दमोह में उज्ज्वला योजना से बदला ग्रामीण महिलाओं का जीवन, रसोई के धुएं और बीमारियों से मिली राहत मध्य प्रदेश के दमोह जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी बदल गई है। एलपीजी गैस मिलने से महिलाओं को आंखों में जलन और सांस की समस्याओं से मुक्ति मिली है। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। पारंपारिक लकड़ी और कंडे के चूल्‍हों से निकलने वाले हानिकारक धुएं से मुक्त होकर अब गांव-देहात की महिलाएं रसोई गैस के जरिए धुएं रहित वातावरण में खाना बना रही हैं। इस योजना के क्रियान्वयन से न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम हुए हैं, बल्कि उनकी दैनिक दिनचर्या और जीवनशैली में भी अभूतपूर्व सुधार देखा जा रहा है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति और समय की बचत रसोई में एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल शुरू होने से ग्रामीण महिलाओं को घंटों चूल्हे के सामने बैठने, आंखों की जलन और सांस लेने में होने वाली तकलीफों से बड़ी राहत मिली है। गैस चूल्हे की मदद से अब खाना बहुत ही कम समय में तैयार हो जाता है। इसका सीधा लाभ परिवार के बच्चों को मिल रहा है, जिन्हें समय पर पौष्टिक भोजन मिल पाता है। इसके अलावा, खाना पकाने में घटने वाले समय की वजह से महिलाएं अपने अन्य जरूरी घरेलू कार्यों तथा व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के लिए भी पर्याप्त समय निकाल पा रही हैं। ग्रामीण महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभव दमोह के बेलढाना गांव की रहने वाली केसर बाई केवट ने धुएं के कारण हुई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्षों तक चूल्हे पर खाना पकाने के दौरान निकलने वाले धुएं से उनकी आंखों में तेज जलन होती थी, जिसके कारण उन्हें आंखों में इंफेक्शन का सामना करना पड़ा। उन्होंने कई अस्पतालों में अपनी आंखों का इलाज कराया और उनकी दवाइयां अब भी जारी हैं। हालांकि, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर कनेक्शन मिलने और उस पर खाना बनाना शुरू करने के बाद से उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने इस मदद के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है। इसी तरह पडाझिर गांव की निवासी अनीता भी इस योजना का लाभ पाकर बेहद खुश हैं। अनीता के अनुसार, पहले जब वह लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाती थीं, तो पूरी रसोई धुएं से भर जाती थी और आंखों में असहनीय जलन होती थी। अब एलपीजी सिलेंडर मिल जाने से वह बिना किसी असुविधा के आसानी से भोजन पका पा रही हैं। 300 रुपये की सब्सिडी से आर्थिक राहत धनगौर गांव की निवासी भारती अहिरवाल ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले उज्ज्वल योजना के तहत एलपीजी गैस कनेक्शन प्राप्त किया था। भारती का कहना है कि जब भी वह सिलेंडर रीफिल करवाती हैं, तो उन्हें 300 रुपये की सब्सिडी सीधे प्राप्त होती है। पहले लकड़ी से भोजन पकाते समय चूल्हे के धुएं के कारण उनकी आंखों में जलन और स्वास्थ्य समस्याएं बनी रहती थीं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए चलाए जा रहे इन कदमों की सराहना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद किया। इसका आप पर असर • भारत में: उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन और सब्सिडी मिलने से ग्रामीण महिलाओं को जहरीले धुएं से होने वाली बीमारियों से राहत मिलती है और समय की बचत होती है। • दमोह (मध्य प्रदेश) में: बेलढाना, पडाझिर और धनगौर जैसे गांवों की महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हुआ है और उन्हें आंखों की समस्याओं से मुक्ति मिली है। सवाल-जवाब 1. दमोह जिले में उज्ज्वला योजना से महिलाओं को क्या मुख्य लाभ मिला है? दमोह जिले में महिलाओं को रसोई के जहरीले धुएं, आंखों की जलन और सांस की समस्याओं से मुक्ति मिली है। साथ ही खाना जल्दी पकने से उनके समय की बचत हो रही है। 2. बेलढाना गांव की केसर बाई केवट को धुएं से क्या समस्या हुई थी? केसर बाई केवट को चूल्हे के धुएं से आंखों में गंभीर जलन और इंफेक्शन हो गया था, जिसके इलाज के लिए उन्हें दवाइयां लेनी पड़ी थीं। गैस कनेक्शन मिलने के बाद उन्हें राहत मिली है। 3. धनगौर गांव की भारती अहिरवाल को सिलेंडर भरवाने पर कितनी सब्सिडी मिलती है? भारती अहिरवाल को उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी गैस सिलेंडर रीफिल करवाने पर 300 रुपये की सब्सिडी मिलती है। 4. पडाझिर गांव की अनीता का उज्ज्वला योजना के उपयोग पर क्या अनुभव रहा? अनीता ने बताया कि पहले लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने से आंखों में जलन होती थी, लेकिन अब एलपीजी सिलेंडर मिलने से वह आसानी और आराम से खाना बना पा रही हैं। प्रेरणा और सबक • स्वास्थ्य को प्राथमिकता: धुएं से होने वाले लंबे नुकसान को पहचानकर स्वच्छ ईंधन अपनाना सेहत के लिए बेहद जरूरी है। • सरकारी योजनाओं का लाभ: समय पर जानकारी प्राप्त कर उज्ज्वला योजना जैसी जनकल्याणकारी नीतियों से जीवनस्तर सुधारा जा सकता है। • समय का सदुपयोग: रसोई के कामों में समय बचाकर अन्य महत्वपूर्ण घरेलू और व्यक्तिगत कार्यों में लगाना। https://trendkia.com/benefits/damoh-men-ujjwala-yojana-se-badala-gramina-mahilaon-ka-jivana-rasoi-ke-dhuen-aura-bimariyon-se-mili-rahata-14356 TrendKia — Har trend, sabse pehle.