# सड़क हादसों पर अंकुश लगाने की बड़ी तैयारी, अक्टूबर 2027 से लागू होगा भारत NCAP 2.0 और नया ड्राइविंग लाइसेंस पॉइंट नियम

> केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि देश में अक्टूबर 2027 से भारत NCAP 2.0 लागू करने की योजना है, जिसके तहत वाहनों की पूरी सेफ्टी चेन की जांच की जाएगी। साथ ही बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने के लिए ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम भी लाया जाएगा।

**Type:** article · **Category:** ऑटो · **Published:** 2026-09-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/auto/saraka-hadason-para-ankusha-lagane-ki-bari-taiyari-aktubara-2027-se-lagu-hoga-bharat-ncap-2-0-aura-naya-draivinga-laisensa-pointa--27109 · **Language:** Hindi
**Tags:** भारत NCAP 2.0, नितिन गडकरी, कार सेफ्टी स्टार रेटिंग, ड्राइविंग लाइसेंस पॉइंट सिस्टम, सड़क सुरक्षा नियम, ऑटोमोबाइल उद्योग, SIAM 66वां सम्मेलन

भारत में सड़क सुरक्षा के परिदृश्य को पूरी तरह बदलने और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या को नियंत्रित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार एक व्यापक रोडमैप तैयार कर रही है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के 66वें वार्षिक सम्मेलन के मंच से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ऑटोमोबाइल उद्योग और आम नागरिकों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सरकार की नई कार्ययोजना के तहत अक्टूबर 2027 से 'भारत NCAP 2.0' (Bharat NCAP 2.0) को देश में आधिकारिक रूप से शुरू करने की योजना बनाई गई है। यह नया ढांचा केवल पुरानी क्रैश टेस्ट प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वाहन निर्माण की पूरी सुरक्षा प्रणाली और वैल्यू चेन का बारीकी से मूल्यांकन करेगा। इसके अतिरिक्त, ड्राइवरों के व्यवहार में सुधार लाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र में एक डिमेरिट पॉइंट सिस्टम लागू करने की तैयारी भी चल रही है।

## भारत NCAP का मौजूदा ढांचा और सुरक्षा रेटिंग की व्यवस्था
भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (Bharat NCAP) देश की पहली स्वतंत्र और आधिकारिक वाहन सुरक्षा मूल्यांकन प्रणाली है। इस व्यवस्था के अंतर्गत देश में बिकने वाली पैसेंजर गाड़ियों का व्यवस्थित क्रैश टेस्ट किया जाता है, जिसके आधार पर उन्हें 1 से 5 स्टार तक की सुरक्षा रेटिंग प्रदान की जाती है। इन परीक्षणों में मुख्य रूप से यह जांचा जाता है कि किसी दुर्घटना के समय गाड़ी में आगे और पीछे बैठे वयस्क (Adults) तथा बच्चे (Children) कितने सुरक्षित रहते हैं। किसी वाहन को जितनी अधिक स्टार रेटिंग मिलती है, उसे दुर्घटना के दौरान सवारियों की सुरक्षा के लिहाज से उतना ही मजबूत माना जाता है। अब सरकार का मानना है कि केवल कुछ चुनिंदा क्रैश टेस्ट मानकों के आधार पर वाहन को सुरक्षित घोषित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय की मांग है कि सुरक्षा को अधिक आधुनिक और व्यापक दृष्टिकोण से आंका जाए।

## Bharat NCAP 2.0: पूरी सेफ्टी चेन और स्वदेशी तकनीक पर जोर
अक्टूबर 2027 से प्रस्तावित Bharat NCAP 2.0 की सबसे प्रमुख विशेषता यह होगी कि इसमें वाहन सुरक्षा के हर पहलू की गहन जांच की जाएगी। नितिन गडकरी के अनुसार, नए चरण में क्रैश टेस्ट के साथ-साथ वाहन की संपूर्ण सेफ्टी वैल्यू चेन (Safety Value Chain) का मूल्यांकन होगा। इसमें केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों को ही शामिल नहीं किया जाएगा, बल्कि भारतीय स्टार्टअप्स और स्थानीय शोधकर्ताओं द्वारा विकसित नई तकनीकों का भी भरपूर उपयोग किया जाएगा। इसका प्रत्यक्ष अर्थ यह है कि कार निर्माता कंपनियों को केवल प्रयोगशाला में होने वाले क्रैश टेस्ट में अच्छे अंक पाने पर ध्यान केंद्रित नहीं करना होगा, बल्कि उन्हें सड़क पर वाहन की समग्र मजबूती, एक्टिव और पैसिव सेफ्टी फीचर्स तथा भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करना अनिवार्य होगा।

## सड़क हादसों के चिंताजनक आंकड़े और युवा आबादी पर मंडराता खतरा
सुरक्षा मानकों को सख्त और व्यापक बनाने के पीछे देश में सड़क दुर्घटनाओं के भयावह आंकड़े मुख्य वजह हैं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत में हर साल लगभग 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जाती हैं, जिनमें औसतन 1.80 लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। और भी अधिक दुखद स्थिति यह है कि इन हादसों में अपनी जान गंवाने वाले लोगों में सबसे बड़ी संख्या 18 से 36 साल की उम्र के युवाओं की है। देश की कार्यबल क्षमता और युवा आबादी का इस प्रकार हादसों का शिकार होना राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और पीड़ित परिवारों के लिए अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है। गडकरी ने जोर देकर कहा कि इस जानलेवा क्षति को रोकने के लिए सिर्फ बेहतर सड़कें या बेहतर गाड़ियां होना ही काफी नहीं है, बल्कि सड़क, वाहन, और ड्राइवर इन तीनों घटकों पर एक साथ काम करना होगा।

## कार निर्माताओं की बढ़ती जिम्मेदारी और भारतीय ऑटो बाजार का कद
Bharat NCAP 2.0 के प्रभावी होने के बाद देश में काम कर रही तमाम वाहन निर्माता कंपनियों के लिए सुरक्षा अनुसंधान और इंजीनियरिंग पर अधिक निवेश करना जरूरी हो जाएगा। कंपनियों को भारतीय सड़कों की विविधता, मौसम की स्थिति और ट्रैफिक पैटर्न को ध्यान में रखते हुए अधिक सुरक्षित मॉडल तैयार करने होंगे। भारतीय स्टार्टअप्स की उन्नत तकनीकों को अपनाकर स्थानीय स्तर पर सेफ्टी इनोवेशन को एक नया मंच मिलेगा। इसके साथ ही, भारत में वाहन परीक्षण की लागत और लगने वाला समय वैश्विक मानकों की तुलना में काफी कम है, जिससे विदेशी और घरेलू दोनों तरह की कंपनियों के लिए भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की टेस्टिंग कराना आसान और किफायती साबित हो रहा है। भारत वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा पैसेंजर व्हीकल मार्केट बन चुका है, और वाहनों की लगातार बढ़ती बिक्री के बीच कड़े सुरक्षा मानक लागू करना बेहद आवश्यक हो गया है।

## ड्राइविंग लाइसेंस में पॉइंट सिस्टम: नियम तोड़ने पर रद्द होगा लाइसेंस
सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सरकार केवल गाड़ियों की मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन चालकों के अनुशासन को सुधारने के लिए भी एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। प्रस्तावित योजना के तहत ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और व्हीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में एक 'ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम' जोड़ा जाएगा। जब भी कोई चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करेगा, जैसे ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप करना या गलत दिशा में गाड़ी चलाना, तो उसके लाइसेंस से एक निश्चित संख्या में पॉइंट काट लिए जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति बार-बार नियम तोड़ता है और उसके कटे हुए पॉइंट तय सीमा को पार कर जाते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था से नियम तोड़ने वाले चालकों पर सख्त लगाम लगेगी।

## सुरक्षित ड्राइविंग का इनाम: इंश्योरेंस कंपनियों से मिलेंगे इंसेंटिव
लाइसेंस पॉइंट सिस्टम का उद्देश्य केवल वाहन चालकों को सजा देना या जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि सुरक्षित ड्राइविंग संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि जो चालक नियमित रूप से ट्रैफिक नियमों का पालन करेंगे और जिनका ड्राइविंग रिकॉर्ड पूरी तरह से साफ-सुथरा रहेगा, उन्हें बीमा कंपनियों (Insurance Companies) की ओर से विशेष छूट, प्रीमियम में राहत और अन्य वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि दंड और पुरस्कार के इस संतुलित दृष्टिकोण से चालकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आएगा और वे केवल चालान के डर से नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए अनुशासित होकर वाहन चलाएंगे।

## इसका आप पर असर
यह फैसला देश भर के वाहन खरीदारों और चालकों के लिए सड़क सुरक्षा मानकों और ड्राइविंग आदतों में सीधे तौर पर बदलाव लाएगा।

- **भारत में:** नई कार खरीदने वालों को अक्टूबर 2027 से अधिक सुरक्षित और आधुनिक तकनीक वाली गाड़ियां मिलेंगी, जिससे हादसों के दौरान जानमाल के नुकसान का जोखिम काफी कम होगा।
- **ड्राइवरों के लिए:** ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस से पॉइंट कटेंगे और बार-बार उल्लंघन करने पर लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द हो सकता है।
- **अनुशासित चालकों के लिए:** साफ-सुथरा ड्राइविंग रिकॉर्ड रखने वाले वाहन मालिकों को इंश्योरेंस कंपनियों से प्रीमियम में छूट और विशेष प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
- **ऑटो उद्योग के लिए:** वाहन निर्माता कंपनियों को क्रैश टेस्ट के अलावा पूरी सुरक्षा वैल्यू चेन और स्वदेशी स्टार्टअप्स की तकनीकों में निवेश बढ़ाना होगा।

## सवाल-जवाब

### 1. भारत NCAP 2.0 कब से लागू होगा?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार भारत NCAP 2.0 को अक्टूबर 2027 से देश में लागू करने की योजना है।

### 2. Bharat NCAP 2.0 में क्या नया होगा?
इसमें केवल कार के क्रैश टेस्ट पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि गाड़ी की पूरी सुरक्षा व्यवस्था (सेफ्टी वैल्यू चेन) और स्टार्टअप्स की नई तकनीकों का मूल्यांकन किया जाएगा।

### 3. ड्राइविंग लाइसेंस के लिए क्या नया नियम प्रस्तावित किया गया है?
ड्राइविंग लाइसेंस में एक ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम लाया जाएगा, जिसमें नियम तोड़ने पर पॉइंट कटेंगे और सीमा तय होने पर लाइसेंस रद्द किया जा सकेगा।

### 4. अच्छी ड्राइविंग करने वाले चालकों को क्या फायदा मिलेगा?
साफ-सुथरा ड्राइविंग रिकॉर्ड रखने वाले वाहन चालकों को इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा विशेष छूट और वित्तीय इंसेंटिव दिए जाएंगे।

### 5. भारत में हर साल सड़क हादसों में कितने लोगों की मौत होती है?
भारत में हर साल लगभग 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें करीब 1.80 लाख लोगों की मौत हो जाती है।

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