उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के बीच दैनिक सुपरफास्ट सेवा शुरू, देखें पूरा कार्यक्रम रेल प्रशासन ने वाराणसी और साबरमती के मध्य दैनिक सुपरफास्ट रेलगाड़ी का ऐलान किया है, जिसका नियमित संचालन 2 नवंबर से शुरू हो रहा है। तीनों प्रमुख राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के यात्रियों को बेहतर यात्रा विकल्प मुहैया कराने के उद्देश्य से एक नई दैनिक सुपरफास्ट रेल सेवा पटरी पर उतरने जा रही है। वाराणसी और साबरमती को आपस में जोड़ने वाली इस रेलगाड़ी की नियमित सेवाएं 2 नवंबर से प्रारंभ की जा रही हैं। इस नई सेवा के शुरू होने से इन राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियों और सामान्य आवागमन में सहूलियत मिलेगी, जिसके विस्तृत समय और ठहराव की जानकारी सार्वजनिक कर दी गई है। मार्ग और प्रमुख ठहराव स्टेशन उत्तर मध्य रेलवे के अनुसार, दोनों छोरों के बीच सफर करते हुए यह नई गाड़ी कई बड़े औद्योगिक और पर्यटन केंद्रों से गुजरेगी। इसके प्रमुख ठहरावों में मिर्जापुर, सूबेदारगंज (प्रयागराज), गोविंदपुरी (कानपुर), टुंडला जंक्शन और ईदगाह आगरा जंक्शन शामिल हैं। इसके बाद ट्रेन राजस्थान में दाखिल होकर भरतपुर जंक्शन, नदबई, खेड़ली, मंडावर महवा रोड और बांदीकुई जंक्शन पर रुकेगी। राजधानी क्षेत्र और आसपास के यात्रियों के लिए गांधीनगर जयपुर, जयपुर जंक्शन, किशनगढ़, मदार जंक्शन और अजमेर जंक्शन पर ठहराव दिया गया है। आगे बढ़ते हुए गाड़ी ब्यावर, मारवाड़ जंक्शन, फालना और आबू रोड स्टेशनों को कवर करेगी। गुजरात राज्य में प्रवेश करने के उपरांत इसका ठहराव पालनपुर जंक्शन और मेहसाणा जंक्शन पर निर्धारित किया गया है, जिसके बाद यह अपने अंतिम गंतव्य पर पहुंचेगी। कोच संरचना और यात्रा श्रेणियां लंबी दूरी के इस सफर में सभी वर्गों के मुसाफिरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 21 डिब्बों का रैक तैयार किया गया है। उत्तर मध्य रेलवे के ब्योरे के मुताबिक, ट्रेन में सेकंड एसी श्रेणी के 2 डिब्बे तथा थर्ड एसी श्रेणी के 6 कोच लगाए गए हैं। साधारण आरक्षण चाहने वाले यात्रियों के लिए स्लीपर क्लास के 6 डिब्बे उपलब्ध रहेंगे। वहीं अनारक्षित यात्रा करने वालों के वास्ते 5 सामान्य श्रेणी के डिब्बे जोड़े गए हैं, जबकि सामान और ब्रेक यान के लिए 2 एसएलआर कोच शामिल किए गए हैं। समय सारणी और परिचालन विवरण गाड़ी संख्या 12206 वाराणसी से साबरमती के लिए 2 नवंबर से प्रतिदिन शाम 17:30 बजे रवाना होगी। यह सुपरफास्ट सेवा अपने लंबे मार्ग को तय करते हुए अगले दिन रात 20:15 बजे साबरमती पहुंचेगी। दूसरी दिशा में, गाड़ी संख्या 12205 साबरमती से वाराणसी के लिए 4 नवंबर से अपनी नियमित दैनिक यात्रा शुरू करेगी। यह सुबह 05:20 बजे साबरमती से छूटेगी और अगले दिन तड़के 06:30 बजे वाराणसी जंक्शन पर अपनी यात्रा पूरी करेगी। वाराणसी से नई दिल्ली के मध्य नई प्रीमियम स्लीपर सेवा इसी क्रम में शनिवार, 31 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी और देश की राजधानी के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाई। देश में अपनी तरह की यह दूसरी आधुनिक स्लीपर ट्रेन भी 2 नवंबर से नियमित सेवा में प्रवेश कर रही है। वाराणसी से नई दिल्ली के लिए यह गाड़ी रात 8:50 बजे प्रस्थान करेगी और अगली सुबह 6:10 बजे दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में नई दिल्ली से इसका प्रस्थान समय रात 9:40 बजे तय किया गया है, जो अगले दिन प्रातः 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी। यह तीव्र गति वाली ट्रेन दोनों शहरों के बीच की पूरी दूरी को केवल 9 घंटे और 20 मिनट में तय करेगी। इसका आप पर असर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के यात्रियों के लिए लंबी दूरी का दैनिक सफर अब अधिक सुविधाजनक और सुगम हो जाएगा। • उत्तर प्रदेश में: पूर्वांचल और मध्य यूपी के यात्रियों को गुजरात और राजस्थान के लिए सीधी रेल सेवा मिलेगी। इससे व्यापारियों, कामगारों और धार्मिक पर्यटकों को रिजर्वेशन में बड़ी राहत पहुंचेगी। • राजस्थान में: जयपुर, अजमेर, ब्यावर और आबू रोड के निवासियों को वाराणसी और अहमदाबाद क्षेत्र के लिए नई दैनिक कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे पर्यटन और कपड़ा व्यापार से जुड़े लोगों को आवागमन में समय की बचत होगी। • गुजरात में: अहमदाबाद और साबरमती क्षेत्र के लोगों को यूपी के प्रमुख धार्मिक शहरों तक सीधी ट्रेन मिल जाएगी। इससे त्योहारी सीजन और सामान्य दिनों में यात्रा करना आसान बनेगा। • दिल्ली-वाराणसी यात्रियों के लिए: नई वंदे भारत स्लीपर के नियमित परिचालन से राजधानी तक का सफर 9 घंटे 20 मिनट में तय होगा। रात में चलकर सुबह पहुंचने वाले यात्रियों के लिए यह एक तेज और आरामदायक विकल्प साबित होगा। ऐसा क्यों हुआ यह नई रेल सेवा तीन प्रमुख राज्यों के बीच बढ़ती यात्रा मांग को पूरा करने और प्रमुख पर्यटन व व्यापारिक केंद्रों को आपस में जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई है। • कनेक्टिविटी विस्तार: उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के औद्योगिक और सांस्कृतिक नगरों के बीच दैनिक ट्रेन की लंबे समय से मांग थी। नया मार्ग स्थापित होने से इन राज्यों के बीच बिना बदले सीधी यात्रा संभव हो सकी है। • आधुनिक सुविधाओं का समावेश: रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण के तहत पारंपरिक सुपरफास्ट सेवाओं के साथ-साथ वंदे भारत स्लीपर जैसी उच्च गति वाली ट्रेनों को प्रमुख रूटों पर उतारा जा रहा है। • त्योहारी और नियमित भीड़ का प्रबंधन: त्योहारी सीजन के दौरान लंबी दूरी के रूटों पर अत्यधिक भीड़ देखने को मिलती है। दैनिक 21 कोच की सुपरफास्ट और प्रीमियम स्लीपर सेवा शुरू होने से नियमित यात्रियों को सीट उपलब्धता में राहत मिलेगी। सवाल-जवाब 1. वाराणसी-साबरमती सुपरफास्ट ट्रेन का नियमित संचालन कब से शुरू होगा? वाराणसी से यह ट्रेन 2 नवंबर से और साबरमती से 4 नवंबर से अपनी नियमित दैनिक सेवाएं शुरू करेगी। 2. इस नई सुपरफास्ट ट्रेन के नंबर क्या हैं? वाराणसी से साबरमती जाने वाली गाड़ी का नंबर 12206 और साबरमती से वाराणसी आने वाली गाड़ी का नंबर 12205 है। 3. वाराणसी-साबरमती सुपरफास्ट में कुल कितने डिब्बे होंगे? इस ट्रेन में 21 कोच होंगे, जिनमें 2 सेकंड एसी, 6 थर्ड एसी, 6 स्लीपर, 5 जनरल और 2 एसएलआर डिब्बे शामिल हैं। 4. वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सफर कितने समय में पूरा करेगी? यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी और नई दिल्ली के बीच की दूरी 9 घंटे और 20 मिनट में तय करेगी। https://trendkia.com/benefits/uttar-pradesh-rajasthan-aura-gujarat-ke-bicha-dainika-suparaphasta-seva-shuru-dekhen-pura-karyakrama-54331 TrendKia — Har trend, sabse pehle.