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  "type": "article",
  "title": "शाहजहांपुर के किसानों को ड्रैगन फ्रूट उगाने पर मिलेगी 2.70 लाख रुपये की वित्तीय सहायता",
  "summary": "उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में उद्यान विभाग किसानों को पारंपरिक फसलों से हटकर ड्रैगन फ्रूट की खेती अपनाने के लिए 2.70 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दे रहा है।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। जिला उद्यान विभाग ने स्थानीय किसानों को पारंपरिक फसलों के चक्र से निकालकर उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों की ओर मोड़ने की तैयारी की है। इसी दिशा में विभाग विदेशी और पौष्टिक ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दे रहा है। इस पहल के तहत किसानों को लागत घटाने और मुनाफा बढ़ाने के उद्देश्य से भारी अनुदान दिया जा रहा है। जो किसान इस नई व्यवस्था से जुड़ेंगे, उन्हें न केवल वित्तीय मदद दी जाएगी बल्कि फसल चक्र के दौरान विभागीय विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।\n\nवित्तीय प्रोत्साहन और किश्तों का विवरण\nजिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक के अनुसार जिले को मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास मिशन योजना के तहत कुल 4 हेक्टेयर भूमि पर ड्रैगन फ्रूट उगाने का लक्ष्य सौंपा गया है। इस योजना में शामिल होने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 2.70 लाख रुपये की कुल सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यह सहायता राशि दो वर्षों में किश्तों के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी। योजना के पहले वर्ष में 1.68 लाख रुपये दिए जाएंगे ताकि शुरुआत में पौधे और बुनियादी ढांचा खड़ा किया जा सके। इसके बाद दूसरे वर्ष में रखरखाव के लिए 1.02 लाख रुपये की अवशेष राशि स्थानांतरित की जाएगी। डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खातों में भुगतान होने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी।\n\nड्रैगन फ्रूट की खेती के फायदे और शुरुआती लागत\nड्रैगन फ्रूट को बाजार में अपने उच्च पौष्टिक गुणों और लगातार बनी रहने वाली मांग के कारण काफी महंगा बेचा जाता है। पारंपरिक गेहूं या धान की खेती की तुलना में इसे बेहद कम सिंचाई और न्यूनतम रखरखाव की आवश्यकता होती है। एक बार इस फल के पौधे खेत में स्थापित हो जाने के बाद वे कई वर्षों तक लगातार उपज देते रहते हैं। कम पानी वाले क्षेत्रों में भी यह पौधा आसानी से पनपता है, जिससे यह सूखा प्रभावित या कम पानी वाले इलाकों के किसानों के लिए आय बढ़ाने का बेहतरीन विकल्प बनता है। हालांकि, ड्रैगन फ्रूट के पौधों को सहारा देने के लिए सीमेंट के खंभे और ट्रेलिस ढांचा लगाने में शुरुआती लागत काफी अधिक आती है। उद्यान विभाग की सब्सिडी योजना इसी शुरुआती आर्थिक बोझ को कम करने के लिए तैयार की गई है, जिससे छोटे और मध्यम वर्ग के किसान भी इसे आसानी से शुरू कर सकें।\n\nआवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया\nयोजना का लाभ उठाने की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है ताकि कोई भी इच्छुक किसान बिना किसी परेशानी के पंजीकरण करा सके। किसान सीधे अपने जिले के उद्यान कार्यालय में जाकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं और आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके अलावा जो किसान डिजिटल माध्यम चुनना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेब पोर्टल dbt.uphorticulture.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। पोर्टल पर जाने के बाद आवेदकों को 'एकीकृत बागवानी विकास मिशन' अथवा 'मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास मिशन' में से सही योजना का चयन करना होगा। आवेदन के समय किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, जमीन के स्वामित्व से जुड़े कागजात (खतौनी) और दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ रखना अनिवार्य है।\n\nशाहजहांपुर में बागवानी के नए अवसर\nशाहजहांपुर जिले में इस योजना के लागू होने से स्थानीय कृषि परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। पारंपरिक खेती पर अपनी निर्भरता कम करके किसान अब आधुनिक और व्यावसायिक बागवानी की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रैगन फ्रूट की सफल पैदावार को देखकर क्षेत्र के अन्य किसान भी विविधतापूर्ण फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। उद्यान विभाग आने वाले समय में जिले के अन्य ब्लॉकों में भी ऐसी कीमती और कम पानी मांगने वाली फसलों का दायरा बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है।\n\nइसका आप पर असर\n• उत्तर प्रदेश में: राज्य के किसान परंपरागत खेती के अलावा ड्रैगन फ्रूट जैसी नकदी फसलों पर 2.70 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक का सरकारी अनुदान प्राप्त कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं।\n• शाहजहांपुर में: जिले के इच्छुक किसान 4 हेक्टेयर के निर्धारित लक्ष्य के तहत जिला उद्यान कार्यालय या सरकारी पोर्टल dbt.uphorticulture.in पर आवेदन करके 2 वर्षों में मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ ले सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. शाहजहांपुर में ड्रैगन फ्रूट की खेती पर कुल कितनी सब्सिडी मिल रही है?\nकिसानों को प्रति हेक्टेयर कुल 2.70 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।\n\n2. सब्सिडी का पैसा किसानों को किस तरह प्रदान किया जाएगा?\nयह राशि दो वर्षों की किश्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, जिसमें पहले साल 1.68 लाख रुपये और दूसरे साल 1.02 लाख रुपये मिलेंगे।\n\n3. इस योजना के तहत शाहजहांपुर जिले में कितना लक्ष्य तय किया गया है?\nमुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास मिशन योजना के तहत जिले में 4 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट उगाने का लक्ष्य रखा गया है।\n\n4. ड्रैगन फ्रूट सब्सिडी के लिए आवेदन करने हेतु कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?\nआवेदक के पास आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि के कागजात (खतौनी) और 2 पासपोर्ट साइज फोटो होने चाहिए।\n\n5. किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे कर सकते हैं?\nकिसान विभाग के आधिकारिक पोर्टल dbt.uphorticulture.in पर जाकर 'एकीकृत बागवानी विकास मिशन' या 'मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास मिशन' चुनकर फॉर्म जमा कर सकते हैं।",
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  "category": "बेनिफिट्स",
  "publishedAt": "2026-08-18",
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    "ड्रैगन फ्रूट खेती",
    "शाहजहांपुर समाचार",
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