घरेलू बाजार में महिंद्रा की यूटिलिटी गाड़ियों की मजबूत मांग, सितंबर में बिकीं 64092 एसयूवी महिंद्रा ने सितंबर 2026 में 14 फीसदी की सालाना बढ़त के साथ 64,092 एसयूवी बेची हैं, जबकि कंपनी की इलेक्ट्रिक ओरिजिन एसयूवी बिलिंग 1 लाख यूनिट के पार पहुंच गई है. भारतीय वाहन निर्माता महिंद्रा के लिए सितंबर 2026 का महीना ऑटोमोबाइल बाजार में खासी तेजी लेकर आया है. कंपनी ने घरेलू बाजार में पैसेंजर यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट में 64,092 एसयूवी बेचकर सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की ठोस बढ़त हासिल की है. निर्यात समेत कंपनी की कुल ऑटो बिक्री का आंकड़ा इस दौरान 1,14,874 यूनिट दर्ज किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने के मुकाबले 15 प्रतिशत ज्यादा है. इस कारोबारी तेजी के साथ ही कंपनी ने अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल पोर्टफोलियो में भी एक अहम मुकाम हासिल किया है, जहां लॉन्च के बाद से इलेक्ट्रिक ओरिजिन एसयूवी की कुल संचयी बिलिंग 1 लाख यूनिट का आंकड़ा पार कर चुकी है. कंपनी की इस रफ्तार पर ऑटोमोटिव बिजनेस प्रेसिडेंट डॉ. वेलुसामी आर ने एसयूवी वॉल्यूम की वृद्धि और इलेक्ट्रिक लैंडमार्क दोनों पर संतोष व्यक्त किया है. महिंद्रा एसयूवी की मासिक और सालाना रफ्तार एसयूवी सेगमेंट में लगातार ग्राहकों का भरोसा बढ़ने से बिक्री के आंकड़ों में बड़ा सुधार देखा गया है. सितंबर 2025 में जहां कंपनी ने घरेलू स्तर पर 56,233 एसयूवी बेची थीं, वहीं सितंबर 2026 में यह संख्या बढ़कर 64,092 यूनिट पर पहुंच गई. इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी ने इस अवधि में 7,859 अतिरिक्त गाड़ियां बेचीं. अगर मासिक आधार पर तुलना करें, तो अगस्त 2026 में दर्ज 59,257 यूनिट की तुलना में सितंबर में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. तिमाही और छमाही आधार पर भी पैसेंजर व्हीकल डिवीजन ने मजबूत प्रदर्शन बनाए रखा है. चालू वित्त वर्ष की जुलाई से सितंबर तिमाही के दौरान कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री 1,83,397 यूनिट पर जा पहुंची, जिसमें पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 26 प्रतिशत का उछाल आया है. वहीं अप्रैल से सितंबर की पहली छमाही में घरेलू एसयूवी की कुल बिक्री 3,58,142 यूनिट रही, जो लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है. साथ ही कंपनी के इलेक्ट्रिक ओरिजिन मॉडल्स की कुल 1 लाख यूनिट बिलिंग पूरी होने से ब्रांड की लॉन्ग-टर्म इलेक्ट्रिक रणनीति को भी व्यापक समर्थन मिला है. लाइट कमर्शियल और थ्री-व्हीलर सेगमेंट का प्रदर्शन पैसेंजर गाड़ियों के अलावा कमर्शियल व्हीकल और तिपहिया वर्ग में भी मांग काफी मजबूत बनी रही. घरेलू लाइट कमर्शियल व्हीकल की कुल बिक्री 30,420 यूनिट रही, जिसमें 14 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. इस श्रेणी के भीतर 2 टन से कम वजन वाले वाहनों में 4,044 यूनिट की बिक्री दर्ज हुई, जो 19 प्रतिशत की सालाना वृद्धि है. वहीं 2 से 3.5 टन क्षमता वाली कैटेगरी में 26,376 यूनिट्स की डिलीवरी हुई, जिसमें 13 प्रतिशत की बढ़त शामिल है. थ्री-व्हीलर बाजार में इलेक्ट्रिक मॉडल समेत कुल बिक्री 16,343 यूनिट रही, जो पिछले साल के इसी महीने से 26 प्रतिशत अधिक है. चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से सितंबर छमाही में तिपहिया वाहनों का कुल वॉल्यूम 82,058 यूनिट तक पहुंच गया, जिसमें 53 प्रतिशत की भारी छलांग देखी गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो सितंबर में कुल ऑटो एक्सपोर्ट 4,019 यूनिट रहा, जिसमें 7 प्रतिशत की गिरावट आई. हालांकि पहली छमाही के पूरे दौर में निर्यात 48 प्रतिशत बढ़कर 30,031 यूनिट पर पहुंच चुका है. ट्रक और बस डिवीजन में उछाल महिंद्रा ट्रक एंड बस डिवीजन और एसएमएल महिंद्रा को मिलाकर बने ट्रक्स एंड बसेस बिजनेस में इस महीने 53 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली. इस पूरे कारोबार ने कुल 2,912 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की. इसमें कार्गो व्हीकल सेगमेंट ने 84 प्रतिशत की भारी छलांग लगाते हुए 2,043 यूनिट्स बेचीं, जबकि पैसेंजर कमर्शियल सेगमेंट 10 प्रतिशत बढ़कर 869 यूनिट्स पर रहा. अगर अप्रैल से सितंबर की पहली छमाही की बात करें तो कुल वॉल्यूम 17,805 यूनिट दर्ज किया गया, जो 22 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है. ट्रैक्टर और फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के आंकड़े ऑटोमोटिव और कमर्शियल सेगमेंट के विपरीत कंपनी के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस को सितंबर में चुनौतियों का सामना करना पड़ा. घरेलू बाजार में महिंद्रा की ट्रैक्टर बिक्री 50,208 यूनिट रही, जो पिछले साल की तुलना में 23 प्रतिशत कम है. कंपनी का स्पष्टीकरण है कि त्योहारी सीजन का समय इस बार अक्टूबर में शिफ्ट होने और पिछले साल जीएसटी कटौती की वजह से बने ऊंचे बेस के चलते यह गिरावट दर्ज हुई है. हालांकि ट्रैक्टर एक्सपोर्ट में 62 प्रतिशत का उछाल आया और यह 1,892 यूनिट दर्ज किया गया. घरेलू और विदेशी बाजार मिलाकर कुल ट्रैक्टर बिक्री 52,100 यूनिट रही, जिसमें 21 प्रतिशत की सालाना कमी दर्ज हुई है. इसके बावजूद अप्रैल से सितंबर की पहली छमाही के दौरान कुल ट्रैक्टर वॉल्यूम 2,74,068 यूनिट तक पहुंच गया, जिससे छमाही आधार पर 7 प्रतिशत की कुल वृद्धि अभी भी बरकरार है. इसका आप पर असर महिंद्रा की बढ़ती बिक्री और इलेक्ट्रिक माइलस्टोन वाहन खरीदारों और ग्रामीण उपभोक्ताओं की बाजार उपलब्धता को प्रभावित करता है. • वाहन खरीदारों के लिए: एसयूवी और इलेक्ट्रिक ओरिजिन रेंज की बढ़ती मांग से लोकप्रिय मॉडलों पर डिलीवरी अवधि स्थिर रहने की संभावना है. शोरूम में जाने वाले ग्राहक त्योहारी महीनों के दौरान बेहतर आवंटन और नए इलेक्ट्रिक मॉडलों की जांच कर सकते हैं. • कमर्शियल ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों के लिए: लाइट कमर्शियल व्हीकल और तिपहिया वाहनों के बढ़ते विकल्प फ्लीट ऑपरेटरों को बेहतर दक्षता प्रदान कर रहे हैं. खासकर इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेगमेंट का विस्तार स्थानीय रूटों पर परिचालन लागत घटाने में मदद कर सकता है. • ग्रामीण और कृषि क्षेत्र के लिए: सितंबर में ट्रैक्टरों की घरेलू खरीद धीमी रही है क्योंकि खरीदारी अक्टूबर के त्योहारी दौर की ओर खिसक गई है. किसान आगामी त्योहारी महीनों में आकर्षक फाइनेंसिंग और डीलरशिप ऑफर्स का लाभ उठा सकते हैं. • ऑटो उद्योग के निवेशकों के लिए: पैसेंजर एसयूवी और कमर्शियल सेगमेंट में दोहरे अंकों की बढ़त कंपनी के राजस्व आधार को मजबूती दे रही है. हालांकि ट्रैक्टर कारोबार में अस्थायी नरमी पर आगामी कृषि सीजन की मांग के आधार पर नजर रखी जाएगी. ऐसा क्यों हुआ महिंद्रा की बिक्री में यह मिला-जुला रुझान पैसेंजर यूटिलिटी वाहनों की ऊंची उपभोक्ता मांग और कृषि उपकरण वर्ग में मौसमी बदलावों की वजह से सामने आया है. • एसयूवी और इलेक्ट्रिक वाहनों की तेज मांग: निजी वाहन बाजार में उपभोक्ताओं की प्राथमिकता यूटिलिटी गाड़ियों और आधुनिक इलेक्ट्रिक मॉडल्स की ओर तेजी से बढ़ी है. इसी उपभोक्ता रुझान के कारण घरेलू एसयूवी बिक्री में 14 प्रतिशत की सालाना और 8 प्रतिशत की मासिक बढ़त देखने को मिली. • कमर्शियल वाहनों में लॉजिस्टिक्स विस्तार: ई-कॉमर्स और माल ढुलाई की जरूरतों के चलते 2 से 3.5 टन और उससे नीचे के लाइट कमर्शियल वाहनों में तेज उठाव रहा. साथ ही लास्ट-माईल कनेक्टिविटी के लिए इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों को बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है. • ट्रैक्टर बिक्री में त्योहारी कैलेंडर का असर: घरेलू ट्रैक्टर बिक्री में 23 प्रतिशत की गिरावट का प्राथमिक कारण त्योहारी सीजन का अक्टूबर महीने में खिसक जाना रहा. इसके अतिरिक्त पिछले साल जीएसटी कटौती के कारण तुलनात्मक आधार काफी ऊंचा था जिससे वर्तमान संख्या कम दिखी. सवाल-जवाब 1. महिंद्रा ने सितंबर 2026 में कितनी एसयूवी बेचीं? महिंद्रा ने सितंबर 2026 में घरेलू बाजार में 64,092 एसयूवी बेची हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 14 प्रतिशत अधिक है. 2. कंपनी की कुल ऑटो बिक्री कितनी दर्ज हुई? निर्यात सहित महिंद्रा की कुल ऑटो बिक्री 1,14,874 यूनिट रही, जिसमें सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 3. इलेक्ट्रिक ओरिजिन एसयूवी ने क्या उपलब्धि हासिल की है? कंपनी की इलेक्ट्रिक ओरिजिन एसयूवी लॉन्च के बाद से अब तक 1 लाख यूनिट की कुल बिलिंग का आंकड़ा पार कर चुकी है. 4. सितंबर में घरेलू ट्रैक्टर बिक्री में गिरावट क्यों आई? त्योहारी सीजन का अक्टूबर में शिफ्ट होना और पिछले साल जीएसटी छूट के कारण ऊंचा बेस होना ट्रैक्टर बिक्री में 23 प्रतिशत कमी का कारण रहा. https://trendkia.com/auto/gharelu-bajara-men-mahindra-ki-yutiliti-gariyon-ki-majabuta-manga-sitnbara-men-bikin-64092-suv-41084 TrendKia — Har trend, sabse pehle.