ड्राइविंग की इन 5 आदतों से जल्दी घिस जाते हैं ब्रेक पैड्स, भारी खर्चे से बचने के लिए तुरंत करें सुधार गाड़ी चलाते समय कुछ सामान्य भूलों के कारण ब्रेक पैड्स तेजी से खराब होते हैं। सही ड्राइविंग तकनीक और आदतों में साधारण बदलाव करके आप ब्रेक पैड्स की उम्र बढ़ाने के साथ माइलेज भी सुधार सकते हैं। गाड़ी में हॉर्न के बाद सबसे अधिक उपयोग होने वाले कलपुर्जों में ब्रेक शामिल हैं। भारतीय मार्गों पर लगातार मिलने वाले ट्रैफिक सिग्नल, गहरे गड्ढे, बिना निशान वाले स्पीड ब्रेकर और असमतल सड़कें चालकों को बार-बार ब्रेक पैडल दबाने पर मजबूर करती हैं। निरंतर ब्रेक के इस्तेमाल से पैड्स पर अत्यधिक दबाव बनता है और उनका घर्षण पदार्थ धीरे-धीरे खत्म होने लगता है। बहुत से गाड़ी मालिक ब्रेक सिस्टम की अनदेखी कर बैठते हैं, जबकि यह वाहन नियंत्रण और सुरक्षित सफर दोनों के लिहाज से सबसे अनिवार्य हिस्सा है। जब ब्रेक पैड्स जरूरत से ज्यादा घिस जाते हैं, तो वाहन को थामने की कुल क्षमता घट जाती है, जो किसी भी आपात स्थिति में गंभीर खतरे की वजह बन सकती है। यदि चालक अपनी ड्राइविंग आदतों में कुछ जरूरी बदलाव लाएं, तो ब्रेक पैड्स की कार्यक्षमता और उम्र को काफी हद तक बढ़ाया जा सकता है। पांच अहम तरीकों पर अमल करके आप अनावश्यक मेंटेनेंस खर्च से बच सकते हैं और गाड़ी को सुरक्षित रख सकते हैं। अंतिम क्षणों में तेज ब्रेक लगाने से बचें वाहन को जहां रोकना हो, उससे काफी पहले से ही ब्रेक लगाना शुरू कर देना चाहिए। आखिरी पलों में अचानक बहुत तेज दबाव के साथ ब्रेक दबाना हार्ड ब्रेकिंग कहलाता है। ऐसा करने पर पहियों और पैड्स के बीच बहुत अधिक घर्षण के साथ भारी मात्रा में गर्मी पैदा होती है, जिससे उनका मटीरियल असामान्य रूप से तेजी से घिसता है। इसके विपरीत, पहले से स्थिति भांपकर हल्के दबाव के साथ धीरे-धीरे रुकने से सिस्टम पर बेवजह का तनाव नहीं पड़ता। यह नियमित आदत पैड्स को सुरक्षित रखने के साथ-साथ गाड़ी को भी बिना झटके के स्थिरता देती है। अत्यधिक रफ्तार पर नियंत्रण रखें सड़क पर बहुत तेज गति से गाड़ी दौड़ाना रोमांचक जरूर लग सकता है, लेकिन यह ब्रेकिंग कंपोनेंट्स के लिए अत्यंत नुकसानदेह साबित होता है। उच्च गति पर दौड़ रहे वाहन को रोकने के लिए ब्रेक पैड्स को भारी मात्रा में काइनेटिक एनर्जी सोखनी पड़ती है। एक अध्ययन के मुताबिक, 85 किमी/घंटा की तुलना में 105 किमी/घंटा की रफ्तार से वाहन को पूरी तरह रोकने में 33 प्रतिशत अधिक एनर्जी खर्च होती है। अत्यधिक ऊर्जा की खपत का सीधा असर पैड्स के तेजी से घिसने और ईंधन के अधिक खर्च के रूप में सामने आता है, इसलिए नियंत्रित गति में चलना ही समझदारी है। ब्रेक और एक्सीलरेटर को एक साथ दबाने की भूल न करें गाड़ी चलाते वक्त ब्रेक पैडल और एक्सीलरेटर को एक ही समय पर दबाना बेहद हानिकारक आदत मानी जाती है। इससे इंजन पर बेवजह लोड बढ़ता है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है और ब्रेक पैड्स पर भी अत्यधिक खिंचाव पड़ता है। इस गलती के चलते पैड्स सामान्य स्थिति के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज रफ्तार से खत्म होते हैं। हमेशा ब्रेक लगाते वक्त एक्सीलरेटर पैडल से पैर पूरी तरह हटा लें। इस अनुशासन से पैड्स घिसने से बचेंगे और गाड़ी का माइलेज भी बेहतर बना रहेगा। भीड़भाड़ में इंजन ब्रेकिंग का सही इस्तेमाल करें धीमी रफ्तार वाले ट्रैफिक में या धीरे-धीरे गाड़ी रोकने के लिए इंजन ब्रेकिंग की तकनीक अपनाना बहुत कारगर होता है। इसके लिए एक्सीलरेटर और क्लच दोनों से पैर हटा लें और आवश्यकता पड़ने पर गियर को निचले स्तर पर शिफ्ट करें। यह प्रक्रिया सीधे ब्रेक पैडल दबाने की तुलना में गति को थोड़ा धीमा कम करती है, इसलिए आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त फासला बनाए रखना जरूरी है। हालांकि, इस तरीके से पैड्स पर पड़ने वाला भौतिक दबाव बेहद कम हो जाता है, जिससे उनकी उम्र लंबी होती है। शहरी ट्रैफिक के दौरान यह तकनीक सबसे ज्यादा असरदार साबित होती है। गाड़ी में अनावश्यक वजन लादने से बचें कार में फालतू सामान या भारी एक्सेसरीज रखने से कुल भार में बेवजह इजाफा होता है। अतिरिक्त वजन के कारण गाड़ी का मोमेंटम बढ़ जाता है, जिसके परिणामस्वरूप वाहन की गति रोकने के लिए ब्रेक्स को बहुत ज्यादा ताकत और ऊर्जा लगानी पड़ती है। भारी वजन के कारण पैड्स जल्दी खत्म होते हैं और इंजन के माइलेज पर भी विपरीत असर पड़ता है। बूट स्पेस में केवल वही सामान रखें जिसकी वास्तविक जरूरत हो। वाहन का वजन हल्का रखने से ब्रेकिंग सिस्टम तनावमुक्त रहता है और पैड्स लंबे समय तक काम करते रहते हैं। इसका आप पर असर गाड़ी चलाने के तौर-तरीकों में छोटे बदलाव करके वाहन मालिक ब्रेक पैड्स बदलने का भारी-भरकम खर्च बचा सकते हैं और सफर को अधिक सुरक्षित बना सकते हैं। • मेंटेनेंस खर्च में बचत: सही समय पर धीरे-धीरे ब्रेक लगाने और इंजन ब्रेकिंग से पैड्स की उम्र लंबी होती है। इससे आपको बार-बार सर्विस सेंटर जाकर हजारों रुपये खर्च करके नए पैड्स लगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। • आपातकालीन सुरक्षा: सही सलामत ब्रेक पैड्स आपात स्थिति में गाड़ी को तुरंत और सटीक दूरी में रोकने में सक्षम होते हैं। घिसे हुए पैड्स की तुलना में सही पैड्स सड़क हादसों के खतरे को काफी कम कर देते हैं। • बेहतर माइलेज: ब्रेक और एक्सीलरेटर को एक साथ न दबाने और अनावश्यक वजन हटाने से इंजन पर लोड घटता है। इससे आपकी कार का ईंधन खर्च कम होगा और दैनिक सफर किफायती बनेगा। • सड़क पर गाड़ी का संतुलन: अचानक झटके से रुकने के बजाय पहले से गति नियंत्रित करने से गाड़ी का संतुलन नहीं बिगड़ता। इससे यात्रियों को झटके नहीं लगते और वाहन के सस्पेंशन की लाइफ भी सुधरती है। ऐसा क्यों हुआ भारतीय सड़कों पर बार-बार ब्रेक लगाने की मजबूरी और चालकों की गलत आदतों की वजह से कार के ब्रेक पैड्स समय से पहले खराब हो जाते हैं। • अचानक हार्ड ब्रेकिंग: आखिरी सेकंड में तेजी से ब्रेक दबाने से भारी घर्षण और अत्यधिक तापमान पैदा होता है। यह गर्मी पैड्स के ऊपरी घर्षण मटीरियल को तेजी से गलाकर खत्म कर देती है। • तेज गति और अधिक भार: तेज रफ्तार और भारी वजन से वाहन का मोमेंटम बहुत बढ़ जाता है। रफ्तार में 85 किमी/घंटा से 105 किमी/घंटा पर जाने से रोकने के लिए 33 प्रतिशत अधिक ऊर्जा सोखनी पड़ती है, जिससे पैड्स घिसते हैं। • पैडल ओवरलैपिंग की आदत: कुछ चालक ब्रेक लगाते समय भी एक्सीलरेटर को पूरी तरह छोड़ते नहीं हैं। इंजन की ताकत और ब्रेकिंग का यह टकराव पैड्स पर सामान्य से कई गुना अधिक दबाव डालता है। सवाल-जवाब 1. हार्ड ब्रेकिंग से ब्रेक पैड्स को क्या नुकसान होता है? अंतिम पलों में अचानक तेज ब्रेक लगाने से बहुत ज्यादा गर्मी और घर्षण पैदा होता है, जिससे पैड्स का मटीरियल तेजी से घिस जाता है। 2. तेज रफ्तार पर ब्रेक लगाने से पैड्स पर क्या असर पड़ता है? उच्च गति पर गाड़ी रोकने के लिए पैड्स को अधिक ऊर्जा सोखनी पड़ती है। 105 किमी/घंटा पर रोकने में 85 किमी/घंटा की तुलना में 33 प्रतिशत ज्यादा एनर्जी खर्च होती है। 3. क्या ब्रेक लगाते समय एक्सीलरेटर दबाने से माइलेज घटता है? हां, दोनों पैडल एक साथ दबाने से इंजन पर अधिक लोड पड़ता है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है और पैड्स भी घिसते हैं। 4. ट्रैफिक में इंजन ब्रेकिंग का इस्तेमाल कैसे किया जाता है? क्लच और एक्सीलरेटर दोनों छोड़कर गाड़ी को निचले गियर में शिफ्ट करने से गति अपने आप धीमी हो जाती है, जिससे ब्रेक पैड्स सुरक्षित रहते हैं। 5. कार में अधिक वजन रखने से ब्रेकिंग सिस्टम पर क्या असर पड़ता है? अनावश्यक वजन से गाड़ी का मोमेंटम बढ़ जाता है, जिसे रोकने के लिए ब्रेक पैड्स को अतिरिक्त ऊर्जा लगानी पड़ती है और वे जल्दी खराब होते हैं। https://trendkia.com/auto/draivinga-ki-ina-5-adaton-se-jaldi-ghisa-jate-hain-brake-pads-bhari-kharche-se-bachane-ke-lie-turnta-karen-sudhara-44799 TrendKia — Har trend, sabse pehle.