# राजस्थान सरकार की 'परिवर्तन योजना': एनसीआर में पुराने वाहन मालिकों को मिलेगा 100% टैक्स फ्री होने का फायदा

> दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अलवर और खैरथल-तिजारा में 22 अगस्त 2026 से 'परिवर्तन योजना' लागू हो रही है। इसके तहत पुराने वाहनों को हटाकर बीएस-6 या ईवी खरीदने पर टैक्स में 100 प्रतिशत की छूट और कई भारी सब्सिडी दी जाएंगी।

**Type:** article · **Category:** ऑटो · **Published:** 2026-07-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/auto/rajasthan-sarakara-ki-parivartan-yojana-ncr-men-purane-vahana-malikon-ko-milega-100-tax-phri-hone-ka-phayada-9315 · **Language:** Hindi
**Tags:** परिवर्तन योजना, राजस्थान सरकार, अलवर न्यूज़, प्रदूषण नियंत्रण, वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी, ऑटो न्यूज़

दिल्ली-एनसीआर (NCR) क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है। वाहनों से निकलने वाले खतरनाक धुएं को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर राजस्थान के अलवर और खैरथल-तिजारा जिलों के निवासियों के लिए एक बेहद महत्वकांक्षी 'परिवर्तन योजना' (Parivartan Yojana) शुरू करने जा रही हैं। चूंकि ये दोनों जिले एनसीआर का एक अहम हिस्सा हैं, इसलिए स्वच्छ हवा की इस मुहिम में इन्हें विशेष रूप से शामिल किया गया है। अलवर के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (RTO) रविंद्र जोशी के अनुसार, इस पूरी पहल को पहले 'नया सफर योजना' के नाम से जाना जाता था। अब इसे नए और व्यापक स्वरूप में 22 अगस्त 2026 से पूरे निर्धारित क्षेत्र में आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया जाएगा।

 

## दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का खतरनाक स्तर

दिल्ली और इसके आस-पास के एनसीआर क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक हर साल सर्दियों की शुरुआत के साथ ही बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। जहरीली हवा और घने स्मॉग के कारण बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ता है। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, इस दमघोंटू प्रदूषण का एक बहुत बड़ा कारण सड़कों पर दौड़ने वाले पुराने डीजल और पेट्रोल वाहन हैं। इन पुराने इंजनों से भारी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन होता है, जो हवा में जहर घोल देता है। इसी भयानक स्थिति को गंभीरता से लेते हुए, सरकार ने अलवर और खैरथल-तिजारा जैसे जिलों में पुराने वाहनों की पूरी तरह से छुट्टी करने का यह सख्त और दूरदर्शी फैसला लिया है। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य सड़कों से ऐसे वाणिज्यिक और निजी वाहनों को हटाना है जो बीएस-4 (BS-4) या उससे पुराने मानकों वाले हैं। सरकार चाहती है कि लोग नए और आधुनिक बीएस-6 (BS-6) मॉडल, सीएनजी (CNG) वेरिएंट या प्रदूषण मुक्त इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाएं।

 

## वाहन मालिकों के लिए छह बड़े आर्थिक लाभ

एक नया वाहन खरीदना किसी भी आम आदमी या ट्रांसपोर्टर के लिए बड़ा आर्थिक बोझ होता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए इस योजना के तहत बस ऑपरेटरों, ट्रक चालकों और निजी वाहन मालिकों को छह विशेष आर्थिक फायदे दिए जा रहे हैं

- **टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% की छूट:** योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि नया वाहन खरीदने पर लगने वाले मोटर वाहन कर (Motor Vehicle Tax) और पंजीकरण शुल्क (Registration Fee) को 100 प्रतिशत तक पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा।

- **लोन पर 5% की भारी ब्याज सब्सिडी:** जो लोग नई गाड़ी खरीदने के लिए बैंक से वाहन ऋण (Vehicle Loan) लेंगे, सरकार उन्हें ब्याज दर में 5 प्रतिशत तक की बड़ी सब्सिडी (Interest Subsidy) देगी। इससे ईएमआई का बोझ काफी कम हो जाएगा।

- **हर महीने फ्यूल वाउचर की सुविधा:** नए वाहन को चलाने के रोज़मर्रा के खर्च में राहत देने के लिए, योजना के लाभार्थियों को हर महीने एक निर्धारित सीमा के फ्यूल वाउचर प्रदान किए जाएंगे।

- **पुराने बकाया टैक्स से मुक्ति:** बहुत से लोग टैक्स बकाया होने की वजह से अपना पुराना वाहन नहीं बदल पाते हैं। इस योजना के तहत, वाहन स्क्रैप कराने पर पुराने लंबित टैक्स में विशेष वित्तीय राहत दी जाएगी।

- **ऑटोमोबाइल कंपनियों द्वारा 8% का सीधा डिस्काउंट:** सरकार के साथ-साथ वाहन निर्माता कंपनियां (Automobile Manufacturers) भी सहयोग दे रही हैं। ग्राहकों को नए वाहन की एक्स-शोरूम कीमत पर सीधे 8 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।

- **परमिट रिन्यूअल की प्रक्रिया हुई आसान:** बीएस-4 वाहनों का उपयोग करने वाले वाणिज्यिक ऑपरेटरों को अपना परमिट रिन्यू कराने में अक्सर अड़चनों का सामना करना पड़ता था। अब वे नई गाड़ी लेकर नया परमिट बिना किसी परेशानी के बेहद आसानी से हासिल कर सकेंगे।

 

## अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा नया बढ़ावा

इस योजना से न केवल पर्यावरण को फायदा होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक नई रफ्तार मिलेगी। जब पुराने वाहनों को हटाकर हजारों की संख्या में नए बीएस-6 और ईवी वाहन खरीदे जाएंगे, तो ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारी मांग पैदा होगी। नई गाड़ियों की बिक्री बढ़ने से शोरूम, सर्विस सेंटर और वाहन फाइनेंसिंग कंपनियों में रोजगार के अनगिनत नए अवसर उत्पन्न होंगे। इसके अलावा, पुराने वाहनों को कबाड़ में बदलने के लिए स्थापित किए जा रहे अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी सेंटरों के माध्यम से धातु रीसाइक्लिंग उद्योग को मजबूती मिलेगी। स्क्रैप से निकलने वाले लोहे और प्लास्टिक को दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सकेगा, जिससे यह पहल एक सर्कुलर इकोनॉमी को भी बढ़ावा देगी।

 

## स्कूल बस और बाल वाहिनी संचालकों के लिए अवसर

व्यावसायिक वाहनों की श्रेणी में इस योजना का सबसे अधिक और सीधा फायदा स्कूल बसों तथा बाल वाहिनी का संचालन करने वालों को मिलेगा। छोटे बच्चों को सुरक्षित स्कूल लाने और ले जाने के लिए परिवहन के उच्चतम सुरक्षा मानकों की आवश्यकता होती है, जो पुराने और खटारा वाहनों में बिल्कुल नहीं होते। सरकार द्वारा दी जा रही भारी सब्सिडी, टैक्स में छूट और कंपनियों के डिस्काउंट का लाभ उठाकर, स्कूल संचालक कम लागत में अपने पुराने वाहनों के बेड़े (Fleet) को बदल सकते हैं। इससे वे नए और सुरक्षित वाहन खरीद सकेंगे, जो बच्चों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ प्रदूषण नियमों का भी पालन करेंगे।

 

## आवेदन की प्रक्रिया और स्क्रैपिंग के नियम

इन सभी सरकारी लाभों को प्राप्त करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। इसके लिए कुछ खास नियमों का पालन करना होगा

- **पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण:** जो भी पात्र वाहन मालिक इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले आधिकारिक 'परिवर्तन पोर्टल' पर जाकर अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।

- **कलेक्टर कार्यालय से ऑफलाइन सुविधा:** जो वाहन चालक डिजिटल प्रक्रिया में सहज नहीं हैं, वे एनसीआर क्षेत्र के संबंधित जिला कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से भी अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

- **पुराने वाहनों के लिए सख्त नियम:** बीएस-4 से नीचे के मानक वाले सभी पुराने वाहनों को बिना किसी छूट के अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर वैज्ञानिक तरीके से नष्ट (Scrap) कराना होगा। हालांकि, बीएस-4 वाहनों को एनसीआर और अत्यधिक प्रदूषित नॉन-अटेनमेंट शहरों में चलाने की मनाही है, लेकिन मालिक इन्हें बाहरी क्षेत्रों में बेच सकते हैं। यदि वे इसे बेचते हैं, तो उस बिक्री की पूरी जानकारी 'परिवर्तन पोर्टल' पर दर्ज करना अनिवार्य होगा।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** यह योजना देशभर में पुराने वाहनों को हटाने की दिशा में एक मॉडल बन सकती है, जिससे आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी लोगों को नई गाड़ी खरीदने पर भारी टैक्स छूट और सब्सिडी का लाभ मिल सकता है।

- **राजस्थान (अलवर और खैरथल-तिजारा) में:** इन जिलों के बस, ट्रक और निजी वाहन मालिकों के लिए नया वाहन खरीदना बेहद सस्ता हो जाएगा, और उन्हें रजिस्ट्रेशन से लेकर ईएमआई तक में सीधी वित्तीय बचत होगी।

## सवाल-जवाब

### 1. 'परिवर्तन योजना' क्या है?
यह राजस्थान सरकार की एक योजना है जिसके तहत एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पुराने वाहनों को हटाकर नए बीएस-6 या ईवी वाहन खरीदने पर भारी सब्सिडी दी जाती है।

### 2. यह योजना किन जिलों में लागू हो रही है?
यह योजना मुख्य रूप से राजस्थान के अलवर और खैरथल-तिजारा जिलों में 22 अगस्त 2026 से लागू की जा रही है।

### 3. नए वाहन खरीदने पर टैक्स में कितनी छूट मिलेगी?
इस योजना के तहत नया वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत तक की पूरी छूट मिलेगी।

### 4. पुराने बीएस-4 वाहनों का क्या करना होगा?
पुराने बीएस-4 वाहनों को रजिस्टर्ड सेंटर पर स्क्रैप कराना होगा, या फिर उन्हें एनसीआर के बाहर किसी अन्य क्षेत्र में पोर्टल पर जानकारी दर्ज करके बेचा जा सकता है।

### 5. क्या वाहन लोन पर कोई राहत मिलेगी?
हां, नया वाहन खरीदने के लिए बैंक से लोन लेने पर सरकार की ओर से ब्याज दर में 5 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी।

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