrology/sitnbara-2025-men-lagenge-do-grahana-7-aura-21-sitnbara-ko-asamana-men-dikhega-anokha-khagoliya-najara-50864 TrendKia — Har trend, sabse pehle.