# ईंधन के दाम बढ़े तो इलेक्ट्रिक कारों की ओर भागे ग्राहक, Maruti से Mercedes तक शोरूम पर लग रही कतारें

> पेट्रोल-डीजल के लगातार चढ़ते दामों के बीच भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बुकिंग में जबरदस्त उछाल आया है, और कई मॉडलों पर एक से तीन महीने तक की वेटिंग चल रही है।

**Category:** ऑटो · **Published:** 2026-06-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/auto/indhana-ke-dama-barhe-to-ilektrika-karon-ki-ora-bhage-grahaka-maruti-se-mercedes-405

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आ रही लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर अब कार बाजार की तस्वीर बदलने लगा है। महंगे होते ईंधन से परेशान ग्राहक तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का रुख कर रहे हैं, और हालत यह है कि कई चर्चित मॉडलों की बुकिंग इतनी रफ्तार से बढ़ी है कि कंपनियों के लिए सप्लाई संभालना मुश्किल हो गया है। नतीजा यह है कि अलग-अलग गाड़ियों पर अब एक महीने से लेकर तीन महीने तक की वेटिंग ग्राहकों को झेलनी पड़ रही है।

## मारुति और मर्सिडीज की इलेक्ट्रिक कारों पर टूट पड़े खरीदार

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी Maruti Suzuki की नई इलेक्ट्रिक SUV e-Vitara इस बदलते रुझान की सबसे बड़ी मिसाल बनकर उभरी है। बीते एक महीने में ही इस गाड़ी की बुकिंग दोगुनी हो चुकी है। डीलरों का कहना है कि अब इसकी डिलीवरी पाने के लिए ग्राहकों को 6 से 8 हफ्ते तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

दूसरी ओर लग्जरी सेगमेंट में Mercedes-Benz की इलेक्ट्रिक CLA सेडान ने भी जबरदस्त लोकप्रियता बटोरी है। कंपनी के मुताबिक इसकी मांग इस कदर बढ़ गई है कि कुछ डीलरों ने तो फिलहाल नई बुकिंग लेना ही रोक दिया है। इस मॉडल को घर लाने के लिए ग्राहकों को इस समय 2 से 3 महीने तक की वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है।

## BMW और Tata की EV को भी तगड़ा रिस्पॉन्स

प्रीमियम कारों की दुनिया में BMW India ने भी कबूल किया है कि इलेक्ट्रिक कारों की मांग उसके अनुमान से कहीं आगे निकल गई है। हालात ऐसे हैं कि कंपनी अब अपने मुख्यालय से और ज्यादा गाड़ियां मंगवा रही है। आंकड़ों की बात करें तो मई महीने में BMW की कुल बिक्री में अकेले इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी करीब 33 फीसदी तक पहुंच गई।

घरेलू मोर्चे पर Tata Motors की कहानी भी कुछ अलग नहीं है। कंपनी का कहना है कि उसकी EV बुकिंग असल डिलीवरी के मुकाबले तकरीबन दोगुनी हो चुकी है। यानी ग्राहक खरीदने को तैयार बैठे हैं, लेकिन सप्लाई चेन की दिक्कतों के चलते गाड़ियां समय पर ग्राहकों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।

## महिंद्रा और MG के मॉडल भी इंतजार की कतार में

यह उछाल किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है। Mahindra की XEV 9e और BE 6 जैसी इलेक्ट्रिक SUVs के लिए भी ग्राहकों को इस समय 4 से 8 सप्ताह तक रुकना पड़ रहा है। वहीं JSW MG Motor की Windsor और ZS EV, जो कुछ समय पहले तक आसानी से शोरूम से उठाई जा सकती थीं, अब करीब एक महीने की वेटिंग के बाद ही ग्राहकों के हाथ लग रही हैं।

## आखिर क्यों बदला ग्राहकों का मिजाज

ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े जानकार इस पूरे बदलाव की जड़ ईंधन की महंगाई में देखते हैं। उनका मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल के चढ़ते दाम ग्राहकों को तेजी से इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ धकेल रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि पहले कंपनियों को ग्राहकों को EV खरीदने के लिए समझाना-बुझाना पड़ता था, जबकि अब ग्राहक खुद इलेक्ट्रिक कारों की पूरी जानकारी जुटाकर सीधे शोरूम पहुंच रहे हैं।

## आने वाले महीनों में और तेज हो सकती है रफ्तार

उद्योग जगत को भरोसा है कि अगर पेट्रोल और डीजल के दाम इसी तरह ऊंचे बने रहे, तो आने वाले महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग और ऊपर जा सकती है। यही वजह है कि वाहन कंपनियां अब अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और सप्लाई की दिक्कतों को दूर करने में पूरी ताकत झोंक रही हैं, ताकि लंबी होती वेटिंग लिस्ट पर लगाम लगाई जा सके।

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