मेरठ में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 1196 बेटियों की शादी का खर्च उठाएगी सरकार, खाते में आएंगे 64000 रुपए उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मेरठ में इस साल 1196 बेटियों की शादी का पूरा खर्च सरकार उठाएगी और हर बेटी के बैंक खाते में सीधे 64000 रुपए भेजे जाएंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में जिन अभिभावकों के पास बेटी की शादी धूमधाम से करने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है, उन्हें अब कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मेरठ में इस साल 1196 बेटियों की शादी का पूरा खर्च सरकार उठाने जा रही है, और इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बेटियों के बैंक खाते में सीधे जाएगी रकम जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह के मुताबिक, समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही यह योजना काफी कारगर साबित हो रही है। पहले शादी के मौके पर बेटियों को उपहार के तौर पर चांदी की पाजेब और बिछुए दिए जाते थे, लेकिन अब इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है। पाजेब और बिछुए पर जितना पैसा खर्च होता था, वह रकम भी अब सीधे बेटियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इस तरह चांदी के गहनों की रकम को बाकी धनराशि के साथ जोड़कर कुल 64000 रुपए बेटी के खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। प्रति जोड़े पर होता है एक लाख रुपए खर्च सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत हर जोड़े पर कुल एक लाख रुपए खर्च किए जाते हैं। इसमें से 64000 रुपए सीधे बेटी के खाते में भेजे जाते हैं, जबकि बाकी बची रकम से विवाह समारोह के दौरान बेटियों को जरूरी सामान दिया जाता है और साथ ही भोज यानी खाने-पीने की व्यवस्था पर होने वाला खर्च भी इसी में शामिल किया जाता है। किन परिवारों को मिलेगा योजना का फायदा इस योजना का लाभ उन्हीं अभिभावकों को मिलेगा जिनकी सालाना आमदनी 3 लाख रुपए तक है। सुनील कुमार सिंह ने साफ किया कि योजना के तहत बेटी का बैंक खाता होना अनिवार्य है, क्योंकि शासन की ओर से दी जाने वाली 64000 रुपए की रकम सीधे बेटी के ही खाते में भेजी जाती है। आवेदन के समय माता-पिता को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होता है। मेरठ को मिला 1196 शादियों का लक्ष्य इस साल शासन ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मेरठ जिले के लिए 1196 का लक्ष्य तय किया है, ताकि आर्थिक तंगी से जूझ रहे गरीब माता-पिता को अपनी बेटियों की शादी में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए अभिभावक जिला समाज कल्याण विभाग से संपर्क कर सकते हैं। इसका आप पर असर • भारत में: ऐसी सामूहिक विवाह योजनाएं गरीब परिवारों को बेटी की शादी के लिए कर्ज के बोझ से बचाती हैं और अलग-अलग राज्यों में इसी तर्ज पर योजनाएं चलाई जाती हैं। • मेरठ में: जिन 1196 परिवारों को इस साल लक्ष्य के तहत चुना जाएगा, उनकी बेटियों के खाते में सीधे 64000 रुपए आएंगे, जिससे शादी के लिए अलग से पैसे जुटाने की चिंता खत्म हो जाएगी। सवाल-जवाब 1. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटियों को कितनी रकम मिलेगी? कुल 64000 रुपए सीधे बेटी के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। 2. इस योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है? जिन अभिभावकों की सालाना आय 3 लाख रुपए तक है, वे अपनी बेटी की शादी के लिए आवेदन कर सकते हैं। 3. आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए? माता-पिता का आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होता है। 4. मेरठ में इस साल कितनी बेटियों की शादी का लक्ष्य रखा गया है? शासन ने मेरठ जिले के लिए इस साल 1196 शादियों का लक्ष्य तय किया है। 5. पूरे विवाह पर कुल कितना खर्च आता है? योजना के तहत हर जोड़े पर कुल एक लाख रुपए खर्च किए जाते हैं, जिसमें से 64000 रुपए बेटी के खाते में जाते हैं। 6. पहले बेटियों को शादी में क्या उपहार दिया जाता था? पहले चांदी की पाजेब और बिछुए उपहार के तौर पर दिए जाते थे, जिनकी रकम अब सीधे बेटी के खाते में भेजी जाती है। https://trendkia.com/benefits/meerut-men-mukhyamntri-samuhika-vivaha-yojana-ke-tahata-1196-betiyon-ki-shadi-ka-kharcha-uthaegi-sarakara-khate-men-aenge-64000-ru-9449 TrendKia — Har trend, sabse pehle.