अलीगढ़ में ₹700 करोड़ की लागत से बनेगा बैटरी प्लांट, ईवी उद्योग को मिलेगा नया विस्तार मैक्सवोल्ट एनर्जी इंडस्ट्रीज लिमिटेड अलीगढ़ में 6 एकड़ क्षेत्र में ₹700 करोड़ का बड़ा बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तैयार कर रही है, जिससे हजारों नौकरियों के अवसर बनेंगे। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों की दिशा में एक बड़ा निवेश सामने आया है। मैक्सवोल्ट एनर्जी इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से अलीगढ़ में ₹700 करोड़ के कुल निवेश से एक अत्याधुनिक बैटरी निर्माण संयंत्र की स्थापना की जा रही है। इस औद्योगिक कदम से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, स्वच्छ परिवहन और बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण क्षमताओं को व्यापक सहारा मिलने की संभावना है। इस नई परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल घरेलू स्तर पर बैटरी निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। दो चरणों में विकसित होगा 6 एकड़ का परिसर सरकारी विवरण के अनुसार, मैक्सवोल्ट एनर्जी की यह नई औद्योगिक इकाई अलीगढ़ में लगभग 6 एकड़ भूमि पर स्थापित की जा रही है। परियोजना के निर्माण कार्य की शुरुआत के लिए भूमि पूजन का औपचारिक अनुष्ठान पहले ही संपन्न कराया जा चुका है। कंपनी ने इस पूरे प्लांट को दो अलग-अलग चरणों में चरणबद्ध तरीके से तैयार करने का खाका खींचा है। जब यह संयंत्र अपनी पूर्ण कार्यक्षमता हासिल कर लेगा, तब यहां प्रतिवर्ष 10 GWh बैटरी उत्पादन का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा। वर्तमान में कंपनी की दुहाई स्थित इकाई पहले से सक्रिय है, और अलीगढ़ के नए केंद्र के जुड़ने के बाद कंपनी की समग्र वार्षिक निर्माण क्षमता बढ़कर 12.5 GWh तक पहुंचने की आशा है। दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए आपूर्ति अलीगढ़ में तैयार होने वाले इस कारखाने का मुख्य फोकस विभिन्न श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए उन्नत बैटरियों का निर्माण करना होगा। इसमें बाजार में चल रहे दो पहिया, तीन पहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए विशेष बैटरी पैक तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही, ऑटोमोबाइल क्षेत्र के मूल उपकरण निर्माताओं यानी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) की खास तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए समर्पित उत्पादन लाइनें भी विकसित की जाएंगी। घरेलू स्तर पर इस तरह के स्थानीय उत्पादन से वाहन निर्माताओं को आयातित सेलों पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी और राज्य के भीतर एक मजबूत आपूर्ति नेटवर्क तैयार होगा। हजारों रोजगार और विशाल आर्थिक टर्नओवर की संभावना इस बड़े विनिर्माण केंद्र से स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों में खासी वृद्धि होने की उम्मीद है। प्रशासनिक आकलनों के अनुसार, इस कारखाने से सीधे तौर पर 1,500 से 2,000 कुशल और अर्धकुशल कर्मियों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इसके समानांतर, सहायक क्षेत्रों में 7,500 से 10,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। अप्रत्यक्ष कार्यबल मुख्य रूप से घटक आपूर्ति, माल ढुलाई एवं लॉजिस्टिक्स, तकनीकी इंजीनियरिंग, उपकरण रखरखाव और विस्तृत सप्लाई चेन प्रबंधन से जुड़ेगा। आर्थिक दृष्टिकोण से, पूरी क्षमता के साथ परिचालन शुरू होने पर इस संयंत्र के जरिए सालाना ₹6,800 करोड़ से अधिक का टर्नओवर हासिल करने की उत्पादन क्षमता होगी। उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार के अनुसार, इस श्रेणी की बड़ी परियोजनाएं राज्य में बैटरी और ईवी निर्माण से जुड़ा एक एकीकृत औद्योगिक तंत्र खड़ा करने में बेहद मददगार साबित होंगी। उन्होंने यह भी साझा किया कि वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य में रिकॉर्ड 4,500 औद्योगिक इकाइयां सफलतापूर्वक चालू की गई हैं। इसका आप पर असर इस बैटरी प्लांट के शुरू होने से घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण और स्थानीय रोजगार बाजार पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। • भारत में: घरेलू स्तर पर 10 GWh क्षमता की बैटरियों का निर्माण होने से आयात पर निर्भरता घटेगी। इससे आने वाले समय में दोपहिया और चौपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की विनिर्माण लागत स्थिर रखने में सहायता मिलेगी। • उत्तर प्रदेश में: राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ने से स्थानीय स्तर पर 1,500 से 2,000 सीधी नौकरियां पैदा होंगी। इसके साथ ही आपूर्ति श्रृंखला, लॉजिस्टिक्स और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में करीब 10,000 सहायक कामगारों को नए अवसर मिलेंगे। • वाहन खरीदारों पर: देश में ही बैटरियों का उत्पादन बढ़ने से स्पेयर पार्ट्स और बैटरी रिप्लेसमेंट की उपलब्धता आसान होगी। इससे उपभोक्ताओं को सर्विसिंग और रख-रखाव के दौरान लंबी प्रतीक्षा से राहत मिल सकती है। • स्थानीय कारोबारियों के लिए: कारखाने के आसपास छोटे पुर्जों और सहायक सामग्री की मांग में तेजी आएगी। इससे अलीगढ़ और आस-पास के क्षेत्रों में छोटे उद्योगों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को नए अनुबंध मिल सकेंगे। ऐसा क्यों हुआ यह औद्योगिक परियोजना देश में तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की सरकारी प्राथमिकताओं के तहत शुरू की गई है। • ईवी अपनाने में वृद्धि: दोपहिया, तिपहिया और यात्री वाहनों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वाहन कंपनियों को मांग पूरी करने के लिए स्थानीय स्तर पर निरंतर बैटरी आपूर्ति की आवश्यकता है। • औद्योगिक विस्तार नीति: उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक माहौल को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे और निवेश पर जोर दिया है। वर्ष 2025-26 में राज्य में 4,500 नई औद्योगिक इकाइयों का शुरू होना इसी व्यापक विस्तार का हिस्सा है। • कंपनी का क्षमता विस्तार: मैक्सवोल्ट एनर्जी अपनी मौजूदा दुहाई यूनिट के अलावा कुल उत्पादन क्षमता को 12.5 GWh तक ले जाना चाहती है। अलीगढ़ में 6 एकड़ का यह नया परिसर कंपनी के राष्ट्रीय उत्पादन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए स्थापित किया जा रहा है। सवाल-जवाब 1. अलीगढ़ में यह बैटरी प्लांट कौन सी कंपनी लगा रही है? इस बैटरी प्लांट की स्थापना मैक्सवोल्ट एनर्जी इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा की जा रही है। 2. इस परियोजना पर कुल कितनी लागत आएगी? इस निर्माण संयंत्र को स्थापित करने पर कुल ₹700 करोड़ का निवेश किया जाएगा। 3. संयंत्र का कुल क्षेत्रफल कितना है? यह नया विनिर्माण केंद्र अलीगढ़ में लगभग 6 एकड़ जमीन पर तैयार किया जा रहा है। 4. प्लांट की उत्पादन क्षमता कितनी होगी? दो चरणों में पूरा होने के बाद इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 10 GWh होगी, जिससे कंपनी की कुल क्षमता 12.5 GWh पहुंच जाएगी। 5. इस प्लांट से कितने लोगों को रोजगार मिलेगा? संयंत्र से 1,500 से 2,000 लोगों को सीधा रोजगार और 7,500 से 10,000 लोगों को अप्रत्यक्ष आजीविका के अवसर मिलने का अनुमान है। 6. पूर्ण क्षमता पर चलने के बाद प्लांट से कितने टर्नओवर का अनुमान है? पूर्ण परिचालन क्षमता पर पहुंचने के बाद इस संयंत्र से सालाना ₹6,800 करोड़ से अधिक का टर्नओवर हासिल होने की संभावना है। https://trendkia.com/auto/aligarh-men-700-karora-ki-lagata-se-banega-baitari-planta-ev-udyoga-ko-milega-naya-vistara-37201 TrendKia — Har trend, sabse pehle.