# ग्रामीण भारत बना दोपहिया वाहनों का सबसे बड़ा खरीदार, कुल पंजीकरण में 55 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज

> कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली छमाही में देश के कुल दोपहिया पंजीकरण में ग्रामीण क्षेत्रों का दबदबा रहा, जहां 100 सीसी से 125 सीसी की कम्यूटर मोटरसाइकिलों ने सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की.

**Type:** article · **Category:** ऑटो · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/auto/gramina-bharata-bana-two-wheeler-ka-sabase-bara-kharidara-kula-pnjikarana-men-55-phisadi-hissedari-darja-38294 · **Language:** Hindi
**Tags:** दोपहिया वाहन, मोटरसाइकिल, ग्रामीण बाजार, इलेक्ट्रिक दोपहिया, बजाज ऑटो, टीवीएस मोटर

भारतीय दोपहिया बाजार में साल 2026 के पहले छह महीनों, यानी जनवरी से जून के दौरान बिक्री की मजबूत रफ्तार देखने को मिली है. इस पूरी अवधि में वाहनों की खरीदारी के मामले में ग्रामीण इलाकों ने शहरों और महानगरों को काफी पीछे छोड़ दिया. पूरे देश में दर्ज हुए कुल दोपहिया वाहनों के पंजीकरण में आधे से अधिक, यानी 55 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले ग्रामीण क्षेत्रों से दर्ज की गई. इसके विपरीत शहरी बाजारों का योगदान 32 प्रतिशत रहा, जबकि मेट्रो शहरों की हिस्सेदारी केवल 13 प्रतिशत तक सिमट कर रह गई. इन आंकड़ों में मोटरसाइकिल, स्कूटर और बैटरी से चलने वाले सभी प्रकार के दोपहिया मॉडल शामिल हैं.

## कम्यूटर मोटरसाइकिलों की जबरदस्त मांग
भारत के दोपहिया उद्योग के लिए ग्रामीण मांग हमेशा से सबसे बड़ा सहारा रही है, और वर्ष 2026 की पहली छमाही के परिणाम भी इसी बात पर मुहर लगाते हैं. इस अवधि में बाजार के भीतर मोटरसाइकिलों की मांग सबसे ऊपर रही, हालांकि स्कूटरों की खरीदारी में भी तेजी दर्ज की गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में कुल दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन में 68.3 प्रतिशत का भारी योगदान मोटरसाइकिलों का रहा. इस मोटरसाइकिल श्रेणी के भीतर 100 सीसी से लेकर 125 सीसी क्षमता वाली शुरुआती और कम्यूटर बाइकों का दबदबा दिखा, जिनकी हिस्सेदारी कुल ग्रामीण मोटरसाइकिल पंजीकरण में 75 प्रतिशत रही. वहीं दूसरी तरफ, ग्रामीण इलाकों में स्कूटरों की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत रही, जिसमें 90 से 110 सीसी और 125 सीसी वाले मॉडलों की मांग लगभग एक समान देखी गई.

## पेट्रोल और इलेक्ट्रिक वाहनों का समीकरण
ईंधन के प्रकार के हिसाब से देखा जाए तो ग्रामीण इलाकों में आज भी पारंपरिक पेट्रोल वाहनों का एकतरफा दबदबा बना हुआ है. गांव और कस्बों में कुल पंजीकृत दोपहिया वाहनों में से 94 प्रतिशत गाड़ियां पेट्रोल से चलने वाली थीं, जबकि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का हिस्सा 5.9 प्रतिशत रहा. इसके उलट शहरों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है, जहां शहरी इलाकों में पेट्रोल गाड़ियों की हिस्सेदारी 89 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक वाहनों की 10.7 प्रतिशत रही. वहीं मेट्रो शहरों में यह आंकड़ा बढ़कर 10.9 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. ग्रामीण इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में टीवीएस मोटर कंपनी और बजाज ऑटो का पूरी तरह दबदबा रहा, जहां इन दोनों कंपनियों ने मिलकर कुल ग्रामीण ईवी पंजीकरण का 56 प्रतिशत हिस्सा अपने नाम किया.

## प्रमुख राज्यों में मांग का रुख
भौगोलिक आधार पर राज्यों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो राजस्थान में 100 से 110 सीसी वाली एंट्री-लेवल मोटरसाइकिलों पर खरीदारों का सबसे ज्यादा भरोसा दिखाई दिया. राजस्थान में दर्ज हुए कुल दोपहिया वाहनों के पंजीकरण में से 74 प्रतिशत केवल इसी सेगमेंट से आए. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में भी दैनिक उपयोग में आने वाले कम्यूटर दोपहिया वाहनों की भारी मांग बनी रही. इन नतीजों से साफ है कि साल 2026 की पहली छमाही में ग्रामीण मांग ने पूरे ऑटोमोबाइल सेक्टर को मजबूती प्रदान की है.

## इसका आप पर असर
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती दोपहिया बिक्री देश के आर्थिक स्वास्थ्य और रोजमर्रा के आवागमन के बदलते तौर-तरीकों का संकेत देती है.

- **भारत में:** कम्यूटर बाइकों की मजबूत मांग ऑटो कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने और प्रतिस्पर्धी कीमतें बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगी. इसका सीधा फायदा सामान्य ग्राहकों को नए मॉडल्स और बेहतर माइलेज विकल्पों के रूप में मिल सकता है.
- **राजस्थान में:** 100 से 110 सीसी सेगमेंट की भारी मांग से स्थानीय स्तर पर किफायती कम्यूटर मोटरसाइकिलों की उपलब्धता और सर्विस नेटवर्क में सुधार होगा. दैनिक आवागमन करने वाले खरीदारों को आसानी से पार्ट्स और बेहतर रीसेल वैल्यू मिल सकेगी.
- **उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में:** कम्यूटर सेगमेंट पर लगातार फोकस रहने से ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए फाइनेंस और लोन योजनाएं अधिक सुलभ होंगी. इससे किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए गाड़ी खरीदना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा.
- **ईवी खरीदारों के लिए:** ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी अभी 5.9 प्रतिशत है, जिससे ग्रामीण रूटों पर चार्जिंग बुनियादी ढांचे की कमी साफ झलकती है. दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए वर्तमान में पेट्रोल मॉडल ही ज्यादा व्यावहारिक विकल्प बने हुए हैं.

## ऐसा क्यों हुआ
साल 2026 की पहली छमाही में ग्रामीण इलाकों से दोपहिया वाहनों के 55 प्रतिशत पंजीकरण दर्ज होने के पीछे बुनियादी आवश्यकताएं और स्थानीय परिवहन साधन मुख्य कारण रहे.

- **दैनिक आवागमन की निर्भरता:** ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सार्वजनिक परिवहन के सीमित विकल्प लोगों को निजी वाहन खरीदने के लिए प्रेरित करते हैं. कम्यूटर मोटरसाइकिलें न केवल किफायती होती हैं बल्कि खराब सड़कों पर भी भरोसेमंद साबित होती हैं.
- **किफायती संचालन लागत:** 100 सीसी से 125 सीसी श्रेणी की मोटरसाइकिलें बेहतरीन ईंधन दक्षता और कम रखरखाव खर्च प्रदान करती हैं. यही वजह रही कि ग्रामीण क्षेत्रों की कुल बाइक बिक्री में इनका हिस्सा 75 प्रतिशत तक पहुंच गया.
- **चार्जिंग नेटवर्क का अंतर:** महानगरों में जहां इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की पैठ 10.9 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, वहीं गांवों में चार्जिंग नेटवर्क की कमी के चलते 94 प्रतिशत खरीदारों ने पारंपरिक पेट्रोल वाहनों पर ही भरोसा बनाए रखा.

## सवाल-जवाब

### 1. 2026 की पहली छमाही में कुल दोपहिया पंजीकरण में ग्रामीण क्षेत्रों का कितना हिस्सा रहा?
इस अवधि के दौरान देश भर में दर्ज कुल दोपहिया पंजीकरण में ग्रामीण क्षेत्रों की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत रही.

### 2. ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा मांग किस प्रकार के वाहनों की रही?
ग्रामीण क्षेत्रों में कुल पंजीकरण का 68.3 प्रतिशत हिस्सा मोटरसाइकिलों का रहा, जिसमें 100 सीसी से 125 सीसी की कम्यूटर बाइक सबसे आगे रहीं.

### 3. शहरी और मेट्रो शहरों में दोपहिया वाहनों का पंजीकरण कितना रहा?
शहरी बाजारों की हिस्सेदारी कुल पंजीकरण में 32 प्रतिशत रही, जबकि मेट्रो शहरों का योगदान 13 प्रतिशत दर्ज हुआ.

### 4. ग्रामीण इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में किन कंपनियों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही?
टीवीएस मोटर कंपनी और बजाज ऑटो ने मिलकर ग्रामीण इलेक्ट्रिक दोपहिया पंजीकरण का 56 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया.

### 5. राजस्थान में किस इंजन क्षमता की बाइकों की सबसे अधिक बिक्री हुई?
राजस्थान में कुल दोपहिया पंजीकरण का 74 प्रतिशत हिस्सा 100 से 110 सीसी सेगमेंट की मोटरसाइकिलों से आया.

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