# मारुति सुजुकी ने रचे नए आयाम, देश में बनी ई विटारा का निर्यात 50 हजार के पार

> मारुति सुजुकी ने भारत में निर्मित अपनी इलेक्ट्रिक कार ई विटारा के निर्यात में 50,000 यूनिट का आंकड़ा पार कर लिया है। गुजरात के हंसालपुर प्लांट में तैयार होने वाली यह गाड़ी अब तक दुनिया के लगभग 50 देशों तक पहुंच चुकी है।

**Type:** article · **Category:** ऑटो · **Published:** 2026-10-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/auto/maruti-suzuki-crosses-50000-export-milestone-for-made-in-india-e-vitara-53330 · **Language:** Hindi
**Tags:** मारुति सुजुकी, ई विटारा, इलेक्ट्रिक कार, कार एक्सपोर्ट, हंसालपुर प्लांट

देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने अपने इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने अगस्त 2025 में वैश्विक स्तर पर शिपमेंट की शुरुआत करने के बाद से अपनी मेड-इन-इंडिया इलेक्ट्रिक कारों के संचयी निर्यात में 50,000 यूनिट का बड़ा माइलस्टोन पार कर लिया है। मारुति सुजुकी का यह पहला ग्लोबल बैटरी इलेक्ट्रिक मॉडल मारुति ई विटारा पूरी तरह से गुजरात के हंसालपुर प्लांट में मैन्युफैक्चर किया जा रहा है और अब तक इसे दुनिया भर के लगभग 50 देशों में भेजा जा चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस गाड़ी की बढ़ती लोकप्रियता ने भारतीय विनिर्माण क्षमताओं को एक नई पहचान दिलाई है।

## वैश्विक बाजारों में मारुति ई विटारा की धूम
यूरोप इस कार के लिए सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट बनकर उभरा है, जहां ग्राहकों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम, नॉर्वे, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में भी इसकी भारी डिमांड बनी हुई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान मारुति सुजुकी ने भारत के कुल इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में लगभग 93 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की है। यह आंकड़े सियाम यानी सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के डेटा पर आधारित हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष FY2025-26 के दौरान भारत की सबसे बड़ी ईवी एक्सपोर्टर होने का गौरव हासिल किया था और FY2026-27 की पहली छमाही में भी अपनी इस स्थिति को पूरी तरह बरकरार रखा है।

## उत्पादन और ग्लोबल स्ट्रेटजी का केंद्र
मारुति ई विटारा सुजुकी का पहला ग्लोबल बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन है, जिसका एक्सक्लूसिव प्रोडक्शन केवल हंसालपुर फैसिलिटी में किया जाता है। अगस्त 2025 में उत्पादन शुरू होने के साथ ही इसके अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट का सिलसिला भी शुरू हो गया था। इस मॉडल को दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में बिक्री के लिए डिजाइन और डेवलप किया गया था, जिनमें से आधे यानी लगभग 50 देशों तक इसकी पहुंच सफलतापूर्वक बन चुकी है। यूरोपीय देशों को सबसे पहले यह गाड़ियां सौंपी गईं और आज भी वही इसका सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। इसके साथ ही पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट के मामले में भी कंपनी लंबे समय से देश में अग्रणी बनी हुई है।

## हंसालपुर प्लांट की बढ़ी हुई क्षमता
सुजुकी की पहली ग्लोबल बीईवी के लिए हंसालपुर फैसिलिटी एकमात्र मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है जो वैश्विक स्तर पर वाहनों की आपूर्ति कर रही है। हाल ही में इस प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर एक मिलियन वाहनों तक कर दिया गया है। सुजुकी के इतिहास में किसी भी सिंगल फैसिलिटी के लिए यह क्षमता अपने आप में एक नया मील का पत्थर है। यह अत्याधुनिक प्लांट कंपनी की भविष्य की एक्सपोर्ट स्ट्रेटजी का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जहां से विदेशों के लिए लगातार गाड़ियों की खेप भेजी जा रही है।

## नेतृत्व का बयान और मेक इन इंडिया का असर
मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने इस उपलब्धि पर बात करते हुए कहा कि ई विटारा के उत्पादन की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘मेक इन इंडिया’ के दृष्टिकोण के अनुरूप की गई थी। आज कंपनी लगभग 50 देशों को अपने इलेक्ट्रिक वाहन एक्सपोर्ट कर रही है, जिसमें यूरोप इसका सबसे बड़ा गंतव्य है। उन्होंने आगे कहा कि यह बड़ी उपलब्धि भारत की मजबूत मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हमारी कंपटीटिवनेस को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

## इसका आप पर असर
मारुति सुजुकी द्वारा ई विटारा के भारी पैमाने पर निर्यात से भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर और विनिर्माण अर्थव्यवस्था को वैश्विक पहचान मिल रही है।

- **भारत में:** देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन और निर्यात को बड़ा प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे वैश्विक बाजार में भारत की विनिर्माण क्षमता मजबूत हो रही है।
- **गुजरात में:** हंसालपुर प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़कर एक मिलियन वाहन होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है।

## ऐसा क्यों हुआ
मारुति सुजुकी के इस बड़े निर्यात का मुख्य कारण हंसालपुर प्लांट में वाहनों का बड़े पैमाने पर उत्पादन और वैश्विक बाजारों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग है।

- **उत्पादन विस्तार:** कंपनी ने अपनी एकमात्र ग्लोबल बीईवी फैसिलिटी की वार्षिक क्षमता को बढ़ाकर एक मिलियन वाहनों तक पहुंचा दिया है।
- **अंतरराष्ट्रीय मांग:** यूरोप और अन्य प्रमुख देशों में पर्यावरण के अनुकूल वाहनों की मांग तेजी से बढ़ने के कारण शिपमेंट में भारी उछाल आया है।

## सवाल-जवाब

### 1. मारुति सुजुकी ने कितने निर्यात का आंकड़ा पार किया है?
कंपनी ने अपनी मेड-इन-इंडिया इलेक्ट्रिक कारों के संचयी निर्यात में 50,000 यूनिट का आंकड़ा पार कर लिया है।

### 2. मारुति ई विटारा का निर्माण कहाँ किया जा रहा है?
इस इलेक्ट्रिक वाहन का निर्माण गुजरात के हंसालपुर प्लांट में किया जा रहा है।

### 3. यह कार कितने देशों में भेजी जा चुकी है?
मारुति ई विटारा अब तक दुनिया के लगभग 50 देशों तक पहुँच चुकी है।

### 4. इस कार के लिए सबसे बड़ा निर्यात बाजार कौन सा है?
यूरोप इस इलेक्ट्रिक वाहन के लिए सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट बना हुआ है।

### 5. मारुति सुजुकी के एमडी और सीईओ कौन हैं?
हिसाशी ताकेउची मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

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