कर्मचारियों को मिला नया डिजिटल तोहफ़ा, अब पीएफ बैलेंस और पासबुक सीधे वॉट्सऐप पर मिलेगी केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने ईपीएफओ की नई वॉट्सऐप सेवा शुरू की है, जिससे अंशधारक घर बैठे बैलेंस, पासबुक और पिछले लेनदेन देख सकेंगे। इसके साथ ही निष्क्रिय खातों के लिए ऑटो सेटलमेंट सुविधा भी लागू की गई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से जुड़े देश भर के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा सेवाओं का दायरा अब और अधिक सुगम हो गया है। अंशधारक अब अपने स्मार्टफोन पर लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप के जरिए ईपीएफओ की कई अहम सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को इस नई डिजिटल पहल की आधिकारिक शुरुआत की, जिसका मुख्य उद्देश्य दफ्तरों के चक्कर लगाए बिना कामगारों तक जरूरी सुविधाएं सीधे पहुंचाना है। वॉट्सऐप पर उपलब्ध होंगी प्रमुख सुविधाएं श्रम मंत्रालय के अनुसार, ईपीएफओ की इस वेरिफाइड वॉट्सऐप सेवा के माध्यम से कर्मचारी भविष्य निधि के सदस्य अपने खाते से जुड़ी कई बुनियादी जानकारियां पल भर में हासिल कर सकेंगे। इस सुविधा के जरिए अंशधारक अपने पीएफ खाते में जमा कुल राशि की जांच कर सकते हैं, अपनी पूरी पासबुक डिजिटल रूप में देख सकते हैं और खाते में दर्ज पिछले 5 ट्रांजैक्शन का ब्योरा भी तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, जो कामगार प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) से जुड़े हैं, उन्हें अपनी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए इस प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस तरह शुरू करें वॉट्सऐप सेवा ईपीएफओ की इस नई सुविधा का उपयोग करने की प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है। अंशधारकों को सबसे पहले अपने मोबाइल फोन में आधिकारिक नंबर 8796441800 को सुरक्षित करना होगा। नंबर सेव करने के बाद वॉट्सऐप चैट विंडो में जाकर इस नंबर पर केवल अंग्रेजी में Hi लिखकर भेजना होगा। इसके बाद सिस्टम से मिलने वाले निर्देशों का पालन करते हुए सदस्य अपनी इच्छित सेवा का चयन कर सकते हैं। इस व्यवस्था के लागू होने से सामान्य पूछताछ और दस्तावेज देखने के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों में जाने की बाध्यता लगभग खत्म हो जाएगी। निष्क्रिय खातों के लिए ऑटो सेटलमेंट की शुरुआत ईपीएफओ के 74वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने बंद पड़े यानी निष्क्रिय खातों के निपटान के लिए भी एक बड़ी राहत की घोषणा की। संगठन ने ऐसे पात्र निष्क्रिय ईपीएफ खातों के लिए ऑटो सेटलमेंट की व्यवस्था लागू की है, जिनमें 1000 रुपये तक की राशि शेष है। इस सुविधा का सबसे बड़ा लाभ यह है कि आधार से सत्यापित खाताधारकों को अपने पैसे की निकासी के लिए अलग से कोई क्लेम फॉर्म या दावा आवेदन जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहचान और बैंक खाते का तय नियमों के तहत सत्यापन पूरा होने के बाद ईपीएफओ स्वतः ही इन खातों का निपटान शुरू कर देगा, जिससे संबंधित लाभार्थियों के बैंक खातों में उनकी बकाया राशि सीधी भेज दी जाएगी। इस ऑटो सेटलमेंट पहल से लगभग 1 लाख खातों को सीधा फायदा मिलने का अनुमान लगाया गया है, जिनमें कुल 5 करोड़ रुपये की राशि फंसी हुई है। इस कदम से पुराने और छोटे बकाये के निपटारे में तेजी आएगी। 8 करोड़ सदस्यों का मजबूत भरोसा कार्यक्रम के दौरान मनसुख मांडविया ने कहा कि अपने 74 वर्षों के लंबे सफर में ईपीएफओ देश के कामकाजी वर्ग के लिए एक अत्यंत विश्वसनीय और मजबूत संस्थान बनकर उभरा है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में 8 करोड़ से अधिक सदस्यों के नियमित योगदान के चलते संगठन के पास कुल 32 लाख करोड़ रुपये का विशाल फंड संचित है। केंद्रीय मंत्री ने इस विशाल उपलब्धि का श्रेय ईपीएफओ के कर्मचारियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और कामगारों के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता को दिया। इसका आप पर असर ईपीएफओ की इस नई डिजिटल सेवा से करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को अपने पीएफ खाते की जानकारी प्राप्त करने में सीधी सुविधा मिलेगी और दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। • दैनिक सुविधा: अब सदस्य मोबाइल पर सिर्फ एक संदेश भेजकर अपना पीएफ बैलेंस, पासबुक और पिछले 5 लेनदेन देख सकते हैं। इससे साइबर कैफे जाने या जटिल पोर्टल लॉगिन की निर्भरता समाप्त हो जाएगी। • छोटे बकायेदारों को राहत: जिन निष्क्रिय खातों में 1000 रुपये तक की राशि जमा है, उनका ऑटो सेटलमेंट बिना दावा फॉर्म भरे सीधे बैंक खाते में किया जाएगा। पात्र खाताधारकों को बिना किसी कागजी कार्रवाई के उनकी अटकी हुई रकम मिल सकेगी। • योजनाओं में सहायता: पीएमवीबीआरवाई योजना से जुड़े लाभार्थियों को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए चैटबॉट पर त्वरित मार्गदर्शन मिलेगा। इससे योजनाओं से जुड़े लाभ प्राप्त करना कामगारों के लिए काफी आसान हो जाएगा। • समय की बचत: क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालयों में सामान्य पूछताछ के लिए लगने वाली लंबी कतारों में अब कमी आएगी। अंशधारक घर बैठे कुछ ही पलों में अपनी शिकायतों और जानकारियों का समाधान पा सकेंगे। ऐसा क्यों हुआ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपनी 74वीं वर्षगांठ के अवसर पर सेवाओं के आधुनिकीकरण और कामगारों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। • डिजिटल सेवाओं का विस्तार: अंशधारकों को पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों से बचाकर सर्वाधिक उपयोग होने वाले मैसेजिंग ऐप पर लाना इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य था। इससे आम कामगार बिना किसी तकनीकी बाधा के अपनी जानकारी तुरंत हासिल कर सकते हैं। • लंबित छोटे दावों का निपटान: पूर्व के वर्षों में छोटे बैलेंस वाले हजारों खातों पर कोई दावा प्रस्तुत नहीं किया गया था। इस समस्या को सुलझाने के लिए संगठन ने आधार आधारित सत्यापन के जरिए 1000 रुपये तक के खातों के स्वतः निपटान की प्रणाली शुरू की। • संस्थान का विस्तार और प्रभाव: 8 करोड़ से अधिक सदस्यों और 32 लाख करोड़ रुपये के विशाल फंड प्रबंधन के चलते प्रशासनिक भार लगातार बढ़ रहा था। स्वचालित डिजिटल माध्यमों को अपनाने से कार्यालयों पर दबाव कम होगा और व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी। सवाल-जवाब 1. ईपीएफओ की वॉट्सऐप सेवा शुरू करने के लिए कौन सा नंबर सेव करना होगा? अंशधारकों को अपने मोबाइल फोन में 8796441800 नंबर सेव करना होगा और उस पर Hi लिखकर भेजना होगा। 2. वॉट्सऐप पर ईपीएफओ से जुड़ी कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी? यूजर्स पीएफ बैलेंस चेक, पूरी पासबुक, पिछले 5 ट्रांजैक्शन की जानकारी और पीएमवीबीआरवाई से जुड़े जरूरी दिशा-निर्देश प्राप्त कर सकेंगे। 3. निष्क्रिय खातों के लिए ऑटो सेटलमेंट की क्या सीमा निर्धारित की गई है? आधार से सत्यापित ऐसे निष्क्रिय खातों का ऑटो सेटलमेंट किया जाएगा जिनमें 1000 रुपये तक की राशि जमा है। 4. ऑटो सेटलमेंट से कितने खातों और कितनी राशि को फायदा मिलने का अनुमान है? इस व्यवस्था से करीब 1 लाख निष्क्रिय खातों को लाभ मिलेगा, जिनमें कुल 5 करोड़ रुपये की राशि जमा है। 5. वर्तमान में ईपीएफओ के पास कितने सदस्य और कितना फंड है? ईपीएफओ के पास 8 करोड़ से अधिक सदस्यों का योगदान है और इसका कुल फंड 32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। https://trendkia.com/benefits/karmachariyon-ko-mila-naya-dijitala-tohafa-aba-pf-balance-aura-passbook-sidhe-whatsapp-para-milegi-54988 TrendKia — Har trend, sabse pehle.