विंडशील्ड से स्टीकर हटाए बिना बदल सकेंगे बैंक, राजमार्गयात्रा ऐप पर शुरू हुई वनटैग पोर्टेबिलिटी सुविधा राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले वाहन चालक अब अपने पुराने फास्टैग को बदले बिना नया बैंक चुन सकते हैं। राजमार्गयात्रा ऐप पर शुरू हुई वनटैग सुविधा से समान आईडी और वाहन नंबर पर ही बैंक पोर्टेबिलिटी हो जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन मालिकों को अब अपना फास्टैग जारी करने वाले बैंक को बदलने के लिए गाड़ी के शीशे से पुराना स्टीकर उखाड़ने या नया स्टीकर खरीदने की मजबूरी से मुक्ति मिल गई है। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई ने फास्टैग उपयोगकर्ताओं के लिए वनटैग नामक नई पोर्टेबिलिटी व्यवस्था पेश कर दी है। इस डिजिटल सुविधा के सक्रिय होने के बाद उपभोक्ता अपने उसी पुराने फास्टैग आईडी और वाहन पंजीकरण संख्या को बरकरार रखते हुए अपनी पसंद के दूसरे बैंक में ट्रांसफर हो सकते हैं। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में हुई इस नई पोर्टेबिलिटी व्यवस्था की घोषणा इस नई तकनीकी पहल की आधिकारिक शुरुआत केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के मंच से की। यह संपूर्ण डिजिटल ढांचा एनएचएआई द्वारा समर्थित इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड यानी आईएचएमसीएल और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई का संयुक्त प्रयास है। इस साझा परियोजना का मुख्य मकसद हाईवे उपयोगकर्ताओं के लिए डिजिटल सेवाओं का दायरा बढ़ाना और टोल भुगतान से जुड़ी बैंकिंग प्रक्रियाओं को पहले से कहीं अधिक सरल बनाना है। यह पोर्टेबिलिटी सुविधा 17 सितंबर से राजमार्गयात्रा मोबाइल ऐप पर आम नागरिकों के लिए उपलब्ध करा दी गई है। इसके जरिए नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन यानी एनईटीसी फास्टैग उपयोगकर्ता बिना किसी कागजी झंझट के अपने घर बैठे जारीकर्ता बैंक को बदलने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। पुराने झंझटों से मिलेगी राहत, नहीं बदलेगा फास्टैग आईडी वनटैग प्रणाली के अमल में आने से पहले बैंक बदलने की प्रक्रिया काफी जटिल और समय लेने वाली होती थी। अगर कोई वाहन मालिक मौजूदा बैंक की सेवा से असंतुष्ट होता था या बेहतर विकल्प चाहता था, तो उसे पहले अपना चालू फास्टैग खाता बंद कराना पड़ता था। इसके बाद नए बैंक में जाकर नए सिरे से आवेदन करना होता था और विंडशील्ड पर चिपका पुराना स्टीकर हटाकर नया फिजिकल फास्टैग लगाना पड़ता था। कई बार पुराना स्टीकर हटाते समय विंडशील्ड खराब होने या नए स्टीकर के एक्टिवेट होने में समय लगने का जोखिम रहता था। वनटैग सुविधा आने के बाद यह पूरी परेशानी समाप्त हो गई है। पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो जाने के बाद भी गाड़ी का मौजूदा फास्टैग आईडी और वाहन पंजीकरण नंबर पूरी तरह अपरिवर्तित रहता है। यानी केवल बैंक और उसका बैकएंड वॉलेट बदलेगा, जबकि विंडशील्ड पर चिपका हुआ मूल स्टीकर पहले की तरह ही हर टोल प्लाजा पर काम करता रहेगा। राजमार्गयात्रा ऐप से पोर्टेबिलिटी करने के प्रमुख चरण एनएचएआई के अनुसार, जो भी वाहन चालक अपने फास्टैग का जारीकर्ता बैंक बदलना चाहते हैं, वे राजमार्गयात्रा ऐप के माध्यम से इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा कर सकते हैं। इसकी संपूर्ण कार्यप्रणाली इस प्रकार तय की गई है • पहला चरण: अपने स्मार्टफोन में राजमार्गयात्रा मोबाइल ऐप खोलें और अपने रजिस्टर्ड क्रेडेंशियल्स के साथ लॉग इन करें। • दूसरा चरण: ऐप के निर्धारित सेक्शन में अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें ताकि पोर्टेबिलिटी की पात्रता जांची जा सके। • तीसरा चरण: पात्रता की पुष्टि होते ही आपके वर्तमान जारीकर्ता बैंक की ओर से छह अंकों का मोबाइल वेरिफिकेशन कोड यानी एमवीसी प्राप्त होगा। • चौथा चरण: प्राप्त कोड दर्ज करके आवश्यक सत्यापन और प्राधिकरण की प्रक्रिया पूरी करें। • पांचवां चरण: सूची में से उस नए बैंक का चयन करें जिससे आप अपना नया फास्टैग जोड़ना चाहते हैं। • छठा चरण: चुने गए नए बैंक के साथ ग्राहक सत्यापन और वॉलेट ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी करें। नए बैंक के साथ आवश्यक होगा नया केवाईसी सत्यापन पोर्टेबिलिटी प्रक्रिया पूरी होने के बाद फास्टैग आईडी वही रहेगा, लेकिन उपभोक्ताओं को नए जारीकर्ता बैंक की ऑनबोर्डिंग शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था के नियमों के मुताबिक, जब भी कोई ग्राहक नया बैंक चुनेगा, तो उसे नए सिरे से नो योर कस्टमर यानी फ्रेश केवाईसी प्रक्रिया से गुजरना होगा। लिहाजा, प्रक्रिया शुरू करने से पहले वाहन मालिकों को नए बैंक द्वारा मांगे जाने वाले जरूरी दस्तावेज और व्यक्तिगत विवरण तैयार रखने चाहिए। नया बैंक जब ग्राहक सत्यापन और वॉलेट ऑनबोर्डिंग को अंतिम रूप दे देगा, तब यह पोर्टेबिलिटी पूरी तरह सक्रिय हो जाएगी और भविष्य के सभी टोल टैक्स नए बैंक के खाते या वॉलेट से कटने लगेंगे। इसका आप पर असर वाहन चालकों को अब बैंक बदलने के लिए पुराना फास्टैग उखाड़ने या नया स्टीकर खरीदने के अतिरिक्त खर्च और झंझट से पूरी तरह राहत मिल जाएगी। • भारत में वाहन चालकों पर असर: देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले निजी और व्यावसायिक वाहन मालिक अब अपनी पसंद के बैंक की बेहतर ग्राहक सेवा या कैशबैक ऑफर के आधार पर आसानी से स्विच कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें केवल राजमार्गयात्रा ऐप पर जाकर छह चरणों वाली प्रक्रिया पूरी करनी होगी। • समय और खर्च की बचत: नए फास्टैग के लिए बार-बार आवेदन करने और पुराने स्टीकर को विंडशील्ड से उखाड़ने की परेशानी पूरी तरह खत्म हो गई है। पुराना टैग आईडी और स्टीकर यथावत रहने से टोल बूथ पर स्कैनिंग में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी। • कागजी औपचारिकताएं: नया बैंक चुनने पर ग्राहकों को उस बैंक के नियमों के अनुसार फ्रेश केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए आवश्यक पहचान और पते के दस्तावेज डिजिटल माध्यम से जमा कराने होंगे। • सक्रियता की तारीख: यह सेवा 17 सितंबर से राजमार्गयात्रा ऐप पर सभी पात्र वाहन स्वामियों के लिए उपलब्ध करा दी गई है। उपयोगकर्ता तुरंत ऐप में अपना वाहन नंबर डालकर इस पोर्टेबिलिटी का लाभ ले सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ एनएचएआई और एनपीसीआई ने फास्टैग उपयोगकर्ताओं को बेहतर बैंकिंग स्वतंत्रता देने और पुराने खाते बंद करने की जटिल प्रक्रिया को समाप्त करने के लिए वनटैग पोर्टेबिलिटी तैयार की है। • सीधा कारण: पहले बैंक बदलने के लिए वाहन स्वामियों को अपना पुराना फास्टैग बंद करके नया स्टीकर खरीदना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। इस अनावश्यक परेशानी को खत्म करने के लिए डिजिटल पोर्टेबिलिटी लाई गई। • तकनीकी एकीकरण: आईएचएमसीएल और एनपीसीआई ने एनईटीसी प्लेटफॉर्म पर ऐसा आर्किटेक्चर विकसित किया, जिससे वही टैग आईडी दूसरे बैंक के साथ लिंक किया जा सके। इससे भौतिक स्टीकर बदले बिना बैकएंड बैंक बदल जाता है। • आधिकारिक मंच: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस व्यवस्था को मुंबई के ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में पेश किया, जिसके बाद 17 सितंबर को राजमार्गयात्रा ऐप पर यह सुविधा शुरू कर दी गई। सवाल-जवाब 1. वनटैग सुविधा क्या है? वनटैग एक एनईटीसी फास्टैग पोर्टेबिलिटी सुविधा है, जिसकी मदद से वाहन मालिक अपनी कार से फिजिकल स्टीकर हटाए बिना जारीकर्ता बैंक बदल सकते हैं। 2. वनटैग पोर्टेबिलिटी किस ऐप पर उपलब्ध है? यह पोर्टेबिलिटी सुविधा 17 सितंबर से एनएचएआई के राजमार्गयात्रा मोबाइल ऐप पर उपलब्ध करा दी गई है। 3. इस पहल का शुभारंभ किसने और कहां किया? केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में इस सुविधा की शुरुआत की। 4. वनटैग को किन संस्थाओं ने मिलकर तैयार किया है? इसे एनएचएआई द्वारा समर्थित इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने मिलकर तैयार किया है। 5. क्या बैंक बदलने के बाद फास्टैग आईडी बदल जाएगी? नहीं, सफल पोर्टेबिलिटी के बाद भी मौजूदा फास्टैग आईडी और वाहन पंजीकरण संख्या पहले जैसी ही बनी रहेगी। 6. क्या नया बैंक चुनने पर दोबारा केवाईसी कराना होगा? हां, नए जारीकर्ता बैंक के साथ जुड़ने पर ग्राहक को फ्रेश केवाईसी और वॉलेट ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी करनी होगी। https://trendkia.com/auto/vindashilda-se-stikara-hatae-bina-badala-sakenge-bainka-rajmargyatra-aipa-para-shuru-hui-onetag-portebiliti-suvidha-35966 TrendKia — Har trend, sabse pehle.