सफर के दौरान कार की बैटरी हो जाए डिस्चार्ज, अपनाएं ये आसान तरीका सफर के दौरान कार की बैटरी अचानक बंद हो जाने पर मैकेनिक का इंतजार करने के बजाय जंप स्टार्ट करने का तरीका बेहद काम आ सकता है। सही जानकारी और केबल्स की मदद से आप आसानी से वाहन को चालू कर सकते हैं। सफर के दौरान अगर आपकी कार की बैटरी अचानक काम करना बंद कर दे, तो रास्ते में परेशान होना स्वाभाविक है। विशेष तौर पर बारिश और सर्दी के मौसम में इस तरह की तकनीकी दिक्कतें काफी आम हो जाती हैं। बैटरी धोखा देने पर ज्यादातर वाहन चालक किसी मैकेनिक के आने का इंतजार करने लगते हैं, लेकिन अगर आपको कुछ बुनियादी तरीके पता हों, तो आप खुद ही अपनी गाड़ी को चालू कर सकते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि आप परिवार के साथ किसी लंबी छुट्टी पर जाने की योजना बनाते हैं और ठीक वक्त पर कार स्टार्ट होने से इनकार कर देती है। ऐसे में पूरा शेड्यूल गड़बड़ा सकता है और तमाम तरह की मुश्किलें सामने आ सकती हैं। आज हम आपको गाड़ी को जंप स्टार्ट करने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझा रहे हैं, जिससे आप ऐसी किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपट सकें। बैटरी खराब होने के शुरुआती संकेत किसी भी बड़ी परेशानी से बचने के लिए यह समझना जरूरी है कि बैटरी पूरी तरह खत्म होने से पहले क्या लक्षण दिखाती है। जब आप गाड़ी का इंजन चालू करने की कोशिश करें और इग्निशन से क्लिक-क्लिक जैसी आवाजें आने लगें, तो सतर्क हो जाएं। इसके अलावा, अगर डैशबोर्ड की लाइटें अचानक बहुत धीमी पड़ जाएं या पावर विंडो की रफ्तार बेहद कम हो जाए, तो आपको समझ जाना चाहिए कि कार की बैटरी अब जवाब देने वाली है। समझदारी इसी में है कि बैटरी के पूरी तरह डेड होने से पहले ही उसे बदल लिया जाए। हालांकि, यदि आप समय रहते ऐसा नहीं कर पाते हैं और अचानक रास्ते में गाड़ी बंद पड़ जाती है, तो आपको वह सुरक्षित तरीका जरूर पता होना चाहिए जिसकी मदद से कार को जंप स्टार्ट किया जा सके और आप अपनी मंजिल तक पहुंच सकें। जंप स्टार्ट के लिए जरूरी उपकरण और सावधानियां जब किसी वाहन की बैटरी पूरी तरह डिस्चार्ज हो जाए और तुरंत गाड़ी चलाने की आवश्यकता हो, तो जंप-स्टार्टिंग को सबसे तेज और प्रभावी विकल्प माना जाता है। सुनने में यह प्रक्रिया भले ही तकनीकी और थोड़ी जटिल लगे, लेकिन असल में यह उतनी कठिन नहीं है जितनी प्रतीत होती है। इसके लिए आपको सबसे पहले एक ऐसी दूसरी गाड़ी की जरूरत होती है जिसकी बैटरी बिल्कुल स्वस्थ और अच्छी हालत में हो। इसके साथ ही आपको जंपर केबल्स की भी आवश्यकता पड़ेगी। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान बहुत सावधानी बरतने की जरूरत होती है, ताकि न तो वाहन की बैटरी को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचे और न ही काम करते समय आपको कोई शारीरिक चोट लगे। सुरक्षा मानकों का पालन करना इस प्रक्रिया का सबसे अहम हिस्सा है, जिसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कार को जंप स्टार्ट करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका सबसे पहले दोनों कारों को एक-दूसरे के बेहद करीब इस तरह खड़ा करें कि दोनों की बैटरियां एक-दूसरे के पास आ जाएं। इस दौरान यह बात विशेष रूप से ध्यान रखनी है कि दोनों वाहनों को आमने-सामने खड़ा करना है, लेकिन दोनों गाड़ियां आपस में बिल्कुल भी टच नहीं होनी चाहिए। बैटरियों पर हमेशा पॉजिटिव और निगेटिव के निशान बने होते हैं, जिन्हें आपको ध्यान से देखना होगा। इसी तरह, जंपर केबल में भी दो अलग-अलग रंगों के तार होते हैं, जिसमें एक काला और दूसरा लाल होता है। पॉजिटिव यानी धनात्मक चिह्न वाले बैटरी नॉब पर हमेशा लाल रंग का तार जोड़ा जाता है, जबकि निगेटिव यानी ऋणात्मक चिह्न वाले हिस्से पर काले रंग का तार लगाया जाता है। अब इन दोनों तारों को उस वाहन की बैटरी से अच्छी तरह कनेक्ट करें जिसकी बैटरी बिल्कुल सही हालत में है। केबल्स जोड़ने और गाड़ी चालू करने की प्रक्रिया केबल्स को आपस में जोड़ते वक्त इस बात का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि एक कार के पॉजिटिव सिरे को दूसरी कार के निगेटिव सिरे से जोड़ना होता है, जबकि पहली कार के निगेटिव सिरे को दूसरी के पॉजिटिव से जोड़ना होता है। जब सारे कनेक्शन सही तरीके से सेट हो जाएं, तो उस कार को स्टार्ट करें जिसकी बैटरी सही है और उसे कुछ मिनटों के लिए वैसे ही चालू हालत में छोड़ दें। ऐसा करने से डिस्चार्ज हो रही दूसरी कार की बैटरी में करंट पहुंचेगी और वह चार्ज होने लगेगी। कुछ मिनट बीत जाने के बाद आप अपनी बंद पड़ी दूसरी कार को भी सेल्फ देकर स्टार्ट करने का प्रयास कर सकते हैं। यदि यह पूरा तरीका आजमाने के बाद भी गाड़ी स्टार्ट नहीं होती है, तो इसका मतलब है कि बैटरी पूरी तरह खराब हो चुकी है और अब उसे बदलवाना ही एकमात्र विकल्प बचेगा। केबल्स को हटाने का सही तरीका जब आपकी कार सफलताપૂર્વक स्टार्ट हो जाए, तो जंपर केबल्स को भी बहुत सावधानी के साथ वाहन से हटाना चाहिए, ताकि किसी प्रकार का शॉर्ट सर्किट न हो। सबसे पहले खराब बैटरी वाली कार से निगेटिव यानी काले रंग के तार को हटाएं और फिर पॉजिटिव तार वाले क्लैंप को खोलकर सुरक्षित नीचे रख दें। इसके बाद ठीक इसी तरह अच्छी बैटरी वाली कार से भी पहले लाल रंग का तार हटाएं और अंत में काले रंग के तार को अलग करें। पूरी प्रक्रिया के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना बेहद आवश्यक है कि कोई भी क्लैंप आपस में एक-दूसरे को छूने न पाए, अन्यथा स्पार्किंग हो सकती है और बड़ा नुकसान उठना पड़ सकता है। इन सभी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप किसी भी आपात स्थिति में आसानी से अपनी कार को चालू कर सकते हैं। इसका आप पर असर बैटरी खराब होने और जंप स्टार्ट की जानकारी वाहन चालकों के लिए सीधे तौर पर समय और पैसों की बचत से जुड़ी है। • भारत में: किसी भी शहर या हाइवे पर सफर के दौरान बैटरी बैठने पर यह तरीका मैकेनिक का घंटों इंतजार करने की जरूरत को खत्म कर देता है। वाहन चालकों को सड़क पर बीच सफर में लंबी देरी का सामना नहीं करना पड़ता है। • दैनिक सफर में: सर्दियों या बारिश के मौसम में जब गाड़ियां अक्सर स्टार्ट होने में दिक्कत करती हैं, तो यह तरीका आपको समय पर दफ्तर या जरूरी काम पर पहुंचने में मदद करता है। आपात स्थिति में किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती है। सवाल-जवाब 1. कार की बैटरी डिस्चार्ज होने पर सबसे पहले क्या पहचान होती है? इंजन चालू करते समय क्लिक-क्लिक की आवाज आना, लाइटों का धीमा होना और पावर विंडो का धीरे काम करना बैटरी खत्म होने के संकेत हैं। 2. जंप स्टार्ट करने के लिए किन चीजों की जरूरत होती है? जंप स्टार्ट करने के लिए एक दूसरी चालू हालत वाली कार और एक जोड़ी जंपर केबल्स की आवश्यकता होती है। 3. जंपर केबल्स में कितने तार होते हैं? जंपर केबल्स में दो अलग-अलग रंगों के तार होते हैं, जिसमें एक काला और दूसरा लाल रंग का होता है। 4. लाल तार को बैटरी के किस हिस्से से जोड़ा जाता है? लाल तार को हमेशा बैटरी के पॉजिटिव यानी धनात्मक चिह्न वाले नॉब पर जोड़ा जाता है। 5. क्या दोनों कारों को आपस में टच करना चाहिए? नहीं, दोनों कारों को आमने-सामने खड़ा करना चाहिए लेकिन वे आपस में स्पर्श नहीं करनी चाहिए। 6. जंप स्टार्ट करने के बाद केबल्स कैसे हटानी चाहिए? सबसे पहले खराब बैटरी वाली कार से काला तार हटाएं, फिर लाल तार हटाएं और उसके बाद दूसरी कार के तार हटाएं। 7. यदि जंप स्टार्ट करने पर भी कार चालू न हो तो क्या करें? यदि यह तरीका काम न करे तो बैटरी पूरी तरह खराब हो चुकी है और उसे बदलना ही एकमात्र विकल्प बचता है। 8. किन मौसमों में बैटरी खराब होने का खतरा ज्यादा होता है? बारिश और सर्दी के मौसम में कार की बैटरी के धोखा देने का जोखिम काफी ज्यादा रहता है। https://trendkia.com/auto/saphara-ke-daurana-kara-ki-baitari-ho-jae-discharja-apanaen-ye-asana-tarika-24355 TrendKia — Har trend, sabse pehle.