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  "type": "article",
  "title": "दिल्ली में पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलने के लिए परिवर्तन योजना मंजूर, 10 साल टैक्स छूट और 2.56 लाख तक इंसेंटिव का मिला विकल्प",
  "summary": "दिल्ली सरकार ने केंद्र की परिवर्तन योजना को मंजूरी देकर पुराने BS-3 और BS-4 वाणिज्यिक वाहनों को बदलने का रास्ता साफ कर दिया है। इसके तहत स्क्रैप कराने पर 10 साल तक मोटर व्हीकल टैक्स छूट, रजिस्ट्रेशन फीस माफी, लोन सब्सिडी और नकद प्रोत्साहन मिलेगा।",
  "content": "राजधानी में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक व्यापक और बड़े कदम को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत पुराने और भारी मात्रा में धुआं छोड़ने वाले वाणिज्यिक वाहनों को सड़कों से हटाकर अधिक पर्यावरण-अनुकूल और कम उत्सर्जन वाले वाहनों को लाने की तैयारी की गई है। सरकार ने केंद्र सरकार की 'परिवर्तन' योजना को दिल्ली में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य वाहन मालिकों को वित्तीय सहायता देकर पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने और स्वच्छ ईंधन आधारित गाड़ियां खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है।\n\nइस योजना के अंतर्गत अकेले दिल्ली शहर में चलने वाले लगभग 78 हजार पुराने BS-3 और BS-4 श्रेणी के वाणिज्यिक वाहनों को बदलने का लक्ष्य रखा गया है। यदि पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की बात की जाए, तो करीब 2.07 लाख ट्रक और बस मालिक इस योजना का प्रत्यक्ष लाभ उठाने के पात्र होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वाहनों को बदलना फिलहाल अनिवार्य नहीं है, बल्कि इसे पूरी तरह से स्वैच्छिक रखा गया है। इसका मतलब है कि वाहन मालिक अपनी इच्छा से अपने पुराने वाहन को स्क्रैप कराकर नई गाड़ियां खरीद सकते हैं।\n\n10 वर्षों के लिए मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत छूट\nपरिवर्तन योजना का सबसे प्रमुख आकर्षण वाहन मालिकों को मिलने वाला विशाल आर्थिक लाभ है। यदि कोई पात्र कमर्शियल वाहन का मालिक अपनी पुरानी गाड़ी को सरकार द्वारा अधिकृत स्क्रैप सेंटर में जमा कराता है और उसकी जगह नई पात्र गाड़ी खरीदता है, तो उसे पूरे 10 वर्षों के लिए मोटर व्हीकल टैक्स में 100 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही नए वाहन के पंजीकरण पर लगने वाली 100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन फीस भी पूरी तरह माफ कर दी जाएगी। यह छूट वाहन स्वामियों के लिए एक बहुत बड़ी राहत साबित होगी।\n\nटैक्स छूट के अलावा भी सरकार और वाहन निर्माताओं ने मिलकर कई अन्य वित्तीय प्रोत्साहन तय किए हैं। नया वाहन खरीदने के लिए बैंक या वित्तीय संस्थान से लिए गए वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, योजना से जुड़े वाहन निर्माता यानी OEM अपनी तरफ से नए वाहनों की खरीद पर 8 प्रतिशत तक का अतिरिक्त डिस्काउंट भी देंगे। इतना ही नहीं, पात्र वाहन मालिकों को एकमुश्त आर्थिक सहायता या रियायती दर वाले फ्यूल वाउचर का लाभ भी दिया जाएगा।\n\nBS-6 डीजल और सीएनजी गाड़ियों के खरीदारों को 5 साल तक फ्यूल वाउचर\nयोजना में केवल इलेक्ट्रिक वाहनों ही नहीं, बल्कि नए मानकों वाले पारंपरिक ईंधन वाहनों को भी राहत के दायरे में शामिल किया गया है। जो वाहन मालिक अपने पुराने स्क्रैप किए गए वाहनों के बदले नए BS-6 डीजल या सीएनजी चालित वाणिज्यिक वाहन खरीदेंगे, उन्हें भी सरकार अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी।\n\nऐसे वाहन स्वामियों को लगातार 5 वर्षों तक हर महीने 1,200 रुपये से लेकर 4,800 रुपये तक के फ्यूल वाउचर दिए जाएंगे। वाउचर की यह राशि खरीदी गई गाड़ी की श्रेणी और क्षमता के आधार पर तय की जाएगी। लंबी अवधि तक मिलने वाली इस सहायता से वाहन चालकों को मासिक ईंधन खर्च में सीधी राहत मिलेगी और उनके परिचालन लागत में काफी कमी आएगी।\n\nइलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों पर 2.56 लाख रुपये तक का विशेष इंसेंटिव\nदिल्ली में ई-मोबिलिटी को रफ्तार देने और शून्य-उत्सर्जन परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों के खरीदारों के लिए सबसे बड़े प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। यदि कोई वाहन स्वामी अपना BS-IV या उससे भी पुराना लाइट गुड्स व्हीकल (LGV) स्क्रैप कराता है और उसके स्थान पर नया इलेक्ट्रिक LGV खरीदता है, तो उसे 10 साल तक मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में पूरी 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।\n\nनया इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन खरीदने पर वाहन लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और 8 प्रतिशत तक का OEM डिस्काउंट तो मिलेगा ही, साथ ही 64 हजार रुपये से लेकर 2.56 लाख रुपये तक का प्रत्यक्ष आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। यदि कोई मालिक नया ई-वाहन खरीदने के बजाय पुराना (सेकेंड-हैंड) इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदता है, तब भी उसे 10 वर्षों के लिए 50 प्रतिशत मोटर व्हीकल टैक्स छूट, 5 प्रतिशत लोन ब्याज सब्सिडी और फ्यूल वाउचर के बराबर एकमुश्त लाभ दिया जाएगा।\n\nमध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के लिए स्क्रैपेज और अपग्रेड के नियम\nपरिवर्तन योजना का दायरा केवल छोटे मालवाहक वाहनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मध्यम और भारी मालवाहक वाहन (MGV और HGV) भी शामिल हैं। जिन ट्रांसपोर्टर्स के पास पुराने BS-IV या उससे भी पुराने मॉडल के भारी ट्रक और मालवाहक गाड़ियां हैं, वे भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने बेड़े को आधुनिक बना सकते हैं।\n\nपुराना भारी वाहन स्क्रैप कराकर नया BS-VI उत्सर्जन मानक या उससे बेहतर श्रेणी का मालवाहक वाहन खरीदने पर 10 साल तक 100 प्रतिशत मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस की माफी मिलेगी। इसके साथ ही 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, 8 प्रतिशत तक का OEM डिस्काउंट और फ्यूल वाउचर की सुविधा मिलेगी। यदि कोई नया वाहन लेने के बजाय पुराना BS-VI या पुराना इलेक्ट्रिक भारी वाहन खरीदता है, तो उसे 10 साल के लिए 50 प्रतिशत टैक्स छूट, 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और एकमुश्त नकद लाभ मिलेगा।\n\nपुरानी बसों के प्रतिस्थापन के लिए केवल सीएनजी और इलेक्ट्रिक को ही अनुमति\nसार्वजनिक और निजी बस परिवहन में प्रदूषण घटाने के लिए योजना के तहत विशेष नियम तय किए गए हैं। BS-IV और उससे पुरानी बसों को बदलने की प्रक्रिया में केवल BS-VI सीएनजी या पूरी तरह से इलेक्ट्रिक बसों को ही नई बस के रूप में पंजीकृत करने की अनुमति दी जाएगी। पुरानी डीजल बसों की जगह नई डीजल बस खरीदने का विकल्प पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।\n\nबस ऑपरेटरों को भी अन्य वाणिज्यिक वाहनों की तरह मोटर व्हीकल टैक्स में छूट, रजिस्ट्रेशन शुल्क में राहत, वाहन लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, 8 प्रतिशत OEM डिस्काउंट और फ्यूल वाउचर के सारे लाभ मिलेंगे। सरकार का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में पुरानी और अधिक प्रदूषण फैलाने वाली बसों को हटाकर स्वच्छ और आधुनिक बस सेवा को स्थापित करना है।\n\nलंबित रोड टैक्स और पेनल्टी में राहत तथा एनसीआर से बाहर वाहन बेचने का अवसर\nपुराने वाहनों को स्क्रैप कराने की राह में आने वाली प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के लिए सरकार ने बकाए की वसूली में भी बड़ी राहत दी है। योजना के तहत जो पात्र वाहन स्क्रैप किए जाएंगे, उन पर यदि एक साल से अधिक समय से रोड टैक्स या फिटनेस पेनल्टी बकाया है, तो उसमें विशेष छूट प्रदान की जाएगी ताकि वाहन मालिकों को पुरानी देनदारियों के बोझ से न दबना पड़े।\n\nइसके अतिरिक्त, पुराने BS-IV वाहनों के लिए यह भी स्पष्ट किया गया है कि उन्हें हर हाल में स्क्रैप कराना जरूरी नहीं होगा। यदि वाहन मालिक चाहें तो अपने BS-IV वाहनों को दिल्ली-एनसीआर के दायरे से बाहर उन शहरों में बेच सकते हैं जो नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) की सूची में शामिल नहीं हैं। इससे वाहन मालिकों को अपनी गाड़ी की बेहतर कीमत हासिल करने का एक और विकल्प मिलेगा।\n\nदिल्ली में नए LGV का अनिवार्य इलेक्ट्रिक नियम और धूल नियंत्रण की निगरानी\nभविष्य में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने नए वाहनों के पंजीकरण पर कड़े नियम लागू किए हैं। नीति के अनुसार, अब दिल्ली में खरीदे जाने वाले सभी नए लाइट गुड्स व्हीकल (LGV) केवल इलेक्ट्रिक श्रेणी के ही होंगे। इसी तरह, सार्वजनिक परिवहन के लिए नई बसों के पंजीकरण के तहत केवल BS-VI सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसों को ही स्वीकृति दी जाएगी।\n\nसड़क परिवहन में सुधार के साथ-साथ दिल्ली सरकार वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए धूल प्रदूषण पर भी कड़ी नजर रख रही है। जुलाई महीने में शुरू किए गए प्रदूषण निगरानी पोर्टल के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस कैमरों की मदद ली जा रही है। इन कैमरों की सहायता से अब तक लगभग 2,000 ऐसे स्थलों की पहचान की जा चुकी है, जहां धूल नियंत्रण से जुड़े नियमों और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पाया गया था।\n\nइसका आप पर असर\nदिल्ली सरकार द्वारा परिवर्तन योजना को मंजूरी मिलने से कमर्शियल वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्टर्स और आम नागरिकों के जीवन तथा वायु गुणवत्ता पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।\n\n• भारत में: देश के अन्य बड़े शहरों के लिए यह योजना स्वच्छ वाणिज्यिक परिवहन अपनाने का एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करती है। इससे अन्य राज्यों में भी पुराने वाहनों को स्क्रैप करने और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इंसेंटिव देने की नीतियां तेजी से लागू हो सकती हैं।\n• दिल्ली में: राजधानी की सड़कों पर दौड़ने वाले करीब 78 हजार पुराने BS-3 और BS-4 वाहनों के हटने से जहरीले उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। इससे दिल्लीवासियों को सर्दियों के दौरान खतरनाक धुंध और सांस की बीमारियों से बड़ी राहत मिल सकेगी।\n• दिल्ली-एनसीआर के ट्रांसपोर्टर्स के लिए: लगभग 2.07 लाख ट्रक और बस मालिकों को नए वाहन खरीदने पर 10 साल तक मोटर व्हीकल टैक्स और पंजीकरण शुल्क की पूर्ण छूट मिलेगी। इसके साथ 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और 8 प्रतिशत OEM डिस्काउंट से नया वाहन खरीदना काफी सस्ता हो जाएगा।\n• वाणिज्यिक वाहन चालकों के लिए: BS-6 डीजल और सीएनजी गाड़ियां खरीदने वालों को 5 साल तक 1,200 रुपये से 4,800 रुपये का मासिक फ्यूल वाउचर मिलेगा। इस नियमित सहायता से चालकों की दैनिक परिचालन लागत में उल्लेखनीय गिरावट आएगी।\n• इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों के लिए: नया इलेक्ट्रिक LGV खरीदने पर स्क्रैपेज लाभ के अलावा 64 हजार रुपये से 2.56 लाख रुपये तक की नकद वित्तीय सहायता दी जाएगी। पुरानी इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर भी 10 साल तक 50 प्रतिशत टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है।\n• पुरानी गाड़ी स्वामियों के लिए: स्क्रैप कराने वाले वाहनों के एक साल से अधिक पुराने बकाए रोड टैक्स और पेनल्टी को माफ कर दिया जाएगा। साथ ही BS-IV वाहनों को नॉन-NCAP शहरों में बेचकर वाहन मालिकों को बेहतर रीसेल मूल्य प्राप्त करने की आजादी रहेगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. दिल्ली में परिवर्तन योजना के तहत कौन-कौन से वाहन बदले जा सकते हैं?\nइस योजना के तहत दिल्ली के करीब 78 हजार पुराने BS-3 और BS-4 कमर्शियल वाहनों (जैसे LGV, MGV, HGV और बसों) को बदला जा सकता है।\n\n2. क्या पुरानी गाड़ियां बदलना दिल्ली के ट्रांसपोर्टर्स के लिए अनिवार्य है?\nनहीं, पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करके नई गाड़ी खरीदना फिलहाल अनिवार्य नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से स्वैच्छिक रखा गया है।\n\n3. पुराना वाहन स्क्रैप कराकर नई गाड़ी खरीदने पर क्या मुख्य आर्थिक लाभ मिलेंगे?\nवाहन मालिकों को 10 साल तक 100 प्रतिशत मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस छूट, लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और 8 प्रतिशत तक OEM डिस्काउंट मिलेगा।\n\n4. नए इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन (EV) की खरीद पर कितना अतिरिक्त लाभ मिलता है?\nनया इलेक्ट्रिक LGV खरीदने पर 10 साल की टैक्स छूट के अलावा 64,000 रुपये से लेकर 2.56 लाख रुपये तक की नकद वित्तीय सहायता मिलती है।\n\n5. BS-6 डीजल और सीएनजी वाहनों के खरीदारों को फ्यूल वाउचर का क्या फायदा मिलेगा?\nनए BS-6 डीजल और सीएनजी वाहन मालिकों को 5 साल तक हर महीने 1,200 रुपये से 4,800 रुपये तक के फ्यूल वाउचर दिए जाएंगे।\n\n6. क्या पुराने BS-IV वाहनों को दिल्ली-एनसीआर से बाहर बेचा जा सकता है?\nहां, BS-IV वाहनों को स्क्रैप कराने के बजाय दिल्ली-एनसीआर के बाहर non-NCAP शहरों में बेचा जा सकता है।\n\n7. दिल्ली में नए वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों और बसों के लिए क्या नए नियम लागू किए गए हैं?\nदिल्ली में खरीदे जाने वाले सभी नए LGV केवल इलेक्ट्रिक होंगे, जबकि नई बसों के रूप में केवल BS-VI सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसों को ही पंजीकृत किया जाएगा।",
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  "publishedAt": "2026-09-02",
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