# त्योहारी सीजन से पहले भारतीय टू-व्हीलर बाजार में उछाल, अगस्त की रिटेल बिक्री में दर्ज हुई भारी बढ़ोतरी

> देश में आगामी त्योहारों से ठीक पहले दोपहिया वाहनों की रिटेल बिक्री में करीब 18 से 20 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है। इलेक्ट्रिक स्कूटरों और प्रीमियम पेट्रोल मॉडल की भारी मांग के कारण डीलरों के पास वेटिंग पीरियड भी लंबा हो गया है।

**Type:** article · **Category:** ऑटो · **Published:** 2026-08-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/auto/tyohari-sijana-se-pahale-bharatiya-tu-vhilara-bajara-men-uchhala-agasta-ki-ritela-bikri-men-darja-hui-bhari-barhotari-23178 · **Language:** Hindi
**Tags:** टू व्हीलर बिक्री, ऑटोमोबाइल उद्योग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ओणम बिक्री, फेस्टिव सीजन, वेटिंग पीरियड, सीएनजी बाइक

भारत के दोपहिया वाहन बाजार में आगामी त्योहारी सीजन से ठीक पहले शानदार तेजी देखने को मिल रही है। अगस्त के महीने में शोरूम्स पर ग्राहकों की आवाजाही अचानक बढ़ गई है, जिससे टू-व्हीलर कंपनियों और डीलरों के चेहरे खिल उठे हैं। शुरुआती आंकड़ों और बाजार संकेतकों के अनुसार, इस महीने रिटेल बिक्री में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग 18 से 20 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज किए जाने का अनुमान है। वाहनों की यह मांग केवल प्रारंभिक पूछताछ तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में लोग गाड़ियां खरीदने के इरादे से शोरूम पहुंच रहे हैं।

## ओणम और ऑर्गेनिक पूछताछ से शोरूम में बढ़ी रौनक
इस बिक्री उछाल का एक प्रमुख तात्कालिक कारण दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला ओणम का त्योहार है। ओणम के दौरान दक्षिण भारतीय राज्यों में नए वाहनों की खरीदारी में पारंपरिक रूप से बड़ी बढ़ोतरी होती है, जिसने इस बार भी बाजार को शुरुआती रफ्तार दी है। हालांकि, वाहन उद्योग के जानकारों का मानना है कि तेजी सिर्फ त्योहारों तक सीमित नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक, शोरूम्स पर आने वाले ग्राहकों की ऑर्गेनिक या प्राकृतिक पूछताछ में भी 10 से 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि आम उपभोक्ता अब केवल गाड़ियाँ देखने या एक्स-शोरूम कीमतें पूछने नहीं आ रहे, बल्कि वे खरीदारी का अंतिम फैसला लेने को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं।

## इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की भारी मांग और वेटिंग पीरियड
इस बार के बिक्री रुझानों में सबसे दिलचस्प बदलाव इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी EV श्रेणी में देखा जा रहा है। मेट्रो और बड़े शहरों के अलावा टियर-1 और टियर-2 शहरों में भी इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग बहुत तेजी से उभरी है। शोरूम्स पर ग्राहकों का झुकाव पर्यावरण-अनुकूल और कम रनिंग कॉस्ट वाले EV मॉडल्स की तरफ स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मांग में इस अचानक आई तेजी के कारण कई लोकप्रिय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का वेटिंग पीरियड 3 से 4 महीने तक पहुंच गया है। इसका तात्पर्य यह है कि डिलीवरी पाने के लिए ग्राहकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि निर्माता कंपनियां त्योहारों से पहले आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त करने में जुटी हुई हैं।

## प्रीमियम पेट्रोल गाड़ियों का जलवा और बदलती ग्राहक पसंद
इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते दबदबे के बावजूद पारंपरिक इंटरनल कंबस्टन इंजन वाले प्रीमियम पेट्रोल मॉडल्स की चमक फीकी नहीं पड़ी है। बाजार में ज्यादा मांग वाले पेट्रोल टू-व्हीलर्स के लिए भी ग्राहकों को लगभग 1 से 1.5 महीने का वेटिंग टाइम झेलना पड़ रहा है। इससे यह साफ होता है कि भारतीय उपभोक्ता अब सिर्फ सबसे सस्ती या एंट्री-लेवल गाड़ियां नहीं खोज रहा है। इसके विपरीत, आधुनिक फीचर्स, बेहतर इंजन परफॉर्मेंस, उन्नत कनेक्टिविटी और नई टेक्नोलॉजी से लैस टॉप-एंड वेरिएंट्स की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब गाड़ी खरीदते समय शुरुआती कीमत के बजाय सुविधाओं और वाहन की ओवरऑल क्वालिटी को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है।

## CNG वाहनों की मांग में उछाल और E20 ईंधन की चिंताएं
वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले दोपहिया वाहनों को लेकर भी ग्राहकों के व्यवहार में बड़ा बदलाव आया है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, CNG और EV दोनों ही विकल्पों के लिए पूछताछ और प्री-बुकिंग में 30 प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार में नए CNG मॉडल्स की लॉन्चिंग ने उपभोक्ताओं को नया विकल्प दिया है। इसके अलावा, पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण यानी E20 ईंधन को लेकर बनी चिंताओं ने भी वाहन खरीदारों को वैकल्पि के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है। ग्राहक अब केवल गाड़ी की शुरुआती कीमत नहीं देख रहे, बल्कि यह भी गणित लगा रहे हैं कि लंबे समय में वाहन का प्रति किलोमीटर चलने का खर्च कितना आएगा।

## निर्माताओं की ओर से स्थिर डिस्काउंट और संभावित मूल्य वृद्धि
आमतौर पर बिक्री बढ़ाने के लिए कंपनियां भारी-भरकम छूट और ऑफर्स का सहारा लेती हैं, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल अलग है। अगस्त के महीने में कंपनियों ने डिस्काउंट में कोई बड़ा इजाफा नहीं किया है, और छूट का स्तर पिछले महीनों की तरह ही स्थिर बना हुआ है। इसके बावजूद बिक्री की गति पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। दूसरी ओर, कच्चे माल और इनपुट कॉस्ट की लागत बढ़ने के कारण वाहन निर्माताओं यानी OEMs पर मार्जिन का दबाव है। कई कंपनियों ने हाल ही में कीमतें बढ़ाई हैं और आने वाले हफ्तों में गाड़ियों के दामों में 0.5 से 1.5 प्रतिशत तक की एक और बढ़ोतरी लागू होने की संभावना है। इसके बावजूद ग्राहकों की खरीदारी की इच्छा बनी हुई है, जो बाजार की अंतर्निहित मजबूती को दर्शाती है।

## नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के लिए सकारात्मक संकेत
अगस्त में दर्ज की गई लगभग 20 फीसदी की यह रिटेल ग्रोथ आगामी मुख्य त्योहारी सीजन के लिए एक बेहद मजबूत आधार तैयार करती है। आने वाले महीनों में देश भर में नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार मनाए जाएंगे, जब पारंपरिक रूप से ऑटोमोबाइल बिक्री अपने शिखर पर होती है। EV और प्रीमियम पेट्रोल वेरिएंट्स के प्रति बढ़ता आकर्षण, CNG की ओर रुझान और कंपनियों द्वारा सप्लाई चेन में किया जा रहा सुधार यह संकेत देता है कि इस साल का फेस्टिव सीजन टू-व्हीलर इंडस्ट्री के लिए ऐतिहासिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है।

## इसका आप पर असर
भारतीय दोपहिया वाहन बाजार में अगस्त के दौरान दर्ज की गई 18 से 20 प्रतिशत की वृद्धि देश में मजबूत उपभोक्ता भावना और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी को दर्शाती है।

- **भारत भर के खरीदारों के लिए:** अगर आप त्योहारों के दौरान नया इलेक्ट्रिक या प्रीमियम पेट्रोल टू-व्हीलर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो डिलीवरी के लिए पहले से बुकिंग कराना जरूरी होगा। लोकप्रिय EV मॉडल्स पर 3 से 4 महीने और प्रीमियम ICE मॉडल्स पर 1 से 1.5 महीने तक का वेटिंग टाइम चल रहा है।
- **त्योहारी खरीदारों के लिए:** वाहन निर्माताओं द्वारा लागत वृद्धि के कारण आने वाले दिनों में 0.5 से 1.5 फीसदी तक कीमतें बढ़ाने की तैयारी है। वर्तमान में कंपनियों ने भारी डिस्काउंट नहीं दिए हैं, इसलिए शुरुआती बुकिंग करने से भविष्य की मूल्य वृद्धि से बचा जा सकता है।
- **ईंधन विकल्प चुनने वालों के लिए:** CNG और EV गाड़ियों की पूछताछ में 30 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है। खरीदार केवल एक्स-शोरूम कीमत के बजाय E20 ईंधन चिंताओं और लंबे समय के रनिंग कॉस्ट को देखकर वाहन चुन रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. अगस्त के दौरान भारत में टू-व्हीलर रिटेल बिक्री में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अगस्त के महीने में देश में दोपहिया वाहनों की रिटेल बिक्री में सालाना आधार पर करीब 18 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

### 2. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (EV) के लिए वर्तमान में कितना वेटिंग पीरियड चल रहा है?
ज्यादा मांग वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर और टू-व्हीलर मॉडल्स के लिए ग्राहकों को 3 से 4 महीने तक का डिलीवरी वेटिंग पीरियड मिल रहा है।

### 3. पेट्रोल (ICE) प्रीमियम मॉडल्स पर कितना वेटिंग टाइम है?
हाई-डिमांड पेट्रोल या ICE प्रीमियम दोपहिया वाहनों के लिए वर्तमान में 1 से 1.5 महीने का वेटिंग टाइम बना हुआ है।

### 4. CNG और EV पूछताछ में कितना उछाल आया है?
वैकल्पिक ईंधन वाले टू-व्हीलर्स, जैसे CNG और EV की पूछताछ तथा बुकिंग्स में 30 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

### 5. क्या आने वाले समय में दोपहिया वाहनों की कीमतें बढ़ सकती हैं?
हाँ, इनपुट कॉस्ट बढ़ने के कारण ऑटो निर्माता आने वाले दिनों में वाहनों की कीमतों में 0.5 से 1.5 फीसदी तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी लागू कर सकते हैं।

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