पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा दिवस के अवसर पर महिलाओं के बैंक खातों में आए ₹3000, 1.58 करोड़ लाभार्थियों को मिला फायदा पश्चिम बंगाल में 17 सितंबर यानी अन्नपूर्णा दिवस के मौके पर पात्र महिलाओं के बैंक खातों में अन्नपूर्णा योजना की आर्थिक मदद भेजी गई है। इस महीने योजना से 10 लाख नई महिलाएं जुड़ी हैं, जिससे कुल लाभार्थियों की संख्या लगभग 1.58 करोड़ तक पहुंच गई है। 17 सितंबर की तारीख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर के साथ ही पश्चिम बंगाल की महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण दिन साबित हुई है। राज्यभर में इस दिन को अन्नपूर्णा दिवस के रूप में मनाया गया। इस विशेष अवसर पर अन्नपूर्णा योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं के सीधे बैंक खातों में मासिक सहायता राशि हस्तांतरित की गई है। इस पहल का सबसे बड़ा पहलू यह है कि महिलाओं को आर्थिक मदद प्राप्त करने के लिए किसी भी सरकारी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए बैंक खातों में जमा हो जाती है। लगातार बढ़ रहा है अन्नपूर्णा योजना का दायरा इस कल्याणकारी योजना का दायरा समय के साथ तेजी से विस्तृत हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून के महीने में इस योजना का लाभ लगभग 28 लाख महिलाओं तक सीमित था। इसके बाद जुलाई महीने में एक बड़ा उछाल देखने को मिला और लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 1.19 करोड़ तक पहुंच गई। सितंबर के महीने में इस योजना के साथ लगभग 10 लाख और नई महिलाओं को जोड़ा गया है। इस ताजा विस्तार के बाद अन्नपूर्णा योजना के अंतर्गत सहायता पाने वाली कुल महिलाओं की संख्या बढ़कर लगभग 1.58 करोड़ हो गई है। सालाना ₹36,000 की मिलेगी कुल आर्थिक सहायता अन्नपूर्णा योजना के वित्तीय प्रावधानों के तहत प्रत्येक पात्र महिला को प्रतिमाह ₹3000 की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसका सीधा गणित यह है कि एक पूरे वर्ष के दौरान लाभार्थी महिला को कुल ₹36,000 की मदद प्राप्त होगी। यह राशि महिलाओं को वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनाने और उनकी दैनिक पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में बेहद मददगार साबित हो रही है। बैंक खातों में बिना किसी मध्यस्थ के सीधे पैसे आने से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी हुई है और महिलाओं के बीच इस योजना को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। इसका आप पर असर अन्नपूर्णा योजना के तहत पश्चिम बंगाल की करोड़ों महिलाओं के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचने से पारिवारिक बजट को मजबूती मिली है। • पश्चिम बंगाल में: राज्य की 1.58 करोड़ महिलाओं के खातों में हर महीने ₹3000 की राशि सीधे जमा की जा रही है। इससे महिलाओं को वार्षिक ₹36,000 का वित्तीय संबल मिल रहा है और उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। • भारत में: डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली के व्यापक उपयोग से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ी है। बिना किसी मध्यस्थ के सीधे लाभार्थियों तक पैसा पहुंचने का मॉडल पूरे देश में कल्याणकारी नीतियों के क्रियान्वयन को प्रभावी बना रहा है। ऐसा क्यों हुआ 17 सितंबर को अन्नपूर्णा दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने योजना के नए चरण का क्रियान्वयन करते हुए लाखों नई महिला लाभार्थियों को इससे जोड़ा है। • योजना का क्रमिक विस्तार: जून में 28 लाख लाभार्थियों से शुरू होकर यह आंकड़ा जुलाई में 1.19 करोड़ और फिर सितंबर में 10 लाख अतिरिक्त महिलाओं के जुड़ने से 1.58 करोड़ तक पहुंच गया है। • पारदर्शी भुगतान प्रणाली: बैंक खातों में सीधे राशि हस्तांतरित करने का उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका खत्म करना और वित्तीय सहायता में होने वाली देरी को पूरी तरह से रोकना है। सवाल-जवाब 1. अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने कितनी राशि मिलती है? पात्र महिलाओं को हर महीने ₹3000 की आर्थिक मदद सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है। 2. अन्नपूर्णा योजना से लाभार्थी महिला को सालभर में कुल कितनी मदद प्राप्त होगी? हर महीने ₹3000 मिलने से एक साल में कुल ₹36,000 की वित्तीय सहायता प्राप्त होती है। 3. सितंबर महीने में योजना के तहत कुल कितने लाभार्थी जुड़ चुके हैं? सितंबर में 10 लाख नई महिलाओं के जुड़ने के बाद कुल लाभार्थियों की संख्या लगभग 1.58 करोड़ हो गई है। 4. जून और जुलाई के महीनों में इस योजना के कितने लाभार्थी थे? जून महीने में करीब 28 लाख और जुलाई महीने में लगभग 1.19 करोड़ महिलाओं को योजना की राशि भेजी गई थी। https://trendkia.com/benefits/west-bengal-men-annapurna-diwas-ke-avasara-para-mahilaon-ke-bainka-khaton-men-ae-3000-1-58-karora-labharthiyon-ko-mila-phayada-32908 TrendKia — Har trend, sabse pehle.