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  "type": "article",
  "title": "अर्टिगा बनी परिवारों की पहली पसंद, स्कॉर्पियो और इनोवा भी रहीं रेस में आगे",
  "summary": "मारुति सुजुकी अर्टिगा ने 18,516 गाड़ियों की बिक्री के साथ भारतीय 7-सीटर बाजार में पहला स्थान बरकरार रखा, जबकि महिंद्रा स्कॉर्पियो दूसरे और टोयोटा इनोवा तीसरे पायदान पर रही।",
  "content": "भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार में बड़े परिवारों और कॉमर्शियल फ्लीट संचालकों के बीच मल्टी-पर्पज वाहनों और 7-सीटर गाड़ियों की मांग में तेज हलचल देखने को मिल रही है। हालिया बिक्री के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो मारुति सुजुकी अर्टिगा इस पूरे सेगमेंट में शीर्ष पायदान पर काबिज रहने में कामयाब हुई है। किफायती रखरखाव, बेहतरीन माइलेज और प्रतिस्पर्धी कीमत के तालमेल ने इसे खरीदारों की प्राथमिक पसंद बनाए रखा है, जबकि दूसरी ओर महिंद्रा और टोयोटा की गाड़ियों ने भी अलग-अलग बजट श्रेणियों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।\n\nशीर्ष पर मारुति सुजुकी अर्टिगा का दबदबा\nमारुति सुजुकी अर्टिगा ने कुल 18,516 यूनिट्स की मजबूत डिलीवरी दर्ज करते हुए बिक्री तालिका में पहला स्थान प्राप्त किया है। बीते वर्ष की समान समयावधि में यह आंकड़ा 18,445 यूनिट्स का रहा था, जो 0.4% की वार्षिक बढ़त को दर्शाता है। भारतीय बाजार में इस वाहन की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹8.90 लाख तय की गई है, जबकि इसका टॉप वेरिएंट ₹13.04 लाख तक पहुंचता है। डिजाइन के स्तर पर इसमें क्रोम विंग्ड फ्रंट ग्रिल, 15-इंच अलॉय व्हील्स और 3D एलईडी टेललैंप्स दिए गए हैं जो इसे एक आधुनिक और संतुलित रूप प्रदान करते हैं।\n\nकेबिन के भीतर यात्रियों के लिए 7 सीटों की व्यवस्था मिलती है, जिसमें डुअल-टोन इंटीरियर और रिक्लाइनिंग सीटें शामिल हैं। फीचर्स के मामले में यह मॉडल 7-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, स्टीयरिंग माउंटेड पैडल शिफ्टर्स और क्रूज़ कंट्रोल से लैस है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इसमें 6 एयरबैग्स, एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) के साथ इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD), इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP) और हिल-होल्ड असिस्ट की पेशकश की गई है। पावरट्रेन की बात करें तो इसमें 1.5-लीटर K15C स्मार्ट हाइब्रिड पेट्रोल इंजन मिलता है जो 102 PS की पावर और 137 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसे 5-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स विकल्पों के साथ खरीदा जा सकता है। पेट्रोल मोड में यह कार 20.3 से 20.51 किमी/लीटर और सीएनजी पर 26.11 किमी/किग्रा का माइलेज देती है।\n\nमहिंद्रा स्कॉर्पियो की बिक्री में जबरदस्त उछाल\nसूची में दूसरे पायदान पर महिंद्रा स्कॉर्पियो रही, जिसने 15,576 यूनिट्स की शानदार बिक्री हासिल की। बीते वर्ष की इसी अवधि में बिकी 9,840 यूनिट्स के मुकाबले इस गाड़ी ने 58.3% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है। स्कॉर्पियो क्लासिक और स्कॉर्पियो एन के संयुक्त पोर्टफोलियो ने अपने दमदार प्रदर्शन, मजबूत बॉडी और बोल्ड लुक के दम पर बाजार में अपनी पकड़ को काफी मजबूत बनाया है।\n\nटोयोटा इनोवा और महिंद्रा XUV7XO की स्थिति\nप्रीमियम एमपीवी सेगमेंट में टोयोटा इनोवा ने 8,963 यूनिट्स की डिलीवरी के साथ तीसरा स्थान पाया। हालांकि, पिछले साल के 9,304 यूनिट्स के मुकाबले इसमें 3.7% की वार्षिक गिरावट आई है, फिर भी इनोवा क्रिस्टा और हाइक्रॉस दोनों ही मॉडल उच्च रीसेल वैल्यू, भरोसेमंद इंजीनियरिंग और आरामदायक राइड के चलते खरीदारों के बीच प्रासंगिक बने हुए हैं।\n\nचौथे पायदान पर महिंद्रा की आधुनिक एसयूवी XUV7XO रही, जिसने 8,541 यूनिट्स की सेल दर्ज की। पिछले वर्ष दर्ज की गई 4,956 यूनिट्स की तुलना में इसमें 72.3% की भारी सालाना वृद्धि देखने को मिली है। एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS), प्रीमियम इंटीरियर और नए जमाने के लग्जरी फीचर्स के कारण ग्राहक इसकी ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।\n\nबोलेरो का टिकाऊ सफर और किआ का प्रदर्शन\nमहिंद्रा बोलेरो ने 8,159 यूनिट्स की बिक्री के साथ पांचवां पायदान हासिल किया, जो पिछले साल के 8,109 यूनिट्स से 0.6% अधिक है। सेमी-अर्बन और ग्रामीण इलाकों में उबड़-खाबड़ रास्तों पर बेहतरीन टिकाऊपन और सस्ते मेंटेनेंस के चलते बोलेरो अपनी उपयोगिता साबित कर रही है।\n\nछठे स्थान पर किआ करेंस और क्लेविस की जोड़ी रही, जिनकी कुल मिलाकर 6,093 यूनिट्स बिकीं। बीते वर्ष की 6,822 यूनिट्स की तुलना में यह 10.7% की गिरावट है। इसके बावजूद आधुनिक कनेक्टिविटी, बेहतर केबिन स्पेस और आरामदायक सिटिंग लेआउट के कारण यह शहरी परिवारों के लिए एक संतुलित विकल्प है।\n\nइलेक्ट्रिक डेब्यू, फॉर्च्यूनर और अन्य गाड़ियां\nमहिंद्रा की बिल्कुल नई ऑल-इलेक्ट्रिक एसयूवी XEV 9S ने अपने शुरुआती चरण में 4,508 यूनिट्स की बिक्री हासिल कर मजबूत आगाज किया है। लंबी ड्राइविंग रेंज, हाई-टेक केबिन और भविष्यवादी डिजाइन के साथ यह गाड़ी सातवें नंबर पर रही।\n\nआठवें स्थान पर टोयोटा फॉर्च्यूनर ने 3,504 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल की 2,508 यूनिट्स की तुलना में 39.7% की जबर्दस्त बढ़ोतरी है। उच्च कीमत के बावजूद अपनी शानदार 4×4 क्षमता और रोड प्रेजेंस के बल पर यह प्रीमियम ग्राहकों की चहेती बनी हुई है।\n\nमारुति सुजुकी की 6-सीटर एमपीवी XL6 3,293 यूनिट्स की बिक्री के साथ नौवें स्थान पर रही, जिसमें पिछले साल की 2,973 यूनिट्स के मुकाबले 10.8% का इजाफा हुआ। नेक्सा नेटवर्क की यह कार वेंटिलेटेड सीट्स और कैप्टन लेआउट के साथ आती है। सूची में दसवें स्थान पर मौजूद टोयोटा रुमियन ने 2,396 यूनिट्स दर्ज कीं, जो पिछले साल की मात्र 68 यूनिट्स के मुकाबले 3423.5% की भारी बढ़त है, जिसका मुख्य कारण बेहतर सप्लाई और कम ड्राइविंग खर्च है।\n\nइसका आप पर असर\nबड़ी फैमिली कारों और एसयूवी की मजबूत बिक्री से ग्राहकों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार सही विकल्प चुनने में स्पष्टता मिलती है।\n\n• माइलेज और बचत: 26.11 किमी/किग्रा तक के सीएनजी विकल्प वाली गाड़ियां दैनिक यात्रा खर्च को सीमित रखने में मदद करती हैं। कम लागत में चलने वाले 7-सीटर मॉडल बड़े परिवारों और टैक्सी चालकों दोनों के लिए किफायती साबित होते हैं।\n• सुरक्षा प्राथमिकता: अर्टिगा जैसी बजट गाड़ियों में 6 एयरबैग और स्टेबिलिटी कंट्रोल मिलने से मानक सुरक्षा का स्तर बेहतर हुआ है। अब किफायती बजट में भी ग्राहकों को बुनियादी सुरक्षा समझौतों के बिना सफर करने की सुविधा मिल रही है।\n• बाजार में उपलब्धता: रुमियन और स्कॉर्पियो की बिक्री में आई तेज वृद्धि से संकेत मिलता है कि डीलरों के पास स्टॉक स्थिति पहले से सुधरी है। खरीदारों को लंबे वेटिंग पीरियड से राहत मिल सकती है और गाड़ियां जल्दी डिलीवर हो सकती हैं।\n• इलेक्ट्रिक और प्रीमियम विकल्प: नए इलेक्ट्रिक मॉडल की शुरुआत से आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल वाहन चुनने वालों के पास नए रास्ते खुले हैं। खरीदार अब पारंपरिक ईंधन के अलावा अत्याधुनिक फीचर्स वाली ईवी की ओर भी रुख कर सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nभारतीय परिवारों में संयुक्त यात्रा, बेहतर स्पेस और एक ही वाहन से कई तरह की जरूरतें पूरी करने की प्रवृत्ति ने 7-सीटर कारों की मांग को शीर्ष पर बनाए रखा है। साथ ही ऑटो कंपनियों द्वारा उत्पादन सुधारने और नए फीचर्स जोड़ने से इस वर्ग में तेजी आई है।\n\n• किफायती संचालन लागत: अर्टिगा की सफलता का मुख्य आधार इसका हाइब्रिड पेट्रोल और सीएनजी इंजन है जो कम ईंधन खपत सुनिश्चित करता है। मध्यम वर्ग के खरीदार बजट कीमत में 7 सीटों के साथ ज्यादा माइलेज देने वाली गाड़ी को सबसे ज्यादा तवज्जो देते हैं।\n• उत्पादन और आपूर्ति में सुधार: रुमियन और स्कॉर्पियो जैसे वाहनों की बिक्री में भारी उछाल बेहतर उत्पादन क्षमता और कम हुए वेटिंग पीरियड की वजह से संभव हुआ। पिछले साल की आपूर्ति बाधाएं दूर होने से पेंडिंग ऑर्डर्स तेजी से डिलीवर किए जा सके।\n• सुरक्षा और आधुनिक तकनीक: गाड़ियों में 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम और एडास जैसी आधुनिक तकनीकों के शामिल होने से ग्राहकों का भरोसा बढ़ा है। अब खरीदार केवल बुनियादी आवागमन के बजाय सुरक्षित और तकनीक से लैस केबिन को प्राथमिकता दे रहे हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 7-सीटर सेगमेंट में सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ी कौन सी रही?\nमारुति सुजुकी अर्टिगा 18,516 यूनिट्स की बिक्री के साथ पहले पायदान पर रही।\n\n2. मारुति सुजुकी अर्टिगा की एक्स-शोरूम कीमत कितनी है?\nइसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹8.90 लाख से शुरू होकर ₹13.04 लाख तक जाती है।\n\n3. अर्टिगा का पेट्रोल और सीएनजी में क्या माइलेज है?\nयह पेट्रोल मोड में 20.3 से 20.51 किमी/लीटर और सीएनजी में 26.11 किमी/किग्रा का माइलेज देती है।\n\n4. महिंद्रा स्कॉर्पियो की बिक्री में कितनी सालाना बढ़त दर्ज हुई?\nमहिंद्रा स्कॉर्पियो ने 15,576 यूनिट्स की सेल के साथ 58.3% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की।\n\n5. सूची में तीसरे और चौथे स्थान पर कौन सी गाड़ियां रहीं?\nटोयोटा इनोवा 8,963 यूनिट्स के साथ तीसरे और महिंद्रा XUV7XO 8,541 यूनिट्स के साथ चौथे स्थान पर रही।\n\n6. टोयोटा रुमियन की बिक्री में इतना बड़ा उछाल क्यों आया?\nरुमियन ने 2,396 यूनिट्स दर्ज कीं, जो बेहतर उपलब्धता और कम ड्राइविंग खर्च के कारण पिछले साल की 68 यूनिट्स से 3423.5% अधिक है।",
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  "category": "ऑटो",
  "publishedAt": "2026-09-19",
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