{
  "type": "article",
  "title": "झारखंड में अब किसानों को सस्ते दाम में मिलेगी बैलों की जोड़ी, जानें पूरी शर्तें",
  "summary": "झारखंड सरकार की जोड़ा बैल योजना के तहत पलामू के 73 किसानों को 2 से 3 साल की उम्र वाले बैलों की जोड़ी सिर्फ 90 प्रतिशत अनुदान पर दी जाएगी.",
  "content": "झारखंड के पलामू जिले में उन किसानों के लिए राहत भरी खबर है जिनके पास खेती के लिए ट्रैक्टर या दूसरे आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने के पैसे नहीं हैं. राज्य सरकार की जोड़ा बैल योजना के तहत अब ऐसे किसानों को खेत जोतने लायक बैलों की जोड़ी बेहद कम कीमत पर दी जाएगी, जिससे जुताई, बुआई और दूसरे कृषि कार्य आसान हो जाएंगे.\n\nपारंपरिक खेती करने वालों के लिए क्यों जरूरी है यह योजना\nआज भी झारखंड के कई गांवों में किसान बैलों के सहारे ही खेत जोतते हैं, क्योंकि ट्रैक्टर और दूसरी मशीनें खरीदना उनके बजट से बाहर है. ऐसे छोटे और सीमांत किसानों के लिए बैल सिर्फ खेती का साधन नहीं बल्कि उनकी आर्थिक रीढ़ हैं. बैलों की मदद से खेत समय पर तैयार हो जाता है, खेती की लागत घटती है और उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलती है. इसी जरूरत को समझते हुए झारखंड सरकार ने जोड़ा बैल योजना शुरू की थी, जो अब ग्रामीण किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है.\n\nपलामू में 73 किसानों को मिलेगा फायदा, 2 से 3 साल के बैल दिए जाएंगे\nपलामू जिले के पशुपालन पदाधिकारी प्रभाकर सिन्हा के मुताबिक इस वित्तीय वर्ष में पलामू जिले के लिए 73 लाभुकों को चुनने का लक्ष्य रखा गया है. योजना के तहत किसानों को 2 से 3 साल की उम्र वाले जोड़ा बैल दिए जाएंगे. इन बैलों को खासतौर पर इस तरह चुना जाता है कि वे खेती के काम के लिए पूरी तरह फिट हों, यानी जुताई और दूसरे कृषि कार्यों में उनकी क्षमता पूरी तरह इस्तेमाल हो सके. योजना का मकसद उन किसानों की मदद करना है, जो आज भी परंपरागत तरीके से खेती करते हैं और ट्रैक्टर या दूसरे कृषि यंत्र खरीदने की स्थिति में नहीं हैं.\n\n90 प्रतिशत अनुदान पर मिलेगी बैलों की जोड़ी, एक जैसी जोड़ी पर रहेगा जोर\nइस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसानों को बैलों की जोड़ी 90 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराई जाएगी, यानी किसान को अपनी जेब से बहुत कम खर्च करना होगा. खरीदे जाने वाले दोनों बैल एक जैसी जोड़ी के होंगे, ताकि जुताई के दौरान दोनों बैल बराबर ताकत और रफ्तार से काम कर सकें और खेत जोतने में दिक्कत न आए. एक बार बैलों की जोड़ी मिल जाने पर किसान अपनी खेती का काम समय पर पूरा कर पाएंगे, जिससे फसल उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.\n\nग्राम सभा से लेकर जिला स्तर तक, ऐसे होगा आवेदन का पूरा सफर\nइस योजना का फायदा उठाने के इच्छुक किसानों को सबसे पहले अपने गांव की ग्राम सभा के जरिए आवेदन करना होगा. ग्राम सभा से आवेदन मिलने के बाद संबंधित प्रखंड स्तर पर लाभुकों को चुना जाएगा. इसके बाद प्रखंड से चुने गए किसानों की सूची जिला स्तर पर भेजी जाएगी, जहां अंतिम चयन के बाद पात्र किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा. यानी हर किसान का आवेदन तीन स्तर से गुजरने के बाद ही मंजूर होगा. जिला प्रशासन ने पात्र किसानों से अपील की है कि वे समय पर आवेदन जरूर करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद किसान इस योजना का फायदा उठा सकें.\n\nएससी, एसटी, दिव्यांग और आदिम जनजाति के किसानों को मिलेगी प्राथमिकता\nपशुपालन पदाधिकारी ने यह भी बताया कि यह योजना खासतौर पर अनुसूचित जाति यानी एससी, अनुसूचित जनजाति यानी एसटी, दिव्यांग और आदिम जनजाति से जुड़े किसानों के लिए चलाई जा रही है. इन वर्गों से आने वाले पात्र किसान 90 प्रतिशत अनुदान पर दो बैल पाकर अपनी खेती को मजबूत बना सकते हैं. विभाग का मानना है कि इससे न सिर्फ किसान आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. यानी यह योजना सिर्फ खेती में मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने की एक कोशिश है.\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह दिखाता है कि परंपरागत खेती वाले इलाकों में सरकारें अब भी बैल जैसे साधनों पर सीधी सब्सिडी देकर छोटे किसानों की लागत घटाने पर काम कर रही हैं.\n• पलामू, झारखंड में: पलामू के चुने गए 73 किसानों को बैलों की जोड़ी के लिए अपनी जेब से सिर्फ 10 प्रतिशत खर्च करना होगा, जिससे उनकी जुताई और बुआई की लागत काफी कम हो जाएगी.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पलामू में इस योजना के तहत कितने किसानों को फायदा मिलेगा?\nइस वित्तीय वर्ष में पलामू जिले के लिए 73 लाभुकों को चुनने का लक्ष्य रखा गया है.\n\n2. योजना में बैलों पर कितना अनुदान मिलेगा?\nकिसानों को बैलों की जोड़ी 90 प्रतिशत अनुदान पर दी जाएगी.\n\n3. योजना के तहत किस उम्र के बैल दिए जाएंगे?\nकिसानों को 2 से 3 साल की उम्र वाले जोड़ा बैल दिए जाएंगे.\n\n4. योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कहां करना होगा?\nइच्छुक किसानों को अपने गांव की ग्राम सभा के जरिए आवेदन करना होगा.\n\n5. आवेदन के बाद चयन प्रक्रिया कैसे होगी?\nग्राम सभा से आवेदन मिलने के बाद प्रखंड स्तर पर लाभुकों को चुना जाएगा, फिर सूची जिला स्तर पर भेजी जाएगी जहां अंतिम चयन होगा.\n\n6. इस योजना का लाभ किन वर्गों के किसानों को प्राथमिकता से मिलेगा?\nयह योजना खासतौर पर एससी, एसटी, दिव्यांग और आदिम जनजाति के किसानों के लिए चलाई जा रही है.\n\n7. यह जानकारी किसने दी?\nपलामू जिले के पशुपालन पदाधिकारी प्रभाकर सिन्हा ने यह जानकारी दी.",
  "url": "https://trendkia.com/benefits/jharkhand-men-aba-kisanon-ko-saste-dama-men-milegi-bailon-ki-jori-janen-puri-sharten-5375",
  "category": "बेनिफिट्स",
  "publishedAt": "2026-07-07",
  "tags": [
    "जोड़ा बैल योजना",
    "झारखंड सरकार",
    "पलामू किसान",
    "बैल अनुदान",
    "पशुपालन विभाग",
    "कृषि सब्सिडी"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}