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  "title": "एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से डरने की जरूरत नहीं, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के अधिकारी ने गिनाए E20 के फायदे",
  "summary": "टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी ने कहा कि E20 फ्यूल से इंजन खराब होने की बात पूरी तरह गलत है और माइलेज में सिर्फ 2 से 4 फीसदी तक का ही मामूली फर्क पड़ता है।",
  "content": "पेट्रोल में एथेनॉल मिलाए जाने को लेकर लोगों के मन में लंबे समय से कई तरह के डर बैठे हुए हैं। कुछ लोग मानते हैं कि इससे गाड़ी का इंजन सीज हो सकता है, तो कुछ को शक है कि इससे माइलेज बुरी तरह गिर जाएगा। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स एंड गवर्नेंस) विक्रम गुलाटी ने अब इन सारी आशंकाओं पर सीधा जवाब दिया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया और ऑटोमोबाइल जगत में E20 फ्यूल को लेकर जरूरत से ज्यादा डर फैला दिया गया है, जबकि हकीकत इससे काफी अलग है।\n\nविक्रम गुलाटी ने साफ शब्दों में कहा कि लोगों के बीच एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर कई गलतफहमियां घर कर गई हैं। उन्होंने खासतौर पर उस मिथक का जिक्र किया जिसमें माना जाता है कि E20 मिश्रित ईंधन इस्तेमाल करने से गाड़ी का इंजन खराब हो जाता है। उनके मुताबिक यह धारणा पूरी तरह गलत है और असल में ऐसा कुछ भी नहीं होता।\n\nक्या E20 फ्यूल से गाड़ी का माइलेज घट जाता है?\nविक्रम गुलाटी ने माइलेज को लेकर फैली एक और भ्रांति पर भी बात की। उनका कहना है कि यह सच है कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से माइलेज में तकनीकी तौर पर कुछ कमी आती है, लेकिन जिस तरह बाजार में इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, गिरावट उतनी बड़ी कभी नहीं होती। उन्होंने ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी एआरएआई के हवाले से बताया कि साल 2021 में देश भर में E20 लागू करने से पहले किए गए टेस्ट में सामने आया था कि एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से गाड़ियों के माइलेज में सिर्फ 2% से 4% तक की ही मामूली कमी आती है।\n\nपुरानी और नई गाड़ियों के मालिकों को कितनी चिंता करनी चाहिए?\nविक्रम गुलाटी के मुताबिक वाहन मालिकों को अपनी पुरानी हो या नई, किसी भी गाड़ी को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। देश में अब E20 ही स्टैंडर्ड ईंधन के तौर पर मिलेगा और यह पुराने और नए दोनों तरह के वाहनों के लिए पूरी तरह सही है। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2023 के बाद भारत में बिकने वाली हर गाड़ी को पहले से ही पूरी तरह E20 कंपैटिबल बनाकर तैयार किया गया है। इतना ही नहीं, सरकारी वैज्ञानिक संस्था एआरएआई के अध्ययन में यह भी साबित हो चुका है कि पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों को भी E20 फ्यूल से जो संभावित नुकसान होता है, वह बेहद मामूली है।\n\nE85 और E100 को लेकर न हो कोई कन्फ्यूजन\nविक्रम गुलाटी ने साफ किया कि लोगों को E20 और उससे ज्यादा एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के बीच फर्क समझना जरूरी है। उनके मुताबिक 85 फीसदी एथेनॉल वाला E85 और 100 फीसदी एथेनॉल वाला E100 ईंधन आम कारों या बाइकों के लिए नहीं बनाया गया है। ये दोनों तरह के एथेनॉल मिश्रण सिर्फ खास फ्लेक्स फ्यूल तकनीक वाले वाहनों के लिए ही तैयार किए गए हैं, जो किसी भी अनुपात में एथेनॉल को झेल सकते हैं।\n\nकिसानों और देश को एथेनॉल ब्लेंडिंग से कितना फायदा हुआ\nविक्रम गुलाटी ने एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से जुड़े आर्थिक फायदों का भी जिक्र किया। उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इस पहल से देश को अब तक करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिली है, जो पहले कच्चे तेल के आयात में खर्च हो जाती थी। इस कुल बचत में से 1.60 लाख करोड़ रुपये सीधे भारत के किसानों की जेब तक पहुंचे हैं। उनके मुताबिक एथेनॉल अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने का एक बड़ा जरिया बन चुका है, और दुनिया के कई अन्य विकसित देश भी इसी मॉडल को अपना रहे हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयह जानकारी सीधे उन लाखों वाहन मालिकों के काम की है जो रोजाना पेट्रोल भरवाते हैं।\n\n• भारत में: देश भर में अब E20 ही स्टैंडर्ड पेट्रोल के रूप में मिल रहा है, इसलिए हर वाहन मालिक को यह जानना जरूरी है कि इससे इंजन को कोई खतरा नहीं है, बस माइलेज में 2 से 4 फीसदी तक का मामूली फर्क पड़ सकता है।\n• पुराने वाहन मालिकों के लिए: 1 अप्रैल 2023 से पहले खरीदी गई गाड़ियों के मालिकों को भी यह जानकर राहत मिलेगी कि सरकारी अध्ययन में उनकी गाड़ियों पर पड़ने वाला असर भी बेहद मामूली पाया गया है।\n• किसानों के लिए: एथेनॉल ब्लेंडिंग से अब तक 1.60 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों तक पहुंचे हैं, यानी यह कार्यक्रम ग्रामीण आय बढ़ाने में सीधी भूमिका निभा रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. क्या E20 फ्यूल इस्तेमाल करने से गाड़ी का इंजन खराब हो जाता है?\nनहीं, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के विक्रम गुलाटी के मुताबिक यह पूरी तरह गलत धारणा है और इससे इंजन को कोई नुकसान नहीं होता।\n\n2. E20 फ्यूल से गाड़ी के माइलेज पर कितना असर पड़ता है?\nएआरएआई के 2021 के टेस्ट के मुताबिक E20 फ्यूल से गाड़ियों के माइलेज में सिर्फ 2% से 4% तक की ही मामूली कमी आती है।\n\n3. क्या पुरानी गाड़ियों में E20 फ्यूल डालना सुरक्षित है?\nहां, एआरएआई के अध्ययन में साबित हो चुका है कि पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों को E20 फ्यूल से होने वाला संभावित नुकसान बेहद मामूली है।\n\n4. क्या सभी नई गाड़ियां E20 फ्यूल के लिए बनी हैं?\nहां, 1 अप्रैल 2023 के बाद भारत में बिकने वाली सभी गाड़ियां पूरी तरह E20 कंपैटिबल बनाई गई हैं।\n\n5. E85 और E100 फ्यूल का इस्तेमाल कौन कर सकता है?\nविक्रम गुलाटी के मुताबिक E85 और E100 सिर्फ खास फ्लेक्स फ्यूल तकनीक वाले वाहनों के लिए हैं, आम कारों या बाइकों के लिए नहीं।\n\n6. एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से देश को अब तक कितना फायदा हुआ है?\nसरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस पहल से देश को करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है, जिसमें से 1.60 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों तक पहुंचे हैं।",
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  "category": "ऑटो",
  "publishedAt": "2026-07-04",
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