टोयोटा फॉर्च्यूनर खरीदने का बना रहे हैं मन, देश के इन पांच शहरों में मिलती है सबसे कम कीमत टोयोटा फॉर्च्यूनर की ऑन-रोड कीमत पूरे देश में एक समान नहीं होती है, क्योंकि विभिन्न राज्यों के आरटीओ टैक्स और स्थानीय शुल्कों में काफी अंतर होता है। देश के प्रमुख पांच शहरों में इस दमदार एसयूवी की कीमतों में पांच से आठ लाख रुपये तक का भारी फर्क देखने को मिलता है। भारतीय वाहन बाजार में टोयोटा फॉर्च्यूनर अपनी खास मस्कुलर बनावट, मजबूत रीसेल वैल्यू और भरोसेमंद इंजन के दम पर एक अलग मुकाम रखती है। प्रीमियम एसयूवी सेगमेंट में यह गाड़ी चाहने वालों की सूची में सबसे ऊपर रहती है और कई लोग इसे अपने रसूख का प्रतीक मानते हैं। हालांकि, जब शोरूम से इस वाहन को निकालकर अपने घर लाने की बात आती है, तो इसकी अंतिम ऑन-रोड कीमत हर शहर में बदल जाती है। ऐसा अलग-अलग राज्यों में लगने वाले रोड टैक्स और स्थानीय रजिस्ट्रेशन शुल्क की वजह से होता है, जिसके कारण देश के विभिन्न हिस्सों में इस गाड़ी की कुल कीमत में लाखों रुपये का अंतर आ जाता है। पुद्दुचेरी में सबसे किफायती दाम देशभर में लग्जरी और प्रीमियम वाहनों पर सबसे कम रोड टैक्स वसूलने वाले क्षेत्रों में पुद्दुचेरी का नाम सबसे ऊपर आता है। इस केंद्र शासित प्रदेश में रियायती और फ्लैट टैक्स स्लैब होने के कारण खरीदारों को बड़ी राहत मिलती है। यहां बेस वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत पर लगभग दो लाख पैंसठ हजार रुपये का आरटीओ टैक्स चुकाना पड़ता है। वाहन बीमा और टीसीएस शुल्क को जोड़ने के बाद भी यह एसयूवी चालीस लाख रुपये के दायरे में मिल जाती है, जो इसे पूरे देश में सबसे सस्ता विकल्प बनाती है। इस क्षेत्र में अनुमानित ऑन-रोड कीमत उनतालीस लाख पचासी हजार से उनतालीस लाख पचानवे हजार रुपये के बीच बैठती है। अहमदाबाद और गुजरात का टैक्स गणित गुजरात में निजी चार पहिया वाहनों पर रोड टैक्स की दर लगभग छह फीसदी तय की गई है, जो देश के अन्य बड़े राज्यों की तुलना में काफी कम है। अहमदाबाद शहर में बेस फॉर्च्यूनर खरीदने पर ग्राहकों को केवल दो लाख दस हजार से दो लाख पंद्रह हजार रुपये तक का टैक्स देना होता है। बीमा और अन्य स्थानीय शुल्कों को मिलाने के बाद यह शानदार गाड़ी लगभग उनतालीस लाख चालीस हजार रुपये में आसानी से घर आ जाती है। इस कम टैक्स ढांचे की वजह से यहां के स्थानीय खरीदारों को बड़ी वित्तीय बचत का लाभ मिलता है, और अनुमानित ऑन-रोड कीमत उनतालीस लाख तीस हजार से उनतालीस लाख चालीस हजार रुपये के बीच रहती है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की स्थिति देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल चालित वाहनों पर रोड टैक्स करीब दस प्रतिशत है, जो मुंबई या बेंगलुरु जैसे महानगरों के मुकाबले काफी संतुलित और व्यावहारिक माना जाता है। यहां फॉर्च्यूनर के बेस मॉडल पर लगभग साढ़े तीन लाख रुपये आरटीओ के रूप में और दो लाख पंद्रह हजार रुपये बीमा तथा टीसीएस के मद में खर्च होते हैं। इन सभी शुल्कों को जोड़ने पर दिल्ली के अंदर इस गाड़ी की कुल ऑन-रोड कीमत चालीस लाख पचासी हजार रुपये के आसपास पहुंच जाती है। यहां अनुमानित ऑन-रोड कीमत चालीस लाख अस्सी हजार से चालीस लाख नब्बे हजार रुपये तक दर्ज की जाती है। मुंबई और महाराष्ट्र का खर्च महाराष्ट्र राज्य में पेट्रोल से चलने वाले वाहनों पर रोड टैक्स की दर ग्यारह से तेरह प्रतिशत तक जाती है, जो इसे थोड़ा महंगा बनाती है। मुंबई शहर में बेस फॉर्च्यूनर के खरीदार को लगभग चार लाख साठ हजार रुपये अकेले आरटीओ टैक्स के रूप में चुकाने पड़ते हैं। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन शुल्क, सड़क सुरक्षा सेस और बीमा का खर्च जुड़ने के बाद गाड़ी की अंतिम कीमत लगभग बयालीस लाख रुपये तक पहुंच जाती है। उत्तर भारत के कई शहरों की तुलना में यहाँ का खर्च थोड़ा अधिक है, जहाँ अनुमानित ऑन-रोड कीमत इकतालीस लाख पचासी हजार से बयालीस लाख रुपये के बीच होती है। बेंगलुरु और कर्नाटक में सबसे ज्यादा कीमत कर्नाटक में बीस लाख रुपये से अधिक कीमत वाली गाड़ियों पर देश का सबसे अधिक यानी करीब अठारह प्रतिशत रोड टैक्स वसूला जाता है। बेंगलुरु में बेस फॉर्च्यूनर खरीदने पर आरटीओ का भारी भरकम खर्च छह लाख तीस हजार रुपये से भी ऊपर निकल जाता है। इन ऊंचे करों के परिणामस्वरूप यहाँ यह एसयूवी लगभग तैंतालीस लाख पचहत्तर हजार रुपये में मिलती है, जो पुद्दुचेरी के मुकाबले सीधे तौर पर तीन लाख अस्सी हजार रुपये तक अधिक महंगी पड़ती है। यहाँ अनुमानित ऑन-रोड कीमत तैंतालीस लाख पैंसठ हजार से तैंतालीस लाख अस्सी हजार रुपये के दायरे में रहती है। इसका आप पर असर टोयोटा फॉर्च्यूनर खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए यह जानकारी सीधे उनके बजट और वित्तीय योजना को प्रभावित करती है। • भारत में: देश भर में अलग-अलग राज्यों के आरटीओ टैक्स नियमों के कारण खरीदारों को एक ही गाड़ी पर लाखों रुपये का अंतर देखने को मिलता है। सही शहर का चुनाव करके ग्राहक अपनी कुल लागत को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। • राज्यों के अनुसार: पुद्दुचेरी और गुजरात जैसे क्षेत्रों में वाहन खरीदने से भारी टैक्स बचत होती है, जबकि कर्नाटक या महाराष्ट्र में गाड़ी रजिस्टर कराने पर अतिरिक्त पांच से आठ लाख रुपये तक का वित्तीय बोझ पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ देश के विभिन्न राज्यों में टोयोटा फॉर्च्यूनर की ऑन-रोड कीमतों में भारी अंतर होने के पीछे स्पष्ट प्रशासनिक कारण हैं। केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों की अपनी अलग राजकोषीय नीतियां होती हैं, जो वाहन पंजीकरण और सड़क कर तय करती हैं। • टैक्स स्लैब में अंतर: प्रत्येक राज्य सरकार अपनी स्थानीय परिवहन नीति और राजस्व आवश्यकताओं के आधार पर आरटीओ टैक्स तय करती है। • विशिष्ट सेस का प्रावधान: कुछ राज्य सड़क सुरक्षा और स्थानीय विकास के नाम पर अतिरिक्त सेस वसूलते हैं, जिससे कीमत बढ़ जाती है। • केंद्र शासित प्रदेशों की रियायतें: पुद्दुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में वाहन बिक्री को बढ़ावा देने के लिए कम कर दरें लागू की जाती हैं। सवाल-जवाब 1. टोयोटा फॉर्च्यूनर की कीमत देश भर में अलग क्यों होती है? विभिन्न राज्यों में आरटीओ टैक्स और स्थानीय रजिस्ट्रेशन सेस की दरें अलग होने के कारण कीमतों में अंतर आता है। 2. देश में टोयोटा फॉर्च्यूनर सबसे सस्ती कहाँ मिलती है? पुद्दुचेरी में कम रोड टैक्स स्लैब के कारण यह गाड़ी सबसे कम कीमत पर उपलब्ध होती है। 3. कर्नाटक में फॉर्च्यूनर इतनी महंगी क्यों है? कर्नाटक में बीस लाख रुपये से ऊपर की गाड़ियों पर देश का सबसे ऊँचा करीब अट्ठारह प्रतिशत रोड टैक्स वसूला जाता है। 4. गुजरात में बेस फॉर्च्यूनर पर कितना आरटीओ टैक्स लगता है? गुजरात में लगभग दो लाख दस हजार से दो लाख पंद्रह हजार रुपये तक का टैक्स लगता है। https://trendkia.com/auto/toyota-fortuner-on-road-price-varies-widely-across-cities-due-to-rto-tax-differences-57526 TrendKia — Har trend, sabse pehle.