उत्तर प्रदेश के युवाओं को बिना ब्याज मिलेगा 5 लाख रुपये तक का लोन, मऊ जिला उद्योग विभाग ने मांगे आवेदन मऊ जिला उद्योग विभाग ने मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत 18 से 40 वर्ष के युवाओं के लिए 5 लाख रुपये तक के ब्याज-मुक्त ऋण की घोषणा की है। आईटीआई व पॉलिटेक्निक पास अभ्यर्थियों को चयन में प्राथमिकता मिलेगी। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में अपना कारोबार शुरू करने के इच्छुक बेरोजगार युवाओं के लिए जिला उद्योग विभाग एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आने वाली मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत युवाओं को खुद का उद्योग या व्यापार स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक का ऋण पूरी तरह से ब्याज-मुक्त दिया जा रहा है। रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस पहल के जरिए युवा बिना किसी ब्याज के बोझ के अपना नया उद्यम खड़ा करके अपने भविष्य को संवार सकते हैं। ऋण की शर्तें, सब्सिडी और आयु सीमा की पूरी जानकारी जिला उपायुक्त उद्योग अधिकारी हरेंद्र प्रताप के अनुसार, मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत दिए जा रहे इस ऋण को चुकाने के लिए लाभार्थियों को 48 महीने यानी पूरे चार साल की समय सीमा दी जाएगी। इतना ही नहीं, योजना के अंतर्गत जिला उद्योग विभाग द्वारा 10 प्रतिशत की सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। इस योजना के लिए 18 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक की आयु के सभी नागरिक आवेदन करने के पात्र हैं। योजना का लाभ उठाकर योग्य युवा आसानी से स्वावलंबी बन सकते हैं और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। योजना के चयन प्रक्रिया में उन आवेदकों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने किसी तकनीकी या व्यावसायिक क्षेत्र में पूर्व प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उदाहरण के लिए, जिन युवाओं ने आईटीआई, पॉलिटेक्निक या सरकार की विभिन्न मान्यता प्राप्त संस्थाओं से किसी भी ट्रेड में ट्रेनिंग ली है, उन्हें ऋण स्वीकृति में प्राथमिकता मिलेगी। तकनीकी अनुभव होने के कारण ऐसे युवाओं के लिए अपना नया स्वरोजगार स्थापित करना और उसे सफलता पूर्वक चलाना काफी आसान हो जाता है। गैर-प्रशिक्षित युवाओं के लिए 1180 रुपये में ऑनलाइन ट्रेनिंग यदि किसी आवेदक के पास पहले से कोई तकनीकी प्रशिक्षण या सर्टिफिकेट नहीं है, तो उन्हें भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। विभाग ऐसे युवाओं के लिए भी प्रशिक्षण की विशेष व्यवस्था कर रहा है। बिना ट्रेनिंग वाले युवा मात्र 1180 रुपये का निर्धारित शुल्क जमा करके विभागीय ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे भी बिना ब्याज के 5 लाख रुपये के ऋण के लिए पूरी तरह से योग्य हो जाएंगे। सरकार का मुख्य ध्येय सभी युवाओं को कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार के मार्ग पर अग्रसर करना है। जिला उद्योग विभाग द्वारा स्थानीय खाद्य उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 'एक जनपद एक व्यंजन' योजना का संचालन भी किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत जिले में बाटी चोखा और गोठा का निर्माण व बिक्री करने वाली इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं। यदि कोई युवा पारंपरिक खान-पान से जुड़ा व्यापार शुरू करना चाहता है, तो वह इस योजना के तहत अपनी इकाई लगाकर अच्छा मुनाफा कमा सकता है। बड़े उद्योगों के लिए 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान हरेंद्र प्रताप ने यह भी स्पष्ट किया कि छोटे स्वरोजगार के अलावा बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित करने की इच्छा रखने वाले उद्यमियों के लिए भी सरकार के पास कई आकर्षक योजनाएं मौजूद हैं। बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए 2 करोड़ रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक के भारी निवेश वाले उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स लगाने वाले निवेशकों और उद्यमियों को सरकार की ओर से 25 लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक की भारी सब्सिडी आसानी से दी जा रही है। बेरोजगार युवा या नए उद्यमी जो इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं, वे सरकार के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कुछ मुख्य दस्तावेज जमा करने होंगे, जिनमें आवेदक का आधार कार्ड, बैंक पासबुक और व्यवसाय से संबंधित प्रोजेक्ट रिपोर्ट अनिवार्य रूप से शामिल हैं। इन सभी कागजातों को संलग्न करके ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा सकता है और आसानी से योजना का लाभ उठाया जा सकता है। इसका आप पर असर उत्तर प्रदेश में यह योजना युवाओं के लिए स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोलती है: • भारत में: केंद्र व राज्य सरकारों की ऐसी स्वरोजगार योजनाएं देशभर के युवाओं को बिना ब्याज का ऋण और हुनर प्रशिक्षण देकर खुद का कारोबार स्थापित करने के लिए प्रेरित करती हैं। • मऊ और उत्तर प्रदेश में: 18 से 40 वर्ष के स्थानीय युवा 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त लोन और 10% सब्सिडी पाकर बिना किसी वित्तीय तनाव के बाटी चोखा जैसी स्थानीय इकाइयों समेत अपना नया उद्योग शुरू कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत कितना ऋण बिना ब्याज के मिलता है? योजना के तहत अपना स्वरोजगार स्थापित करने के लिए पात्र युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण 48 महीने की अवधि के लिए दिया जाता है। 2. इस स्वरोजगार योजना के लिए आयु सीमा क्या तय की गई है? इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की उम्र 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। 3. आवेदन करने के लिए कौन-कौन से मुख्य दस्तावेज आवश्यक हैं? योजना में ऑनलाइन आवेदन और पंजीकरण कराने के लिए आवेदक का आधार कार्ड, बैंक पासबुक और प्रोजेक्ट रिपोर्ट मुख्य रूप से जमा करनी होगी। 4. जिन युवाओं के पास कोई तकनीकी प्रशिक्षण नहीं है, वे इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं? बिना प्रशिक्षण वाले युवा पोर्टल पर 1180 रुपये का शुल्क जमा करके ऑनलाइन ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं और उसके बाद ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। 5. क्या योजना में सब्सिडी भी दी जाती है और प्राथमिकता किसे मिलती है? विभाग द्वारा 10 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है, और आईटीआई, पॉलिटेक्निक या अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों से प्रशिक्षित युवाओं को आवेदन में पहली प्राथमिकता दी जाती है। 6. 'एक जनपद एक व्यंजन' योजना के तहत किस तरह का उद्योग स्थापित किया जा सकता है? इस योजना के तहत स्थानीय स्तर पर बाटी चोखा और गोठा के निर्माण और बिक्री से जुड़ी स्वरोजगार इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं। https://trendkia.com/benefits/uttar-pradesh-ke-yuvaon-ko-bina-byaja-milega-5-lakha-rupaye-taka-ka-lona-mau-jila-udyoga-vibhaga-ne-mange-avedana-12544 TrendKia — Har trend, sabse pehle.