सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से इन छह राशियों पर मंडराया संकट, 24 अक्टूबर से रहना होगा बेहद सतर्क ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 24 अक्टूबर 2026 को सूर्य स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जहां वे 6 नवंबर 2026 तक रहेंगे। इस दौरान राहु के प्रभाव के कारण छह विशेष राशियों के जातकों को धन, सेहत और करियर के मोर्चे पर खासी सावधानियां बरतनी होंगी। ग्रहों के राजा सूर्य एक निश्चित समयावधि के भीतर अपने नक्षत्र में बदलाव करते रहते हैं। वर्तमान समय में सूर्य चित्रा नक्षत्र में स्थित हैं और आगामी 24 अक्टूबर 2026 को यह स्वाति नक्षत्र में अपना गोचर करेंगे। इस नक्षत्र गोचर के बाद सूर्य 6 नवंबर 2026 को शाम 4 बजे तक इसी स्वाति नक्षत्र के दायरे में बने रहेंगे। वैदिक ज्योतिष में स्वाति नक्षत्र का आधिपत्य राहु ग्रह के पास माना गया है। राहु को एक मायावी ग्रह की संज्ञा दी गई है जो मुख्य रूप से भ्रम की स्थिति और अचानक घटित होने वाली घटनाओं का कारक बनता है, जबकि दूसरी ओर सूर्य को एक अत्यंत शुभ ग्रह माना गया है जो व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, ऊर्जा और जीवन में पिता के कारक के रूप में देखे जाते हैं। जब भी किसी ग्रह का राशि परिवर्तन या नक्षत्र गोचर होता है, तो वह जिस भी ग्रह के नक्षत्र या राशि में प्रवेश करता है, उस दूसरे ग्रह का प्रभाव भी उस पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। स्वाति नक्षत्र में आने के कारण सूर्य कुछ दिनों के लिए सीधे तौर पर राहु के प्रभाव के घेरे में आ जाएंगे, जिसका देश की कई राशियों पर नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। राहु के प्रभाव से ग्रसित होकर सूर्य इन राशियों के जातकों को भ्रामक समाचार, आर्थिक मोर्चे पर मुश्किलें, शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और कार्यस्थल पर नौकरी में विभिन्न प्रकार की दिक्कतें प्रदान कर सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि सूर्य के इस गोचर काल के दौरान किन-किन राशियों के लोगों को खास तौर पर सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी। मेष राशि सूर्य गोचर की इस अवधि के दौरान मेष राशि के जातकों को अपने व्यावसायिक साझेदारों यानी बिजनेस पार्टनरशिप में बहुत अधिक ध्यान रखने की जरूरत होगी। पारिवारिक सदस्यों के बीच आपसी अनबन या वैचारिक मतभेद उत्पन्न होने के प्रबल संकेत मिल रहे हैं। यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो फिलहाल यह समय उसके लिए बिल्कुल अनुकूल नहीं कहा जा सकता है। धन के लेन-देन या उससे जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण फैसले को इस गोचर काल में फिलहाल टाल देना ही समझदारी होगी। इसके अलावा अपने जीवनसाथी के साथ संबंधों में तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। स्वास्थ्य के लिहाज से पेट से जुड़ी शारीरिक दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है। वृषभ राशि वृषभ राशि के लोगों को इस समयावधि में बेवजह के फालतू खर्चों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे बजट बिगड़ सकता है। किसी भी प्रकार के कर्ज या बाजार से उधार लेने की स्थिति से पूरी तरह बचने का प्रयास करें। इस दौरान आपको अनचाही यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं, जिनसे केवल शारीरिक कष्ट ही हासिल होगा। परिवार के भीतर आपसी सदस्यों के बीच तनाव का माहौल बन सकता है। व्यापार के क्षेत्र में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी जिससे मानसिक अशांति हो सकती है। कार्यस्थल पर आपके उच्चाधिकारी आपके कार्य निष्पादन से नाखुश नजर आ सकते हैं, इसलिए अपने काम में पूरी तरह मुस्तैद रहें। कर्क राशि कर्क राशि के जातकों को इस विशेष गोचर काल के दौरान अपनी माता के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता सता सकती है। परिवार के अंदर किसी बात को लेकर कलह होने के स्पष्ट संकेत दिखाई दे रहे हैं, इसलिए घर के किसी भी छोटे-बड़े मामले को पूरी तरह शांति के साथ हल करने का प्रयास करें। कार्यस्थल पर आप किसी छिपी हुई साजिश का शिकार बन सकते हैं, जिसके चलते आपको अत्यधिक सावधान रहने की आवश्यकता महसूस होगी। मन के भीतर एक अजीब सी असंतोष की भावना घर कर सकती है। इस दौरान आप अपने भीतर आत्मविश्वास में खासी कमी महसूस करेंगे, जिससे आपके निर्णय प्रभावित हो सकते हैं। सिंह राशि सिंह राशि वाले लोगों को इस गोचर काल के दौरान अचानक से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। विशेष तौर पर आंख या सिर से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। आपके विरोधी इस दौरान अधिक सक्रिय हो जाएंगे और आपको नुकसान पहुंचाने का कोई भी अवसर नहीं छोड़ेंगे। धन-दौलत के मामलों में आपको अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। किसी भी प्रकार के फैसले जल्दबाजी या हड़बड़ी में आकर बिल्कुल न लें, अन्यथा बाद में भारी पछतावा हो सकता है। कन्या राशि कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय किसी भी चीज की अति से बचने का संकेत दे रहा है। जीवन के किसी भी क्षेत्र में या पैसे के लेन-देन के मामलों में किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करने की भूल बिल्कुल न करें। आपकी अपनी ही बोली गई बातों से आपके किसी अपने करीबी व्यक्ति को गहरी ठेस पहुंच सकती है, इसलिए अपने शब्दों का चयन बहुत अधिक सोच-समझकर ही करें। समाज में आपकी मान-प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। इसके अलावा आपको विभिन्न प्रकार की सेहत से जुड़ी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है, जिनका असर आपके दैनिक जीवन पर पड़ेगा। मकर राशि मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य के इस नक्षत्र परिवर्तन का पूरा समय भारी उतार-चढ़ाव से भरा हुआ साबित हो सकता है। जीवन में किसी प्रकार के अशुभ समाचार के मिलने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं, जिससे मन विचलित हो सकता है। आप मानसिक तौर पर लंबे समय तक परेशान रह सकते हैं। आपके अनाप-शनाप और बेहिसाब खर्च आपको गंभीर कर्ज की स्थिति में ला सकते हैं। व्यावसायिक तौर पर तमाम तरह की परेशानियां आपका पीछा नहीं छोड़ेंगी। परिवार से जुड़े अनसुलझे मामले भी आपको भारी मानसिक तनाव दे सकते हैं। इस विशेष समय अवधि में लंबी दूरी की यात्राएं करने से पूरी तरह बचना ही बेहतर होगा। इसका आप पर असर सूर्य के स्वाति नक्षत्र में प्रवेश और राहु के प्रभाव के कारण देश भर के विभिन्न राशि के जातकों को आगामी कुछ हफ्तों तक धन, सेहत और करियर के मामलों में विशेष सावधानी बरतनी होगी। • धन और निवेश: मेष और वृषभ जैसी राशियों के जातकों को इस गोचर काल में बड़े वित्तीय निर्णय टालने और कर्ज से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से अनावश्यक आर्थिक नुकसान और कर्ज के बोझ से बचा जा सकेगा। • करियर और व्यवसाय: कार्यस्थल पर साजिश और उच्चाधिकारियों की नाराजगी से बचने के लिए सतर्क रहें। व्यावसायिक मामलों में पारदर्शिता रखने से नौकरी और व्यापार में आने वाले संकटों को टाला जा सकता है। • पारिवारिक जीवन: घर-परिवार में कलह और मतभेदों को बढ़ने न दें और हर विवाद को शांति से सुलझाएं। इससे घरेलू शांति बनी रहेगी और मानसिक तनाव कम होगा। • स्वास्थ्य और सेहत: पेट, आंख, सिर और माता के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के प्रति सचेत रहें। समय पर डॉक्टर से परामर्श करने से गंभीर बीमारियों के खतरे को समय रहते रोका जा सकेगा। ऐसा क्यों हुआ सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन ग्रहों की नियमित चाल के तहत होता है, लेकिन इस बार स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहु का प्रभाव स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना रहा है। • नक्षत्र परिवर्तन का नियम: ग्रहों के राजा सूर्य हर निश्चित अंतराल पर अपना नक्षत्र बदलते हैं और 24 अक्टूबर 2026 को वे चित्रा से निकलकर स्वाति नक्षत्र में पहुंचेंगे। • राहु का मायावी प्रभाव: स्वाति नक्षत्र का स्वामित्व राहु ग्रह के पास है, जिसे ज्योतिष में भ्रम, आकस्मिक घटनाओं और बाधाओं का कारक माना गया है। • शुभ और छाया ग्रहों का मिलन: आत्मविश्वास और ऊर्जा के प्रतीक सूर्य जब राहु के नक्षत्र क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, तो उनकी सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है, जिसके नकारात्मक परिणाम कुछ राशियों पर दिखते हैं। सवाल-जवाब 1. सूर्य किस तारीख को स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे? सूर्य 24 अक्टूबर 2026 को स्वाति नक्षत्र में गोचर करेंगे। 2. सूर्य स्वाति नक्षत्र में कब तक रहेंगे? सूर्य 6 नवंबर 2026 को शाम 4 बजे तक स्वाति नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। 3. स्वाति नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है? स्वाति नक्षत्र का स्वामी राहु ग्रह को माना गया है। 4. इस गोचर से मुख्य रूप से कितनी राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा? इस गोचर काल के दौरान छह प्रमुख राशियों के जातकों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। 5. मेष राशि के जातकों को किस क्षेत्र में ध्यान रखने की सलाह दी गई है? मेष राशि वालों को व्यावसायिक पार्टनरशिप और जीवनसाथी के साथ संबंधों में ध्यान रखने की सलाह दी गई है। 6. वृषभ राशि के जातकों को किस बात से बचने को कहा गया है? वृषभ राशि वालों को बेवजह के खर्चों और किसी भी तरह के कर्ज या उधार लेने से बचने की सलाह दी गई है। 7. कर्क राशि के जातकों को किस बात की चिंता सता सकती है? कर्क राशि के लोगों को इस दौरान अपनी माता के स्वास्थ्य की चिंता सता सकती है। https://trendkia.com/astrology/six-zodiac-signs-face-major-crisis-as-sun-moves-under-rahu-influence-from-october-24-47260 TrendKia — Har trend, sabse pehle.