# दक्षिण कोरियाई वाहन निर्माता हुंडई भारत में झोंकेगी 1.3 लाख करोड़ रुपये, पीएम मोदी से मिले चेयरमैन ईसुन चुंग

> हुंडई मोटर ग्रुप ने वर्ष 2032 तक भारत में 15.5 अरब डॉलर निवेश करने की रूपरेखा पेश की है। एग्जीक्यूटिव चेयरमैन ईसुन चुंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस रणनीतिक खाके को साझा किया।

**Type:** article · **Category:** ऑटो · **Published:** 2026-10-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/auto/dakshina-koriyai-vahana-nirmata-hyundai-bharata-men-jhonkegi-1-3-lakha-karora-rupaye-piema-modi-se-mile-cheyaramaina-euisun-chung-47490 · **Language:** Hindi
**Tags:** हुंडई मोटर, ईसुन चुंग, नरेंद्र मोदी, ऑटोमोबाइल उद्योग, विदेशी निवेश, किआ इंडिया, मैन्यूफैक्चरिंग

दक्षिण कोरिया के प्रमुख वाहन समूह हुंडई मोटर ग्रुप ने भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी उपस्थिति को अभूतपूर्व विस्तार देने की तैयारी कर ली है। कंपनी वर्ष 2032 तक देश में 15.5 अरब डॉलर यानी करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये की भारी पूंजी लगाएगी। आगामी सात वर्षों में पूरी की जाने वाली इस वित्तीय योजना को लेकर समूह के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन ईसुन चुंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे बातचीत की और ऑटो उद्योग की भविष्य की दिशा पर मंथन किया। इस कदम के जरिए कंपनी भारत को उभरते अंतरराष्ट्रीय बाजारों और अपनी आने वाली वृद्धि के सबसे बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहती है।

## विनिर्माण क्षमता और अनुसंधान को मिलेगा नया विस्तार
इस भारी-भरकम पूंजी को केवल असेंबली लाइनों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसके तहत व्यापक औद्योगिक बुनियादी ढांचा तैयार करने की योजना है। कंपनी का मुख्य जोर स्थानीय स्तर पर पार्ट्स तैयार करने, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) तंत्र को अपग्रेड करने और अत्याधुनिक मोबिलिटी तकनीकों को भारत में लाने पर रहेगा। भारतीय सप्लायर्स को नई तकनीक से लैस किया जाएगा ताकि कलपुर्जों के आयात पर निर्भरता कम हो सके और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला और अधिक मजबूत बन सके।

## परियोजनाओं के संचालन के लिए गठित होगी अलग इंवेस्टमेंट शाखा
इतने बड़े निवेश को सुचारू और व्यवस्थित रूप से जमीनी स्तर पर उतारने के लिए हुंडई भारत में एक समर्पित इंवेस्टमेंट यूनिट स्थापित करने जा रही है। यह विशेष इकाई आरएंडडी, नई तकनीकों और ऑटोमोटिव इकोसिस्टम से जुड़ी सभी वित्तीय गतिविधियों में समन्वय बनाए रखेगी। इसके अलावा, देश में नए रणनीतिक साझेदारों को तलाशने और स्थानीय विनिर्माताओं के साथ दीर्घकालिक व्यावसायिक समझौते कराने की जिम्मेदारी भी इसी इकाई के पास होगी।

## तीन दशकों के रिश्ते को अगले 30 वर्षों तक ले जाने का संकल्प
समूह के शीर्ष नेतृत्व ने इस विस्तार को भारतीय बाजार के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता बताया है। इस मौके पर ईसुन चुंग ने कहा, 
> "भारत ग्लोबल लेवल पर हुंडई मोटर के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बाजारों में से एक है।"
 उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय धरती पर अपने तीन दशक पूरे करने के बाद यह कदम अगले 30 साल और उससे भी आगे तक के सफर की नींव रखता है, जिससे बड़े पैमाने पर नए रोजगार सृजित होंगे और देश के औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलेगी।

## हुंडई मोटर इंडिया और किआ इंडिया की उत्पादन क्षमता में होगी बढ़ोतरी
वर्तमान में समूह भारत के भीतर अपनी दो प्रमुख कंपनियों हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड और किआ इंडिया के माध्यम से काम कर रहा है। नई वित्तीय योजना के तहत इन दोनों ही कंपनियों की फैक्टरियों में वाहनों के निर्माण की क्षमता को काफी बढ़ाया जाएगा। इस कदम का दोहरा फायदा मिलेगा: एक तरफ जहां तेजी से बढ़ती घरेलू मांग की आपूर्ति समय पर होगी, वहीं दूसरी तरफ भारत को वैश्विक बाजारों के लिए एक प्रमुख एक्सपोर्ट हब के रूप में तैयार किया जा सकेगा। भारत में समूह का मौजूदा कार्यबल पहले ही 24,000 से अधिक कर्मचारियों का है। इस नए निवेश चक्र के शुरू होने से कारखानों, आरएंडडी केंद्रों, इंजीनियरिंग डिवीजनों और लॉजिस्टिक्स चेन में युवाओं के लिए नौकरियों के हजारों नए अवसर बनने की उम्मीद है।

## इसका आप पर असर
इस ऐतिहासिक निवेश से भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में घरेलू ग्राहकों के लिए नई गाड़ियों की उपलब्धता बढ़ेगी और हजारों नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।

- **भारत में:** विनिर्माण क्षमता और स्थानीयकरण बढ़ने से भविष्य में वाहनों की कीमतों और स्पेयर पार्ट्स की लागत में स्थिरता आने की उम्मीद है। देश भर के कुशल युवाओं, इंजीनियरों और तकनीशियनों के लिए वाहन उत्पादन, आरएंडडी और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नए रोजगार खुलेंगे।
- **ऑटोमोबाइल उद्योग में:** स्थानीय सप्लायर्स और कंपोनेंट निर्माताओं के साथ रणनीतिक भागीदारी बढ़ने से घरेलू एमएसएमई इकाइयों को तकनीकी अपग्रेडेशन का सीधा फायदा मिलेगा। भारत में बनी गाड़ियां वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार होकर विदेशी बाजारों में निर्यात होंगी, जिससे भारत का ऑटो एक्सपोर्ट हब के रूप में कद मजबूत होगा।
- **वाहन खरीदारों के लिए:** हुंडई और किआ की उत्पादन क्षमता बढ़ने से नई कारों के वेटिंग पीरियड में उल्लेखनीय कमी आ सकती है। इसके साथ ही भारतीय सड़कों और मौसम के अनुकूल तैयार की गई अगली पीढ़ी की आधुनिक तकनीकों से लैस गाड़ियां ग्राहकों को जल्द उपलब्ध होंगी।
- **स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला में:** पार्ट्स के लोकलाइजेशन पर जोर दिए जाने से घरेलू सप्लायर्स को दीर्घकालिक अनुबंध और सुरक्षित बिजनेस वॉल्यूम मिलेगा। इससे देश के भीतर ऑटो कंपोनेंट निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को सीधा बढ़ावा मिलेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह बड़ा निवेश भारत के तेजी से बढ़ते मध्यम वर्ग की वाहन मांग, देश की मजबूत विनिर्माण नीतियों और समूह के 30 साल पुराने सफल सफर को आगे बढ़ाने की रणनीति का सीधा परिणाम है। कंपनी भारतीय बाजार को अब केवल बिक्री का केंद्र नहीं, बल्कि अपने वैश्विक उत्पादन का आधार बनाना चाहती है।

- **रणनीतिक विस्तार:** हुंडई समूह भारत को उभरते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी भावी वृद्धि का प्राथमिक केंद्र मानता है। इसी दीर्घकालिक दृष्टिकोण के तहत कंपनी ने अगले सात वर्षों में 1.3 लाख करोड़ रुपये लगाने का ठोस रोडमैप तैयार किया है।
- **30 वर्षों की औद्योगिक नींव:** भारत में तीन दशक पूरे करने के बाद कंपनी ने अपनी स्थिति को और सुदृढ़ करने का फैसला किया है। समूह के शीर्ष नेतृत्व ने प्रधानमंत्री से मिलकर यह स्पष्ट किया कि यह निवेश अगले 30 वर्षों और उससे आगे के औद्योगिक विकास में योगदान देने के लिए है।
- **सप्लाई चेन और आयात पर निर्भरता घटाना:** वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आने वाले व्यवधानों से बचने के लिए कंपनी घरेलू स्तर पर सप्लायर्स को विकसित करना चाहती है। स्थानीय आरएंडडी और कलपुर्जा निर्माण को बढ़ावा देकर विनिर्माण लागत को कम रखना इसका मुख्य मकसद है।

## सवाल-जवाब

### 1. हुंडई मोटर ग्रुप भारत में कुल कितना निवेश करने जा रहा है?
हुंडई मोटर ग्रुप ने वर्ष 2032 तक भारत में 15.5 अरब डॉलर (लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करने की घोषणा की है।

### 2. हुंडई के किस शीर्ष अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की?
समूह के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन ईसुन चुंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर ऑटो उद्योग के भविष्य पर चर्चा की।

### 3. इस निवेश की समयसीमा क्या तय की गई है?
यह पूरा निवेश आगामी सात वर्षों में, यानी साल 2032 तक पूरा किया जाएगा।

### 4. यह पूंजी किन मुख्य क्षेत्रों में खर्च की जाएगी?
यह राशि विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, आरएंडडी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, स्थानीय सप्लायर्स के विकास और नई मोबिलिटी टेक्नोलॉजी पर खर्च होगी।

### 5. समर्पित इंवेस्टमेंट यूनिट का मुख्य काम क्या होगा?
यह इकाई अनुसंधान, नई तकनीकों, इकोसिस्टम निवेश के समन्वय और घरेलू सप्लायर्स के साथ रणनीतिक साझेदारी बनाने का काम करेगी।

### 6. भारत में हुंडई समूह की कौन-सी दो कंपनियां सक्रिय हैं?
भारत में समूह की हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड और किआ इंडिया सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।

### 7. वर्तमान में भारत में समूह के पास कितने कर्मचारी हैं?
समूह के पास वर्तमान में भारत में 24,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._