अक्टूबर में इलेक्ट्रिक कार बाजार में उछाल, टाटा मोटर्स और महिंद्रा ने बनाई सबसे बड़ी बढ़त भारतीय इलेक्ट्रिक कार बाजार में त्योहारी मांग के चलते अक्टूबर में जोरदार तेजी दर्ज की गई, जहां टाटा मोटर्स और महिंद्रा बिक्री तालिका में सबसे आगे रहे। भारतीय चार पहिया वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है और अक्टूबर 2026 के बिक्री आंकड़े इस बड़े बदलाव की पुष्टि करते हैं। त्योहारी मांग, सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार और पर्यावरण के अनुकूल मोबिलिटी के प्रति खरीदारों के बढ़ते रुझान ने पिछले महीने शोरूम्स में ग्राहकों की भारी आवाजाही सुनिश्चित की। इस दौरान पारंपरिक भारतीय वाहन निर्माताओं ने अपनी बढ़त बरकरार रखी, जबकि विदेशी दावेदारों ने भी शीर्ष दस में मजबूत दखल दर्ज कराया। शीर्ष दो पायदानों पर भारतीय निर्माताओं का दबदबा अक्टूबर 2026 के आंकड़ों में घरेलू वाहन निर्माता सबसे आगे खड़े दिखाई दिए। टाटा मोटर्स ने इस अवधि में 14,552 यूनिट्स की बिक्री दर्ज करके भारतीय ईवी बाजार में अपनी बादशाहत कायम रखी। कंपनी की व्यापक मॉडल रेंज, हर बजट वर्ग में मौजूदगी और स्थापित सर्विस नेटवर्क ग्राहकों के भरोसे की सबसे बड़ी वजह बना हुआ है। दूसरे स्थान पर महिंद्रा ने अपनी पकड़ मजबूत की और कुल 8,472 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचीं। अपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी रेंज, आधुनिक डिजाइन और मजबूत तकनीकी पैकेज के दम पर महिंद्रा ने बाजार हिस्सेदारी में उल्लेखनीय इजाफा किया है। खरीदारों के बीच ब्रांड की विश्वसनीयता और सुरक्षा फीचर्स ने इस बिक्री को गति दी। तीसरे से पांचवें स्थान तक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की टक्कर एमजी मोटर ने पिछले महीने 5,877 यूनिट्स की डिलीवरी के साथ तालिका में तीसरा स्थान हासिल किया। प्रीमियम इंटीरियर, तकनीकी रूप से समृद्ध केबिन और प्रतिस्पर्धी कीमत ने एमजी को शहरी ग्राहकों के बीच एक लोकप्रिय पसंद बनाए रखा है। वियतनाम की इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी विनफास्ट ने भारतीय बाजार में अपनी मजबूत दस्तक देते हुए 2,565 यूनिट्स की बिक्री हासिल की और सीधे चौथे स्थान पर कब्जा जमाया। किफायती मूल्य निर्धारण, आकर्षक डिजाइन और आधुनिक बैटरी तकनीक ने भारतीय खरीदारों को अपनी ओर खींचा। वहीं किआ 1,386 यूनिट्स बेचकर शीर्ष पांच में शामिल रही। किआ के मॉडल अपने फ्यूचरिस्टिक लुक, लग्जरी ड्राइविंग अनुभव और लंबी ड्राइविंग रेंज के लिए सराहे जा रहे हैं। निचले पायदानों पर रही दिग्गज कंपनियों की स्थिति शीर्ष पांच के अलावा बाकी पांच स्थानों पर पारंपरिक ऑटोमोबाइल कंपनियों की सीमित बिक्री दर्ज की गई। मारुति सुजुकी ने अक्टूबर 2026 में 1,188 यूनिट्स की बिक्री हासिल की, जबकि हुंडई 753 यूनिट्स के आंकड़े पर रही। चीनी वाहन निर्माता बीवाईडी ने 735 यूनिट्स की डिलीवरी की। इसके अलावा टोयोटा की 189 यूनिट्स बिकीं, जबकि स्टेलेंटिस समूह की केवल 60 यूनिट्स ही पिछले महीने बिक सकीं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि भारतीय ईवी स्पेस में शुरुआती बढ़त लेने वाले ब्रांड्स अभी भी नए प्रवेशकों पर भारी पड़ रहे हैं। इसका आप पर असर इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में आई यह तेजी खरीदारों के लिए कई नए विकल्प और बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार कर रही है। • कार खरीदारों के लिए: बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनियां अब ज्यादा आकर्षक फाइनेंसिंग विकल्प और आधुनिक फीचर्स पेश कर रही हैं। आप अपने नजदीकी डीलरशिप पर जाकर नए इलेक्ट्रिक मॉडलों की टेस्ट ड्राइव और त्योहारी ऑफर्स की जानकारी ले सकते हैं। • चार्जिंग सुविधाओं पर: बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में हाईवे और शहरों में चार्जिंग पॉइंट्स तलाशना ज्यादा आसान होगा। • नए ब्रांड्स की एंट्री: विनफास्ट जैसे नए ग्लोबल ब्रांड्स के आने से बजट सेगमेंट में विकल्प बढ़ रहे हैं। यदि आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो विभिन्न ब्रांड्स की बैटरी तकनीक और वारंटी पैकेजों की तुलना जरूर करें। • पारंपरिक मॉडल्स की उपलब्धता: प्रमुख स्थापित कंपनियों का मजबूत सर्विस नेटवर्क सेकंड-हैंड रीसेल वैल्यू को भी स्थिरता दे रहा है। ग्राहक खरीदारी से पहले निकटतम सर्विस सेंटर की मौजूदगी की पुष्टि कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ अक्टूबर 2026 में इलेक्ट्रिक कारों की रिकॉर्ड बिक्री कई अनुकूल परिस्थितियों और बाजार रणनीतियों के एक साथ आने से संभव हुई। • मौसमी खरीदारी का असर: त्योहारी सीजन के दौरान नई गाड़ियां खरीदने की भारतीय परंपरा ने बिक्री के आंकड़ों को व्यापक बढ़ावा दिया। त्योहारी डिलीवरी के लिए कई महीनों पहले से की गई बुकिंग्स का पंजीकरण अक्टूबर में पूरा हुआ। • चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार: राष्ट्रीय राजमार्गों और महानगरीय क्षेत्रों में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की बढ़ती संख्या ने ग्राहकों का भरोसा बढ़ाया। चार्जिंग को लेकर पहले रहने वाली हिचकिचाहट कम होने से निजी खरीदारों ने ईवी को प्राथमिकता दी। • उत्पाद विविधता और मूल्य निर्धारण: विभिन्न वाहन निर्माताओं द्वारा हर बजट वर्ग में नए मॉडल और एसयूवी विकल्प पेश किए जाने से ग्राहकों को व्यापक विकल्प मिले। पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों की तलाश में रहने वाले परिवारों ने पारंपरिक ईंधन के बजाय इलेक्ट्रिक कारों को चुना। सवाल-जवाब 1. अक्टूबर 2026 में किस कंपनी ने सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बेचीं? टाटा मोटर्स 14,552 यूनिट्स की बिक्री के साथ भारतीय बाजार में पहले स्थान पर रही। 2. महिंद्रा ने अक्टूबर 2026 में कितनी इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचीं? महिंद्रा ने कुल 8,472 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की और दूसरा स्थान प्राप्त किया। 3. शीर्ष पांच में शामिल रहने वाली विदेशी कंपनियां कौन सी हैं? एमजी मोटर ने 5,877 यूनिट्स, विनफास्ट ने 2,565 यूनिट्स और किआ ने 1,386 यूनिट्स बेचीं। 4. मारुति सुजुकी और हुंडई की बिक्री का क्या आंकड़ा रहा? मारुति सुजुकी ने 1,188 यूनिट्स और हुंडई ने 753 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की। 5. अक्टूबर में सबसे कम बिक्री किस कंपनी की दर्ज की गई? शीर्ष दस की सूची में स्टेलेंटिस 60 यूनिट्स की बिक्री के साथ सबसे निचले पायदान पर रही। https://trendkia.com/auto/aktubara-men-ilektrika-kara-bajara-men-uchhala-tata-motors-aura-mahindra-ne-banai-sabase-bari-barhata-56393 TrendKia — Har trend, sabse pehle.