मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट में नई टक्कर, देखें फीचर्स और माइलेज में कौन आगे हुंडई बेयॉन और मारुति सुजुकी विक्टोरिस दोनों ही बजट अनुकूल दामों में प्रीमियम तकनीक और बेहतरीन ड्राइव विकल्प पेश कर रही हैं। भारतीय मिड-साइज एसयूवी बाजार में ग्राहकों को लुभाने के लिए दो प्रमुख दावेदार आमने-सामने आ चुके हैं। हुंडई ने इस कड़ी में अपनी नई एसयूवी बेयॉन उतारी है, जिसका सीधा मुकाबला मारुति सुजुकी की विक्टोरिस से देखने को मिल रहा है। दोनों वाहन वेन्यू और क्रेटा जैसी गाड़ियों के साथ-साथ ब्रेजा के बीच की खाली जगह भरने की रणनीति के साथ पेश किए गए हैं। शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत के लिहाज से बेयॉन को ₹9.99 लाख रुपये में उपलब्ध कराया गया है, जबकि विक्टोरिस ₹10.50 लाख रुपये की शुरुआती एक्स-शोरूम दर पर मिल रही है। दोनों ही गाड़ियां अलग-अलग प्राथमिकताओं वाले खरीदारों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। डिजाइन और एक्सटीरियर डायमेंशन की तुलना दिखने के मामले में बेयॉन का रुख आधुनिक और स्लीक रखा गया है। इसके फ्रंट प्रोफाइल में कनेक्टेड डीआरएल के साथ एलईडी प्रोजेक्टर हेडलाइट्स का इस्तेमाल किया गया है। गाड़ी की बाहरी बनावट में क्लोजर स्टाइल की बॉडी लाइन्स प्रमुखता से नजर आती हैं। नापजोख की बात करें तो इसकी कुल लंबाई 4245 मिमी, चौड़ाई 1810 मिमी और ऊंचाई लगभग 1605 मिमी बैठती है। इसके अलावा इसका ग्राउंड क्लियरेंस भी दैनिक आवाजाही के लिए पर्याप्त है। वहीं दूसरी तरफ विक्टोरिस आकार में थोड़ी बड़ी महसूस होती है, जिसकी लंबाई 4360 मिमी और ऊंचाई 1655 मिमी दर्ज की गई है। विक्टोरिस में 17-इंच के अलॉय व्हील्स, रूफ रेल और आकर्षक एलईडी लाइट्स शामिल हैं। इसका स्टांस अधिक ऊंचा और स्कल्प्टेड दिखता है, जबकि बेयॉन अधिक सुगठित और स्टाइलिश प्रभाव छोड़ती है। केबिन लेआउट, स्क्रीन सेटअप और बूट स्पेस अंदरूनी साज-सज्जा पर नजर डालें तो बेयॉन में 12.3-इंच के दो कर्व्ड डिस्प्ले का संयुक्त सेटअप मिलता है, जो इंफोटेनमेंट और डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दोनों का काम संभालता है। टॉप ट्रिम्स में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, पैनोरमिक सनरूफ और बोस कंपनी का ऑडियो सिस्टम दिया गया है। सामान रखने के लिए इसमें 505 लीटर का बड़ा बूट स्पेस उपलब्ध कराया गया है। इसके मुकाबले विक्टोरिस के इंटीरियर में 10.1-इंच की टचस्क्रीन यूनिट और 10.25-इंच का डिजिटल क्लस्टर मिलता है। इस गाड़ी में भी पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड सीटें और 12-स्पीकर वाला जेबीएल ऑडियो सिस्टम जोड़ा गया है। विक्टोरिस का लगेज कंपार्टमेंट 373 से 439 लीटर के दायरे में आता है। दोनों गाड़ियां केबिन स्पेस में सहज हैं, लेकिन बेयॉन की बड़ी कर्व्ड स्क्रीन इसे अधिक भव्य अहसास कराती है। स्मार्ट टेक्नोलॉजी और ड्राइवर असिस्टेंस पैकेज सुविधाओं की फेहरिस्त में बेयॉन को 10 क्षेत्रीय भाषाओं का समर्थन करने वाले जेनरेटिव एआई वॉयस असिस्टेंट के साथ सुसज्जित किया गया है। इसके अतिरिक्त कनेक्टेड कार फीचर्स, वायरलेस फोन चार्जर, 360-डिग्री कैमरा और लेवल-2 एडास इसमें मौजूद हैं। विक्टोरिस में भी लेवल-2 एडास सिस्टम, 360-डिग्री व्यू कैमरा, वायरलेस कनेक्टिविटी, पावर्ड टेलगेट और सुजुकी कनेक्ट जैसे टूल्स दिए गए हैं। दोनों वाहन आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लैस हैं, हालांकि क्षेत्रीय भाषाओं वाली एआई वॉयस क्षमता बेयॉन को तकनीकी मोर्चे पर थोड़ा विशेष बनाती है। सेफ्टी स्टैंडर्ड्स और क्रैश टेस्ट परफॉर्मेंस यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दोनों निर्माताओं ने बुनियादी सुरक्षा कवच मजबूत रखा है। दोनों में 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल यानी ईएससी, एबीएस, हिल असिस्ट और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम यानी टीपीएमएस मानक तौर पर दिए गए हैं। क्रैश टेस्ट के मोर्चे पर विक्टोरिस ने भारत एनसीएपी में पूरे 5-स्टार हासिल किए हैं। बेयॉन में लेवल-2 एडास की मौजूदगी के बावजूद इसके एनसीएपी सुरक्षा नतीजे अभी सामने आने बाकी हैं, जिससे कागजों पर प्रमाणित सुरक्षा के मामले में विक्टोरिस फिलहाल अधिक मजबूत नजर आती है। इंजन क्षमता, गियरबॉक्स और माइलेज के आंकड़े पावरट्रेन की चर्चा करें तो बेयॉन में 1.5-लीटर क्षमता का पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 115 पीएस की अधिकतम ताकत और 144 एनएम का पीक टॉर्क जनरेट करता है। इसे संचालित करने के लिए 6-स्पीड मैनुअल और आईवीटी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के विकल्प दिए गए हैं। इसका दावा किया गया माइलेज लगभग 18.6 किमी/लीटर है और जल्द ही इसमें सीएनजी वेरिएंट शामिल करने की तैयारी है। इसके विपरीत विक्टोरिस कई ईंधन और ड्राइव विकल्पों के साथ आती है। इसमें 1.5-लीटर माइल्ड हाइब्रिड यूनिट मिलती है जो 103 पीएस पावर तथा 139 एनएम टॉर्क बनाती है। अधिक दक्षता चाहने वालों के लिए स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड का विकल्प है जो 28.65 किमी/लीटर तक का माइलेज देता है। इसके अलावा 27 किमी/किग्रा देने वाली अंडरबॉडी सीएनजी का विकल्प भी मौजूद है। विक्टोरिस में मैनुअल और ऑटोमैटिक के साथ चुनिंदा ट्रिम्स में एडब्ल्यूडी यानी ऑल-व्हील ड्राइव का विकल्प भी दिया गया है, जो इसे माइलेज और विविधता में आगे रखता है। इसका आप पर असर नई एसयूवी खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए यह मुकाबला बजट और प्राथमिकताओं के आधार पर सीधा चयन करने का मौका देता है। • बजट योजना: शुरुआती खरीद मूल्य में हुंडई बेयॉन ₹9.99 लाख रुपये की दर से मारुति सुजुकी विक्टोरिस के ₹10.50 लाख रुपये के मुकाबले लगभग ₹51,000 सस्ती बैठती है। सीमित बजट में आधुनिक लुक और फीचर्स चाहने वाले खरीदार शुरुआती स्तर पर बचत कर सकते हैं। • ईंधन बचत: दैनिक सफर में लंबी दूरी तय करने वालों के लिए विक्टोरिस का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन 28.65 किमी/लीटर तथा सीएनजी 27 किमी/किग्रा का माइलेज देकर पेट्रोल खर्च में भारी कटौती करता है। सामान्य पेट्रोल मॉडल पर चलने वाली बेयॉन 18.6 किमी/लीटर का औसत देती है। • सुरक्षा जांच: पारिवारिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाले खरीदारों के लिए विक्टोरिस को भारत एनसीएपी से मिला 5-स्टार प्रमाण पत्र मानसिक संतुष्टि प्रदान करता है। बेयॉन में सभी आधुनिक सेफ्टी फीचर्स होने के बावजूद क्रैश टेस्ट के आधिकारिक नतीजों का इंतजार करना होगा। • सामान ढोने की क्षमता: बार-बार लंबा सफर तय करने या अधिक सामान ले जाने वाले परिवारों के लिए बेयॉन का 505 लीटर का बूट स्पेस अधिक उपयोगी सिद्ध होगा। विक्टोरिस में लगेज स्पेस 373 से 439 लीटर तक ही सीमित रहता है। ऐसा क्यों हुआ ऑटोमोबाइल बाजार में सब-कॉम्पैक्ट और कॉम्पैक्ट एसयूवी के बीच मूल्य और साइज का एक ऐसा खाली दायरा बन गया था, जहां ग्राहकों को नई गाड़ियों की जरूरत महसूस हो रही थी। दोनों वाहन निर्माताओं ने इसी श्रेणी में अपनी बाजार हिस्सेदारी मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है। • मार्केट गैप को भरना: वेन्यू और क्रेटा के साथ-साथ ब्रेजा के बीच की कीमत श्रेणी में ग्राहकों को विकल्प देने के लिए इन मॉडलों को तैयार किया गया है। कंपनियां ऐसे खरीदारों को आकर्षित करना चाहती हैं जो बुनियादी कॉम्पैक्ट मॉडल से ऊपर उठना चाहते हैं लेकिन बड़ी एसयूवी का पूरा खर्च नहीं उठाना चाहते। • विविध खरीदार प्राथमिकताएं: शहरी ग्राहकों का एक बड़ा वर्ग आधुनिक एआई तकनीक, बड़े डिजिटल डिस्प्ले और कनेक्टिविटी को तरजीह देता है, जिसे बेयॉन पूरा करती है। वहीं भारतीय बाजार का दूसरा बड़ा तबका उच्च माइलेज, हाइब्रिड सिस्टम और सर्टिफाइड सेफ्टी को चुनता है, जहां विक्टोरिस केंद्रित है। • कड़े सुरक्षा नियम: दोनों कारों में 6 एयरबैग्स और इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रणालियों को मानक बनाने के पीछे भारतीय ग्राहकों की बढ़ती सुरक्षा जागरूकता और नियामक मानक प्रमुख कारण रहे हैं। इसके चलते ही दोनों गाड़ियों में आधुनिक ड्राइवर असिस्टेंस तकनीक जोड़ी गई है। सवाल-जवाब 1. हुंडई बेयॉन और मारुति सुजुकी विक्टोरिस की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत क्या है? हुंडई बेयॉन की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹9.99 लाख रुपये है, जबकि मारुति सुजुकी विक्टोरिस की शुरुआती कीमत ₹10.50 लाख रुपये रखी गई है। 2. मारुति सुजुकी विक्टोरिस का अधिकतम माइलेज कितना है? विक्टोरिस का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वेरिएंट 28.65 किमी/लीटर का माइलेज देता है, जबकि इसके सीएनजी मॉडल का माइलेज 27 किमी/किग्रा है। 3. हुंडई बेयॉन में बूट स्पेस कितना मिलता है? हुंडई बेयॉन में 505 लीटर का बड़ा बूट स्पेस दिया गया है, जो विक्टोरिस के 373 से 439 लीटर के स्पेस से अधिक है। 4. क्रैश टेस्ट सेफ्टी में किस गाड़ी को 5-स्टार रेटिंग मिली है? मारुति सुजुकी विक्टोरिस ने भारत एनसीएपी क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग प्राप्त की है, जबकि बेयॉन के एनसीएपी नतीजे अभी आने बाकी हैं। 5. हुंडई बेयॉन में कौन सा इंजन और गियरबॉक्स मिलता है? बेयॉन में 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन मिलता है जो 115 पीएस पावर देता है, जिसे 6-स्पीड मैनुअल या आईवीटी ऑटोमैटिक के साथ जोड़ा गया है। 6. क्या विक्टोरिस में ऑल-व्हील ड्राइव का विकल्प मिलता है? हां, मारुति सुजुकी विक्टोरिस के कुछ चुनिंदा वेरिएंट्स में ऑल-व्हील ड्राइव यानी एडब्ल्यूडी का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। https://trendkia.com/auto/mida-saija-esayuvi-segamenta-men-nai-takkara-dekhen-phicharsa-aura-maileja-men-kauna-age-53973 TrendKia — Har trend, sabse pehle.