त्योहारी सीजन से पहले भारतीय ऑटो बाजार में उछाल, अगस्त में 4.39 लाख पैसेंजर कारों की थोक डिलीवरी सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स द्वारा जारी मासिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल अगस्त में पैसेंजर कारों की थोक बिक्री 36.5 प्रतिशत बढ़कर 4,39,309 यूनिट तक पहुंच गई। दोपहिया और तिपहिया वाहनों में भी ठोस विस्तार दर्ज किया गया है, जबकि खुदरा स्तर पर वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों की हिस्सेदारी पेट्रोल से आगे निकल गई। भारतीय वाहन बाजार में आगामी त्योहारी सीजन से ठीक पहले जबर्दस्त तेजी देखने को मिली है, जहां कार निर्माताओं ने डीलरों को रिकॉर्ड संख्या में नई गाड़ियां भेजी हैं। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के मंगलवार को सामने आए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त के महीने में पैसेंजर कारों की कुल थोक डिलीवरी 4,39,309 यूनिट दर्ज की गई। यह प्रदर्शन पिछले साल अगस्त 2025 में दर्ज 3,21,901 यूनिट के मुकाबले 36.5 प्रतिशत का उछाल दर्शाता है। डीलरों के पास नए स्टॉक की बढ़ती आवक इस बात का संकेत है कि ऑटो कंपनियां आने वाले हफ्तों में ग्राहकों की मजबूत खरीदारी की उम्मीद कर रही हैं। दोपहिया और तिपहिया गाड़ियों के खंड में भी तेज विस्तार कारों के साथ-साथ आम जनता और छोटे कारोबारियों से जुड़े परिवहन साधनों की मांग में भी निरंतर सुधार दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के अनुसार, अगस्त के दौरान दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री 10.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 20,34,698 यूनिट पर पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी महीने यह संख्या 18,41,954 यूनिट रही थी। वहीं तिपहिया वाहन खंड में इससे भी तेज गति देखने को मिली, जहां थोक डिलीवरी 22.8 प्रतिशत बढ़कर 93,764 यूनिट दर्ज की गई, जो पिछले साल अगस्त 2025 में 76,324 यूनिट थी। सभी प्रमुख खंडों में दर्ज हुई यह दोहरे अंकों की बढ़त पूरे वाहन क्षेत्र में व्यापक सुधार को दर्शाती है। अगस्त महीने के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंचा थोक वितरण सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने वाहन जगत की इस रफ्तार पर अपने विचार साझा किए। राजेश मेनन ने कहा, "पैसेंजर कारों, टू-व्हीलर्स और थ्री-व्हीलर्स के सेगमेंट में अगस्त 2026 की अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की गई है।" उन्होंने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कार सेगमेंट ने 4.39 लाख यूनिट के साथ 36.5 प्रतिशत की डबल डिजिट वृद्धि हासिल की है। इसी तरह थ्री-व्हीलर श्रेणी 22.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 0.94 लाख यूनिट रही, जबकि टू-व्हीलर्स ने 10.5 प्रतिशत की बढ़त लेते हुए 20.35 लाख यूनिट का स्तर छुआ। मांग को गति देने वाले प्रमुख आर्थिक और बाजार कारक राजेश मेनन ने भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र के वर्तमान दौर को एक मजबूत विकास चक्र के रूप में रेखांकित किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले साल की समान अवधि का निचला आधार इस उच्च प्रतिशत वृद्धि को दर्ज करने में मददगार साबित हुआ। उद्योग की अंतर्निहित मांग की स्थिति काफी ठोस बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों में क्रय शक्ति का लौटना, उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ना, फाइनेंसिंग और कर्ज की आसान उपलब्धता तथा वैकल्पिक ड्राइवट्रेन तकनीकों का बढ़ता आकर्षण विभिन्न श्रेणियों में सकारात्मक माहौल बना रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि त्योहारी मांग के बल पर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के आंकड़े काफी मजबूत रहेंगे। खुदरा बाजार में ऐतिहासिक बदलाव और पेट्रोल से आगे निकले वैकल्पिक ईंधन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) द्वारा दर्ज किए गए खुदरा बिक्री के आंकड़े भी इस जमीनी मांग की पुष्टि करते हैं। अगस्त के दौरान भारत में सभी श्रेणियों के वाहनों की कुल खुदरा बिक्री 17.51 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाकर 24,23,201 के नए रिकॉर्ड शिखर तक जा पहुंची, जबकि पिछले वर्ष इसी दौरान डीलरों ने 20,62,038 गाड़ियां ग्राहकों को सौंपी थीं। इस खुदरा विस्तार के बीच पैसेंजर व्हीकल्स (PV) के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव दर्ज हुआ है, जहां पहली बार सीएनजी (CNG), हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक जैसे वैकल्पिक ईंधनों का संयुक्त हिस्सा 41.95 प्रतिशत दर्ज हुआ। यह आंकड़ा पेट्रोल गाड़ियों की 40.85 प्रतिशत हिस्सेदारी को पार कर गया। एक साल से कुछ पहले तक पेट्रोल मॉडल दूसरे सभी ईंधनों की तुलना में करीब 11 प्रतिशत आगे चल रहे थे, लेकिन अब यह अंतर पूरी तरह समाप्त हो चुका है। इसका आप पर असर त्योहारी सीजन से पहले कार डीलरों के पास भारी संख्या में नए मॉडल और वेरिएंट्स उपलब्ध होंगे, जिससे खरीदारों को अधिक विकल्प मिलेंगे। • वाहन खरीदारों पर: शोरूमों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने से लोकप्रिय मॉडल्स पर डिलीवरी का प्रतीक्षा समय कम हो सकता है। डीलरशिप्स त्योहारी सीजन के दौरान ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी फाइनेंसिंग और ऑफर्स दे सकती हैं। • वैकल्पिक ईंधन के चयन पर: सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक विकल्पों की बढ़ती मांग के कारण कार निर्माता इन श्रेणियों में नए मॉडल्स पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। पेट्रोल के मुकाबले वैकल्पिक ईंधन की हिस्सेदारी 41.95 प्रतिशत होने से ग्राहकों को कई किफायती विकल्प मिल रहे हैं। • ग्रामीण उपभोक्ताओं पर: दोपहिया वाहनों की मांग में 10.5 प्रतिशत की तेजी यह दर्शाती है कि गैर-शहरी क्षेत्रों में नकदी प्रवाह बेहतर है। आसान ऋण सुविधाओं और बेहतर फाइनेंसिंग से दोपहिया वाहन खरीदना आसान बना हुआ है। • ऑटो सेक्टर के निवेशकों पर: थोक बिक्री में 36.5 प्रतिशत का उछाल वाहन कंपनियों की दूसरी तिमाही के राजस्व और मुनाफे को मजबूती दे सकता है। त्योहारी सीजन में निरंतर मांग रहने पर ऑटो शेयरों के प्रति निवेशकों की धारणा सकारात्मक बनी रह सकती है। ऐसा क्यों हुआ अगस्त के महीने में ऑटोमोबाइल की थोक बिक्री में यह रिकॉर्ड तेजी अनुकूल आर्थिक परिस्थितियों और आगामी त्योहारी सीजन की तैयारी के चलते देखने को मिली है। • त्योहारी मांग की तैयारी: कार और बाइक निर्माता त्योहारी सीजन से पहले अपने डीलर नेटवर्क में अग्रिम स्टॉक जमा कर रहे हैं। त्योहारों के दौरान अचानक आने वाली मांग को पूरा करने के लिए कंपनियों ने फैक्ट्रियों से थोक आपूर्ति को तेज कर दिया। • निचले तुलनात्मक आधार का लाभ: पिछले वर्ष अगस्त 2025 में बिक्री का आधार अपेक्षाकृत कम रहा था, जिसके कारण इस साल प्रतिशत वृद्धि में भारी उछाल दर्ज हुआ है। 3,21,901 यूनिट के पिछले आंकड़े के मुकाबले 4,39,309 यूनिट की डिलीवरी ने 36.5 प्रतिशत की वृद्धि को जन्म दिया। • उपभोक्ता धारणा और आसान कर्ज: ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार और आसान ऑटो फाइनेंसिंग विकल्पों ने खरीदारों के भरोसे को बढ़ाया है। बैंकों और फाइनेंस कंपनियों की आसान शर्तों ने दोपहिया और चार पहिया दोनों सेगमेंट में खरीदारी को रफ्तार दी। • पॉवरट्रेन प्राथमिकताओं में बदलाव: ग्राहकों का रुझान तेजी से सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है। कंपनियों द्वारा नए और किफायती वैकल्पिक ईंधन मॉडल पेश किए जाने से कुल वाहन बिक्री को अतिरिक्त बल मिला। सवाल-जवाब 1. अगस्त में पैसेंजर कारों की थोक बिक्री कितनी रही? अगस्त में पैसेंजर कारों की थोक बिक्री 36.5 प्रतिशत बढ़कर 4,39,309 यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले साल इसी महीने 3,21,901 यूनिट थी। 2. दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री का क्या हाल रहा? अगस्त में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री 10.5 प्रतिशत बढ़कर 20,34,698 यूनिट और तिपहिया वाहनों की बिक्री 22.8 प्रतिशत बढ़कर 93,764 यूनिट दर्ज की गई। 3. अगस्त के दौरान कुल गाड़ियों की खुदरा बिक्री कितनी दर्ज की गई? फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, अगस्त में सभी वाहनों की कुल खुदरा बिक्री 17.51 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 24,23,201 यूनिट पर पहुंच गई। 4. कार बाजार में ईंधन के विकल्पों को लेकर क्या बड़ा बदलाव देखा गया? पैसेंजर व्हीकल्स की खुदरा बिक्री में पहली बार सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 41.95 प्रतिशत रही, जिसने पेट्रोल की 40.85 प्रतिशत हिस्सेदारी को पीछे छोड़ दिया। https://trendkia.com/auto/tyohari-sijana-se-pahale-bharatiya-to-bajara-men-uchhala-august-men-4-39-lakha-paisenjara-karon-ki-thoka-dilivari-53444 TrendKia — Har trend, sabse pehle.