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  "title": "खगड़िया में किसानों को ड्रोन से छिड़काव पर आधी लागत देगी सरकार, 3675 एकड़ का रखा लक्ष्य",
  "summary": "बिहार के खगड़िया जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि ड्रोन से फसलों पर कीटनाशी और तरल उर्वरक छिड़काव पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसके लिए 3675 एकड़ का लक्ष्य तय किया गया है।",
  "content": "बिहार के खगड़िया जिले में अब किसानों को खेतों में दवा और उर्वरक छिड़कने के लिए मजदूरों या पुराने तरीकों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले में कृषि ड्रोन से छिड़काव को बढ़ावा देने की योजना शुरू की है, जिसमें आधी लागत सरकार खुद उठाएगी। यह पहल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत चतुर्थ कृषि रोडमैप से जुड़ी है और इसका मकसद कम समय व कम खर्च में ज्यादा से ज्यादा खेतों की सुरक्षा करना, मजदूरी का बोझ घटाना और किसानों की आय बढ़ाना है।\n\nपूरे बिहार में साढ़े 11 करोड़ की मंजूरी\nइस योजना के लिए पूरे बिहार राज्य में 11 करोड़ 21 लाख 30 हजार 400 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें से खगड़िया जिले के हिस्से में 15 लाख 3 हजार 75 रुपये आए हैं, जो जिले में योजना चलाने पर खर्च होंगे। खगड़िया के सभी सात प्रखंडों में यह योजना लागू होगी और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3675 एकड़ खेत तक छिड़काव पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पीछे सोच साफ है, ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक की मदद से किसानों की मेहनत और मजदूरी का खर्च घटे और उनकी कमाई बढ़े।\n\nड्रोन से छिड़काव पर सीधे 50 फीसदी की छूट\nखगड़िया जिला पौधा संरक्षण संभाग की निदेशक रीमा कुमारी ने बताया कि इस योजना में कृषि ड्रोन से कीटनाशी और तरल उर्वरक छिड़कवाने पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। एक एकड़ में ड्रोन से छिड़काव कराने की लागत 419 रुपये तय की गई है। इसमें से सरकार अधिकतम 209 रुपये प्रति एकड़ तक की सब्सिडी देगी, यानी किसान की जेब से बाकी रकम ही खर्च होगी। हालांकि इस सुविधा की एक सीमा भी है, कोई भी किसान एक ही फसल पर अधिकतम दो बार ड्रोन छिड़काव की सब्सिडी का फायदा उठा सकता है।\n\nदवा और खाद खरीदने पर भी मिलेगी राहत\nइस योजना की सबसे खास बात यह है कि अनुदान सिर्फ ड्रोन उड़ाने की सेवा तक सीमित नहीं है। किसानों को रासायनिक कीटनाशी, फफूंदनाशी, खरपतवारनाशी, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, एनपीके और सूक्ष्म पोषक तत्वों समेत अन्य तरल उर्वरकों की खरीद पर भी 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। यह छूट अधिकतम 200 रुपये प्रति एकड़, प्रति रसायन और प्रति छिड़काव तक सीमित रहेगी। खास बात यह है कि यह अनुदान राशि किसान के खाते में देने के बजाय सीधे अधिकृत कीटनाशी विक्रेता या सेवा प्रदाता को भुगतान की जाएगी, जिससे प्रक्रिया में गड़बड़ी की गुंजाइश कम रहेगी।\n\nपहले निबंधन, फिर मिलेगा फायदा\nरीमा कुमारी के मुताबिक इस योजना का फायदा सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर अपना निबंधन करा रखा है। एक किसान अधिकतम 15 एकड़ जमीन तक ही अनुदान ले सकता है और हर फसल में ज्यादा से ज्यादा दो बार ड्रोन छिड़काव पर सब्सिडी दी जाएगी। सबसे जरूरी बात यह है कि योजना का लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा। यानी जो किसान जल्दी निबंधन कराएंगे और आवेदन करेंगे, फायदा उन्हें ही पहले मिलेगा। इसीलिए किसानों को समय रहते निबंधन कराने की सलाह दी गई है, ताकि सीमित बजट में उनका नाम छूट न जाए।\n\nड्रोन तकनीक से खेती को कैसे मिलेगी रफ्तार\nकृषि विभाग का मानना है कि ड्रोन तकनीक की मदद से कम समय में बड़े रकबे में एक समान मात्रा में दवा और तरल उर्वरक का छिड़काव संभव हो सकेगा, जो हाथ से छिड़काव करने पर मुमकिन नहीं है। इससे कीड़े, बीमारी और खरपतवार पर असरदार तरीके से काबू पाया जा सकेगा, रसायनों की बर्बादी घटेगी, मजदूरी पर होने वाला खर्च कम होगा और आखिर में फसल की पैदावार में भी बढ़ोतरी होगी। विभाग के अनुसार आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाकर किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को ज्यादा मुनाफे का धंधा बनाने की दिशा में यह योजना एक अहम कदम साबित होगी। जिन किसानों को इस योजना से जुड़ी और जानकारी चाहिए, वे अपने प्रखंड के कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: ड्रोन से खाद-कीटनाशक छिड़काव पर मिलने वाली इस तरह की सब्सिडी योजनाएं खेती की मजदूरी लागत घटाने और पैदावार बढ़ाने का एक तरीका दिखाती हैं, जिसे आगे दूसरे जिलों में भी अपनाया जा सकता है।\n• खगड़िया में: जिले के सातों प्रखंडों के किसान डीबीटी पोर्टल पर निबंधन कराकर 3675 एकड़ के लक्ष्य के तहत ड्रोन छिड़काव पर 209 रुपये प्रति एकड़ तक और कीटनाशी-उर्वरक खरीद पर भी 50 प्रतिशत तक अनुदान पा सकते हैं, बशर्ते वे पहले आओ, पहले पाओ के नियम के तहत समय रहते आवेदन करें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. खगड़िया में ड्रोन छिड़काव योजना के तहत किसानों को कितना अनुदान मिलेगा?\nकिसानों को ड्रोन से कीटनाशी और तरल उर्वरक छिड़काव पर 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, जिसमें सरकार अधिकतम 209 रुपये प्रति एकड़ देगी।\n\n2. एक फसल में ड्रोन छिड़काव सब्सिडी कितनी बार मिल सकती है?\nकिसान एक ही फसल में अधिकतम दो बार ड्रोन छिड़काव पर सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं।\n\n3. योजना का लाभ किन किसानों को मिलेगा?\nसिर्फ कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर निबंधित किसानों को ही योजना का लाभ मिलेगा।\n\n4. खगड़िया जिले के लिए इस योजना पर कितना बजट तय किया गया है?\nखगड़िया जिले में योजना के संचालन के लिए 15 लाख 3 हजार 75 रुपये खर्च किए जाएंगे।\n\n5. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए खगड़िया का लक्ष्य कितना है?\nजिले के सभी सात प्रखंडों में मिलाकर 3675 एकड़ खेत तक छिड़काव पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।\n\n6. एक किसान अधिकतम कितनी जमीन पर अनुदान ले सकता है?\nएक किसान अधिकतम 15 एकड़ भूमि तक ही अनुदान प्राप्त कर सकता है।\n\n7. कीटनाशी और उर्वरक खरीद पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?\nकीटनाशी, फफूंदनाशी, खरपतवारनाशी, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, एनपीके सहित अन्य तरल उर्वरकों की खरीद पर भी 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, जो अधिकतम 200 रुपये प्रति एकड़, प्रति रसायन और प्रति छिड़काव तक होगा।\n\n8. अधिक जानकारी के लिए किसान कहां संपर्क कर सकते हैं?\nकिसान अपने प्रखंड के कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।",
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  "category": "बेनिफिट्स",
  "publishedAt": "2026-07-15",
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    "कृषि ड्रोन",
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