मोटरसाइकिल का सस्पेंशन दे रहा है झटके, तो ₹3500 का नया पार्ट खरीदने से पहले जान लें ₹400 वाला विकल्प सड़क पर झटके महसूस होने पर सीधे 3500 रुपये खर्च करके नया शॉकर खरीदने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कई दोपहिया वाहनों के सस्पेंशन महज 400 रुपये में ठीक हो सकते हैं। सड़क पर दोपहिया वाहन से निकलते समय अगर थोड़ी ही दूरी तय करने के बाद शरीर में अत्यधिक थकान होने लगे और सफर आरामदायक न लगे, तो इसका सीधा संकेत गाड़ी के सस्पेंशन सिस्टम से जुड़ा होता है। जब बाइक चलाते समय गड्ढों के धक्के सीधे चालक की कमर पर लगने लगें, तो समझ लेना चाहिए कि शॉकर खराब हो चुका है। आमतौर पर ऐसी स्थिति सामने आते ही लोग घबराकर सीधे अधिकृत शोरूम पहुंच जाते हैं और नया शॉकर खरीदकर डलवा लेते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में वाहन मालिक की जेब पर लगभग 3500 रुपये तक का भारी बोझ पड़ता है। हालांकि, इतने महंगे खर्च से बचने का एक बेहद किफायती उपाय भी मौजूद है। सस्पेंशन की खराबी के पीछे मुख्य वजहें बाइक के सस्पेंशन का मुख्य काम रास्तों के उतार-चढ़ाव और झटकों को सोखकर राइडर को आरामदायक अनुभव देना होता है। पूर्णिया में टैक्सी स्टैंड के पास कचहरी जाने वाली सड़क के किनारे मौसिम शॉकर रिपेयरिंग शॉप चलाने वाले अनुभवी मैकेनिक मोहम्मद मौसीम के अनुसार, सस्पेंशन जल्दी खराब होने के दो प्रमुख कारण होते हैं। पहला कारण क्षमता से अधिक भार यानी ओवरवेट लादना है, और दूसरा कारण तेज रफ्तार में गाड़ी के पहियों का गहरे गड्ढों में लगातार टकराना है। इन दोनों ही परिस्थितियों में शॉकर के लचीले स्प्रिंग का खिंचाव और जरूरी टेंपर समय से पहले खत्म हो जाता है। जब स्प्रिंग की यह क्षमता समाप्त हो जाती है, तो शॉकर झटके देने लगता है और यात्रा कष्टदायी बन जाती है। महंगे रिप्लेसमेंट के बजाय रिपेयरिंग का विकल्प मोहम्मद मौसीम पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि झटके लगने की शिकायत पर सीधे 3500 रुपये का भारी भरकम खर्च करने के बजाय सिर्फ 400 रुपये देकर शॉकर की सटीक रिपेयरिंग कराई जा सकती है। मरम्मत के बाद सस्पेंशन की कार्यक्षमता पूरी तरह दुरुस्त हो जाती है और चालक को बिल्कुल नए शॉकर जैसा ही स्मूथ और आरामदायक अनुभव मिलता है। किस मॉडल में कितनी बार संभव है मरम्मत सभी दोपहिया मॉडलों के सस्पेंशन की संरचना एक जैसी नहीं होती, इसलिए उनकी मरम्मत की सीमा भी मॉडल के आधार पर तय होती है। मोहम्मद मौसीम के मुताबिक, पल्सर, अपाचे और टीवीएस की कुछ खास गाड़ियों के शॉकर ऐसे होते हैं जिन्हें केवल दो से तीन बार ही रिपेयर कराया जा सकता है। इसके विपरीत, हीरो स्प्लेंडर, ग्लैमर, सीडी डीलक्स, टीवीएस विक्टर और डिस्कवर सहित कई लोकप्रिय कम्यूटर बाइक्स और तमाम तरह की स्कूटियों के सस्पेंशन लगभग 15 बार तक सुगमता से दुरुस्त किए जा सकते हैं। इस तकनीकी समझ के साथ वाहन मालिक हजारों रुपये की बचत कर सकते हैं। इसका आप पर असर बाइक के सस्पेंशन को बदलने के बजाय रिपेयर कराने से वाहन चालकों के हजारों रुपये बच सकते हैं और रोजमर्रा के सफर में आराम बना रहता है। • भारत में: कम्यूटर बाइक चलाने वाले लोग महंगे शोरूम पार्ट्स के स्थान पर 400 रुपये की कुशल रिपेयरिंग चुनकर 3000 रुपये से अधिक की बचत कर सकते हैं। समय पर सस्पेंशन ठीक कराने से यात्रा के दौरान कमर दर्द और शारीरिक थकान से भी राहत मिलती है। • पूर्णिया में: टैक्सी स्टैंड से कचहरी जाने वाले मार्ग पर स्थित मौसिम शॉकर रिपेयरिंग शॉप से स्थानीय लोग सीधे यह किफायती सेवा ले सकते हैं। स्थानीय सवारों को महंगे शोरूम के चक्कर लगाने या नई एसेम्बली का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होगी। • वाहन सुरक्षा: झटके दे रहे सस्पेंशन को तुरंत ठीक कराने से बाइक के पहियों और चेसिस पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता। नियमित जांच से अचानक रास्ते में बाइक अनियंत्रित होने का जोखिम भी टल जाता है। • सवारी की आदतें: ओवरलोडिंग रोकने और गड्ढों में धीमी गति से गाड़ी निकालने से सस्पेंशन स्प्रिंग की लाइफ लंबी हो जाती है। सावधानी बरतने पर साधारण कम्यूटर बाइक का शॉकर 15 बार तक दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ सड़कों के गड्ढों और क्षमता से अधिक भार के कारण बाइक के सस्पेंशन स्प्रिंग्स का लचीलापन जल्दी समाप्त हो जाता है, जिससे राइड असुविधाजनक हो जाती है। • अत्यधिक भार का असर: वाहन पर तय सीमा से ज्यादा वजन लादने से सस्पेंशन पर निरंतर भारी दबाव बना रहता है। इस निरंतर दबाव के चलते स्प्रिंग का खिंचाव और टेंपर समय से पहले खत्म हो जाता है। • गहरे गड्ढों में टकराव: सड़क के बड़े गड्ढों में तेज गति से पहियों के गिरने से शॉकर पर तीव्र झटका लगता है। यह अचानक लगने वाला झटका आंतरिक स्प्रिंग और डैम्पिंग तंत्र को क्षतिग्रस्त कर देता है। • मरम्मत की गुंजाइश: कई कम्यूटर बाइक्स के शॉकर की बनावट बेहद लचीली और अनुकूल होती है, जिससे उन्हें 15 बार तक रिपेयर किया जा सकता है। वहीं पल्सर और अपाचे जैसी स्पोर्ट्स ओरिएंटेड बाइक्स की संरचना के कारण वे केवल दो से तीन बार ही रिपेयर हो पाती हैं। सवाल-जवाब 1. बाइक का नया शॉकर लगवाने में आमतौर पर कितना खर्च आता है? शोरूम से बाइक का नया शॉकर सेट लगवाने में लगभग 3500 रुपये तक का खर्च आता है। 2. शॉकर की रिपेयरिंग कराने में कितना खर्च लगता है? मैकेनिक मोहम्मद मौसीम के अनुसार किसी भी बाइक के शॉकर को महज 400 रुपये में रिपेयर कराया जा सकता है। 3. बाइक के शॉकर जल्दी खराब होने के मुख्य कारण क्या हैं? गाड़ी पर अधिक वजन लादना और बड़े गड्ढों में पहिए का लगातार गिरना शॉकर खराब होने के मुख्य कारण हैं। 4. किन बाइक्स के शॉकर लगभग 15 बार तक रिपेयर किए जा सकते हैं? हीरो स्प्लेंडर, ग्लैमर, सीडी डीलक्स, टीवीएस विक्टर, डिस्कवर और कई स्कूटियों के शॉकर लगभग 15 बार तक बनाए जा सकते हैं। 5. पल्सर और अपाचे जैसी गाड़ियों के शॉकर कितनी बार सुधारे जा सकते हैं? पल्सर, अपाचे और टीवीएस की कुछ गाड़ियों के शॉकर केवल दो से तीन बार ही रिपेयर कराए जा सकते हैं। 6. पूर्णिया में यह रिपेयरिंग दुकान कहां स्थित है? यह दुकान पूर्णिया में टैक्सी स्टैंड के पास कचहरी जाने वाली सड़क के किनारे बाजार में स्थित है। https://trendkia.com/auto/motarasaikila-ka-saspenshana-de-raha-hai-jhatake-to-3500-ka-naya-parta-kharidane-se-pahale-jana-len-400-vala-vikalpa-37558 TrendKia — Har trend, sabse pehle.